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20 फ़रवरी 2011

डेरा प्रेमियों और सिक्खों के वारंट जारी


डबवाली (लहू की लौ) गांव घुकांवाली में जुलाई 2008 में डेरा प्रेमियों और सिखों के बीच हुए झगड़े में दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर पुलिस द्वारा दर्ज किए गए केस में वांछित 33 लोगों के अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी करके 15 अप्रैल 2011 तक आरोपियों को अदालत में पेश करने के आदेश औढ़ां पुलिस को दिए हैं।
औढ़ां पुलिस ने 19 जुलाई 2008 को मुकद्दमा नं. 88 के तहत धमिन्द्र सिंह पुत्र सुरजीत सिंह निवासी घुकांवाली की शिकायत पर गांव के कई लोगों के खिलाफ धारा 323/324/188/149/285/435/436/427/452 आईपीसी तथा 25/54/59 शस्त्र अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था। जिसमें धमेन्द्र पुत्र सुरजीत सिंह ने दिए ब्यान में कहा था कि 18.7.08 को डेरा सच्चा सौदा घुकांवाली में मौजूद था। उसके साथ डेरा प्रेमी वेदप्रकाश, देवीलाल, झण्डा राम, गुरदास, गुरलाल, बलजीत, हरनेक, पाला राम भी मौजूद थे। इतनी देर में गांव के काफी लोग जिनमें मेजर सिंह पुत्र महेन्द्र सिंह बगैरा थे, ने लाठियों, डंडों व तलवारों और बंदूक, पिस्तोल आदि से डेरा पर हमला करके डेरा की चारदीवारी गिरा दी। डेरा के गेट और इमारत को आग लगा दी। जब उन्होंने उन्हें रोकने की कोशिश की तो उन्हें चोटें मारी गई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने अभियोग अंकित करके तफ्तीश तत्कालीन थाना प्रभारी रणवीर सिंह को सौंप दी। दर्ज केस के आधार पर राजा सिंह पुत्र जीत सिंह, गुरदीप सिंह पुत्र हरदेव सिंह घुकांवाली का पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। लेकिन अन्य आरोपी गिरफ्तारी से बच गए थे। पुलिस ने 14.12.2010 को आरोपियों को पकडऩे के लिए अदालत से गिरफ्तारी वारंट जारी करवा लिए। लेकिन आरोपी न पकड़े जाने पर पुलिस ने 24 जनवरी 2011 को उपमण्डल न्यायिक दण्डाधिकारी महावीर सिंह की अदालत के समक्ष पेश होकर पुन: आरोपियों के गिरफ्तारी वारंट की याचिका दायर की। इस याचिका पर अदालत ने 19 लोगों के गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए उन्हें पंद्रह अप्रैल तक गिरफ्तार करके अदालत में पेश करने के आदेश दिए। अदालत ने जिनके गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं उनमें मेजर सिंह, गुरशरण सिंह, जगतार सिंह उर्फ बगदू, सूरत सिंह, गुरदीप सिंह, दर्शन सिंह, हरनेक सिंह, बलकरण उर्फ जसकरण, सुखदेव सिंह उर्फ बनिया, जगराज सिंह, भगवाल सिंह, मेवा सिंह, जगरूप सिंह, जस्सा सिंह, हरबंस सिंह, जसवीर सिंह, सुखराज सिंह, हरनेक सिंह निवासीगण घुकांवाली और भोला सिंह आरेवाला औढ़ां के नाम शामिल हैं।
इसी तिथि को पुलिस ने दर्शन सिंह पुत्र संपूर्ण सिंह निवासी घुकांवाली की शिकायत पर 14 डेरा प्रेमियों के खिलाफ दफा 323/148/149/307 आईपीसी और 25/54/59 शस्त्र अधिनियम के तहत क्रॉस केस दर्ज किया था। जिसमें शिकायतकर्ता ने कहा था कि 18.7.08 को वह अपने काम से फारिग होकर खाना खाने की तैयारी कर रहा था, कि उनका मकान डेरा घुकांवाली के पास होने के कारण डेरा का दरवाजा के पास से गंदी-गंदी गालियों की आवाज सुनाई दी। उसने देखा कि डेरा प्रेमी डेरे के गेट के ऊपर खड़े गालियां दे रहे हैं। इतनी देर में आस-पड़ौस के दर्शन सिंह बगैरा मौका पर आ गए और उन्होंने गंदी गालियां देने से रोका, तो आरोपियों ने कहा कि डबवाली में तुमने हमारी दुकानों में आग लगाई है, उसका आज बदला लेंगे। जिस पर मंदर सिंह ने अपने हाथ में लिए पिस्तोल से सीधा फायर उसके ऊपर किया, जो उसकी गर्दन के पास लगा और वह गिर गया। जसवीर सिंह ने उसे उठाने की कोशिश की तो पप्पू और जग्गा सिंह के कहने पर मंदर ने एक ओर फायर किया। जो जस्सा सिंह की कमर में लगा। इसके बाद प्रेमियों ने उन पर ईंट-रोड़ मारने शुरू कर दिए। सिख समुदाय के लोगों के चोटें लगी। जिन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इस केस में पुलिस ने 14 लोगों को नामजद किया। जिनके 14-12-2010 को अदालत से गिरफ्तारी वारंट भी जारी करवाए। लेकिन आरोपी पुलिस के हाथ नहीं आए। पुलिस ने अब 24 जनवरी 2011 को उपमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी महावीर सिंह की अदालत में याचिका दायर करके आरोपियों के फिर से गिरफ्तारी वारंट की मांग की। जिस पर अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए 15 अप्रैल तक आरोपियों को पकड़कर अदालत में पेश करने के आदेश दिए। जिनके गिरफ्तारी वारंट जारी हुए उनमें प्रेमी जग्गा सिंह, मंदर सिंह, गुरदास सिंह, बग्घड़ सिंह, बलजीत सिंह, ओमप्रकाश, इन्द्राज, धर्मेन्द्र सिंह, वेदप्रकाश, देवीलाल, झण्डा सिंह, हरनेक सिंह, पाला राम, गुरलाल निवासीगण घुकांवाली के नाम शामिल हैं।

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