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26 मार्च 2026

मकान खरीद/निर्माण हेतु श्रम विभाग द्वारा निर्माण श्रमिकों को दिया जाता है 2 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण

सिरसा, 26 मार्च।

हरियाणा श्रम विभाग द्वारा निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण योजना चलाई जा रही है, जिसके तहत पंजीकृत निर्माण कामगारों को अपने मकान की खरीद या निर्माण के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना के अंतर्गत पात्र श्रमिकों को 2 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिससे वे अपने आवास संबंधी सपनों को पूरा कर सकें।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्र में कार्यरत निर्माण श्रमिकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। अक्सर देखा जाता है कि निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों के पास स्थायी आवास की सुविधा नहीं होती, ऐसे में यह योजना उनके जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में एक अहम कदम है।
योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ आवश्यक शर्तें निर्धारित की गई हैं। आवेदक को क्लेम फॉर्म-14 में सभी जरूरी दस्तावेजों को पूर्ण रूप से संलग्न करना अनिवार्य है। इसके अलावा, श्रमिक का श्रम विभाग में पंजीकरण होना चाहिए और कम से कम पांच वर्षों की नियमित सदस्यता होना आवश्यक है। साथ ही, श्रमिक की आयु 60 वर्ष से कम होनी चाहिए और 60 वर्ष की आयु पूरी होने में कम से कम 8 वर्ष का समय शेष होना चाहिए।
इस योजना के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि निर्माण श्रमिक न केवल रोज़गार के अवसर प्राप्त करें, बल्कि उन्हें बुनियादी सुविधाओं जैसे आवास का भी लाभ मिल सके। ब्याज मुक्त ऋण होने के कारण श्रमिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ता और वे आसानी से ऋण चुका सकते हैं।
हरियाणा श्रम विभाग की यह पहल सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है। पात्र श्रमिक इस योजना का लाभ उठाने के लिए समय पर आवेदन करें और अपने भविष्य को सुरक्षित बनाएं।

हरियाणा के सरकारी स्कूलों में 15 अप्रैल तक पहुंचेंगी मुफ्त किताबें, 45.05 करोड़ की राशि मंजूर


शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा की निगरानी में वितरण कार्य तेज; कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को मिलेगा लाभ

चंडीगढ़ (लहू की लौ) हरियाणा के सरकारी विद्यालयों में पहली से आठवीं कक्षा तक पढऩे वाले विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मुफ्त पाठ्यपुस्तकें मद के अंतर्गत 45.05 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि को मंजूरी दे दी है। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद् के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आगामी 15 अप्रैल तक सभी पात्र विद्यार्थियों के हाथों में किताबें पहुंच जाएं।

परिषद के प्रवक्ता ने बताया कि शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा की अध्यक्षता में हुई उच्चाधिकार प्राप्त क्रय समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों के बाद, चयनित फर्मों को मुद्रण और आपूर्ति का कार्य 8 जनवरी 2026 को ही आवंटित कर दिया गया था। विभाग का लक्ष्य है कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के साथ ही छात्रों के पास अध्ययन सामग्री उपलब्ध हो।

शिक्षा मंत्री के सीधे मार्गदर्शन में अम्बाला, हिसार, कुरुक्षेत्र, पानीपत, पलवल, भिवानी और चरखी दादरी जिलों में जिला स्तर पर पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति पूरी की जा चुकी है। प्रवक्ता के अनुसार, शेष जिलों में भी निर्धारित समय-सीमा (15 अप्रैल) के भीतर विद्यालयों तक किताबें पहुंचा दी जाएंगी।

किताबों के वितरण में किसी भी प्रकार की देरी न हो, इसके लिए शिक्षा मंत्री का कार्यालय विभाग के साथ निरंतर समन्वय बनाए हुए है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य समग्र शिक्षा अभियान के तहत सरकारी स्कूलों के बच्चों को बिना किसी आर्थिक बाधा के समय पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। 

26 March 2026