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24 जुलाई 2010

अपहृत पिता की हत्या, लाश सड़क पर फैंकी

हत्यारे पुत्रों, भतीजे व अन्यों अपहरणकर्ताओं की तलाश में छापे
श्रीगंगानगर। घरेलू विवाद के चलते अपहृत किए गए अधेड़ की हत्या कर दी गई है। इस अधेड़ की लाश आज सुबह जिले के श्रीबिजयनगर थानांतर्गत जैतसर मार्ग पर चक 22 जीबी में तिराहे से चक 13 जीबी को जाने वाली रोड पर पड़ी हुई मिली। इस अधेड़ का शुक्रवार को दिनदहाड़े उसकी पहली पत्नी के दो पुत्रों, भतीजों व अन्य जनों ने अपहरण कर लिया था। तभी से पुलिस इस अधेड़ को सकुशल बरामद करने के लिए भाग-दौड़ कर रही थी। आज सुबह लाश मिलने पर अपहरण के इस मामले में हत्या की धारा भी लगा दी गई है। अधेड़ के शरीर पर चोटों के अनगिनत निशान हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आज सुबह 7.30 बजे किसी व्यक्ति ने श्रीबिजयनगर थाना प्रभारी पुष्पेन्द्र सिंह को बताया कि एक व्यक्ति की चौटिल अवस्था में लाश चक 13 जीबी को जाने वाले मार्ग पर एक साइड में पड़ी है। थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। पुलिस को एक अधेड़ व्यक्ति की पहले से ही तलाश थी। संदेह होने पर थाना प्रभारी पुष्पेन्द्र सिंह ने मटीली राठान थाना प्रभारी महावीर को इस लाश के बारे में बताया। कुछ ही देर में महावीर दलबल सहित तथा अपहृत किए गए गुरचरण सिंह जटसिख (55) की दूसरी पत्नी व अन्य परिचितों को लेकर चक 13 जीबी पहुंच गए। वहां लाश की शिनाख्त गुरचरण सिंह के रूप में हुई। थाना प्रभारी ने बताया कि मौके पर पंचनामा की कार्रवाई कर लाश को पोस्टमार्टम के लिए दोपहर को श्रीगंगानगर के जिला अस्पताल में लाया गया है। यहां मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है।
थाना प्रभारी ने बताया कि शुक्रवार दोपहर को चक 18 जैड से गुरचरण सिंह को अगुवा कर लिए जाने के बाद से ही पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी। आज जब लाश मिली, तो उसके शरीर पर चोटों के काफी निशान थे। उसे लाठियों से बेतहाशा पीटा गया। उन्होंने बताया कि गुरचरण सिंह की दूसरी पत्नी जसवीर कौर ने शुक्रवार देर शाम को मटीली राठान थाने में रिपोर्ट देते हुए पहली पत्नी के दो पुत्रों अमरजीत सिंह व इन्द्रजीत सिंह, गुरचरण सिंह के भाई हरबंस सिंह व उसके पुत्र कुलदीप सिंह के अलावा मीता सिंह संतपुरा, कांता सिंह व जगतार सिंह दलियांवाली आदि पर अपहरण का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवाया था। धारा 364, 323, 447, 147, 148 व 149 में यह मामला दर्ज किया गया। रात को भी गुरचरण सिंह और इन आरोपितों की तलाश की जाती रही, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। गुरचरणसिंह का मोबाइल फोन बंद आ रहा था, जबकि आरोपितों के मोबाइल फोन भी बंद थे। टावर लॉकेशन से इनका पीछा किया गया और कई गांवों में छापे भी मारे गए।

