युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

29 अप्रैल 2010

बेटी के बर्थ-डे पर लगाया खूनदान कैम्प

डबवाली (लहू की लौ) बदलते परिवेश में जहां लिंग अनुपात का भेदभाव समाप्त करने के प्रयास चल रहे हैं, वहीं इसी कड़ी में जागरूक अभिभावक लड़कियां, लड़कों से कम नहीं के कथन पर पर चलते हुए लड़की के जन्म दिन पर सामाजिक कार्यों का आयोजन करके नई मिसाल कायम कर रहे हैं। ऐसा ही एक उदाहरण रविवार को निकटवर्ती गांव डूमवाली में देखने को मिला। पेशे से पेन्टर अमरनाथ पुत्र बख्तावर सिंह ने अपनी बेटी निशा रानी जोकि 12वीं की कॉमर्स की छात्रा है, के जन्म दिन पर रक्तदान शिविर का आयोजन करके कन्या भ्रूण हत्या करने वालों को सचेत किया कि नारी जन्म अनमोल है।
रक्तदान शिविर में 18 महानुभावों ने रक्तदान किया। जिनमें 4 महिलाएं और 14 पुरूष शामिल हैं। सिविल अस्पताल रामपुराफूल के ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. गोबिन्द सिंह ने बताया कि डूमवाली गांव की महिलाओं में इतना जोश था कि गांव के ही पूर्व सरपंच हरपाल सिंह टोनी की पत्नी अमरजीत कौर ने भी रक्तदान करने की इच्छा प्रकट की। लेकिन उनमें रक्त की मात्रा 7 ग्राम होने के कारण उनका रक्त नहीं लिया जा सका।
रक्तदान करने वाली महिलाओं में रानी पत्नी दौलत राम, कर्मजीत कौर पत्नी जरनैल सिंह, नाजमा पत्नी बूटा खां, मनदीप कौर पत्नी अमरनाथ शामिल हैं।
12वीं कॉमर्स की परीक्षा दे चुकी निशा को परीक्षा परिणाम का इंतजार है। वह अपनी आगे की पढ़ाई पूरी करके सीए बनना चाहती है और साथ में लोगों को रक्तदान करने के लिए समय-समय पर प्रेरित करने की मुहिम चलाना चाहती है। खास तौर पर महिलाओं में रक्तदान के प्रति जागृति लाना चाहती है। निशा का मानना है कि लड़कियों के जन्म दिन पर होने वाले सामाजिक कार्य ही महिलाओं में कुछ कर दिखाने का जज्बा पैदा कर सकते हैं।

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