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13 नवंबर 2014

बैंकों की हड़ताल से 200 करोड़ का कारोबार हुआ प्रभावित

डबवाली (लहू की लौ) वेतन वृद्धि की मांग को लेकर बुधवार को सरकारी बैंकों में हड़ताल रही। डबवाली में कई बैंक खुले ही नहीं। जबकि कुछ बैंकों में मुख्य शाखा प्रबधंक डयूटी पर रहे। क्लीयरिंग, कैश ट्रांसफर न होने के कारण डबवाली के बैंकों को करीब दो सौ करोड़ रूपये का नुक्सान हुआ।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टॉफ एसोसिएशन की कॉल पर बुधवार को सभी सरकारी बैंक बंद रहे। भारतीय स्टेट बैंक, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, पंजाब नेशनल बैंक सहित शेष सरकारी बैंकों की शाखाएं बंद रही। बैंक खुलने के समय विभिन्न बैंकों के कर्मचारी इक्ट्ठे हुये। सरकार के विरूद्ध नारेबाजी करके रोष जताया। हड़ताल के चलते कई बैंकों के शट्टर तक नहीं उठे। हड़ताल के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि हड़ताल के बीच एटीएम उपभोक्ताओं ने जमकर एटीएम का प्रयोग किया। चूंकि हड़ताल को देखते हुये बैंकों ने एटीएम मशीनों को नोटों से फुल रखा।
वेतन वृद्धि की मांग
एसोसिएशन के शाखा अध्यक्ष जसविंद्र सिंह बहल, सचिव प्रेम सिंगला तथा सर्कल डेलीगेट रामदित्ता मैहता ने बताया कि कर्मचारी पिछले दो वर्षों से वेतन वृद्धि की मांग करते आ रहे हैं। लेकिन सरकार 11 प्रतिशत वेतन वृद्धि पर अड़ी हुई है। कर्मचारियों से नाइंसाफी हो रही है। जिसके चलते कर्मचारियों ने एसोसिएशन की कॉल पर आज हड़ताल रखी। डबवाली क्षेत्र में स्थित पंद्रह बैंकों के ढाई सौ कर्मचारी हड़ताल पर रहे। जिससे अकेले डबवाली एरिया में ही करीब 200 करोड़ रूपये का कारोबार प्रभावित हुआ।
अपडेट लेते रहे अधिकारी
हड़ताल में बैंकों के मुख्य शाखा प्रबंधक शामिल नहीं हुये। उच्च अधिकारी शाखा प्रबंधकों से पल-पल की जानकारी लेते रहे। एसबीआई के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक इकबाल गर्ग ने बताया कि सुबह करीब 11.30 बजे रिजनल मैनेजर की कॉल आई थी। उन्होंने सवाल किया कि कितने कर्मचारी डयूटी पर हैं, कितने गैर हाजिर। जबकि मुझे छोड़कर कोई भी कर्मचारी हाजिर नहीं हुआ।

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