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08 नवंबर 2010

सरपंचों और पंचों को परोसा निम्न स्तर का भोजन, बीडीपीओ को घेरा

डबवाली (लहू की लौ) निम्न स्तर का खाना परोसने को लेकर खण्ड विकास एवं पंचायत कार्यालय में प्रशिक्षण के लिए आये पंच-सरपंचों ने बीडीपीओ को खूब खरी-खोटी सुनाई और उनकी बात सुने बिना भाग रहे बीडीपीओ को घेर लिया।
मंगलवार को बीडीपीओ कार्यालय में पंच-सरपंचों का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान नीलोखेड़ी के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। इस दौरान पंचायत विभाग द्वारा जारी मीनू के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए पंच-सरपंचों को खाना दिया जाना था। बीडीपीओ कार्यालय द्वारा दिया खाना मीनू अनुसार न होने और निम्न स्तर का होने का आरोप लगाते हुए दोपहर खाने के दौरान पंच-सरपंच भड़क उठे और उन्होंने खाना खाने से इंकार कर दिया।
इस प्रशिक्षण शिविर में चौटाला, आसाखेड़ा, भारूखेड़ा, अबूबशहर गांवों के पंच सरंपच हिस्सा ले रहे थे। गांव चौटाला के सरपंच आत्मा राम, पंच रणवीर सिंह, श्रीराम, रामचन्द्र, ओमप्रकाश, रामप्रताप, रामकुमार, शान्ति देवी, सन्तरो देवी, चन्दो, आसाखेड़ा से सरपंच रामकुमार, पंच प्रभु राम, भारूखेड़ा से सरपंच मनोज कुमार, पंच महिन्द्र, बंसीलाल, अबूबशहर से सरपंच अमानती देवी, पंच इन्द्रपाल, राजेन्द्र ङ्क्षसह, वीरपाल ने बताया कि दोपहर को जो भोजन उन्हें बीडीपीओ कार्यालय द्वारा परोसा गया उसमें गाजर-मटर की सब्जी, 4 चपाती के साथ-साथ स्वीडिश के नाम पर दो लड्डू और आचार के नाम पर तली हुई मिर्च, सलाद में 4-4 फाड़ी मूली और खीरा थे। परोसी गई चपाती सूखी, तली हुई मिर्च में कीट चल रहे थे।  दो कप चाय की बजाय एक कप चाय दिया गया। उन्होंने इस प्रकार का खाना परोसे जाने का विरोध किया और बीडीपीओ राम सिंह से जब शिकायत की तो वह कार्यालय छोड़ कर भागने की कोशिश करने लगे तो उन्हें घेर लिया और उनसे जवाब मांगा।
मौका पर बीडीपीओ राम सिंह ने बताया कि भोजन के संबंध में उसकी कोई जिम्मेवारी न थी। बल्कि इसकी जिम्मेवारी सीपीओ रामप्रकाश को सौंपी गई थी। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि भोजन में कमी थी। लेकिन बुधवार के भोजन के लिए वह चाहें तो कमेटी गठित कर लें।
सीपीओ रामप्रकाश ने बताया कि उसे केवल यह बताया गया था कि भोजन पर केवल 45 रूपये खर्च होने हैं। उसी अनुसार उसने भोजन की व्यवस्था की। उन्होंने कहा कि परीक्षाणार्थियों को भोजन के साथ-साथ दो कप चाय, बिस्कुट और लड्डू दिये गये हैं। उसने कहा कि उन्होंने भोजन व्यवस्था में पूरा ध्यान रखा है लेकिन फिर भी कोई न कोई रह सकती है। मौका पर उपस्थित प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक मेनपाल सिहाग ने बताया कि सरकार की ओर से प्रति प्रशिक्षणार्थी 75 रूपये प्रतिदिन के हिसाब से पंचायत विभाग को दिये जाते हैं। भोजन की व्यवस्था करवाने की जिम्मेवारी बीडीपीओ कार्यालय की है। मीनू के अनुसार भोजन में पहले दिन सफेद चने, चपाती, मिक्स सब्जी, चावल, रायता, सलाद, स्वीटडिश, दो बार चाय व बिस्कुट शामिल हैं।

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