युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

30 अक्तूबर 2009

पशुधन केन्द्र का रिहायशी मकान जर्जर

बनवाला (जसवंत जाखड़) गांव चक्कां में पशुधन केंद्र में रिहायशी मकानों की हालत जर्जर होकर रह गई है। कुछ माह पूर्व तक यह पशुधन केंद्र बंद रहता था लेकिन आजकल चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राजेंद्र कुमार ने डयूटी ज्वाईन कर रखी है और अमनजीत वीएलडीए के पास इसका चार्ज है जो कि चार गांवों चक्का, कुस्सर, घोड़ावाली, गिंदड़ व महमदपुरा का कार्य संभाल रहे हैं।
चतुर्थ श्रेणी कर्मी राजेंद्र ने बताया कि इस भवन में बने रिहायशी मकान में दो कमरे, एक बरामदा, एक स्नानगृह और एक रसोई बने हुए हैं जिनकी छतें तथा फर्श ही हालत जर्जर हो चुकी है और दीवारों से पलस्तर उखड़ गया है। इसकी छतें इतनी जर्जर हो चुकी हैं कि कभी भी गिर सकती हैं और कोई भी हादसा हो सकता है। उसने बताया कि रिहायशी मकान की हालत जर्जर होने के कारण उन्हें डिस्पेंसरी व दफ्तर में ही रहना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इन मकानों की जर्जर हालत को देखते हुए वो अपने परिवार को भी यहां नहीं ला सकता और उसे अकेले ही रहना पड़ रहा है।
इस विषय में वीएलडीए अमनदीप से बात किए जाने पर उन्होंने बताया कि इन मकानों की जर्जर हालत को देखते हुए एस्टीमेट बनाकर भेज रखा है और ग्रांट आते ही इनकी रिपेयर करवा दी जाएगी।

कोई टिप्पणी नहीं: