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Lahoo Ki Lau

युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

29 जुलाई 2026

कस्टोडियल डेथ मामला : हाईकोर्ट से पुलिस कर्मियों को झटका, याचिका खारिज, 304, 342 व 506 आईपीसी के तहत चलेगा मुकदमा

सिंघपुरा चौकी में हुई युवक की मौत का मामला: हाईकोर्ट ने समनिंग ऑर्डर और सेशन कोर्ट के फैसलों को ठहराया सही


डबवाली(लहू की लौ) पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने वर्ष 2016 के चर्चित सिंघपुरा पुलिस चौकी कस्टोडियल डेथ मामले में आरोपी पुलिस कर्मियों को बड़ा झटका दिया है। न्यायमूर्ति मनीषा बत्रा की एकलपीठ ने पुलिस कर्मियों की याचिका खारिज करते हुए सत्र न्यायालय, सिरसा के आदेश और जेएमआईसी डबवाली द्वारा जारी समन आदेश को बरकरार रखा। इसके साथ ही आरोपित पुलिस कर्मियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 304, 342, 506 एवं 34 आईपीसी के तहत मुकदमा चलाने का रास्ता साफ हो गया।

मामला 12 जून 2016 का है। शिकायतकर्ता जगदीश के अनुसार उनका बेटा संदीप अपने दो साथियों के साथ सिरसा जा रहा था। आरोप है कि गांव दादू के पास पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोककर संदीप को साथियों सहित सिंघपुरा  पुलिस चौकी ले जाकर अवैध रूप से हिरासत में रखा। शिकायत में मारपीट करने और तबीयत बिगडऩे के बावजूद समय पर इलाज नहीं कराने का आरोप लगाया गया है। बाद में कालांवाली के अस्पताल में संदीप को मृत घोषित कर दिया गया।

घटना के बाद धारा 176 सीआरपीसी के तहत हुई न्यायिक जांच में मौत को प्राकृतिक बताया गया था। हालांकि मृतक के पिता की निजी शिकायत पहले खारिज होने के बाद सत्र न्यायालय, सिरसा ने 2023 में उसे पुनर्विचार के लिए वापस भेज दिया। इसके बाद जेएमआईसी डबवाली ने आरोपी पुलिस कर्मियों को सम्मन जारी किए, जिन्हें चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी।

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि हिरासत में मौत जैसे मामलों में मजिस्ट्रियल जांच अंतिम नहीं मानी जा सकती। प्रथम दृष्टया उपलब्ध साक्ष्य, विशेषकर प्रत्यक्षदर्शी गवाह विकास (ष्टङ्ख-5) के बयान, मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार प्रदान करते हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि मौत प्राकृतिक थी या पुलिस की कथित लापरवाही अथवा मारपीट के कारण हुई, इसका अंतिम निर्णय ट्रायल कोर्ट साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर करेगा। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट को मामले की सुनवाई स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। 

29 July 2026





 

28 जुलाई 2026

28 July 2026





 

दाल मिल पर 25 लाख व तेल शोधन इकाइयों की स्थापना पर मिलेगा 09 लाख तक अनुदान

राष्ट्रीय खाद्य तिलहन मिशन के तहत किसानों , एफपीओ, सहकारी समितियों व उद्यमियों को मिलेगा लाभ,

-26 अगस्त तक कर सकते हैं आवेदन
सिरसा, 27 जुलाई।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा राष्ट्रीय खाद्य तिलहन मिशन (नेशनल मिशन ऑन ऑयल सीड्स) तथा दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन (मिशन फॉर आत्मनिर्भरता इन पल्सेज) के तहत जिले में दलहन एवं तिलहन फसलों के उत्पादन, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दाल मिल तथा तेल निष्कर्षण (ऑयल एक्सट्रैक्शन) इकाइयों की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।

योजना के तहत पात्र किसान, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), सहकारी समितियां, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), उद्यमी एवं अन्य पात्र लाभार्थी निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। योजना के तहत दाल मिल इकाइयों की स्थापना के लिए परियोजना लागत का 33 प्रतिशत अनुदान, प्रति इकाई अधिकतम 25 लाख रुपये तक वर्ष 2026-27 के दौरान उपलब्ध कराया जाएगा। इसी प्रकार तिलहन के संग्रहण, तेल निष्कर्षण तथा पुनः प्राप्ति क्षमता बढ़ाने के लिए सरकारी एवं निजी उद्योगों, किसान उत्पादक संगठनों तथा सहकारी समितियों को अवसंरचना विकसित करने और मौजूदा सुविधाओं के आधुनिकीकरण के लिए भी सहायता प्रदान की जाएगी। 10 टन क्षमता वाली तेल निष्कर्षण इकाइयों एवं तिलहन प्रसंस्करण मशीनरी की स्थापना पर परियोजना लागत का 33 प्रतिशत अनुदान, अधिकतम 9.90 लाख रुपये तक दिया जाएगा।

