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Lahoo Ki Lau

युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

25 अक्टूबर 2026

AI की आवाज और वीडियो पर आंख मूंदकर न करें भरोसा, डीपफेक के जरिए हो सकती है साइबर ठगी

  • रिश्तेदारों, पुलिस अधिकारियों व कंपनी अधिकारियों की नकली आवाज और वीडियो से रहें सतर्क: साइबर सेल

  • सोशल मीडिया से डाटा चुराकर AI की मदद से ठगी कर रहे शातिर, साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत दें सूचना

मंडी डबवाली (लहू की लौ)।

पुलिस अधीक्षक डबवाली जसलीन कौर के दिशा-निर्देशों के तहत डबवाली पुलिस द्वारा आमजन को अत्याधुनिक साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में साइबर अपराध शाखा प्रभारी एवं पुलिस प्रवक्ता उप निरीक्षक आनंद कुमार ने बताया कि तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दुरुपयोग कर साइबर अपराधी अब 'डीपफेक' आवाज और वीडियो के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं।

साइबर अपराधी सोशल मीडिया पर उपलब्ध फोटो, वीडियो और ऑडियो का इस्तेमाल कर नकली चेहरा व आवाज तैयार कर लेते हैं। इसके बाद किसी रिश्तेदार या परिचित की दुर्घटना, गिरफ्तारी अथवा आपात स्थिति का बहाना बनाकर तत्काल पैसे भेजने का दबाव बनाते हैं।

ठगी से बचने के लिए बरतें यह सावधानी:

  1. पुष्टि करें: किसी परिचित या अधिकारी की आवाज या वीडियो देखकर तुरंत पैसे न ट्रांसफर करें। उनके सत्यापित नंबर पर कॉल करके सच्चाई जानें।

  2. गोपनीयता रखें: अपना ओटीपी, बैंकिंग पासवर्ड, पिन अथवा संवेदनशील जानकारी कभी किसी से साझा न करें।

  3. पारिवारिक कोड: आपात स्थिति के सत्यापन के लिए परिवार के सदस्यों के साथ कोई गोपनीय शब्द तय करें।

डबवाली पुलिस ने अपील की है कि सोशल मीडिया पर अपनी निजी फोटो व वीडियो शेयर करते समय सावधानी बरतें। यदि कोई व्यक्ति डीपफेक ठगी का शिकार होता है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करवाएं या आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें।

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पुलिस स्मृति दिवस: डबवाली पुलिस ने दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक का किया शैक्षणिक भ्रमण, शहीदों को अर्पित की श्रद्धांजलि

  • एसपी जसलीन कौर के निर्देशों पर 21 से 31 अक्टूबर तक चलाया जा रहा विशेष स्मृति अभियान

  • शहीद जवानों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान से प्रेरणा लेकर जनसेवा व सुरक्षा के संकल्प को किया मजबूत

 डबवाली (लहू की लौ) पुलिस अधीक्षक डबवाली जसलीन कौर के दिशा-निर्देशानुसार 'पुलिस स्मृति दिवस' के उपलक्ष्य में 21 से 31 अक्टूबर तक चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत डबवाली पुलिस के अधिकारियों व कर्मचारियों ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक का भ्रमण किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने देश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और नागरिकों की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले अमर शहीदों को नमन करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय पुलिस स्मारक देशभर के उन वीर पुलिसकर्मियों के शौर्य, त्याग और अनुशासन का प्रतीक है, जिन्होंने कर्तव्य पथ पर चलते हुए अपने जीवन का बलिदान दे दिया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल के सदस्यों में शहीदों के आदर्शों के प्रति सम्मान प्रकट करना और जनसेवा के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी व निष्ठा से करने का संकल्प सुदृढ़ करना है। डबवाली पुलिस वीर शहीदों के बलिदान को सदैव स्मरणीय रखते हुए क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों से निपटने के लिए डबवाली पुलिस तैयार, पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल का अभ्यास

एसपी जसलीन कौर आईपीएस के दिशानिर्देशानुसार दंगा रोधी एवं भीड़ नियंत्रण उपकरणों के संचालन का अभ्यास, आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस बल को किया तैयार


डबवाली, 25 अक्टूबर। पुलिस अधीक्षक डबवाली जसलीन कौर, आईपीएस के निर्देशानुसार व उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय डबवाली श्री योगेश कटारिया के नेतृत्व में आज पुलिस लाइन डबवाली में मॉक ड्रिल आयोजित की गई। कंपनी कमांडर निरीक्षक बिजेंद्र सिंह की अगुवाई में आयोजित इस अभ्यास का उद्देश्य पुलिस बल की तैयारियों को मजबूत करना, कानून-व्यवस्था की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निपटने की क्षमता बढ़ाना तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। 

पुलिस प्रवक्ता उप निरीक्षक आनन्द कुमार ने बताया कि आमजन की सुरक्षा, सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना डबवाली पुलिस की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से पुलिस कर्मचारियों को समय-समय पर विशेष प्रशिक्षण देकर विभिन्न परिस्थितियों के लिए तैयार किया जाता है।

मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस कर्मचारियों को दंगा रोधी एवं भीड़ नियंत्रण उपकरणों के संचालन और उपयोग का व्यावहारिक अभ्यास करवाया गया। इसमें टीयर गैस, वाटर कैनन तथा भीड़ नियंत्रण के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले अन्य आवश्यक साधनों के संचालन का अभ्यास शामिल रहा। इसके अतिरिक्त गैस गन एवं फायरिंग का अभ्यास भी करवाया गया, ताकि पुलिस कर्मचारी आवश्यकता पड़ने पर निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों के अनुरूप कार्रवाई कर सकें। अभ्यास के दौरान विभिन्न परिस्थितियों में पुलिस बल की भूमिका, तत्परता, अनुशासन और आपसी समन्वय को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।


इस दौरान सहायक उप निरीक्षक गुलाब सिंह ने पुलिस कर्मचारियों को विभिन्न परिस्थितियों के अनुरूप अभ्यास करवाया। इस दौरान भीड़ को नियंत्रित करने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देने तथा पुलिस बल के बीच बेहतर तालमेल के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अभ्यास का उद्देश्य पुलिस कर्मचारियों को इस प्रकार तैयार करना है कि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में वे धैर्य, सूझबूझ और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें तथा स्थिति को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सके।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल पुलिस बल की कार्यकुशलता बढ़ाने और आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नियमित अभ्यास से पुलिस कर्मचारियों को उपकरणों के उचित उपयोग, त्वरित निर्णय लेने और आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई करने में मदद मिलती है। डबवाली पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा करने और आमजन को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।


डबवाली पुलिस आमजन को आश्वस्त करती है कि शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल सतर्क और तत्पर है। पुलिस का उद्देश्य किसी भी अप्रिय स्थिति को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करते हुए आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि नागरिक निर्भय होकर अपने दैनिक कार्य कर सकें और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा एवं विश्वास का वातावरण बना रहे।

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डबवाली पुलिस का दोहरा प्रहार—तस्करों पर कार्रवाई, नशा पीड़ितों को उपचार

एक सप्ताह में नशा मुक्ति टीम डबवाली व 47 गांवों व 03 वार्डों में गठित नशा मुक्ति कमेटियों ने 38 नशा पीड़ितों को दिखाई नवजीवन की दिशा

डबवाली, 25 अक्टूबर । नशे के खिलाफ डबवाली पुलिस की मुहिम अब केवल नशा तस्करों तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे की चपेट में आए लोगों को उपचार और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने पर भी समान रूप से जोर दिया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक जसलीन कौर, आईपीएस के नेतृत्व में पुलिस द्वारा एक ओर नशे की सप्लाई करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर नशा पीड़ितों तक पहुंचकर उन्हें उपचार, परामर्श और पुनर्वास से जोड़ने का अभियान चलाया जा रहा है।

