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06 मार्च 2010

बुकिंग के 48 घण्टे में उपभोक्ता को घर पर मिलेगी गैस

डबवाली (लहू की लौ) लम्बे समय से डबवाली में स्वतंत्र गैस एजेन्सी खोले जाने की मांग अन्तत: कई बाधाओं के बाद आज उस समय पूरी हो गई, जब इण्डियन ऑयल कार्पोरेशन लि. दिल्ली और हरियाणा के महाप्रबन्धक एस.एस. बापट ने डबवाली गैस सर्विस के बैनर तले खुली इस एजेन्सी का रिबन काटकर उद्घाटन किया।
इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए इण्डेन के मुख्य क्षेत्रीय प्रबन्धक विजय नारायण ने कहा कि 2004-2007 में इण्डेन गैस डबवाली में खोले जाने की योजना बनाई गई थी। लेकिन इस योजना को लागू करने में कई अड़चने आती रही, अन्तत: अड़चने समाप्त हुई, आज गैस एजेन्सी का उद्घाटन हो गया।
उन्होंने इस मौके पर कहा कि डबवाली में इण्डेन की एक ओर नई गैस एजेन्सी खोले जाने का प्रावधान इस वर्ष रखा गया है और उम्मीद है कि 2011 तक यह एजेन्सी भी अपना काम शुरू कर देगी। उनके अनुसार डबवाली के गैस उपभोक्ताओं को गैस सम्बन्धी कमी नहीं रहेगी।
उन्होंने पत्रकारों से यह भी कहा कि इण्डेन डबवाली में उपभोक्ता द्वारा गैस बुकिंग करवाये जाने के 48 घण्टे के भीतर उपभोक्ता के घर पर गैस आपूर्ति करेगी। उनके अनुसार हरियाणा में डबवाली में खुली इण्डेन की यह 145वीं गैस एजेन्सी है। इस मौके पर इंटरनेट पर टोमो गैस डॉट कॉम पर उपभोक्ताओं द्वारा गैस बुकिंग की सुविधा को लेकर उठाये गये सवाल का जवाब मुख्य क्षेत्रीय प्रबन्धक नहीं दे पाया। बाद में उसे अपने ही मुंह से यह कहना पड़ा कि इस साईट पर हरियाणा के कुछ जिलों के गैस उपभोक्ताओं को गैस बुकिंग की सुविधा दी गई है। इस अवसर पर उपमण्डलाधीश मुनीश नागपाल, बीएस गिरधर उप महाप्रबन्धक, डबवाली गैस सर्विस के संचालक श्याम सुन्दर सभ्रवाल, खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षक अरविन्द पूनियां उपस्थित थे।

1 टिप्पणी:

डॉ. पुरुषोत्तम मीणा निरंकुश, सम्पादक-प्रेसपालिका (पाक्षिक), जयपुर (राजस्थान) और राष्ट्रीय अध्यक्ष-बास/ Dr. Purushottam Meena Nirankush, Editor PRESSPALIKA,(Fortnightly) Jaipur, Raj. and N. P.-BAAS ने कहा…

तलाश जिन्दा लोगों की ! मर्जी आपकी, आग्रह हमारा!!
काले अंग्रेजों के विरुद्ध जारी संघर्ष को आगे बढाने के लिये, यह टिप्पणी प्रदर्शित होती रहे, आपका इतना सहयोग मिल सके तो भी कम नहीं होगा।
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सागर की तलाश में हम सिर्फ बूंद मात्र हैं, लेकिन सागर बूंद को नकार नहीं सकता। बूंद के बिना सागर को कोई फर्क नहीं पडता हो, लेकिन बूंद का सागर के बिना कोई अस्तित्व नहीं है। सागर में मिलन की दुरूह राह में आप सहित प्रत्येक संवेदनशील व्यक्ति का सहयोग जरूरी है। यदि यह टिप्पणी प्रदर्शित होगी तो विचार की यात्रा में आप भी सारथी बन जायेंगे।

