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Lahoo Ki Lau
16 मई 2026
तीर्थ यात्राएं समाज को जोडऩे और नई पीढ़ी को संस्कारों से जोडऩे का माध्यम : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
- मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा योजना के तहत मुख्यमंत्री ने सिरसा से श्री नांदेड़ साहिब के लिए विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखा किया रवाना
- सरकार का संकल्प : आर्थिक अभाव में कोई श्रद्धालु तीर्थ यात्रा से वंचित न रहे : मुख्यमंत्री- कहा: धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए केंद्र और राज्य सरकार प्रतिबद्ध
- ‘सोमनाथ मंदिर के लिए भी 8 जून को रवाना होगी विशेष तीर्थ ट्रेन
सिरसा, 15 मई। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि तीर्थ यात्राएं समाज को जोडऩे का महान माध्यम होती हैं। ये यात्राएं हमारी नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, अपनी संस्कृति और अपने संस्कारों से जोड़ती हैं। जब कोई श्रद्धालु तीर्थ स्थानों पर जाता है, तो वह केवल दर्शन करके नहीं लौटता, बल्कि अपने भीतर नई ऊर्जा, नई प्रेरणा और नई चेतना लेकर लौटता है।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा योजना’ के तहत सिरसा से तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब, नांदेड़ (महाराष्ट्र) के लिए तीर्थ यात्रियों की विशेष ट्रेन की रवानगी को लेकर सिरसा में आयोजित समारोह में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी को सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री के.एम पांडुरंग ने स्मृति चिह्न भी भेंट किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने श्री नांदेड़ साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं में से छह: को रेल टिकट भी दिए। उन्होंने समारोह के बाद विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ट्रेन में 800 से अधिक तीर्थ यात्री हरियाणा के अलग अलग हिस्सों से जा रहे है। उन्होंने ट्रेन में बैठे श्रद्धालुओं और ट्रेन लेकर जाने वाले रेलवे के अधिकारियो से भी बातचीत की। मुख्यमंत्री ने रवानगी के समय अरदास कार्यक्रम में भी शिरकत की।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि उनका सौभाग्य है कि उन्हें सिरसा की ऐतिहासिक धरा से तख्त सचखंड श्री हुजूर साहिब, नांदेड़ के लिए श्रद्धालुओं की विशेष ट्रेन को रवाना करने का अवसर मिला है। यह यात्रा श्रद्धा, आस्था और गुरु साहिबान के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने सभी गुरु साहिबान के पावन चरणों में कोटि-कोटि नमन करते हुए और अरदास करी कि उनकी असीम कृपा सभी पर बनी रहे। मुख्यमंत्री ने सभी साध-संगत को इस मंगलमयी यात्रा की हार्दिक शुभकामनाएं भी दी।
उन्होंने कहा कि सिरसा का नाम सिख इतिहास में अत्यंत श्रद्धा और सम्मान के साथ लिया जाता है। सिरसा दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी से जुड़ा हुआ है। वर्ष 1706 में जब गुरु साहिब तलवंडी साबो से दक्षिण की ओर जा रहे थे, तब वे सिरसा में भी रुके थे। यहां स्थित गुरुद्वारा श्री चिल्ला साहिब आज भी उस पवित्र प्रवास की याद दिलाता है। यही नहीं, यह पावन धरा गुरु साहिबान के पावन चरणों से अनेक बार पवित्र हुई है। दूसरी ओर, सचखंड श्री हुजूर साहिब, नांदेड़ वह महान भूमि है, जहां दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ज्योति-जोत समाए थे। गुरु साहिब ने हमें सिखाया कि अन्याय के विरुद्ध खड़ा होना ही सच्चा धर्म है और मानवता की सेवा ही सबसे बड़ी पूजा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सिरसा से नांदेड़ तक चलने वाली यह विशेष ट्रेन भारत की उसी आध्यात्मिक धारा का प्रतीक बन रही है, जो उत्तर से दक्षिण तक पूरे देश को गुरु साहिबान की शिक्षाओं से जोड़ती है। तीर्थ यात्राएं समाज को जोडऩे का महान माध्यम होती हैं। तीर्थों के इसी महत्व को देखते हुए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन के लिए अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। सिख इतिहास और विरासत के संरक्षण के लिए भी केंद्र सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत श्री आनंदपुर साहिब, श्री फतेहगढ़ साहिब, श्री चमकौर साहिब, अमृतसर, खटकड़ कलां, कलानौर और पटियाला सहित विरासत सर्किट के विकास को मंजूरी दी गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ज्योतिसर में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होकर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया था। उन्होंने गुरु साहिब को समर्पित स्मारक सिक्के, डाक टिकट और कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। इससे पहले वर्ष 2019 में उन्होंने डेरा बाबा नानक से श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर का उद्घाटन कर करोड़ों श्रद्धालुओं की वर्षों पुरानी मांग को पूरा किया। इसी प्रकार, प्रधानमंत्री ने दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी के शहीदी दिवस को ‘वीर बाल दिवस’ के रूप में मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया।
उन्होंने कहा कि हर वर्ष 26 दिसंबर को पूरा देश श्रद्धा और गर्व के साथ वीर बाल दिवस मनाता है। यह हमारी आने वाली पीढिय़ों को साहस, बलिदान और धर्म के लिए समर्पण की प्रेरणा देता है। अमृतसर से श्री नांदेड़ साहिब तक विशेष हवाई सेवा शुरू की गई, ताकि श्रद्धालुओं को सुगम यात्रा सुविधा मिल सके।
हरियाणा के लिए रेलवे से अनुबंध किया, सोमनाथ मंदिर के लिए भी जाएगी ट्रेन
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा योजना’ के तहत श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हरियाणा सरकार ने रेलवे विभाग के साथ विशेष अनुबंध किया है। यात्रा को आरामदायक और सुरक्षित बनाने के लिए खान-पान, सुरक्षा और अन्य सभी आवश्यक सुविधाओं के विशेष प्रबंध किए गए हैं। इससे पहले 28 मार्च को भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या धाम के लिए विशेष तीर्थ ट्रेन भेजी गई थी। आज श्री हुजूर साहिब, नांदेड़ के लिए दूसरी विशेष ट्रेन रवाना की है। प्रदेश के 14 जिलों से लगभग 800 श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल हो रहे हैं। पहली ट्रेन 5 मई को कुरुक्षेत्र से गई थी। सोमनाथ मंदिर, गुजरात के लिए आगामी 8 जून को विशेष ट्रेन रवाना की जाएगी।
सरकार का संकल्प है कि कोई भी श्रद्धालु आर्थिक अभाव के कारण तीर्थ यात्रा से वंचित न रहे
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि कोई भी श्रद्धालु आर्थिक अभाव के कारण तीर्थ यात्रा से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा योजना’ शुरू की गई है। इससे पहले भी सरकार ने इस योजना के तहत अयोध्या धाम और प्रयागराज कुंभ के लिए श्रद्धालुओं को विशेष बसों के माध्यम से भेजा था। सरकार विभिन्न तीर्थ यात्राओं के लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान कर रही हैं। स्वर्ण जयंती सिंधु दर्शन योजना के तहत प्रति तीर्थ यात्री 10 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा योजना के तहत 50 हजार रुपये प्रति यात्री की सहायता का प्रावधान किया गया है। वहीं स्वर्ण जयंती गुरु दर्शन यात्रा योजना के तहत श्री हुजूर साहिब नांदेड़, श्री ननकाना साहिब, श्री हेमकुंड साहिब और श्री पटना साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं को 6 हजार रुपये प्रति तीर्थ यात्री सहायता दी जाती है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने गुरुद्वारा श्री चिल्ला साहिब को 70 कनाल भूमि देने की घोषणा की थी, जिसे पूरा कर दिया गया है। दिसंबर 2022 में हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति की स्थापना करके सिख समाज की वर्षों पुरानी मांग को पूरा किया गया। इसके माध्यम से हरियाणा के सिख समुदाय को अपनी धार्मिक व्यवस्थाओं में स्वायत्तता मिली है। इसके अलावा, श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व, श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस और श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के 350वें प्रकाश पर्व पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रदेश में अनेक शिक्षण संस्थान, स्वास्थ्य संस्थान, सडक़ें, चौक और द्वार गुरु साहिबानों के नाम पर स्थापित किए गए हैं।
हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार जगदीश सिंह झिंडा ने कहा कि सरकार के यह सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार ने समय समय पर सिखो सिखों से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन भी किया है। ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा योजना’ के तहत हरियाणा से तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब, नांदेड़ (महाराष्ट्र) के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने इससे पहले सिरसा स्थित गुरुद्वारा चिल्ला साहिब में भी जाकर शीश नवाया और प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की।
इस मौके पर पूर्व राज्यपाल प्रोफेसर गणेशी लाल, जिलाध्यक्ष भाजपा सिरसा यतिंद्र सिंह एडवोकेट, जिलाध्यक्ष भाजपा डबवाली रेणू शर्मा, पूर्व सांसद श्रीमती सुनीता दुग्गल, पूर्व विधायक रामचंद्र कंबोज, पूर्व विधायक मक्खन लाल सिंगला, चेयरमैन देव कुमार शर्मा, मुख्यमंत्री के पूर्व राजनीतिक सलाहकार जगदीश चोपड़ा, हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार जगदीश सिंह झिंडा, बाबा बलजीत सिंह दादूवाल, बाबा नरेंद्र सिंह, बाबा गुरपाल सिंह, बाबा प्रीतम सिंह, पूर्व चेयरमैन गुरदेव सिंह राही, अमीर चंद मेहता, सुरेंद्र आर्य, सरदार सुरेंद्र सिंह वेदवाला, शीशपाल कंबोज, रोहताश जांगड़ा, राजेंद्र सिंह देसूजोधा, अंबर कुमार, अमन चोपड़ा, सुनील बामणिया, मुकेश मेहता सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।
15 मई 2026
14 मई 2026
भूतपूर्व सैनिकों के दिव्यांग बच्चों को प्रदान की जाती है अतिरिक्त पेंशन
सिरसा, 13 मई।
सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण बोर्ड द्वारा भूतपूर्व सैनिकों के 100 प्रतिशत दिव्यांग बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से अतिरिक्त पेंशन योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत पात्र बच्चों को हर महीने तीन हजार रुपये तक अतिरिक्त पेंशन दी जाएगी, जिससे उनके पालन-पोषण में और सहायता मिल सकेगी।योजना के तहत भूतपूर्व सैनिकों के अधिकतम दो बच्चों को इसका लाभ मिलेगा। लाभ उन्हीं बच्चों को दिया जाएगा जिनकी आयु 20 वर्ष तक हो, वे अविवाहित हों तथा बेरोजगार हों। इसके लिए बच्चों का सक्रिय बैंक खाता होना चाहिए, वहीं सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता सर्टिफिकेट होना चाहिए। योजना का लाभ लेने के लिए प्रत्येक वर्ष एक दिसंबर से 31 मार्च के बीच आवेदन किया जाना जरूरी है।
जिला सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण बोर्ड के वेलफेयर ऑर्गेनाइजर महेंद्र सिंह ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को कई आवश्यक दस्तावेज जमा कराने होंगे। इनमें भूतपूर्व सैनिक या उनकी पत्नी का पहचान पत्र, परिवार पहचान पत्र, मूल डिस्चार्ज बुक, हरियाणा निवास प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक की प्रति, फोटो पहचान पत्र, पीपीओ, दिव्यांगता प्रमाण पत्र तथा आधार कार्ड शामिल हैं।
म्हारी योजना कॉलम के लिए
13 मई 2026
12 मई 2026
राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के तहत वीसीपी और एफपीओ के चयन के लिए आवेदन आमंत्रित
सिरसा, 12 मई।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग हरियाणा पंचकूला द्वारा संचालित राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-तिलहन की उपयोजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 के दौरान जिले के किसानों को प्रमाणित मूंगफली व अरंडी के बीज वितरण के लिए वैल्यू चेन पार्टनर (वीसीपी) तथा किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) का चयन जिला कार्यकारी समिति (ष्ठश्वष्ट) सिरसा द्वारा किया जाएगा। इसके लिए पात्र संस्थाओं से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।आवेदन करने वाली कंपनी अधिनियम अथवा सहकारी समिति अधिनियम के तहत पंजीकृत होनी चाहिए। जिस जिले में क्लस्टर बनाया जाना है, वहां कार्य करने का कम से कम तीन वर्ष का अनुभव होना आवश्यक है। एफपीओ अथवा सहकारी समिति में न्यूनतम 200 किसान पंजीकृत होने चाहिए। साथ ही पिछले तीन वर्षों में वार्षिक टर्नओवर औसतन 9 लाख रुपये से अधिक होना चाहिए। इसके अलावा एफपीओ के किसानों द्वारा कम से कम 3 लाख रुपये की इक्विटी भी होनी चाहिए तथा सरकार द्वारा किसी भी इक्विटी ग्रांट के प्राप्तकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
उप निदेशक डॉ. सुखदेव सिंह ने बताया कि इच्छुक संस्थाएं एवं एफपीओ अपनी संस्था की प्रोफाइल, अनुभव प्रमाण पत्र तथा आवश्यक दस्तावेजों सहित आवेदन पत्र कार्यालय उप निदेशक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, सिरसा में 19 मई सायं 5 बजे तक जमा करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 7015367892 पर संपर्क किया जा सकता है।
11 मई 2026
आवासीय कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं से आवेदन आमंत्रित
सिरसा, 11 मई।
केंद्रीय पेट्रोरसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सिपेट) मुरथल, सोनीपत द्वारा वर्ष 2026-27 के दौरान अनुसूचित जाति वर्ग के बेरोजगार युवक युवतियों के लिए आवासीय कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत चयनित अभ्यर्थियों को नि:शुल्क छात्रावास, किताबें, नोटबुक, स्टेशनरी, ड्रेस तथा जूते जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।हरियाणा राज्य के अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित पात्र उम्मीदवारों से लघु अवधि पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। प्रशिक्षण की अवधि तीन माह निर्धारित की गई है, जिसमें कुल 480 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण एनएसक्यूएफ लेवल-3 के अंतर्गत संचालित होगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत सहायक मशीन ऑपरेटर इंजेक्शन मोल्डिंग (एएमओ-एमआई) के लिए 200 सीटें निर्धारित की गई हैं। इसके अलावा सहायक मशीन ऑपरेटर प्लास्टिक प्रोसेसिंग (एएमओ-पीपी), सहायक मशीन ऑपरेटर प्लास्टिक एक्सटूजन (एएमओ-पीई) तथा सहायक मशीन ऑपरेटर ब्लो मोल्डिंग (एएमओ-बीएम) के लिए 80-80 सीटें रखी गई हैं। इन पाठ्यक्रमों के लिए उम्मीदवार का कम से कम 10वीं पास होना तथा न्यूनतम आयु 18 वर्ष होना अनिवार्य है।
जिला कल्याण अािकारी राकेश कुमार ने बताया गया कि आवेदन के साथ अभ्यर्थियों को मार्कशीट, अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड तथा रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो जमा करवानी होगी। इच्छुक उम्मीदवार आवश्यक दस्तावेजों की फोटोप्रति के साथ सिपेट मुरथल, सोनीपत में आवेदन कर सकते हैं। जो उम्मीदवार पहले सिपेट के किसी केंद्र से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं, वे आवेदन के पात्र नहीं होंगे। प्रवेश प्रक्रिया संस्थान के नियमानुसार पूरी की जाएगी। अभ्यर्थी अपना आवेदन ईमेल आईडी murthal@cipet.gov.in पर भी भेज सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए 7678329863, 7555888612 तथा 9996538494 पर संपर्क किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री राहत कोष से चिकित्सा सहायता के लिए सरल पोर्टल पर करें आवेदन
सरल पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों का 15 दिनों के भीतर करना होता है निपटान
सिरसा, 10 मई।
हरियाणा मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत राज्य सरकार आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को गंभीर बीमारियों एवं आपदा जैसी परिस्थितियों में वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। इस योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को इलाज और संकट के समय आर्थिक सहारा देना है।
इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि धन के अभाव में किसी नागरिक का उपचार न रुके। योजना की शर्त यह है कि आवेदक आयुष्मान भारत का लाभार्थी नहीं होना चाहिए। इसके अलावा अगर कोई बीमारी आयुष्मान भारत में कवर नहीं होती तो इस योजना में शामिल किया जा सकता है। इसमें अधिकतम एक लाख रुपये तक की मेडिकल सहायता दी जाती है।
मुख्य रूप से इन बीमारियों के लिए मिलती है सहायता
मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत उन गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है, जिनका खर्च आम परिवारों के लिए उठाना कठिन होता है। इस योजना के अंतर्गत हृदय रोग, किडनी रोग, कैंसर, टाइरोसिनेमिया टाइप-1, ओस्टियोजेनेसिस इमपरफेक्टा, विकास हार्मोन की कमी, टर्नर सिंड्रोम, नूनन सिंड्रोम, सिस्टिक फाइब्रोसिस, प्राइमरी इम्यून डेफिशिएंसी, यूरिया चक्र विकार, पोरफाइरिया, माइटोकॉन्ड्रियल चयापचय रोग और गौचर रोग जैसी बीमारियों के उपचार के लिए सहायता प्रदान की जाती है।
इसके अलावा हर्लर सिंड्रोम, हंटर सिंड्रोम, पॉम्पे रोग, फैब्री रोग, एमपीएस 4-ए, एमपीएस 6, ड्यूचेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी, वोलमैन रोग, हाइपोफोस्फेटसिया और न्यूरोनल सेरॉइड लिपोफ्यूसिनोसिस जैसी गंभीर बीमारियां भी मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत वित्तीय सहायता के लिए पात्र हैं।
आवेदन करने की प्रक्रिया बहुत ही सरल
इस योजना के लिए प्रार्थियों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं है। वे पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पूर्ण कर सकते हैं। सबसे पहले प्रार्थी सरल पोर्टल पर लॉगिन करें।आवेदन के लिए परिवार पहचान पत्र अनिवार्य है। इसके साथ अस्पताल के बिल, ओपीडी पर्ची और अन्य संबंधित मेडिकल दस्तावेज अपलोड करें।आवेदन के बाद जिला स्तरीय समिति (जिसमें सांसद, विधायक, उपायुक्त और सीएमओ शामिल होते हैं) दस्तावेजों की जांच करती है।आवेदन के 15 दिनों के भीतर प्रक्रिया पूरी करने का प्रावधान है।स्वीकृत राशि सीधे अस्पताल के खाते में या लाभार्थी के बैंक खाते में डिजिटल माध्यम से हस्तांतरित की जाती है।
10 मई 2026
09 मई 2026
08 मई 2026
07 मई 2026
06 मई 2026
हाई टेक डेयरी स्थापित कर बढ़ाएं अपनी आय, 25 प्रतिशत तक मिलेगा अनुदान
सिरसा, 06 मई।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा प्रदेश में बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोडऩे के उद्देश्य से हाई टेक डेयरी इकाइयों की स्थापना के लिए महत्वपूर्ण योजना क्रियांवित की जा रही है। इस योजना के तहत पात्र व्यक्तियों को डेयरी यूनिट स्थापित करने के लिए बैंक के मार्फत आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।योजना के तहत 18 से 60 वर्ष आयु वर्ग के हरियाणा निवासी आवेदन कर सकते हैं। आवेदक की किसी विशेष शैक्षणिक योग्यता या विशेष प्रशिक्षण की अनिवार्यता नहीं रखी गई है। इसके साथ ही आवेदक के पास डेयरी पशुओं को रखने के लिए पर्याप्त स्थान या शेड होना जरूरी है। व्यक्तिगत स्तर पर ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, किसी समूह, संस्था या फर्म को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को 4 से 10 दुधारू पशुओं की डेयरी इकाई स्थापित करने के लिए 25 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी, तथा 20 से 50 दुधारू पशुओं की डेयरी इकाई स्थापित करने के लिए 5 वर्ष तक ब्याज स्कीम के अनुसार विभाग द्वारा दिया जाएगा । जिससे लाभार्थी को आर्थिक बोझ कम होगा और वह आसानी से अपना व्यवसाय शुरू कर सकेगा।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उप निदेशक डा. सुखविंद्र सिंह ने बताया कि योजना के तहत पशुओं का बीमा भी करवाया जाएगा। बीमा सुविधा विभागीय स्कीम के अनुसार उपलब्ध कराई जाएगी, हालांकि यदि विभागीय बीमा स्कीम चालू नहीं है तो बीमा प्रीमियम का भुगतान लाभार्थी को स्वयं करना होगा। इससे पशुपालकों को भविष्य में होने वाले संभावित नुकसान से सुरक्षा मिलेगी। आवेदन के लिए परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड और बैंक पासबुक या रद्द किया हुआ चेक जैसे दस्तावेज अनिवार्य हैं। इच्छुक व्यक्ति विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं। यह योजना न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी, बल्कि दूध उत्पादन को बढ़ावा देकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।
डेयरी इकाई स्थापित कर बनें आत्मनिर्भर, 50 प्रतिशत तक मिलेगा अनुदान
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से हरियाणा पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा अनुसूचित जाति के लाभार्थियों को पशुपालन इकाइयों की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे वे अपने स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित कर सकें।
