युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

16 सितंबर 2009

एक परिवार के सात लोगों की नृशंस हत्या


रोहतक : रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात में अज्ञात लोगों ने जनपद के गांव कबूलपुर में एक परिवार के सात लोगों की नृशंस हत्या कर दी। सभी के गले पर निशान और शवों का रंग नीला पाया गया। मरने वालों में साल्हावास के पूर्व विधायक जिले सिंह जाखड़ के दामाद-बेटी, चार दोहते व समधिन शामिल है। इस दिल दहला देने वाले कांड में एक लड़की बेसुध हालत में बाथरूम में मिली। रात को रुके बिजली फिटिंग करने वाले दो युवक भी बेहोशी की हालत में पाए गए। हत्याकांड के प्रापर्टी विवाद से तार जुड़े होने और किसी करीबी के शामिल होने के संकेत मिले है। पुलिस ने अपराधियों के सुराग लगाने में अपना अमला झोंक दिया है। फोरेसिक, डाग स्क्वेड, फिंगर पि्रंट एक्सपर्ट ने सुराग लगाने के लिए घंटों मशक्कत की। डीसी, एसपी समेत आला अधिकारी ने घटनास्थल का मुआयना किया। प्रशासन ने स्पेशल टीम बनाकर अपराधियों की तलाश शुरू कर दी है। इलाके में दहशत का माहौल है। इस सामूहिक हत्याकांड के बारे में लोगों को मंगलवार सुबह सात बजे उस समय पता लगा, जब परिवार का मुखिया तकदीर अपने बेटे सुरेद्र के घर गया। घर में सुरेद्र , उसकी पत्‍‌नी प्रोमिला व सुरेद्र का लड़का अरविंद(15), सुरेद्र के छोटे भाई भूपेंद्र की बेटी सोनिका (11) व मोनिका (आठ) और बेटा विशाल (सात) मृत हालत में मिले। इसके बाद तकदीर सामने वाले मकान में पहुंचा, जहां उसकी पत्‍‌नी भूरी देवी सो रही थी। हत्यारों ने भूरी देवी को उसी तरीके से मार डाला। सुरेद्र और उसकी पत्‍‌नी के शव एक चारपाई पर थे। चारों बच्चों के शव भीतर कमरे में थे। सुरेद्र की बड़ी लड़की सोनम (18) गायब मिली। तलाशने पर सोनम बाथरूम में बेसुध हालत में मिली। सोनम को उपचार के लिए पीजीआई पहुंचाया। मकान के चौबारे में दो इलेक्ट्रिशियन भी सोए हुए थे। दोनों युवक बिजली फिटिंग करने के लिए सुरेद्र के मकान पर आए थे। रात को यहीं रुक गए। दोनों युवकों को सुबह ग्रामीणों ने जगाया, तब उन्हे इस वारदात का पता चल पाया। दोनों का कहना है कि रात को खाना खाने के बाद उन्हे नहीं पता क्या हुआ। इनमें से बनियानी गांव के एक सुनील ने बताया कि अब भी उसका सिर घूम रहा है। माना रहा है कि हत्यारों ने सबको पहले नशीला खिलाया या सुंघाया गया है, फिर सबका गला घोंट कर मारा। सभी के गले पर निशान मिले है। पुलिस भी फिलहाल यही मान कर चल रही है। सुरेद्र वन विभाग में गार्ड के पद पर था। सुरेद्र के छोटे भाई भूपेंद्र के तीनों बच्चे उसके पास ही रहते थे। सेना में भर्ती भूपेंद्र की पत्‍‌नी का डेढ़ साल पहले देहांत हो गया था। भूपेंद्र इस समय देहरादून में तैनात हैं। प्रोमिला, साल्हावास से पूर्व विधायक जिले सिंह की बेटी है। सुरेद्र के पिता तकदीर सिंह गांव के बाहरी इलाके में बने मकान में रहता है। तकदीर सिंह ने बताया कि सुबह की चाय नहीं पहुंची, तब उसे सुरेद्र के घर जाना पड़ा। इस बुजुर्ग ने बताया कि सुरेद्र की किसी से कोई रंजिश नहीं थी। वारदात की सूचना के बाद डीसी पीसी मीणा, एसपी अनिल राव, डीएसपी दलबीर यादव समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। परिजनों व ग्रामीणों से बात की। एसपी ने बताया कि मामले की जांच के लिए जांच टीम बना दी गई है। समाचार भेजे जाने तक पुलिस ने किसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया था। लूट का भी किया ड्रामा! हत्यारों ने पूरे घर की अलमारी व अन्य जगहों को भी खंगालने का प्रयास किया। लेकिन, पुलिस मानती है कि यह सब ध्यान बंटाने के लिए किया गया है। असल में ऐसा कुछ नहीं है। फोरेसिक एक्सपर्ट ने इस बात को नोट किया कि सूटकेस और पर्स को खोलने का प्रयास तक नहीं किया गया। प्रापर्टी विवाद में खत्म किया गया पूरे परिवार को! पूरे परिवार को खत्म करने की वजह को लेकर परिजन, ग्रामीण और पुलिस खामोश है। सुरेद्र के पिता भी कह चुके है कि किसी से उसके बेटे की रंजिश नहीं थी। लेकिन, सुरेद्र के ससुर पूर्व विधायक जिले सिंह सीधे कहते है कि उसके दामाद के परिवार को प्रापर्टी विवाद के चलते मारा गया। पीजीआई में दैनिक जागरण से बातचीत में जिले सिंह ने बताया कि इस हत्याकांड में करीबी लोगों का हाथ है। जब उनसे पूछा गया कि मारने वाले कौन है, यह बताने से उन्होंने इनकार कर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि इस विवाद को लेकर कल 14 तारीख को बातचीत के लिए कबूलपुर में आए थे।

कोई टिप्पणी नहीं: