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13 जून 2011

सालगिरह के दिन युवक गाड़ी तले आया

डबवाली (लहू की लौ) गांव नरसिंह कलोनी स्थित जामा मस्जिद के सामने गाड़ी तले आने से एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान नरसिंह कलोनी निवासी गुरमीत सिंह (23) के रूप में हुई है। जीआरपी बठिंडा ने शव का बठिंडा के सरकारी अस्पताल से पोस्टमार्टम करवाने के बाद उसे उसके वारिसों को सौंप दिया।
गुरमीत सिंह मस्जिद के पास स्थित एक आरा पर कार्यरत था। रोजाना की तरह आरा पर अपना काम निबटाने के बाद शनिवार रात को वह घर के लिए निकला था। रेलवे लाईन क्रॉस करते समय किसी गाड़ी की चपेट में आकर घायल हो गया। घायल युवक ने तड़प-तड़प कर वहीं दम तोड़ दिया। रविवार सुबह करीब 5.30 बजे रेलवे का की-मैन छोटू राम रेल लाईन चैक कर रहा था। इसी दौरान उसने रेलवे लाईन के पास युवक के शव को देखा। उसने तत्काल इसकी सूचना स्टेशन मास्टर महेश सरीन को दी। इधर सूचना पाकर मौका पर जीआरपी बठिंडा में तैनात एएसआई जगदीश सिंह भी पहुंचे।
काफी खुश था गुरमीत
मृतक गुरमीत सिंह की शादी ठीक एक साल पहले 11 जून 2010 को राजस्थान के गांव बुधरांवाली की रहने वाली मनदीप कौर के साथ हुई थी। 11 जून 2011, दिन शनिवार को शादी की पहली सालगिरह थी। डेढ़ माह पहले वह अपनी पत्नी को उसके मायके छोड़ आया था। गुरमीत कौर गर्भवती है। भाई की मौत पर घटना स्थल के पास एक कोने में बैठकर भगवान को कोस रही रीतू ने बताया कि अपनी शादी की पहली सालगिरह पर उसका भाई सुबह से काफी खुश था। उसकी खुशी को किसी की नजर लग गई। वह सालगिरह वाले दिन ही अकाल मौत का ग्रास बन गया।
मामले की जांच कर रहे एएसआई जगदीश सिंह ने बताया कि मृतक गुरमीत के भाई जगमीत तथा मामा बीरबल निवासी देसू फुल्लो के ब्यान पर पुलिस ने दफा 174 सीआरपीसी के तहत इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव को उसके वारिसों को सौंप दिया।
शव को पोस्टमार्टम के लिए डबवाली जन सहारा सेवा संस्था ने अपनी एम्बूलैंस से बठिंडा पहुंचाया। संस्था के प्रमुख आरके नीना ने बताया कि संस्था ने मृतक गुरमीत सिंह के पार्थिव शरीर का दाह संस्कार डबवाली के रामबाग में अपने खर्चे पर किया।

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