योजना के तहत 18 से 60 वर्ष आयु वर्ग के हरियाणा निवासी, जो अनुसूचित जाति से संबंधित हैं और बेरोजगार हैं, आवेदन कर सकते हैं। योजना में किसी विशेष शैक्षणिक योग्यता या प्रशिक्षण की अनिवार्यता नहीं रखी गई है, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद लोग इसका लाभ उठा सकें। हालांकि, आवेदक के पास पशुओं को रखने के लिए पर्याप्त स्थान होना आवश्यक है।
इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को पशुपालन इकाइयों की स्थापना के लिए अनुदान दिया जा रहा है। दो दुधारू पशुओं की डेयरी इकाई स्थापित करने पर कुल लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। वहीं 10+1 सूअर इकाई के लिए भी 50 प्रतिशत तक की सहायता उपलब्ध है, जिसके तहत अधिकतम 50,000 रुपये तक का अनुदान मिल सकता है। इसके अलावा 15+1 भेड़-बकरी इकाई के लिए 90 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है, जिसमें अधिकतम 88,200 रुपये तक की सहायता दी जा सकती है।
योजना के तहत बीमा सुविधा भी प्रदान की जाती है। विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार लाभार्थियों को पशुओं का बीमा करवाना अनिवार्य है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित नुकसान की स्थिति में उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सके। बीमा प्रीमियम का भुगतान लाभार्थी को स्वयं करना होगा।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उप निदेशक डा. सुखविंद्र सिंह ने बताया कि आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों में परिवार पहचान पत्र, अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र, बैंक खाता विवरण और रद्द किया हुआ चेक शामिल हैं। इच्छुक लाभार्थी संबंधित विभाग में आवेदन कर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। यह योजना न केवल बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी। पशुपालन के क्षेत्र में यह पहल सामाजिक उत्थान और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
05 मई 2026
04 मई 2026
बैकयार्ड कुक्कुट इकाई योजना : ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार में सहायक
सिरसा, 4 मई।
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा द्वारा बैकयार्ड कुक्कुट इकाई योजना संचालित की जा रही है। यह योजना विशेष रूप से बेरोजगार ग्रामीण युवाओं के लिए लाभकारी साबित हो रही है, जिससे वे कम लागत में अपना स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं।योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना, उनके लिए आय के स्थायी स्रोत तैयार करना तथा सामाजिक-आर्थिक उत्थान में योगदान देना है। इसके साथ ही योजना के माध्यम से लाभार्थियों और उनके परिवार के सदस्यों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराकर उनके स्वास्थ्य में सुधार लाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
इस योजना के तहत विभाग द्वारा लाभार्थियों को हिसार स्थित राजकीय पोल्ट्री हैचरी से चेब्रो नस्ल के कुक्कुट पक्षी उपलब्ध करवाए जाते हैं। प्रत्येक पात्र परिवार को 8 से 10 दिन के 50 चूजे नि:शुल्क दिए जाते हैं। इसके अलावा, कुक्कुट पालन को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए दो वाटर ड्रिंकर और दो फीडर भी मुफ्त प्रदान किए जाते हैं। इसके स्कीम के तहत आवेदक की उम्र 18 से 60 के बीच होनी चाहिए तथा हरियाणा का निवासी हो। इस स्कीम में अनुसूचित जाति, अन्य जाति के जरूरतमंद परिवार, बीपीएल परिवार व अन्य भूमि रहित खेती करने वाले लोग ऑनलाइन सरल पोर्टल पर आवेदन कर सकते है।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उप निदेशक डा. सुखविंद्र सिंह ने बताया कि यह योजना कम संसाधनों में अधिक लाभ देने वाली है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ-साथ पोषण स्तर सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने इच्छुक लाभार्थियों से अपील की है कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनें।
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