युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

14 सितंबर 2009

सचिन के 44वें शतक के साथ भारत की स्थिति मजबूत

कोलंबो, 14 सितंबर। त्रिकोणीय श्रृंखला के फाइनल मे भारत-श्रीलंका के बीच खेला जा रहा है। भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। सचिन तेंदुलकर ने अपने खेल जीवन के वनडे मैचों में 44वां शतक लगाया है। सचिन के शतक के साथ ही भारतीय टीम का कुल योग 184 रन हो गया है। इस समय इस सचिन तेंदुलकर 101 रन पर और घोनी 53 रन बनाकर खेल रहे है। भारतीय टीम का स्कोर एक विकेट के नुकसान पर 197 रन हो गया है। सचिन ने अपनी शतकीय पारी में 92 गेदों का सामना करते हुए आठ चौके लगाए। श्रीलंका के खिलाफ सचिन का यह 8वां शतक है। 37 साल की उम्र में भी सचिन आज उतने ही फिट है जितने पहले हुआ करते थे। उन्होंने 100 रनों की पारी में मात्र 32 रन (आठ चौके) चौके की मदद से बनाए और बाकी के 68 रन दौडकर बनाए है। भारत ने पहला विकेट के नुकसान पर 103 रन बनाये है। भारत का पहला विकेट के रूप में राहुल द्रविड (39) के रूप में गिरा। राहुल द्रविड का विकेट जयसूर्या ने लिया। इस मैच में दिनेश कार्तिक की जगह विराट कोहली को लिया गया है। इस समय कप्तान महेन्द्र सिंह घोनी (2) और सचिन तेंदुलकर (60) पर खेल रहे है। यह मैच जीतकर भारतीय टीम न सिर्फ नए सत्र में अपना पहला खिताब जीतना चाहेंगी बल्कि उसका लक्ष्य शीर्ष वरीयता वनडे टीम की खोयी कुर्सी सिर्फ से प्राप्त करना भी होगा। शनिवार को इस मैदान पर खेले गए दूसरे लीग मैच में श्रीलंका से मिली शर्मनाक हार के कारण भारतीय टीम को नंबर वन वनडे कुर्सी से हाथ घोना पडा था। यह मुकाम उसने शुक्रवार को न्यूजीलैड को हराकर हासिल किया था।
भारतीय टीम ने न्यूजीलैड को जितने सरल अंदाज में हराया था, श्रीलंका के खिलाफ उसने उतने ही तरीके से मैच खो दिया। इस मैच के परिणाम से भारत को फाइनल में पहुंचने में कोई दिक्कत नहीं हुई लेकिन उससे सर्वोच्चा वरीयता वनडे टीम का 24 घंटे के भीतर ताज छिन गया। दक्षिण अफ्रीका को एक अंक के अंतर से पछाडकर पहली बार इस मुकाम तक पहुंचने वाली भारतीय टीम ने एक बार फिर दक्षिण अफ्रीका को यह ताज सौप दिया था।

कोई टिप्पणी नहीं: