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25 मार्च 2010

बच्चों ने उड़ाये हजारों, रिक्शा चालक की आई शामत

डबवाली (लहू की लौ) भारतीय स्टेट बैंक की स्थानीय शाखा के बाहर खड़ी एक महिला के पर्स से मंगलवार दोपहर को अज्ञात बच्चे 10 हजार रूपये की राशि उड़ा ले गये। इसकी सूचना पुलिस को दी गई और साथ में रिक्शा चालक को संदेह के आधार पर पुलिस को सौंप दिया गया।
30 वर्षीय आंचल नैय्यर पत्नी राजकुमार नैय्यर निवासी गली सिटी हाई स्कूल वाली मंडी डबवाली ने बताया कि उसका 73 वर्षीय ससुर कुन्दन लाल नैय्यर नहरी विभाग से बतौर तार बाबू सेवानिवृत्त है। वह अपने ससुर के वृद्ध होने के कारण उसके साथ भारतीय स्टेट बैंक की स्थानीय शाखा में पेंशन लेने के लिए गई थी। उस दौरान उसे करीब दो घंटे बैंक के अन्य काम निपटाते हुए बीत गये और बैंक से निकलवाई उसके ससुर की 10 हजार रूपये की पेंशन उसने अपने पास रखे पर्स में डाल ली। वह जैसे ही बैंक से बाहर आई तो उसने एक संंदिग्ध लड़की को रिक्शा चालक से बात करते हुए देखा लेकिन मौका पर कोई रिक्शा न पाकर उसे अपने ससुर के साथ उस रिक्शा पर सवार होना पड़ा। जब वह रिक्शा चालक से किराये के संबंध में बातचीत कर रही थी तो इसी दौरान रिक्शा के पास अन्य 4-5 बच्चे भी आ गये। किराया तय होने के बाद वह रिक्शा से अपने घर की ओर रवाना हो गई। घर पहुंच कर जैसे ही उसने अपना पर्स संभाला तो उपरोक्त राशि गायब थी। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी और साथ में संदेह के आधार पर रिक्शा चालक को भी पुलिस को सौंप दिया।
पीडि़ता ने बताया कि जब वह लोग बैंक में थे तो उस समय भी उनके इर्दगिर्द दो लड़कियां मंडरा रही थीं। जब बैंक से बाहर आ रहे थे तो भी एक बच्चे ने उनसे टकराने का प्रयास किया। आंचल ने बैंक पर आरोप लगाया कि बैंक के अधिकारी बैंक व्यवस्था पर कोई ध्यान नहीं दे रहे। उनकी लापरवाही के चलते अनावश्यक रूप से बच्चे बिना किसी कारण के बैंक में घूमते रहते हैं और इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम देते रहते हैं।
इस संबंध में बैंक के मुख्य शाखा प्रबंधक बीएस सरपाल से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस घटना की जानकारी उन्हें आप से ही मिली है। यदि समय पर ही उन्हें इसकी सूचना दी होती तो वह तत्काल बैंक में लगे कैमरों से उन बच्चों को पहचान उन्हें करवा देते। उन्होंने कहा कि अगर घटना के समय की जानकारी पीडि़त उन्हें दें तो अगर घटना भीतर घटी होगी तो उसकी पूरी वीडियोग्राफी बैंक के कैमरा में मिल जायेगी। इस संबंध में पुलिस भी उनसे कोई सहयोग चाहेगी तो उसे पूरा सहयोग देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि स्टाफ को इस प्रकार की घटनाओं के संबंध में सतर्क किया हुआ है। शाखा प्रबंधक ने कहा कि बैंक के बाहर होने वाली घटनाओं पर भी निगाह रखने के लिए बैंक ने बैंक के बाहर जासूसी कैमरा लगाने का निर्णय लिया है।
थाना शहर के एएसआई सत्यनारायण ने इस संबंध में बताया कि पीडि़त शिकायत लेकर उनके पास आये थे और रिक्शा चालक को उन्हें सौंप दिया गया था। पुलिस ने रिक्शा चालक से पूछताछ की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल पाई। दूसरा यह कि मुद्दई ने कार्यवाही करवाने से ही इंकार कर दिया।

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