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16 नवंबर 2014

एंबुलैंस में गूंजी किलकारी


समय पर चिकित्सीय सुविधा न मिलने से बच्चे की हालत गंभीर

डबवाली (लहू की लौ) शनिवार को गांव सुकेराखेड़ा की गर्भवती आशा वर्कर ने एंबुलैंस में ही बच्चे को जन्म दे दिया। समय पर चिकित्सीय सहायता न मिलने के कारण बच्चा इंफेक्शन का शिकार हो गया। सिविल अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ न होने की वजह से उसे एक निजी अस्पताल में रैफर कर दिया गया। यहां बच्चे की हालत चिंताजनक बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच करने की बात कही है।
गांव सुकेराखेड़ा की आशा वर्कर रेणू बाला को शनिवार सुबह करीब साढ़े चार बजे प्रसव पीड़ा हुई। सूचना पाकर सरकारी एंबुलैंस बिना इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन के प्रसव पीडि़ता को लेने उसके घर द्वार पहुंच गई। पीडि़ता का गांव से डबवाली के सरकारी अस्पताल में लेजाया जा रहा था। इस दौरान पीडि़ता के पति बुधराम, आशा वर्कर सीता देवी तथा चाची सास सुदेश रानी भी उसके साथ थे। गांव सकताखेड़ा के नजदीक प्रसव पीड़ा झेल रही आशा वर्कर ने बच्चे को जन्म दे दिया। प्रसव पीड़ा फिर बढ़ गई। जिससे परिजन चिंतित हो उठे।
अस्पताल में जाकर दूसरे बच्चे को दिया जन्म
बिना ईएमटी एंबुलैंस में डिलीवरी होने के बाद आशा वर्कर ने सिविल अस्पताल में पहुंचने के बाद एक और बच्चे को जन्म दिया। जबकि समय पर चिकित्सीय सुविधा न मिलने के कारण एंबुलैंस में जन्मा बच्चा इंफेक्शन का शिकार हो गया। अस्पताल में बाल विशेषज्ञ न होने के कारण चिकित्सक ने उसे शहर के एक निजी अस्पताल में रैफर कर दिया। यहां उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। जबकि दूसरा बच्चा स्वस्थ बताया जा रहा है।

सांस तेज है, इंफेक्शन ज्यादा है
एंबुलैंस में जिस बच्चे का जन्म हुआ है, उसकी सांस बहुत तेज चल रही है। इंफेक्शन भी बहुत ज्यादा है।
-सरवन बांसल, बाल रोग विशेषज्ञ, डबवाली

ईएमअी से मांगा स्पष्टीकरण
तीन इमरजेंसी मेडिकल टेक्निशियन कार्यरत हैं। जो बारी-बारी से एंबुलैंस के साथ डयूटी पर रहते हैं। एंबुलैंस में लोगों को प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करते हैं। शनिवार सुबह एंबुलैंस के साथ न चलने वाले ईएमटी से जवाब मांगा गया है। जिसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जायेगी।
  -एमके भादू, एसएमओ, डबवाली

मामले की जांच करवाएंगे
देखिये, अभी मामला मेरी नोटिस में नहीं है। मैं मामले की जांच करवाऊंगा। दोषी पाये जाने वाले कर्मचारी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जायेगी।
-डॉ. वीरेश भूषण, डिप्टी सर्जन, नेशनल हेल्थ मिशन, सिरसा

आशा वर्कर ने भुगती लापरवाही
सरकार आशा वर्कर के जरिये गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी मुहैया करवाती है। लेकिन शनिवार को एक आशा वर्कर को ही स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का सामना करना पड़ा। आशा वर्कर का एक बच्चा जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।

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