पुलिस प्रवक्ता उप निरीक्षक आनन्द कुमार ने बताया कि बीते एक सप्ताह के दौरान नशा मुक्ति टीम डबवाली ने 28 गांवों और 02 वार्डों में डोर-टू-डोर अभियान चलाया। टीमों ने घर-घर पहुंचकर नशे से पीड़ित लोगों की पहचान की तथा 28 नशा पीड़ितों को उपचार एवं परामर्श से जोड़ा। उपचार से जुड़ने वाले लोगों के साथ लगातार संपर्क रखते हुए उनकी स्थिति और प्रगति की जानकारी ली जा रही है।

गांवों की भागीदारी से मजबूत हुआ अभियान

नशे के खिलाफ जमीनी स्तर पर जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से डबवाली पुलिस द्वारा पंचायतों के सहयोग से  47 गांवों तथा मंडी कालांवाली व डबवाली के 03 वार्डों में नशा मुक्ति कमेटियों का गठन किया गया है। ये कमेटियां अपने-अपने क्षेत्रों में नशे की समस्या से प्रभावित लोगों की पहचान करने, उन्हें उपचार के लिए प्रेरित करने और युवाओं को नशे से दूर रखने में पुलिस की सहयोगी के रूप में कार्य कर रही हैं।

बीते सप्ताह नशा मुक्ति कमेटियों के सदस्यों ने 10 नशा पीड़ितों की पहचान कर उन्हें उपचार एवं परामर्श से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कमेटियों द्वारा युवाओं को खेल, शिक्षा और अन्य सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने व उन्हें सुरक्षित व उज्जवल भविष्य की दिशा में मार्गदर्शित किया जा रहा है।

नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ मानवीय दृष्टिकोण

डबवाली पुलिस का प्रयास है कि नशे की समस्या से जूझ रहे व्यक्ति को अपराधी की नजर से देखने के बजाय उसे उपचार और सुधार का अवसर दिया जाए। पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, पंचायतों, परिवारों और समाज के सामूहिक प्रयास से नशा पीड़ितों को दोबारा सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद मिल सकती है।

इसी कड़ी में गांवों, स्कूलों, चौपालों, खेल मैदानों तथा संध्या संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं और आमजन को नशे के दुष्परिणामों के प्रति लगातार जागरूक किया जा रहा है। पुलिस द्वारा युवाओं को खेल, शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

तस्करी की सूचना दें, नशा पीड़ित को उपचार तक पहुंचाएं

डबवाली पुलिस ने आमजन से अपील की है कि नशे की तस्करी या बिक्री से संबंधित कोई भी जानकारी पुलिस तक पहुंचाएं। साथ ही यदि आसपास कोई व्यक्ति नशे की समस्या से जूझ रहा है तो उसे उपचार के लिए प्रेरित करें। सूचना मानस पोर्टल एवं हेल्पलाइन 1933, डबवाली पुलिस मोबाइल नंबर 9138999748 अथवा नजदीकी थाना/चौकी में दी जा सकती है। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

डबवाली पुलिस का संदेश है—नशा बेचने वालों के खिलाफ सख्ती जरूरी है, लेकिन नशे की गिरफ्त में आए व्यक्ति को उपचार और सहयोग देकर वापस सामान्य जीवन में लाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। 
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25 Oct. 2026





 

24 अक्टूबर 2026

नाबालिगा से दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी के मामले में गिरफ्तार

 
डबवाली पुलिस ने नाबालिगा से दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी के मामले में एक महीने से फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। महिला थाना और पीओ स्टाफ डबवाली ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह बड़ी कार्रवाई की है। 22 सितंबर 2026 को पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फोटो डबवाली पुलिस दुबारा मीडिया में दी गईं है।

24 Oct. 2026





 

15 अक्टूबर 2026

पराली को जलाने की बजाय बनाया कमाई का जरिया, जितेंद्र संधू का सालाना कारोबार नौ करोड़ के पार

