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28 मई 2011

प्रशासन को जगाने के लिए कविता का सहारा

डबवाली (लहू की लौ) समस्या का समाधान न हो तो लोग आंदोलनरत होते हैं। कोई झण्डा, तो कोई डंडा पकड़कर आंदोलन में कूदता है। नारेबाजी, प्रदर्शन, अनशन, भूख हड़ताल आंदोलन के अंग हैं। शहर में विकराल होती जा रही गंदे पानी की समस्या को लेकर नारेबाजी, प्रदर्शन, मटका फोड़ प्रोग्राम जैसा सबकुछ हो लिया है। लेकिन इसके बावजूद विभाग मौन है।
    गंदे पेयजल की आपूर्ति आज शहर की सबसे प्रमुख समस्या है। लेकिन इस समस्या को दूर करने के लिए विभाग कोई प्रयास नहीं कर रहा। एक बार मामूली बरसात आ जाती है तो शहर के लोगों को पंद्रह दिनों तक लगातार गंदा पानी नसीब होता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ। थोड़ी सी बरसात आने भर से शहर में गंदे पेयजल की आपूर्ति शुरू हो गई। समस्या के समाधान के लिए चार दिनों से लोग प्रशासन से चीख-पुकार करके अपनी बात कह रहे हैं। लेकिन समस्या के प्रति न तो विभाग संजीदा है और न ही प्रशासन। प्रशासन और विभाग के अधिकारियों को जगाने के लिए शहर का एक युवक आगे आया है। बिना झण्डा और बिना लट्ठ बजाए इस युवा ने विभाग के खिलाफ एक नया आंदोलन खड़ा किया है।
    गंदे पानी की आपूर्ति से परेशान चल रहा यह युवक वार्ड नं. 15 का निवासी कमल छाबड़ा है। जिसने अपनी कविता की पंक्तियों के माध्यम से जनस्वास्थ्य विभाग की हठधर्मिता पर करारी चोट की है। छाबड़ा के अनुसार वह अपनी व्यंग्यात्मक कविता को शिकायत के तौर पर जनस्वास्थ्य विभाग तथा प्रदेश सरकार के आला मंत्रियों तक पहुंचाएंगे। ताकि चुनाव के दिनों में स्टेज पर अपने शायरों तथा चुटकुलों की मार्फत लोगों के वोट हथियाने वाले नेता शायद इस कविता से प्रभावित होकर शहर के लोगों के लिए स्वच्छ पानी का बंदोबस्त करवा सकें।

यह है कविता
जनस्वास्थ्य विभाग का नया उत्पाद
पिछले दो दिनों से मैंने जब भी खोला नल,
तो उसमें से निकला काले रंग का जल।
सीवरेज युक्त बदबूदार पानी है इतना मलिन और खराब,
पेश किया है जैसे जनस्वास्थ्य विभाग ने कोई नया उत्पाद।
संबंधित विभाग अति शीघ्र इसे पेटेंट करवा ले,
कहीं कोई बहुराष्ट्रीय कंपनी इसका फार्मूला ना चुरा ले।
शिकायत करने पर भी आंख मूंद बैठे हैं अधिकारी,
इस पानी के सेवन से लग सकती है कोई भी बीमारी।
    -कमल छाबड़ा, वार्ड नं. 15, डबवाली

    वार्ड नं. 19 की बराड़ों वाली गली के निवासी राकेश कुमार, डॉ. ललजीत गर्ग, मोहन लाल, कुलवन्त सोनी, लखबीर सिंह, पम्मी ने बताया कि उनके घरों में  पिछले तीन दिनों से जनस्वास्थ्य विभाग की सप्लाई में सीवरेजयुक्त पानी की आपूर्ति हो रही है। उनके अनुसार यह पानी नहाने के भी योग्य नहीं है। इस संबंधी विभाग में शिकायत करने के बावजूद उनकी सुध लेने कोई नहीं पहुंचा। उन्हें अंदेशा है कि इस पेयजल से उनके वार्ड में कोई गंभीर रोग फैल सकता है।
    इसी प्रकार से वार्ड नं. 15 में स्वामी दयानन्द स्कूल वाले एरिया के निवासी कमल और विकास, वार्ड नं. 16 का नगर सुधार मंडल क्षेत्र के महिन्द्र कुमार, विपिन, सर्वजीत ने भी आरोप लगाया है कि उनके वार्ड  में भी पिछले तीन दिनों से गन्दे पेयजल की आपूर्ति हो रही है।

    लोगों को मिलेगा स्वच्छ पेयजल   
स्वच्छ पेयजल आपूर्ति करने के आदेश जनस्वास्थ्य विभाग को दिए गए हैं। मानसून से पूर्व शहर के मुख्य चैम्बरों की मशीन से सफाई करने के लिए भी विभाग को कहा गया है।
    -डॉ. मुनीश नागपाल, एसडीएम डबवाली

    चैम्बर जाम होने की वजह से आई समस्या
    पिछले दिनों तेज अंधड व बारिश के कारण चैम्बर में गंदगी चले जाने के चलते जीटी रोड़ पर एक चैम्बर जाम हो गया था। जिसकी वजह से प्रॉबल्म सामने आई। प्रॉबल्म ढूंढकर उसे हल किया गया। जिससे वार्ड नं. 15, 16 में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति शीघ्र बहाल हो जाएगी। जबकि वार्ड नं. 19 में जल्द ही स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
    -सतपाल, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग, डबवाली

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