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06 फ़रवरी 2011

तेरे नूर से रोशन हर जर्रा...


डबवाली (लहू की लौ) चिल्ड्रन मैमोरियल डीएवी पब्लिक स्कूल में गुरूवार को यज्ञोत्सव के दौरान विज्ञान और अध्यात्मिकता का अनूठा संगम देखने को मिला। इस मौके पर डीएवी कॉलेज नई दिल्ली के सचिव मोहन लाल ने सरला चौपड़ा विज्ञान ब्लाक और शकुंतला देवी यज्ञशाला का उद्घाटन अपने कर कमलों से किया।
इस मौके पर डीएवी स्कूल में बनाए गए श्रीमती शकुंतला देवी यज्ञशाला का उद्घाटन हवन यज्ञ के साथ किया गया। जिसमें डीएवी कॉलेज प्रबंधक कमेटी नई दिल्ली के सचिव मोहन लाल और परम विशिष्ठ अतिथि विलायती राम गुप्ता, डॉ. बीबी शर्मा क्षेत्रीय निदेशक तथा स्वामी सूर्य देव ने यजमान के रूप में यज्ञ में पूर्णाहुति दी। इसके अतिरिक्त इस मौके पर 11 कुंडी यज्ञ का भी आयोजन किया गया। जिसमें यजमान के रूप में राजकुमार आर्य सीए कालांवाली एवं पंकज रानी, कौर चन्द तथा शानू गर्ग, आर्य समाज के अध्यक्ष भारत मित्र छाबड़ा तथा सरप्रस्त विरसा सिंह, डॉ. प्रेम छाबड़ा और सुनील गोयल, रमेश मक्कड़ सीनियर मैनेजर पंजाब नेशनल बैंक तथा डॉ. पीके अग्रवाल, डॉ. विनोद कुमार महिपाल एसएमओ डबवाली तथा प्रेम भूषण मैनेजर ओबीसी डबवाली, सुरेश शर्मा एडवोकेट और सेवानिवृत्त इंजीनियर मदन लाल  बांसल, डॉ. डीपी सिंह जीवी कॉलेज ऑफ एजूकेशन संगरिया तथा प्रिंसीपल जीएन कॉलेज डॉ. इंदिरा अरोड़ा यजमान के रूप में शामिल हुए।
यज्ञोत्सव के दौरान स्वामी सूर्य देव ने उपस्थित यजमानों को वेद मंत्रों के आशीर्वाद दिया। यज्ञ के दौरान विद्यालय के नौ बच्चों ने यज्ञ को पूर्ण विधि-विधान के साथ संपन्न करवाया।
यज्ञ उत्सव के बाद मुख्यातिथि मोहन लाल ने श्रीमती सरला चौपड़ा विज्ञान ब्लाक का उद्घाटन किया। इस मौके पर बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करके उपस्थित अतिथियों का मन मोह लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने महर्षि दयानंद के जीवन पर आधारित एक लघु नाटिका उद्बोधन प्रस्तुत की। जिसमें विद्यार्थियों ने स्वामी दयानंद के जन्म से लेकर प्रचार तक के सफर को बड़े ही मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया। इस मौके पर उन्होंने दिखाया कि स्वामी दयानंद ने नारी और शिक्षा को उच्च स्थान दिलाने के लिए संघर्ष करते हुए समाज सुधार की लहर का नेतृत्व किया और ओइ्म तथा योग के झंडे को पूरे विश्व में फहराया। विद्यार्थियों ने वेद मंत्रों पर नृत्य प्रस्तुत करके भारतीय संस्कृति को प्रचारित किया। साथ में कव्वाली तेरे नूर से रोशन हर जर्रा....प्रस्तुत करके ईश्वर की वंदना की।
मुख्यातिथि मोहन लाल ने कहा कि 1888 में डीएवी संस्थान की स्थापना करते हुए लाला लाजपतराय, गुरदत्त विद्यार्थी तथा महात्मा हंसराज ने जो सपना संजोया था। उसी सपने को साकार करते हुए डबवाली के डीएवी स्कूल में आज विज्ञान तथा अध्यात्मिकता का अनूठा संगम प्रस्तुत किया गया है। एक तरफ विज्ञान भवन का उद्घाटन हुआ है, तो दूसरी ओर यज्ञ के माध्यम से भारतीय संस्कृति को फिर से पुनर्जीवित करने का प्रयास किया गया है।
