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22 अप्रैल 2010

मृत पशुओं को दबाने पर बवाल

डबवाली (लहू की लौ) यहां की गौशाला में मृत पशुओं को दबाने और उनकी चमड़ी उतारे जाने का आरोप लगाते हुए गौशाला के पीछे क्षेत्र के लोगों ने आज गौशाला को घेर लिया और तीन पशुओं को वहां दबाने से रोक दिया।
प्राप्त जानकारी अनुसार मंगलवार शाम को गौशाला प्रबंधक समिति के आदेश पर गौशाला प्रबंधक कमेटी का सदस्य गोवर्धन दास गोयल स्वयं ट्रैक्टर चला कर बैरग में डाले तीन मृत पशुओं को दबाने के लिए गौशाला प्रांगण की ओर जा रहा था कि इसकी भनक गौशाला के पीछे रहने वाले वार्ड नं. 4 के निवासियों को मिल गई। वह मौका पर पहुंचे और उन्होंने मृत पशुओं की यह कहते हुए घेराबन्दी कर ली कि इन पशुओं के दबाने से जो बदबू फैलती है उससे उनका अपने घरों में रहना मुश्किल हो रहा है। इन लोगों का नेतृत्व  बलवन्त सिंह भाऊ पुत्र ठाकुर सिंह, रेशमा देवी पूर्व सरपंच कंदूखेड़ा, कमल यादव पुत्र दौलत राम यादव, सुखजिन्द्र पुत्र बहादुर सिंह, रामजी भाटी, मास्टर मान सिंह कर रहे थे। इन लोगों ने गली की महिलाओं के साथ मिल कर मौका पर पहुंचे गौशाला प्रबंधक समिति के प्रधान जवाहर कामरा से भी ऐतराज किया और प्रशासन को शिकायत करने की धमकी दी।
मौका पर पहुंचे इस संवाददाता को उपरोक्त पीडि़तों ने बताया कि केवल गौशाला के मृत पशुओं को दबाया ही नहीं जाता बल्कि उनकी खाल भी उतार बाहर बेची जा रही है। वह लोग गौशाला प्रबंधक समिति की इन हरकतों से पिछले 10 माह से परेशान हैं।
इस सन्दर्भ में मौका पर उपस्थित गौशाला प्रबंधक कमेटी के प्रधान जवाहर कामरा ने बताया कि हड्डा रोड़ी के लिए नगर में कोई स्थान नहीं है। जिसके चलते उन्हें मजबूरी में गौशाला की जमीन में ही मृत पशुओं को दबाना पड़ रहा है। 15 दिन पूर्व ही गौशाला ने मृत पशुओं को उठाने के लिए सिरसा के अतर सिंह पुत्र लाला राम को 31 हजार रूपये में ठेका दिया था। लेकिन उसके पास जमीन न होने पर उसको गौशाला ने अलीकां रोड़ पर गांव डबवाली के जसविन्द्र सिंह पुत्र काका सिंह की जगह 10 हजार रूपये ठेका पर लेकर दे दी थी। जब वह मृत पशुओं को लेकर वहां गया तो उसे पड़ौसियों ने न तो वहां दबाने दिया और न ही उसकी खाल उतारने दी। वह वापिस उतारी गई खाल को गौशाला ले आया। आज गौशाला के पीछे रहने वाले लोगों ने जो खाल दिखाई है वह वहीं खाल है। मरे हुए पशुओं के संबंध में उन्होंने कहा कि यह वह तीन पशु हैं जो बाजार से एक्सीडैंट हालत में उठा कर लाये थे। उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा कि वह इस समस्या को लेकर प्रशासन के पास न जायें, गौशाला प्रबंधक समिति ही उनका 4 दिनों में समाधान कर देगी।

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