ऐसे जिन्दा लोगों की तलाश हैं, जिनके दिल में भगत सिंह जैसा जज्बा तो हो। गौरे अंग्रेजों के खिलाफ भगत सिंह, सुभाष चन्द्र बोस, असफाकउल्लाह खाँ, चन्द्र शेखर आजाद जैसे असंख्य आजादी के दीवानों की भांति अलख जगाने वाले समर्पित और जिन्दादिल लोगों की आज के काले अंग्रेजों के आतंक के खिलाफ बुद्धिमतापूर्ण तरीके से लडने हेतु तलाश है।

इस देश में कानून का संरक्षण प्राप्त गुण्डों का राज कायम हो चुका है। सरकार द्वारा देश का विकास एवं उत्थान करने व जवाबदेह प्रशासनिक ढांचा खडा करने के लिये, हमसे हजारों तरीकों से टेक्स वूसला जाता है, लेकिन राजनेताओं के साथ-साथ अफसरशाही ने इस देश को खोखला और लोकतन्त्र को पंगु बना दिया गया है।

अफसर, जिन्हें संविधान में लोक सेवक (जनता के नौकर) कहा गया है, हकीकत में जनता के स्वामी बन बैठे हैं। सरकारी धन को डकारना और जनता पर अत्याचार करना इन्होंने कानूनी अधिकार समझ लिया है। कुछ स्वार्थी लोग इनका साथ देकर देश की अस्सी प्रतिशत जनता का कदम-कदम पर शोषण एवं तिरस्कार कर रहे हैं।

आज देश में भूख, चोरी, डकैती, मिलावट, जासूसी, नक्सलवाद, कालाबाजारी, मंहगाई आदि जो कुछ भी गैर-कानूनी ताण्डव हो रहा है, उसका सबसे बडा कारण है, भ्रष्ट एवं बेलगाम अफसरशाही द्वारा सत्ता का मनमाना दुरुपयोग करके भी कानून के शिकंजे बच निकलना।

शहीद-ए-आजम भगत सिंह के आदर्शों को सामने रखकर 1993 में स्थापित-भ्रष्टाचार एवं अत्याचार अन्वेषण संस्थान (बास)-के 17 राज्यों में सेवारत 4300 से अधिक रजिस्टर्ड आजीवन सदस्यों की ओर से दूसरा सवाल-

सरकारी कुर्सी पर बैठकर, भेदभाव, मनमानी, भ्रष्टाचार, अत्याचार, शोषण और गैर-कानूनी काम करने वाले लोक सेवकों को भारतीय दण्ड विधानों के तहत कठोर सजा नहीं मिलने के कारण आम व्यक्ति की प्रगति में रुकावट एवं देश की एकता, शान्ति, सम्प्रभुता और धर्म-निरपेक्षता को लगातार खतरा पैदा हो रहा है! अब हम स्वयं से पूछें कि-हम हमारे इन नौकरों (लोक सेवकों) को यों हीं कब तक सहते रहेंगे?

जो भी व्यक्ति इस जनान्दोलन से जुडना चाहें, उसका स्वागत है और निःशुल्क सदस्यता फार्म प्राप्ति हेतु लिखें :-

(सीधे नहीं जुड़ सकने वाले मित्रजन भ्रष्टाचार एवं अत्याचार से बचाव तथा निवारण हेतु उपयोगी कानूनी जानकारी/सुझाव भेज कर सहयोग कर सकते हैं)

डॉ. पुरुषोत्तम मीणा
राष्ट्रीय अध्यक्ष
भ्रष्टाचार एवं अत्याचार अन्वेषण संस्थान (बास)
राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यालय
7, तँवर कॉलोनी, खातीपुरा रोड, जयपुर-302006 (राजस्थान)
फोन : 0141-2222225 (सायं : 7 से 8) मो. 098285-02666
E-mail : dr.purushottammeena@yahoo.in