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13 जून 2010

किलियांवाली चौकी का किया घेराव

डबवाली (लहू की लौ) थाना लम्बी के अन्तर्गत आने वाले गांव वडिंगखेडा में पंजाब सरकार ने वर्ष 2006 में अलाट किए गए प्लाटों का अभी तक कब्जा न मिलने के कारण प्लाट धारकों में रोष पाया जा रहा है। आज जब इन लोगों ने कब्जा करने का प्रयास किया तो पुलिस चार व्यक्तियों को पकड़ कर पुलिस चौंकी किलियांवाली में ले आई। बाद में ग्रामीणों ने चौकी को घेर लिया और पकड़े गए लोगों को छुड़वाया। गांव वडिंगखेड़ा की शहीद भगत सिंह विकास कमेटी के प्रधान सुखजीत सिंह, सदस्य पाला राम, भागी राम, रामकरण ने बताया कि वर्ष 2001 में तत्कालीन बादल सरकार ने जरूरतमंदों को पांच-पांच मरले के प्लाट देने की घोषणा करते हुए इसके कार्ड भी वितरित कर दिए थे। जिनमें उनके गांव के 240 जरूरतमंद परिवार शामिल थे। लेकिन वर्ष 2006 में राÓय सरकार बदल गई और साथ में गांव का सरपंच भी बदल गया। कांग्रेस समर्थित नये सरपंच दर्शन सिंह ने वर्ष 2006 में घोषित जरूरतमंद 240 लोगों को 5-5 मरले के प्लाट देने के लिए निशान दे दिए। लेकिन अब फिर से सत्ता बदलते ही सरपंच भी अकाली दल का चुना गया। प्लाट के लाभार्थियों के अनुसार लम्बा समय बीत जाने पर उन्हें अभी तक प्लाट का कब्जा नहीं दिया गया है। जरूरतमंद और खेत मजदूर सुखजीत, रामकरण, कुलवन्त तथा राजेन्द्र सिंह ने बताया कि आज जब निश्चित स्थान पर उन्होंने निशानदेही करने का प्रयास किया तो पुलिस उन्हें पकड़ कर ले गई। उनके अनुसार वर्तमान पंचायत ने पार्टीबाजी के चलते पुलिस में यह शिकायत कर दी कि कुछ लोग पंचायत की भूमि पर कब्जा करना चाहते हैं। गिरफ्तारी की सूचना पाकर गांव वडिंगखेड़ा के सैंकड़ों लोगों ने किलियांवाली पुलिस चौकी को घेर लिया। मौका पर थाना लम्बी पुलिस के प्रभारी हरिन्द्र सिंह चमेली भी पहुंचे। ग्रामीणों के गुस्से को देखते हुए पुलिस ने हिरासत में लिए गए चार लोगों को रिहा कर दिया।
इस संदर्भ में जब थाना लम्बी प्रभारी हरिन्द्र सिंह चमेली से पूछा गया तो उन्होंने प्लांटो के इन प्रमाण पत्रों को फर्जी करार देते हुए कहा कि इनकी आड़ में गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। जबकि असली प्रमाण पत्रों पर पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिहं बादल का चित्र छपा हुआ है और उपायुक्त की मुहर व हस्ताक्षर हैं। लेकिन इन प्रमाण पत्रों पर गांव के सरपंच व एक अन्य चैयरमेन के हस्ताक्षर हैं। उन्होंने बताया कि इस सारे मामले की जांच पड़ताल की जाएगी व दोषी पाये जाने व्यक्तियों के खिलाफ कारवाई की जाएगी। इधर शहीद भगत सिंह ग्रामीण विकास समिति के अध्यक्ष सुखजीत सिंह ने कहा कि मजदूरों के पास प्रमाण पत्र असली हैं और वे इस संदर्भ में शीघ्र ही उपायुक्त मुक्तसर से मिलेंगे। अगर जरूरत पड़ी तो अपने अधिकारों के लिए धरने और प्रदर्शन भी करेंगे।

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