युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

08 जुलाई 2011

गरीबों को बंटेगी शमशान भूमि!

महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत बंटने हैं सौ-सौ गज के प्लाट
डबवाली (लहू की लौ) गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत दिए जा रहे प्लाटों को लेकर बवाल खड़ा हो गया है। आरोप है कि ग्राम पंचायतें अपने चहेतों को प्लाट आवंटित करके जरूरतमंदों को इससे वंचित कर रही हैं। आरोप यह भी है कि पंचायतों ने प्लाटों के लिए मृत बालकों को दफनाने वाले स्थलों को भी नहीं बख्शा है। मामले की जांच करवाए जाने की मांग को लेकर दो गांवों के लोगों ने बुधवार को एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
गांव पन्नीवाला रूलदू के निवासी मग्घर सिंह, हरफूल सिंह, मक्खन लाल, बलदेव सिंह, बिल्लू, पिरथी, छोटा सिंह, गुरदीप, बलजीत कौर, शाम सिंह, करनैल कौर, सुखजीत कौर आदि ने बताया कि सरकार की ओर से उनके गांव में 100-100 गज के प्लाट आवंटित किए जा रहे हैं। लेकिन आवंटन में भारी गोलमाल किया जा रहा है। अपात्र व्यक्तियों को पात्र बताकर प्लाट दिए जा रहे हैं। इन लोगों ने बताया कि गांव में जिनके पास जमीन, जायदाद, ट्रेक्टर हैं, उन्हें भी प्लाट देकर जरूरतमंदों को वंचित किया जा रहा है।
इधर गांव कालूआना के प्रीतपाल नंबरदार, जगतपाल, प्रहलाद, लेखराम, विनोद, अभिमन्यु ने बताया कि उनके गांव में भी जरूरतमंदों पर कुठाराघात करते हुए ग्राम पंचायत अपने चहेतों को प्लाटों का आवंटन कर रही है। उनके अनुसार बेशकीमती जमीन जोकि बस अड्डा के नजदीक पड़ती है और खसरा नं. 514, 516, 522 है, को योजना के नाम पर कुंवारे युवकों को आवंटित किया जा रहा है। उपमण्डलाधीश को दी शिकायत में कहा है कि नथोर रोड़ पर स्थित मृत छोटे बच्चों को दफनाने के लिए बनाए गए शमशान घाट को भी प्लाटों में लाकर आवंटित किया जा रहा है। यह वह जमीन है, जिसमें ग्रामीण सालों से मृत बच्चों को दफनाते आ रहे हैं।
बाद में उपमण्डलाधीश डॉ. मुनीश नागपाल ने बताया कि गांव पन्नीवाला रूलदू तथा कालूआना के ग्रामीणों की शिकायत को ध्यान में रखते हुए बीडीपीओ डबवाली को आवश्यक कार्यवाही करके रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। दोनों गांवों के ग्रामीणों की शिकायत को सूचनार्थ के लिए उपायुक्त सिरसा के पास भेजा गया है।
इधर एससीपीओ रामप्रकाश ग्रोवर ने बताया कि कई गांवों से 100-100 गज के प्लाट अपात्र व्यक्तियों को दिए जाने की शिकायतें ग्रामीणों से मिली हैं। शिकायतों के आधार पर जांच-पड़ताल की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि गांव कालूआना की पंचायत ने तीन-चार जगह प्लाट वितरण के लिए दर्शाई हैं।  बच्चों को दफनाने वाली जगह किसी भी सूरत में जरूरतमंदों को वितरित नहीं करने दी जाएगी।
गांव कालूआना के सरपंच जगदेव सहारण ने बताया कि गांव में गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले जरूरतमंदों को सौ-सौ गज के प्लाट हरियाणा सरकार के नियमानुसार आवंटित किए जा रहे हैं। उनके अनुसार शमशान भूमि को गांव से बाहर निकाल दिया गया है और वहीं पर अलग से इसके लिए जगह पहले से निर्धारित की हुई है। जिस जगह की बात की जा रही है, वह जगह गांव के भीतर आती है और अब वहां पर मृतक बच्चों को दफनाने के लिए कोई कार्य नहीं हो रहा। बल्कि इस खाली पड़ी जमीन को गरीबों को बांटकर इस भूमि को पंचायत उपयोग में ला रही है। उनके अनुसार प्लाटों का वितरण राशन कार्ड के आधार पर किया जा रहा है। अगर कोई कुंवारा लड़का जिसका राशन कार्ड अलग बना हुआ है, वो इसके अंतर्गत आता है, तो उसे भी प्लाट लेने से कैसे वंचित किया जा सकता है। उन्होंने शिकायतकर्ता जगतपाल पर आरोप लगाया कि उसने पंचायत की आधा एकड़ भूमि पर कब्जा कर रखा है। गरीबों को भूमि आवंटन के समय उसकी अवैध कब्जे वाली भूमि भी प्लाटों में चली जाएगी। इसलिए वह उसका विरोध कर रहा है।

कोई टिप्पणी नहीं: