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31 मई 2011

अस्पताल में पिटा डॉक्टर, मिली माफी


गांव मांगेआना में एएनएम से छेड़छाड़ मामले में पूरा दिन होती रहीं बैठकें, धरना तथा नारेबाजी

डबवाली (लहू की लौ) एएनएम से छेड़छाड़ का मामला सोमवार को धरना, प्रदर्शन, नारेबाजी और आरोपी डॉक्टर की पिटाई के बाद सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के बाद निबट गया।
सोमवार को सब सैन्टर मांगेआना पर तैनात एएनएम सत्या देवी छेड़छाड़ प्रकरण को लेकर सरकारी अस्पताल में निर्मल बुलारा प्रदेशाध्यक्ष एमपीएचडब्ल्यू एसोसिएशन हरियाणा, लक्ष्मी देवी बेगू प्रेस सचिव हरियाणा कर्मचारी महासंघ, प्रताप सिंह जाखू जिला सचिव एमपीएचडब्ल्यू एसोसिएशन, कृष्ण लाल मांडा डिंग स्टेट सलाहकार एमपीएचडब्ल्यू एसोसिएशन, राजकुमार प्रदेश उपप्रधान पब्लिक हैल्थ मैकेनिकल यूनियन, ओमप्रकाश शर्मा डबवाली ब्लाक प्रधान हरियाणा कर्मचारी महासंघ, मनोज शर्मा जिला उपप्रधान हरियाणा कर्मचारी महासंघ, केवल कृष्ण डबवाली यूनिट प्रधान हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रीसिटी बोर्ड वर्कर यूनियन, पवन शर्मा प्रधान पीडब्ल्यूडी बीएण्डआर कर्मचारी यूनियन डबवाली आदि पहुंचे। उन्होंने जमकर आरोपी डॉक्टर गुरजीत सिंह तथा पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इंसाफ की मांग को लेकर ये लोग धरने पर बैठ गए। मामले को सुलझाने के लिए कर्मचारी संगठनों की ओर से 9 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। जिसमें कर्मचारियों की ओर से निर्मल बलारा, प्रताप सिंह, सुमन, मनोज शर्मा, रमेश कुमार, लक्ष्मी  देवी, जगविंद्र पाल कौर, कृष्ण लाल, राम विलास आदि शामिल थे। इनकी उपस्थिति में डॉ. विनोद महिपाल के समक्ष मामले को सुलझाने के लिए प्रशासन की ओर से बनाई गई दो सदस्यीय कमेटी डॉ. एमके भादू तथा लेडी डॉ. अमरदीप कौर जस्सी ने पीडि़त एएनएम सत्या देवी तथा आरोपी डॉ. गुरजीत सिंह के ब्यान दर्ज किए। मामले को सुलझाने के पूरा दिन कर्मचारी नेताओं और सरकारी अस्पताल प्रशासन के बीच बातचीत के कई दौर चले।
इसी दौरान डॉ. गुरजीत सिंह माफी मांगने पर रजामंद हो गए। लेकिन पीडि़ता सत्या देवी के यह कहने पर की डॉ. गुरजीत सिंह उसे दिखाई नहीं देना चाहिए। मामला फिर तूल पकड़ गया जब डॉक्टर ने हंसते हुए अपने को गोली मार देने की बात कही, तो कर्मचारी नेता गर्मा गए। बैठक का बहिष्कार करके बाहर चले गए।
लेकिन एमपीएचडब्ल्यू एसोसिएशन की प्रदेशाध्यक्षा निर्मल बलारा अपने साथियों के साथ दोबारा एसएमओ रूम में आ गई। इन लोगों ने डॉक्टर गुरजीत सिंह की पिटाई शुरू कर दी। 5-10 मिनट तक कर्मचारी नेताओं का गुस्सा डॉक्टर पर फूटता रहा। एसएमओ विनोद महिपाल तथा डॉ. एमके भादू ने हस्तक्षेप करके पिट रहे डॉक्टर को कर्मचारी नेताओं से छुड़ाया। इसकी सूचना पाकर मौका पर थाना शहर के प्रभारी इंस्पेक्टर बलवंत जस्सू, थाना सदर प्रभारी एसआई रतन सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल पहुंच गया। अस्पताल में स्थिति अत्यन्त तनावपूर्ण हो गई।
तनाव की सूचना पाकर मौका पर डीएसपी बाबू लाल भी पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर राजी किया। कर्मचारी नेताओं की मांग के आधार पर आरोपी डॉक्टर गुरजीत सिंह ने लिखित रूप से तथा सार्वजनिक रूप से माफी मांगकर अपना पिंड छुड़ाया।
एसएमओ डॉ. विनोद महिपाल ने बताया कि दोनों पक्षों को सुना गया। डॉक्टर की ओर से माफी मांग लेने के बाद मामला वहीं सुलझ गया। लेकिन सत्या देवी की मांग के आधार पर डॉक्टर का तबादला डबवाली उपमण्डल से बाहर करने के लिए उन्होंने हैल्थ कमीश्नर हरियाणा को अपनी रिपोर्ट भेज दी है।


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