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10 अक्तूबर 2009

वार्ता की पेशकश नहीं, महापड़ाव जारी

- गिनती के किसान बैठे हैं धरना दिये श्रीगंगानगर। किसान मजदूर व्यापारी संघर्ष समिति के अनिश्चितकालीन महापड़ाव की आज दूसरे दिन भी हवा निकल गई। महापड़ाव के नाम पर लगभग 250 किसान नई मंडी घड़साना की अनाजमंडी में एक शैड के नीचे दिनभर बैठे रहे। माकपा नेताओं के भाषणों के दौर चलते रहे। नहरी पानी की समस्या को लेकर डाले गए इस महापड़ाव के प्रति क्षेत्र के किसानों द्वारा कोई विशेष उत्साह नहीं दिखाने के कारण शासन-प्रशासन सिर्फ एहतियात बरत रहा है। उसकी ओर से वार्ता की पेशकश नहीं की जा रही। शासन-प्रशासन को उम्मीद है कि एक-दो दिन मेें अपने आप यह महापड़ाव दम तोड़ जाएगा। आज महापड़ाव स्थल पर संघर्ष समिति के संयोजक एवं पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल नजर नहीं आये। महापड़ाव में आये किसानों के लिए लंगर पानी की जिम्मेवारी हलके के माकपा विधायक पवन दुग्गल पर डाली गई है। आज महापड़ाव स्थल पर पवन दुग्गल के अलावा हनुमान कड़वासरा, तारासिंह व महेंद्र तरड़ आदि ने संबोधित किया। सभा की अध्यक्षता श्रीराम मेघवाल, ओम डेलू, सुरजीतसिंह और नानूराम ने की। विधायक पवन दुग्गल ने बताया कि अभी तक प्रशासन ने वार्ता के लिए नहीं बुलाया है। शासन और प्रशासन के अधिकारी हठ धर्मिता अपनाये हुए हैं। इसका माकूल जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर 11 अक्टूबर तक राज्य सरकार ने इंदिरा गांधी नहर परियोजना के प्रथम चरण क्षेत्र के किसानों को रबी की फसलों की बिजाई के लिए पांच बारी का पानी उपलब्ध करवाने की घोषणा नहीं की तो 12 अक्टूबर को इस क्षेत्र की सभी मंडियों व कस्बों में बंद रखा जाएगा। इस दिन घड़साना में एसडीएम कार्यालय का चारों तरफ से घेराव करने के लिए भारी संख्या में किसान जमा होंगे। उन्होंने बताया कि 12 अक्टूबर के बंद-घेराव में अधिक से अधिक संख्या में किसानों को आने के लिए प्रेरित करने हेतु पांच प्रचारक दल गठित किए गए हैं। यह दल जैतसर से लेकर रावला तक के गांवों में प्रचार करने निकल पड़े हैं। हेतराम बेनीवाल ने भी आज घड़साना के आसपास के गांवों में जनसंपर्क किया। आज सभा के बाद सभी किसान विधायक पवन दुग्गल के नेतृत्व में अपनी मांगों का ज्ञापन देने एसडीएम कार्यालय में गए। घड़साना में इस पड़ाव के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया हुआ है। जिला प्रशासन के अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और जयपुर में बैठे उच्च अधिकारी लगातार फीड बैक ले रहे हैं।

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