Adsense
Lahoo Ki Lau
10 जुलाई 2026
09 जुलाई 2026
सैनिक एवं अर्धसैनिक बलों के परिवारों के युवा स्टेनोग्राफी हिन्दी कोर्स के लिए 15 जुलाई तक करें ऑनलाइन आवेदन
-सैनिक परिवार भवन हिसार में सत्र 2026-27 के लिए 24 सीटों पर होंगे दाखिले, रिक्त सीटों पर सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को भी मिलेगा अवसर
सिरसा, 09 जुलाई।प्रदेश के भूतपूर्व सैनिकों, सेवारत सैनिकों, युद्ध विधवाओं, भूतपूर्व अर्द्धसैनिक बलों तथा सेवारत अर्द्धसैनिक बलों के आश्रितों के लिए रोजगारपरक शिक्षा प्राप्त करने का बेहतर अवसर है। सैनिक परिवार भवन, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), तोशाम रोड, हिसार में सत्र 2026-27 के लिए स्टैनोग्राफी हिन्दी (एनसीवीटी) का एक वर्षीय प्रशिक्षण कोर्स संचालित किया जा रहा है। यह कोर्स श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय स्तर का डिप्लोमा है।
यह प्रशिक्षण विशेष रूप से सैनिक एवं अर्धसैनिक परिवारों के युवाओं को ध्यान में रखकर शुरू किया गया है ताकि वे कौशल विकास के माध्यम से सरकारी एवं निजी क्षेत्रों में रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें। संस्थान का उद्देश्य ऐसे युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाना है, जिससे वे अपने भविष्य को नई दिशा दे सकें। इस कोर्स में प्रवेश के लिए पहले हरियाणा के भूतपूर्व सैनिकों, सेवारत सैनिकों, युद्ध विधवाओं, भूतपूर्व अर्द्धसैनिक बलों तथा सेवारत अर्द्धसैनिक बलों के आश्रितों को प्राथमिकता दी जाएगी। यदि निर्धारित सीटें रिक्त रहती हैं, तो सामान्य श्रेणी के गैर सैनिक परिवारों के पात्र अभ्यर्थियों को भी ऑनलाइन आवेदन करने और प्रवेश प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे अधिक से अधिक युवाओं को राष्ट्रीय स्तर के कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
यह है न्यूनतम योग्यता
स्टेनोग्राफी हिन्दी (सहशिक्षा) के इस एक वर्षीय कोर्स में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी का न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता दसवीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है, जबकि न्यूनतम आयु 14 वर्ष निर्धारित की गई है। सत्र 2026-27 के लिए इस ट्रेड में कुल 24 सीटें उपलब्ध हैं। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को व्यावहारिक विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे विभिन्न सरकारी विभागों, न्यायालयों, बोर्डों, निगमों, सार्वजनिक उपक्रमों तथा निजी संस्थानों में स्टेनोग्राफर, कार्यालय सहायक और अन्य प्रशासनिक पदों के लिए स्वयं को तैयार कर सकें।
ऑनलाइन करें आवेदन
प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जा रही है। इच्छुक अभ्यर्थी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://admissions.
अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि आवेदन भरने से पहले विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध प्रॉस्पेक्टस (विवरण पुस्तिका) का सावधानीपूर्वक अध्ययन करें, ताकि पात्रता, आरक्षण, आवश्यक दस्तावेज, प्रवेश प्रक्रिया तथा काउंसलिंग से संबंधित सभी नियमों की सही जानकारी प्राप्त हो सके। आवेदन के समय सभी आवश्यक दस्तावेज निर्धारित प्रारूप में अपलोड करना भी अनिवार्य होगा। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक अभ्यर्थी विभागीय वेबसाइट से प्रॉस्पेक्टस डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त संस्थान द्वारा जारी मोबाइल नंबर पर 9255217070 व 9466534466 पर संपर्क कर प्रवेश प्रक्रिया, पात्रता एवं अन्य आवश्यक जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है। संस्थान ने सभी पात्र अभ्यर्थियों से समय रहते आवेदन करने की अपील की है।
म्हारी योजना कॉलम के लिए।
08 जुलाई 2026
अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों हेतु छात्रावास निर्माण, विस्तार एवं मरम्मत के लिए आवेदन आमंत्रित
-प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के अंतर्गत सरकारी, अर्धसरकारी शिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को मिलेगा वित्तीय सहयोग
सिरसा, 08 जुलाई।
अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित एवं बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है।
सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जातियां एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय (सेवा) विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत पात्र शैक्षणिक संस्थाओं से नए छात्रावासों के निर्माण, मौजूदा छात्रावासों के विस्तार तथा मरम्मत एवं नवीनीकरण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। विभाग ने सभी पात्र संस्थाओं से निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप शीघ्र आवेदन करने की अपील की है। विभाग का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तभी प्रभावी रूप से संभव है, जब विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए सुरक्षित, अनुशासित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध हो। विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले अनुसूचित जाति वर्ग के अनेक विद्यार्थियों को उच्च शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने के लिए छात्रावास सुविधाओं की आवश्यकता होती है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए योजना के माध्यम से छात्रावासों की संख्या बढ़ाने और पहले से संचालित छात्रावासों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
