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05 मार्च 2011

संदिग्ध परिस्थितियों में किसान की मौत


डबवाली (लहू की लौ) पंजाब की तहसील मलोट के गांव बुर्ज सिंधवा के एक किसान की मंगलवार शाम को रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई।
गांव बुर्ज सिंधवा का किसान गुरभजन सिंह (56) अपनी पांच एकड़ जमीन के लिए बीटी कॉटन का बीज खरीदने के लिए शुक्रवार शाम को गुजरात रवाना हुआ था। उसके बाद वापिस घर नहीं लौटा। मंगलवार शाम करीब 5 बजे किसान डबवाली की नई अनाज मण्डी रोड़ पर स्थित पीरखाना के पास बेहोश पड़ा मिला। सूचना पाकर मौका पर पहुंचे डबवाली जन सहारा सेवा संस्था के सदस्य कुलवंत सिंह उसे उपचार के लिए डबवाली के सरकारी अस्पताल में पहुंचाया। यहां कुछ समय बाद किसान ने दम तोड़ दिया।
गुरभजन सिंह के बेटे जगमीत सिंह (22) निवासी गांव बुर्ज सिंधवा ने बताया कि उसका पिता हार्ट का रोगी था। गुजरात में बीज के साथ-साथ वह हार्ट की दवा लेने के लिए गया था। लेकिन घर वापिस नहीं लौटा। मंगलवार रात करीब 8.30 बजे उसके भाई पवनदीप के पास फोन आया कि डबवाली के सरकारी अस्पताल में एक मृत व्यक्ति की जेब से उसका नंबर मिला है। वे फोरी तौर पर डबवाली पहुंचे। यहां उन्हें उपरोक्त जानकारी मिली। संभव है कि उसके पिता गुरभजन सिंह की मौत हार्ट फेल होने के कारण हुई। जगमीत के अनुसार उसके पिता के पास 10-15 हजार रूपए की नकदी तथा कपड़ों का बैग भी था। जिसका कोई अता-पता नहीं चल पा रहा है।
मामले की जांच कर रहे गोल बाजार पुलिस चौकी के एएसआई सुभाष चन्द्र ने बताया कि जगमीत के ब्यान पर पुलिस ने फिलहाल इतफाकिया मौत की कार्रवाई अमल में लाई है। गुरभजन सिंह के शव का बुधवार को डबवाली के सरकारी अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाने के बाद उसे उसके वारिसों को सौंप दिया गया। वहीं विसरे को जांच के लिए मधुबन स्थित प्रयोगशाला में भेजा गया है।
डबवाली के सरकारी अस्पताल में तैनात डॉ. सरवन बांसल ने बताया कि जब गुरभजन सिंह के शव को लाया गया था, उस समय उसमें कुछ सांसें शेष थी। कुछ देर बाद ही गुरभजन सिंह ने दम तोड़ दिया।
गुरभजन सिंह के शव का पोस्टमार्टम करने के बाद डॉ. एमके भादू ने बताया कि प्रथम दृष्टि से मौत का कारण हार्ट फेल होना हो सकता है। चूंकि मृतक के शरीर पर कहीं भी चोट के निशान नहीं है। फिर भी विसरे को जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा गया है।
कैसे हुई किसान की मौत?
1. क्या किसान गुरभजन सिंह गुजरात गया था?
2. अगर वह गुजरात गया था तो वहां से खरीदा गया कॉटन बीज व उसका सामान कहां है?
3. अपने गांव जाने की अपेक्षा गुरभजन सिंह डबवाली के पीरखाना के पास कैसे पहुंचा?
4. जब उसे अस्पताल लाया गया, उस समय उसकी जेब से 400 रूपए मिले, बाकी के पैसे कहां गए?

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