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14 अक्तूबर 2009

एक सप्ताह से बन रही हैं ताजा मिठाईयां, दीवाली पर बिकेंगी

- रसद विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने मारे कोल्ड स्टोरों पर छापे
- भारी मात्रा में मावा-मिठाईयों को नष्ट करवाया, 200 लीटर केरोसीन जब्त
श्रीगंगानगर। दीपावली पर बेचने के लिए नगर में मिष्ठान विक्रेताओं द्वारा एक सप्ताह से ताजा मिठाईयां बनवाकर अपने गोदामों-कोल्ड स्टोरों में रखवाई जा रही हैं। शहर में जगह-जगह मिष्ठान विक्रेताओं ने अपने कारीगरों को मिठाईयां बनाने में लगा रखा है। बाहर से रोजाना सैंकड़ों टीन मावा आ रहा है, जबकि जिन शहरों से यह मावा मंगवाया जा रहा है, वहां छापामारी में सैंकड़ों टीन नकली मावा हाल ही पकड़ा गया है। इसे देखते हुए जिला रसद विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के संयुक्त दल ने आज शहरों में तीन कोल्ड स्टोरों पर छापे मारे। एक मिष्ठान विक्रेता के गोदाम पर भी छापा पड़ा, जहां से कई दिनों से बनाकर रखी हुई मिठाईयों के अलावा अवैध रूप से रखा हुआ 200 लीटर कैरोसीन जब्त किया गया। जिला रसद अधिकारी अजयपाल ज्याणी ने बताया कि इस कार्यवाही में उनके विभाग के प्रवर्तन निरीक्षक राकेश सोनी शामिल थे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से खाद्य निरीक्षक केके शर्मा और केडी शर्मा शामिल हुए। पहली कार्यवाही पायल सिनेमा के निकट इंडियन कोल्ड स्टोर पर की गई। जहां 15 पीपों में सड़ा हुआ मावा मिला। यह पीपे पता नहीं कि कितने दिनों से पड़े थे। इनमें भरा हुआ मावा पत्थर की तरह सख्त हो गया था। कोल्ड स्टोर के संचालक नहीं बता पाये कि यह मावा कौन रख गया था। पीपों पर लगे रैपर पढऩे में नहीं आ रही थे। इस मावे को तुरंत नष्ट करवा दिया गया। इस कोल्ड स्टोर चूकंदर के अलावा कुछ सब्जियां भी पड़ी थीं, जो गल-सड़ गई थीं। प्रवर्तन निरीक्षक राकेश सोनी ने बताया कि इस कोल्ड स्टोर का बहुत बुरा हाल था। दूसरा छापा हनुमानगढ़ मार्ग पर अंधविद्यालय के सामने सी-कोल्ड स्टोर में पड़ा, जहां 12 पीपों में मावा-मिठाईयां मिलीं। इनमें भरा हुआ माल खराब हो चुका था। श्री सोनी ने बताया कि मावे-मिठाईयों को इस तरह करवाया गया कि कोई आवारा पशु भी इसे नहीं खा सके। मावे-मिठाईयों में इतनी सड़ांध थी कि इसे खाने से पशु भी मर जाते। उन्होंने बताया कि छापामारी के दौरान के पता चला कि एच ब्लॉक के एक मकान में मिठाईयां स्टॉक करके रखी हुई हैं। 27 एच ब्लॉक स्थित इस मकान को चैक किया गया तो वहां कई दिनों से बनाकर रखी हुईं मिठाईयों के अलावा 50-50 लीटर की चार कैनियों में 200 लीटर कैरोसीन भी मिला। मिठाईयों में बदबू आ रही थी। खाद्य निरीक्षकों ने मिठाईयों के सैंपल लिये हैं। यह गोदाम पब्लिक पार्क स्थित मिठाईयों के दुकान स्वीट कॉर्नर का है। कैरोसीन बरामद होने के कारण इस मिष्ठान विक्रेता के विरूद्ध अवैध रूप से कैरोसीन स्टॉक करने की अलग से कार्यवाही की जाएगी। 6-ए का प्रकरण तैयार कर जिला कलक्टर को आगामी कार्यवाही के लिए पे्रेषित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पदमपुर रोड स्थित जनता कोल्ड स्टोर को चैक करने पर वहां कुछ गड़बड़ी नहीं मिली। इस छापामारी में कोल्ड स्टोरों के संचालकों की लापरवाही भी उजागर हो गई। कोल्ड स्टोरों में कौन कब कोई सामान रख जाये, इसका रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज नहीं किया जाता। सिर्फ रसीद काटकर दे दी जाती है, उस पर भी माल रखकर जाने वाले का पूरा नाम पता नहीं लिखा जाता। सिर्फ रसीद देखकर कोल्ड स्टोर से माल उठवा दिया जाता है। आज कोल्ड स्टोर संचालकों को पाबंद किया गया कि वे माल रखने वाले का पूरा नाम-पता और उनके फोन नंबर आदि रजिस्टर में दर्ज करें। उल्लेखनीय है कि शहर में हफ्ते-दस दिन से धड़ाधड़ मिठाईयां बन रही हैं। मिठाईयों की डिब्बा पैकिंग भी चल रही है। दीपावली पर ऐसी ताजा मिठाईयां मिलेंगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार मावे से बनी मिठाई 24 घंटे बाद नहीं खानी चाहिए, क्योंकि इसके बाद यह मिठाई खराब हो जाने लग जाती है। शहर में काजू-कतली का फंडा भी बढ़े जोर-शोर से चल रहा है। 200 से 250 रूपये किलो तक में काजू-कतली के ऑर्डर बुक किए जा रहे हैं, जबकि जानकार लोगों का कहना है कि सही तरीक से काजू-कतली बनाई जाये तो उसकी लागत ही 300 रूपये किलो आ जाती है। अभी तक खाद्य निरीक्षकों का ध्यान काजू-कतली बनाने वालों की तरफ नहीं गया है। जानकार सूत्रों के मुताबिक मावे की मिठाईयों को खराब होने से बचाने के लिए उनमें अरारोट डाला जाता है जोकि स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। इसी तरह और भी तरह-तरह के रंगीन कैमिकल मिठाईयों में डाले जा रहे हैं, जिससे मिठाईयां देखने में आकर्षक लगती हैं, लेकिन इन्हें खाने से आपका स्वास्थ्य दांव पर लग सकता है।

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