यह है पात्रता
योजना के अंतर्गत पात्र सरकारी एवं अर्धसरकारी शिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों तथा अन्य पात्र संस्थाओं को अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए नए छात्रावासों के निर्माण, मौजूदा भवनों के विस्तार, मरम्मत, नवीनीकरण तथा आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए बजट उपलब्धता अनुसार वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इससे विद्यार्थियों को बेहतर आवासीय वातावरण, स्वच्छ परिसर, अध्ययन कक्ष, पेयजल, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। जिला कल्याण अधिकारी राकेश कुमार ने जिले की सभी पात्र संस्थाओं से आह्वान किया कि यदि उनके परिसर में अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास उपलब्ध नहीं है अथवा वर्तमान छात्रावास क्षमता से कम पड़ रहा है या उसकी मरम्मत एवं नवीनीकरण की आवश्यकता है, तो वे योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक दस्तावेजों सहित अपना प्रस्ताव समयबद्ध रूप से प्रस्तुत करें। प्राप्त प्रस्तावों पर जांच के बाद नियमानुसार आगे स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
यह बरतें सावधानी
विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रस्ताव तैयार करते समय सभी आवश्यक दस्तावेज, तकनीकी विवरण तथा योजना के दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। अपूर्ण अथवा निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने वाले प्रस्तावों पर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रावासों का निर्माण और सुदृढ़ीकरण केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य अनुसूचित जाति विद्यार्थियों के लिए ऐसा शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है, जहां वे बिना किसी आवासीय कठिनाई के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। बेहतर छात्रावास सुविधाएं विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, परीक्षा परिणाम और उच्च शिक्षा में भागीदारी बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होंगी। इससे सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिलेंगे। योजना से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा अन्य आवश्यक जानकारी आधिकारिक वेबसाइट https://pmajay.dosje.
फ़ाइल फ़ोटो : जिला कल्याण अधिकारी राकेश कुमार
07 जुलाई 2026
06 जुलाई 2026
05 जुलाई 2026
04 जुलाई 2026
03 जुलाई 2026
अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र अभ्यर्थियों को मिलेगा नि:शुल्क कौशल प्रशिक्षण, नौ जुलाई तक करें आवेदन
सिरसा, 03 जुलाई।
प्रशिक्षण योजना का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को रोजगारोन्मुखी कौशल प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार एवं रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण की अवधि अधिकतम 38 से 75 दिनों तक होगी तथा इसे हरियाणा कौशल विकास मिशन की आवश्यकता के अनुसार संचालित किया जाएगा।
प्रशिक्षण के तहत ब्राइडल फैशन एंड पोर्टफोलियो मेकअप आर्टिस्ट केवल महिलाओं के लिए है तथा शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास होनी चाहिए। इसी प्रकार असिस्टेंट फॉल्स सीलिंग एंड ड्राईवॉल इंस्टॉलर कोर्स केवल पुरुषों के लिए है, जो आठवीं पास हो। अन्य कोर्स जैसे असिस्टेंट ब्यूटी थेरेपिस्ट, असिस्टेंट हेयर ड्रेसर एंड स्टाइलिस्ट तथा सेल्फ एम्प्लॉयड टेलर महिला व पुरुष दोनों के लिए है और शैक्षणिक योग्यता आठवीं पास है।
प्रशिक्षण के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की आयु 18 से 42 वर्ष के बीच होनी चाहिए तथा परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में दर्शाई गई वार्षिक पारिवारिक आय 3 लाख रुपये तक होनी चाहिए। आवेदन के साथ आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, सत्यापित परिवार पहचान पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, दो पासपोर्ट आकार के फोटो सहित आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे।
इच्छुक अभ्यर्थी बैंक कॉलोनी, हिसार रोड सिरसा स्थित हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम कार्यालय में कार्यालय समय के दौरान 9 जुलाई तक संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं।
02 जुलाई 2026
01 जुलाई 2026
महिला समृद्धि योजना : महिलाओं को स्वरोजगार के लिए मिलेगा डेढ़ लाख रुपए तक का ऋण
- हरियाणा पिछड़ा वर्ग तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग कल्याण निगम, महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने के लिए प्रयासरत