-2009 में स्थापित की कंपनी, 12 बेलर से हर सीजन में दो लाख क्विंटल पराली का कर रहे प्रबंधन, 60 से अधिक लोगों को दिया रोजगार

सिरसा, 15 अक्टूबर।

खेतों में धान के फसल अवशेषों को आग लगाने से होने वाले नुकसान को देखते हुए बरूवाली प्रथम निवासी जितेंद्र सिंह संधू ने पराली प्रबंधन को रोजगार का माध्यम बना लिया। वर्ष 2009 में उन्होंने संधु एग्री वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी बनाई। आज उनके पास 12 बेलर हैं, जिनकी मदद से वह हर सीजन में दो लाख क्विंटल से अधिक पराली एकत्रित करते हैं। पराली की गांठें बनाकर भादरा पावर प्लांट सहित विभिन्न औद्योगिक इकाइयों को आपूर्ति की जाती है। इस व्यवसाय से उनका सालाना कारोबार करीब नौ करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

लुधियाना में पहली बार देखा बेलर, 2009 में खरीदी मशीन
स्नातक पास जितेंद्र सिंह संधू ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले लुधियाना में एक विश्वविद्यालय के कार्यक्रम दौरान बेलर मशीन देखी थी। इसकी कार्यप्रणाली और फसल अवशेषों के प्रबंधन की संभावनाओं को देखकर उन्होंने बेलर खरीदने का निर्णय लिया। वर्ष 2009 में पहली मशीन खरीदकर लाने के साथ ही उन्होंने इस दिशा में काम शुरू किया। जितेंद्र के पास 12 बेलर के अलावा 25 ट्रैक्टर अपने हैं। सीजन के दौरान काम बढ़ने पर उन्हें लगभग इतने ही ट्रैक्टर किराये पर लेने पड़ते हैं। उनके पास 40 से अधिक ट्रेलर हैं, जिनके माध्यम से खेतों से एकत्रित फसल अवशेषों को संबंधित औद्योगिक इकाइयों तक पहुंचाया जाता है। इस व्यवसाय के माध्यम से 60 से अधिक लोगों को रोजगार मिला हुआ है। पराली के साथ-साथ वह गेहूं के अवशेषों को भी एकत्रित करते हैं और उनकी गांठें बनाकर उपयोग के लिए भेजते हैं। इस तरह धान और गेहूं, दोनों फसलों के अवशेषों का समुचित प्रबंधन किया जा रहा है।

35 एकड़ जमीन के मालिक, कभी नहीं जलाई फसल अवशेषों में आग
जितेंद्र सिंह संधू के पास अपनी 35 एकड़ जमीन है। उनका कहना है कि उन्होंने कभी अपने खेतों में फसल अवशेष नहीं जलाए। पहले भी वह अवशेषों को खेत में मिलाकर उनका उपयोग करते रहे हैं। जब पराली जलाने से वातावरण में धुआं फैलने और प्रदूषण की समस्या बढ़ने लगी तो उन्होंने इस चुनौती के समाधान में योगदान देने के साथ इसे रोजगार के रूप में आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। आज वह लगातार अपने व्यवसाय का विस्तार कर रहे हैं और किसानों को फसल अवशेषों के निपटान का एक विकल्प उपलब्ध करा रहे हैं।

पराली में आग न लगाएं किसान, मित्र कीट भी होते हैं नष्ट
सहायक कृषि अभियंता डॉ. विजय जैन ने किसानों से धान के फानों को आग नहीं लगाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि खेतों में फसल अवशेष जलाने से जमीन में मौजूद मित्र कीट नष्ट हो जाते हैं, जिसका फसलों के उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा आग से निकलने वाला धुआं वातावरण को दूषित करता है और प्रदूषण की समस्या बढ़ाता है। उन्होंने किसानों को पराली प्रबंधन की तकनीकें अपनाने तथा फसल अवशेषों का उचित उपयोग करने की सलाह दी, ताकि मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।

15 Oct. 2026