युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

07 दिसंबर 2014

रामपाल मात्र एक ट्रेलर, असली फिल्म अभी बाकी-चौटाला

डबवाली (लहू की लौ) इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने कहा कि पहले 10 साल कांग्रेस व अब बीजेपी की किसान विरोधी सोच के कारण प्रदेश का धरती पुत्र भूखे मरने के कगार पर है। कपास व धान का भाव अपने न्यूनतम मूल्य पर पहुंच गया है लेकिन बीज व खाद की कीमतें आसमान छू रही हैं। दिग्विजय ने कहा कि बीजेपी कभी भी किसान, दलित, कमेरे व पिछड़े वर्ग का भला नहीं कर सकती। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर के 49वें महापरिनिर्माण दिवस पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि महापुरूषों के कारण ही आज हमारा समाज उन्नति के रास्ते पर अग्रसर है। दिग्विजय चौटाला ने कहा कि लोकसभा हो या विधानसभा, इनेलो नेता ही किसानों की आवाज उठा रहें हैं। उन्होंने सांसद दुष्यंत चौटाला के द्वारा लोकसभा में प्रदेश को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग को सही ठहराते हुए प्रदेश के किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा देने की बात कही। बीजेपी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि केवल डेढ़ महीने के कार्यकाल ने ही मौजूदा सरकार की पोल खोल दी है। उन्होंने संतों व धर्म गुरूओं द्वारा राजनीति में हिस्सा लेने पर सवाल उठाया। रामपाल मामले को केवल एक ट्रेलर बताते हुए उन्होंने कहा कि पूरी फिल्म आनी अभी बाकी है।
उन्होंने शनिवार को डबवाली हल्के के गांव बनवाला, रिसालिया खेड़ा, चकजालू, बिज्जूवाली, गोदीकां, चक फरीदपुर, कालूआना, अहमदपुर दारेवाला व मोडी आदि गांवों का दौरा कर नैना सिंह चौटाला को विजयी बनाने पर ग्रामीणों का धन्यवाद किया। इस दौरान उन्होंने हल्के के लोगों को परिवार का सदस्य बताते हुए कहा कि संघर्ष की कोई सीमा नहीं होती, अंधेरे के बाद उजाला होता है। इनेलो जनता के हितों के लिए हमेशा संघर्ष करता रहेगा।  इससे पहले इनसो नेता ने लिछाराम माली कालूआना, बख्तावर राम गोदारा के बहनोई, श्योपत राम के बहनोई के निधन पर शोक व्यक्त किया। इससे पहले गांवों में पहुंचने पर इनसो नेता का जोरदार स्वागत किया गया। दिग्विजय सिंह ने मौके पर ही गांव वासियों की समस्याओं का समाधान किया व बाकी समस्याओं को जल्द से जल्द निदान करने की बात कही। इस मौके पर उनके साथ राधेराम गोदारा, महेन्द्र डूडी, संदीप गंगा, सर्वजीत मसीतां, कुलदीप जम्मू, जगसीर मांगेआना, मंदर सिंह सरां, सरपंच सत्यनारायण सुथार, हरमीत सरां, कृष्ण बिश्नाई व जसपाल आदि मौजूद थे।

कोई टिप्पणी नहीं: