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05 जुलाई 2011

धधकती आग में कूदकर बचाई जान


डबवाली (लहू की लौ) मण्डी किलियांवाली के अजीत नगर में अपनी किराएदारनी को आग की लपटों से बचाने के लिए मकान मालकिन संकट मोचन बनकर आई। उसने अपनी जान पर खेलकर आग की लपटों के बीच बेहोश पड़ी किराएदारनी को बाहर निकाला।
सोमवार सुबह 7 बजे थे। अजीत नगर के सुभाष उर्फ शुभकरण के मकान के एक कमरे में अचानक आग लग उठी। आंगन में खेल रहे बच्चों पंकज (12), राजन (10) तथा पिंकी (14) ने कमरे में लगी आग को देखकर शोर मचा दिया। शोर सुनकर बच्चों की माता परमेश्वरी देवी (40) कमरे के पास आई। उसने देखा कि रविवार को उनके मकान में किराए पर रहने के लिए आई अमरजीत कौर (50) बेहोशी की हालत में पड़ी है। जबकि कुंकिंग गैस सिलेण्डर के पास आग की लपटे निकल रही हैं। उसने साहस बटोरा और कमरे के भीतर घुसी। बेहोश अमरजीत कौर को उठाकर आंगन में ले आई।
परमेश्वरी देवी ने बताया कि वह एकदम किराएदार के कमरे में गई और उसने बेहोश अमरजीत को पहले बाहर निकाला। फिर घर की मेन स्विच ऑफ कर दी, ताकि आग बिजली के उपकरणों को न पकड़ ले। उसने इसी दौरान कमरे का बाहरी दरवाजा भी खोला और एक लोहे की रॉड लेकर कुकिंग गैस सिलेण्डर को रॉड की सहायता से गली में निकालकर पटक दिया और गैस सिलेण्डर को लगी आग बुझ गई। इसी दौरान सूचना पाकर फायर ब्रिगेड भी पहुंच गई। फायर ब्रिगेड ने कमरे के भीतर सामान को लगी आग पर नियंत्रण स्थापित किया।
बेहोशी टूटने के बाद किराएदारनी अमरजीत कौर ने बताया कि उसने अपने कुकिंग गैस चूल्हे पर चाय बनाने के लिए नया सिलेण्डर लगाया था। दियासिलाई जलाते ही गैस सिलेण्डर को आग लग गई। आग को देखकर वह कमरे के भीतर ही गिरकर अपनी सुधबुध खो बैठी। उसके अनुसार परमेश्वरी देवी ने उसे आग की लपटों में गिरने के बावजूद बाहर निकालकर जो उसकी सहायता की है, वह उसके लिए भगवान की शुक्रगुजार है तथा परमेश्वरी देवी की ऋणी है। उसके अनुसार काश! प्रत्येक किराएदार को ऐसे ही मकान मालिक मिलें।

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