घात-प्रतिघात
श्रीगंगानगर। अपहरण करके नृशंसतापूर्वक मौत के घाट उतारे गए किसान गुरचरणसिंह जटसिख का अपनी पहली पत्नी के पुत्रों और अपने भाई-भतीजों के साथ पिछले एक-डेढ़ वर्ष से घात-प्रतिघात की आंख-मिचौली चल रही थी। मटीली राठान थाना प्रभारी के अनुसार दोनों ही पक्ष एक-दूसरे की ताक में थे कि कब उन्हें मौका मिले और किसी को सलटा दिया जाए। पहले मौका पहली पत्नी के पुत्रों को कल शुक्रवार को मिल गया, जब उन्होंने अकेले चक 18 जैड आए हुए पिता को दबोच लिया। अन्यथा दोनों ही पक्षों का कोई भी सदस्य अकेले कहीं भी नहीं जाता था। हमेशा दो-तीन आदमी उनके साथ चलते थे। दूसरी पत्नी के साथ श्रीगंगानगर की चक 3 ई छोटी की गली नंबर 4 में रह रहा गुरचरण सिंह शुक्रवार सुबह 10-10.30 बजे अपनी जीप लेकर अकेले चक 18 जैड जमीन संभालने के लिए गया था। वहां उसे पहली पत्नी के पुत्रों, भाई, भतीजे और इनके साथियों ने घेर लिया। अधमरा तो गुरचरण सिंह को इन दोनों नहीं वहीं लाठियों से पीट-पीटकर कर दिया था। गुरचरण सिंह की जीप वहीं रह गई। अपहरणकर्ता उसे हरियाणा के नंबरों वाली अपनी जीप में डालकर ले गए। उसे न जाने कहां-कहां घूमाते रहे। चोटें लगी हुई थीं और इलाज न हो पाने के कारण गुरचरण की मौत हो गई।

पंचायत में हुआ था फैसला
श्रीगंगानगर। गुरचरण सिंह पहली पत्नी के साथ रहेगा या दूसरी पत्नी के साथ, इसका फैसला एक-डेढ़ वर्ष पहले दोनों पक्षों द्वारा बुलाई गई बिरादरी की एक बड़ी पंचायत में हुआ था। तब भी इन दोनों पक्षों के बीच चल रही तनातनी का मामला तत्कालीन डीएसपी (ग्रामीण) राजेश मील के समक्ष पहुंचा। उन्होंने ही पंचायत के जरिए विवाद सुलझाने का सुझाव दिया। तब बड़ी पंचायत बुलाई गई। इसमें गुरचरण सिंह को समझाया-बुझाया गया, लेकिन उसने दो टूक शब्दों में कहा दिया कि वह पहली पत्नी और उसके बच्चों को छोडऩे के लिए तैयार है। दूसरी पत्नी के साथ ही रहेगा। गुरचरण सिंह के पास कुल 39 बीघा कृषि भूमि थी। मटीली राठान थाना प्रभारी महावीर ने यह जानकारी देते हुए बताया कि 9 बीघा भूमि गुरचरण सिंह ने बेच दी थी। शेष 30 बीघा जमीन में से 6 बीघा जमीन उसने अपने पास रख ली। बाकी भूमि पहली पत्नी और उससे हुए बच्चों के नाम कर दी। दूसरी पत्नी जसवीर कौर से गुरचरण सिंह की जान-पहचान काफी समय से थी, लेकिन अब एक-डेढ़ वर्ष से वह जसवीर कौर के साथ यहां 3 ई छोटी में रह रहा था। दूसरी तरफ पहली पत्नी के पुत्र, भाई व भतीजे दिल में रड़क रखे हुए थे कि गुरचरण सिंह ने दूसरी औरत के लिए अपने घर-परिवार को छोड़ दिया। इनकी रंजिश लगातार बढ़ती ही चली गई। नतीजतन गुरचरण सिंह की हत्या हो गई। उन्होंने बताया कि आरोपितों को पकडऩे के लिए भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि इनमें से गुरचरण सिंह का भाई हरबंस को पुलिस ने कल ही चक 18 जैड से पकड़ लिया था। उसी से पता चला था कि गुरचरण सिंह को जीप में डालकर ले जाने वालों में कौन-कौन हैं।

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