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17 सितंबर 2009

हरियाणा के मुख्यमंत्री के पूर्व ओएसडी केवी सिंह पर फर्जीवाडा तैयार कर चेहतों को 1 करोड़ 20 लाख दिलवाने का आरोप

डबवाली (लहू की लौ) डबवाली हल्का से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में टिकट के प्रबल दावेदार डॉ. केवी सिंह के लिए उनके विरोधियों ने कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनिया गांधी को एक ताजा पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि केवी सिंह ने अपने नजदीकियों को मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा का ओएसडी रहते हुए गलत ढंग से लोन दिलवाया और इसके लिए फर्जीवाडा भी तैयार किया। जबकि डॉ. केवी सिंह ने इस मामले को अपने से अलग रखते हुए कहा है कि उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं है। अखिल भारतीय कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनिया गांधी को डॉ. केवी सिंह के धुर विरोधी भोला राम शर्मा डबवाली ने भेजे एक पत्र में कहा है कि मुख्यमंत्री हरियाणा के पूर्व ओएसडी डॉ. केवी सिंह ने मण्डी डबवाली में अपने भतीजे के पेट्रोल पम्प पर लगे मुलाजिमों के नाम नाबार्ड की स्कीम के तहत भूमिहीन गरीब मजदूरों को भूमि खरीदने के लिए जो स्कीम भारत सरकार की है, उसके अन्तर्गत अपने ही कर्मचारियों व चेहतों के नाम से छछरौली जिला यमुनानगर हरियाणा से हरियाणा स्टेट को-ऑपरेटिव एग्रीकल्चर एवं रूरल डिवेलप्मेंट बैंक लि. से 1 करोड़ 20 लाख रूपये के लोन प्राप्त करवाये हैं। आरोप में शिकायतकर्ता ने यह भी लिखा है कि यह करोड़ों रूपये का फर्जी लोन डॉ. केवी सिंह के कहने से मैनेजर ने किया है। शिकायतकर्ता के अनुसार जिन 12 व्यक्तियों के नाम पर लोन लिया गया है, उनके नाम मनवीर सिंह पुत्र परमजीत सिंह, महेन्द्र कुमार पुत्र कृष्ण कुमार, मुरारी लाल पुत्र विश्व पाल, जैल कुमार पुत्र जवाहर लाल, देवा राम पुत्र कान्हा राम, शिव कुमार पुत्र मोहन राम, राजवीर सिंह पुत्र परमजीत सिंह, पंकज कुमार पुत्र जैन कुमार, मूलचन्द पुत्र दौलत राम, प्रेम कुमार पुत्र देवीलाल, बनवारी लाल पुत्र सेाहन लाल हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार इनमें से 10 मण्डी डबवाली में स्थित इसके भतीजे के पेट्रोल पम्प पर मुलाजिम हैं। जबकि इनमें से मनवीर सिंह पुत्र परमजीत सिंह, राजवीर सिंह पुत्र परमजीत सिंह गांव मौजगढ़, तहसील मण्डी डबवाली (जिला सिरसा) के निवासी हैं और इनके पास सैंकड़ों एकड़ कृषि भूमि है। डॉ. केवी सिंह के भतीजे के साथ ठेकेदारी व अन्य कार्यो में भागीदार भी हैं। भोला राम शर्मा के अनुसार बैंक की स्कीम की शर्तो के मुताबिक यह पैसा भूमि खरीदने के लिए उन्हीं व्यक्तियों को मिलना था, जो गांव बेलगढ़ तह. छछरौली (जिला यमुनानगर) के स्थाई रूप से रहने वाले हों। जिनके पास पूरे हरियाणा में कहीं भी कृषि भूमि न हो। जबकि मनवीर सिंह और राजवीर सिंह पुत्रान परमजीत सिंह के पास गांव मौजगढ़ में कृषि भूमि है। शर्मा ने कांग्रेस अध्यक्षा को भेजे पत्र में यह भी कहा है कि इसके अलावा इस स्कीम में यह भी नियम है कि पैसा बोर्ड ऑफ डायरेक्टर, हरियाणा एग्रीकल्चर एवं रूरल डिवेलप्मेंट बैंक लि. से मंजूरी लेकर ही लोन दिया जाये। लेकिन सभी नियमों को ताक पर रखकर डॉ. केवी सिंह ने अपने ओएसडी मुख्यमंत्री हरियाणा के पद का दुरूपयोग करते हुए ये लोन का पैसा गलत आदमियों को प्राप्त करवाया है। शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले की जांच करवाने का अनुरोध किया है और साथ में यह भी मांग की है कि इस फर्जीवाड़ा में जो भी अधिकारी या अन्य लोग शामिल हैं, उन पर भी उचित कार्यवाही करवाई जाये। इस संदर्भ में जब मोबाइल पर डॉ. केवी सिंह से सम्पर्क स्थापित किया गया तो उन्होंने कहा कि विरोधियों ने तो उनके खिलाफ वाबेला मचाना ही है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। अगर किसी ने भी ऐसा किया है तो वह स्वयं भुगतेगा।

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