इस मौके पर मुख्यातिथि ने कहा कि 1995 में जो दुर्घटना घटित हुई, उसे कभी नहीं भूलाया जा सकता। लेकिन वर्तमान समय में आगे बढऩे के लिए हमें उसे भूलाना होगा और बच्चों की याद में खड़े किए गए शिक्षा के इस मंदिर को आगे बढ़ाने के लिए सभी को सहयोग करना होगा। उन्होंने कहा कि डीएवी संस्थान तो भवन बनाने के लिए सहयोग कर सकती है, वह सहयोग किया गया है। लेकिन डीएवी स्कूल डबवाली के लोगों का है, डबवाली के लोगों ने ही इसे आगे बढ़ाना है। डबवाली के लोगों की कर्मठता और मेहनत से यह स्कूल बुलंदिया छू रहा है। यदि डबवाली के लोगों का सहयोग इसी प्रकार जारी रहा तो यह स्कूल और आगे बढ़ेगा। उन्होंने इस मौके पर उपस्थित लोगों से अपील की कि वे धन और सेवा के रूप में स्कूल का सहयोग करें तथा स्कूल के स्टाफ को प्रोत्साहित करें। ताकि उनके बच्चे बिना कोटा गए आईटी और मेडिकल में आगे बढ़ सकें और स्कूल का उच्च स्तर बरकरार रह सके।
इसी मौके पर स्वामी सूर्यदेव ने यज्ञ की परिभाषा बताई और साथ में कहा कि डीएवी संस्थान का उद्देश्य बच्चों को ऐसे संस्कार देना है, जिससे बच्चे बड़े होकर देश और समाज की सेवा कर सकें। उन्होंने कहा कि डीएवी स्कूल से पढ़े हुए बच्चे किसी भी परिस्थितियां हो, उन परिस्थितियों में रहकर काम कर सकते हैं। उनके अनुसार डीएवी संस्थान में पढ़े हुए बच्चों ने हमेशा कमाल किया है और धमाल किया है। कभी निराश और हाताश नहीं हुए।
स्कूल की प्रिंसिपल सरिता गोयल ने आए हुए मेहमानों का स्वागत करने के बाद डीएवी की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और बताया कि यज्ञशाला का निर्माण विलायती राम चेयरमैन लोकल बॉडी डीएवी द्वारा दी गई तीन लाख रूपए की राशि से हुआ है। जबकि डीएवी संस्थान द्वारा दी गई 60 लाख रूपए की राशि से विज्ञान भवन का निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा कि डीएवी के संचालकों ने 1988 में जो सपना डबवाली में क्वालिटी एजूकेशन देने का संजोया था, आज उसी सपने को डीएवी कॉलेज नई दिल्ली के प्रधान जीपी चौपड़ा और सचिव मोहन लाल के आशीर्वाद और प्रेरणा से पूरा कर पाए हैं। उनका निरंतर सहयोग इस स्कूल पर बना रहेगा। विज्ञान भवन में विद्यार्थियों के लिए हाईटेक फिजिक्स लैब, अल्ट्रा मॉडर्न कैमिस्ट्री लैब, उच्च स्तरीय पुस्तकों से सुसज्जित लाइब्रेरी, 40 कंप्यूटरयुक्त कंप्यूटर लैब, बहुउद्देश्यीय हाल होगा।
इस अवसर पर बिजली निगम के एसडीई गुलशन वधवा, एमपी कॉलेज की प्राचार्या डॉ. आशा गर्ग, राजकीय महाविद्यालय के प्रिंसिपल पवन गर्ग, डॉ. अश्विनी बत्तरा, अग्रवाल सभा के अध्यक्ष सोमनाथ गर्ग, रविंद्र ग्रोवर आदि उपस्थित थे।

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