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05 मार्च 2011

अबूबशहर के मनरेगा मजदूर बिफरे


डबवाली (लहू की लौ) नियमित रूप से काम न मिलने और किए गए काम के बदले वेतन न मिलने पर गुस्साए गांव अबूबशहर के मनरेगा मजदूरों ने उपमण्डलाधीश कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
गुरूवार दोपहर को गांव अबूबशहर के मनरेगा मजदूर अचानक उपमण्डलाधीश डॉ. मुनीश नागपाल के कार्यालय के समक्ष पहुंचे और कार्यालय के आगे धरना देकर बैठ गए। इस दौरान मजदूरों ने अपनी मांगों के समर्थन में हरियाणा सरकार के विरूद्ध जोरदार नारेबाजी करके भड़ास निकाली। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व सुंदर लाल, आत्मा राम, बिन्द्र, विजय, कुलदीप, गजानंद, सोमा रानी, पुष्पा देवी, रजनी, प्रेमो देवी, कलावती, नसीब कौर, परमेश्वरी, जसपाल कौर, निहाल सिंह आदि कर रहे थे।
इन लोगों ने बताया कि छह माह पूर्व उन्होंने गांव में बने वाटर वक्र्स तथा उसकी डिग्गी की सफाई की थी। लेकिन काम के बदले आज तक उन्हें मजदूरी नहीं मिली है। इसके बाद जनवरी माह में काम मिलने पर कुछ मजदूरों ने जोहड़ की खुदाई की। चार-पांच दिन कार्य करने के बाद उन्हें हटा दिया गया। इस कार्य की मजदूरी भी उन्हें आज तक नहीं मिली है। इस मौके पर मजदूरों ने अपनी मांगों के समर्थन में उपमण्डलाधीश डॉ. मुनीश नागपाल को ज्ञापन सौंपा। एसडीएम से कार्रवाई किए जाने का आश्वासन मिलने के बाद मनरेगा मजदूर शांत हुए।
बाद में एसडीएम डॉ. मुनीश नागपाल ने बताया कि मनरेगा मजदूरों के साथ न्याय होगा। मामले की जांच करने के आदेश बीडीपीओ डबवाली राम सिंह को दे दिए गए हैं। मनरेगा मजदूरों की मांगों के संबंध में वे उपायुक्त सिरसा युद्धवीर सिंह ख्यालिया से भी बात करेंगे।
बीडीपीओ राम सिंह से जब इस संदर्भ में बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि पैसे की कोई कमी नहीं है। पैसे मनरेगा मजदूरों के खाते में जमा होते हैं। कुछ मजदूरों ने बैंक में अपने खाते नहीं खुलवाएं हैं। बिना खाता वे किसी मजदूर को पैसे नहीं दे सकते। यहां तक कार्य का सवाल है, पंचायत जो भी डिमांड करती है, उसके अनुसार पैसा उसे उपलब्ध करवा दिया जाता है। फिर भी वे मामले की जांच करेंगे।

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