रोजगार के मिलेंगे और अवसर
कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. सुखदेव सिंह कम्बोज ने बताया कि इन प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना से स्थानीय स्तर पर दलहन एवं तिलहन फसलों का मूल्य संवर्धन होगा, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा। साथ ही फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान में कमी आएगी, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और देश को दलहन तथा खाद्य तेलों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने जिले के सभी पात्र किसानों, एफपीओ, सहकारी समितियों एवं उद्यमियों से अपील की कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। इच्छुक आवेदक योजना से संबंधित पात्रता, अनुदान की दर तथा आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी के लिए 26 अगस्त 2026 तक अपने निकटतम खंड कृषि अधिकारी, उपमंडल कृषि अधिकारी अथवा कृषि उपनिदेशक कार्यालय, सिरसा से संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों की भागीदारी से जिले में कृषि आधारित प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा तथा किसानों की आय बढ़ाने के लक्ष्य को गति मिलेगी।

म्हारी योजना कॉलम के लिए

22 जुलाई 2026

निजी प्ले स्कूलों का पंजीकरण अनिवार्य, स्कूल संचालक सरल पोर्टल पर करें आवेदन : डॉ. दर्शना सिंह

- महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक ने एनसीपीसीआर दिशा-निर्देशों एवं निर्धारित मानकों की पालना सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

सिरसा, 22 जुलाई।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) द्वारा निजी प्ले स्कूलों का पंजीकरण करवाना अनिवार्य किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक डॉ. दर्शना सिंह ने जिले के सभी निजी प्ले स्कूल संचालकों से अपील की है कि वे हरियाणा सरकार के सरल पोर्टल के माध्यम से अपने संस्थान का शीघ्र पंजीकरण करवाएं तथा एनसीपीसीआर द्वारा जारी निजी प्ले स्कूलों के नियामक दिशा-निर्देशों एवं निर्धारित चेक लिस्ट के सभी मानकों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास, सुरक्षा एवं गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रत्येक निजी प्ले स्कूल में निर्धारित आधारभूत सुविधाओं एवं सुरक्षा मानकों का होना अनिवार्य है। विभाग की टीम द्वारा स्कूलों के निरीक्षण के दौरान एनसीपीसीआर दिशा-निर्देशों एवं सरल पोर्टल पर निर्धारित चेक लिस्ट के अनुसार सभी बिंदुओं का सत्यापन किया जाएगा।

यह सुविधाएं करें सुनिश्चित
डॉ. दर्शना सिंह ने बताया कि विभागीय निरीक्षण टीम द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान कुछ निजी प्ले स्कूलों में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं एवं दस्तावेजों से संबंधित कमियां पाई गई हैं। ऐसे सभी संचालक इन आपत्तियों का शीघ्र निराकरण करते हुए अपने संस्थान में कम से कम तीन (03) कक्षाएं, विश्राम कक्ष, पुस्तकालय, कार्यालय कक्ष, बच्चों के लिए इनडोर एवं आउटडोर खेल क्षेत्र, बालक एवं बालिकाओं के लिए अलग-अलग स्वच्छ शौचालय तथा अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त प्रत्येक प्ले स्कूल में प्रशिक्षित शिक्षण एवं गैर-शिक्षण स्टाफ, स्टाफ का पुलिस सत्यापन, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था एवं फायर सेफ्टी प्रमाण-पत्र, सीसीटीवी कैमरे, प्राथमिक उपचार, भवन सुरक्षा प्रमाण-पत्र, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता प्रमाण-पत्र, नियमित स्वास्थ्य जांच, पॉक्सो एवं बाल संरक्षण संबंधी प्रावधानों का पालन, बाल हितैषी वातावरण, आवश्यक शिक्षण एवं खेल सामग्री एवं हरियाणा सरकार द्वारा निर्धारित अन्य सभी मानकों की अनुपालना अनिवार्य है।

नियमानुसार होगी कड़ी कार्रवाई
उन्होंने बताया कि जिन निजी प्ले स्कूलों ने अभी तक सरल पोर्टल पर पंजीकरण के लिए आवेदन नहीं किया है, वे बिना किसी विलंब के अपना ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करें तथा यदि आवेदन में कोई कमी या आपत्ति लगाई गई है तो उसका समय रहते निराकरण करें, ताकि पंजीकरण प्रक्रिया पूर्ण की जा सके। डॉ. दर्शना सिंह ने स्पष्ट किया कि बिना पंजीकरण संचालित किए जा रहे निजी प्ले स्कूलों अथवा निर्धारित मानकों का पालन न करने वाले संस्थानों के विरुद्ध सक्षम उच्च अधिकारियों की स्वीकृति उपरांत नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने सभी निजी प्ले स्कूल संचालकों से आग्रह किया कि छोटे बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समग्र विकास की जिम्मेदारी प्रत्येक संचालक की नैतिक एवं कानूनी जिम्मेदारी है। इसलिए सभी संचालक बच्चों के सर्वाेत्तम हित को प्राथमिकता देते हुए एनसीपीसीआर दिशा-निर्देशों एवं हरियाणा सरकार द्वारा निर्धारित सभी मानकों की पालना सुनिश्चित करें तथा शीघ्र अपना पंजीकरण करवाएं।
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  राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) द्वारा निजी प्ले स्कूलों का पंजीकरण करवाना अनिवार्य किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक डॉ. दर्शना सिंह ने जिले के सभी निजी प्ले स्कूल संचालकों से अपील की है कि वे हरियाणा सरकार के सरल पोर्टल के माध्यम से अपने संस्थान का शीघ्र पंजीकरण करवाएं तथा एनसीपीसीआर द्वारा जारी निजी प्ले स्कूलों के नियामक दिशानिर्देशों एवं निर्धारित चेक लिस्ट के सभी मानकों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास, सुरक्षा एवं गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रत्येक निजी प्ले स्कूल में निर्धारित आधारभूत सुविधाओं एवं सुरक्षा मानकों का होना अनिवार्य है। विभाग की टीम द्वारा स्कूलों के निरीक्षण के दौरान एनसीपीसीआर दिशा-निर्देशों एवं सरल पोर्टल पर निर्धारित चेक लिस्ट के अनुसार सभी बिंदुओं का सत्यापन किया जाएगा।

यह सुविधाएं करें सुनिश्चित
डॉ. दर्शना सिंह ने बताया कि विभागीय निरीक्षण टीम द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान कुछ निजी प्ले स्कूलों में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं एवं दस्तावेजों से संबंधित कमियां पाई गई हैं। ऐसे सभी संचालक इन आपत्तियों का शीघ्र निराकरण करते हुए अपने संस्थान में कम से कम तीन (03) कक्षाएं, विश्राम कक्ष, पुस्तकालय, कार्यालय कक्ष, बच्चों के लिए इनडोर एवं आउटडोर खेल क्षेत्र, बालक एवं बालिकाओं के लिए अलग-अलग स्वच्छ शौचालय तथा अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त प्रत्येक प्ले स्कूल में प्रशिक्षित शिक्षण एवं गैर-शिक्षण स्टाफ, स्टाफ का पुलिस सत्यापन, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था एवं फायर सेफ्टी प्रमाण-पत्र, सीसीटीवी कैमरे, प्राथमिक उपचार, भवन सुरक्षा प्रमाण-पत्र, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता प्रमाण-पत्र, नियमित स्वास्थ्य जांच, पॉक्सो एवं बाल संरक्षण संबंधी प्रावधानों का पालन, बाल हितैषी वातावरण, आवश्यक शिक्षण एवं खेल सामग्री एवं हरियाणा सरकार द्वारा निर्धारित अन्य सभी मानकों की अनुपालना अनिवार्य है।

नियमानुसार होगी कड़ी कार्रवाई
उन्होंने बताया कि जिन निजी प्ले स्कूलों ने अभी तक सरल पोर्टल पर पंजीकरण के लिए आवेदन नहीं किया है, वे बिना किसी विलंब के अपना ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करें तथा यदि आवेदन में कोई कमी या आपत्ति लगाई गई है तो उसका समय रहते निराकरण करें, ताकि पंजीकरण प्रक्रिया पूर्ण की जा सके। डॉ. दर्शना सिंह ने स्पष्ट किया कि बिना पंजीकरण संचालित किए जा रहे निजी प्ले स्कूलों अथवा निर्धारित मानकों का पालन न करने वाले संस्थानों के विरुद्ध सक्षम उच्च अधिकारियों की स्वीकृति उपरांत नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने सभी निजी प्ले स्कूल संचालकों से आग्रह किया कि छोटे बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समग्र विकास की जिम्मेदारी प्रत्येक संचालक की नैतिक एवं कानूनी जिम्मेदारी है। इसलिए सभी संचालक बच्चों के सर्वाेत्तम हित को प्राथमिकता देते हुए एनसीपीसीआर दिशा-निर्देशों एवं हरियाणा सरकार द्वारा निर्धारित सभी मानकों की पालना सुनिश्चित करें तथा शीघ्र अपना पंजीकरण करवाएं।

22 July 2026





 

21 जुलाई 2026

21 July 2026





 

10 से 45 वर्ष की किशोरी और महिलाओं को मिलेंगे निःशुल्क सेनिटरी नैपकिन, 31 जुलाई तक करें आवेदन

-महिला एवं बाल विकास विभाग की ‘महिला एवं किशोरी सम्मान योजना’ के तहत मासिक धर्म स्वच्छता को बढ़ावा देने की पहल, नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र से करें संपर्क

सिरसा, 20 जुलाई। 
महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य, सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ‘महिला एवं किशोरी सम्मान योजना’ के तहत एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। इस योजना का उद्देश्य मासिक धर्म स्वच्छता को बढ़ावा देना, महिलाओं और किशोरियों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक मासिक धर्म प्रबंधन की सुविधा उपलब्ध कराना तथा समाज में मासिक धर्म से जुड़े मिथकों और झिझक को समाप्त करना है।
योजना के तहत बीपीएल परिवारों की 10 से 45 वर्ष आयु वर्ग की सभी पात्र किशोरियों एवं महिलाओं को निःशुल्क सेनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाएंगे। विभाग ने सभी पात्र लाभार्थियों से अपील की है कि वे 31 जुलाई तक निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल http://117.251.82.30/mksy/ पर सेनिटरी नैपकिन की मांग अनिवार्य रूप से दर्ज करें। इसके साथ ही अपने निकटतम आंगनवाड़ी केंद्र पर जाकर भी मांग प्रस्तुत करें, ताकि विभाग द्वारा समय पर सेनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जा सकें।
मासिक धर्म को लेकर आज भी कई हिस्सों में संकोच, गलत धारणाएं और सामाजिक मिथक मौजूद हैं। यही कारण है कि अनेक किशोरियां और महिलाएं पर्याप्त जानकारी और स्वच्छता संबंधी संसाधनों के अभाव में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने इस योजना को न केवल निःशुल्क सेनिटरी नैपकिन वितरण तक सीमित नहीं रखा है। बल्कि योजना के माध्यम से महिलाओं और किशोरियों को मासिक धर्म के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता, संक्रमण से बचाव, स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों और सम्मानजनक जीवन शैली के प्रति जागरूक किया जाएगा।

समय सीमा के भीतर करें आवेदन
महिला एवं बाल विकास विभाग सिरसा की डिप्टी डायरेक्टर डॉ दर्शना सिंह ने बताया कि पात्र लाभार्थियों को 31 जुलाई तक अपनी मांग ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करनी होगी।  या स्थानीय आंगनवाड़ी केंद्र पर संपर्क करके भी आवेदन प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। समय पर मांग दर्ज करने वाले लाभार्थियों को विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निःशुल्क सेनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाएंगे। सभी माताओं से विशेष अपील है कि वे अपने परिवार की किशोरियों और महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक करें। साथ ही उन्हें सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित करें।
 
उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण सेनिटरी नैपकिन की उपलब्धता महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को राहत देने के साथ-साथ उनके आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को भी मजबूती प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि ‘महिला एवं किशोरी सम्मान योजना’ केवल एक योजना नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य, गरिमा और सशक्तिकरण की दिशा में एक व्यापक पहल है जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक स्थिति के कारण कोई भी किशोरी या महिला मासिक धर्म स्वच्छता के आवश्यक साधनों से वंचित न रहे और प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक सरकार की यह सुविधा समय पर पहुंचे।