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक की आयु 18 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक हरियाणा की स्थायी निवासी तथा पिछड़े वर्ग से संबंधित हो। इसके अतिरिक्त आवेदक के परिवार की वार्षिक आय ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में तीन लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) होना भी अनिवार्य है।
महिला समृद्धि योजना के माध्यम से प्राप्त ऋण का उपयोग महिलाएं सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर, डेयरी, पशुपालन, बुटीक, रेडीमेड गारमेंट्स, किराना स्टोर, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, कंप्यूटर एवं डिजिटल सेवाएं, लघु एवं सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने के लिए कर सकती हैं। यह योजना महिलाओं को स्वयं रोजगार सृजित करने के लिए प्रेरित करती है।
यह चाहिए दस्तावेज
योजना के लिए आवेदन करते समय आवेदक को पहचान एवं नागरिकता का प्रमाण, आयु प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, डोमिसाइल प्रमाण-पत्र, पिछड़ा वर्ग का जाति प्रमाण-पत्र, पासपोर्ट आकार का नवीनतम फोटो तथा परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) प्रस्तुत करना होगा। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन पत्र जिला कार्यालय में जमा किया जा सकता है।
हरियाणा पिछड़ा वर्ग तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग कल्याण निगम से जिला प्रबंधक धर्मेंद्र खोथ ने पात्र महिलाओं से अधिक से अधिक संख्या में इस योजना का लाभ उठाने का आह्वान किया है। जिससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से न केवल उनका जीवन स्तर बेहतर होगा, बल्कि परिवार की आय में भी वृद्धि होगी और समाज में महिलाओं की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
उन्होंने बताया कि सरकार की यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पात्र महिलाएं योजना का लाभ लेकर स्वरोजगार स्थापित करें व आत्मनिर्भर बनें तथा प्रदेश के आर्थिक विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी एवं आवेदन के लिए इच्छुक महिला आवेदक जिला कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
30 जून 2026
29 जून 2026
नेशनल टीचर अवॉर्ड-2026 के लिए पांच जुलाई तक करें आवेदन
अलग-अलग श्रेणी अनुसार दिए जाएंगे कुल 35 पुरस्कार, विजेता को पदक, प्रमाण पत्र और 50,000 रुपये की दी जाएगी राशि
सिरसा, 29 जून।
शिक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय उदाहरण पेश करने वाले टीचर्स के योगदान को मान्यता देने और उनके समर्पण एवं परिश्रम का सम्मान करने हेतु राष्ट्रीय टीचर्स अवॉर्ड 2026 के तहत आवेदन मांगे गए हैं। यह पुरस्कार शिक्षण-अधिगम, सामुदायिक सेवा, संस्थागत सेवा, अनुसंधान और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नवीनता लाने वाले कार्यों में शिक्षकों की अनूठी और पथप्रदर्शक उपलब्धियों को मान्यता और सम्मान प्रदान करता है। योजना के तहत चयनित विजेताओं को 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) को भारत के पूर्व राष्ट्रपति और एक असाधारण शिक्षक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के उपलक्ष्य पर सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार तकनीकी और गैर-तकनीकी उच्च शिक्षा संस्थानों के उत्कृष्ट शिक्षकों/संकाय सदस्यों को प्रदान किया जाएगा। जिसमें व्यापक विषयों के आधार पर इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी, वास्तुकला, गणित, भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, चिकित्सा, फार्मेसी, कला एवं सामाजिक विज्ञान, मानविकी, भाषाएँ, विधि अध्ययन, वाणिज्य, प्रबंधन आदि को शामिल किया गया है। इसमें उच्च शिक्षा से संबंधित कोई अन्य विषय या उभरता हुआ ज्ञान क्षेत्र भी शामिल होगा। यह पुरस्कार संस्थानों के अनुकरणीय शिक्षकों/संकाय सदस्यों को प्रदान किया जाएगा, जिनकी कुल संख्या 35 होगी। प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक पदक, प्रमाण पत्र और 50,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
यह रहेगी पात्रता
यह पुरस्कार देश में स्थित कॉलेजों/विश्वविद्यालयों/उच्च शिक्षण संस्थानों/पॉलीटेक्निक के सभी संकाय सदस्यों के लिए है, लेकिन उन्हें कुछ शर्तों का पालन करना होगा।जैसे- नामांकित व्यक्ति नियमित संकाय सदस्य होना चाहिए। पॉलिटेक्निक और/या स्नातक और/या स्नातकोत्तर स्तर पर कम से कम पांच वर्ष का पूर्णकालिक शिक्षण अनुभव होना चाहिए। पुरस्कारों के लिए आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि तक आवेदक की आयु 55 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। कुलपति/निदेशक/प्रधानाचार्य (नियमित या कार्यवाहक) आवेदन करने के पात्र नहीं हैं। हालांकि, वे व्यक्ति जो पहले ऐसे पदों पर रह चुके हैं, लेकिन 55 वर्ष से कम आयु के हैं और अभी भी सक्रिय सेवा में हैं, वे आवेदन करने के पात्र हैं। पूर्व में यह पुरस्कार प्राप्त करने वाले नागरिक आवेदन करने के पात्र नहीं हैं।
पोर्टल पर होगा अप्लाई, इन पॉइंट का रखें ध्यान
इच्छुक टीचर्स राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल 222.ड्ड2ड्डह्म्स्रह्य.द्दश1.द्बठ्ठ पर पांच जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पुरस्कार से संबंधित सभी नियम व शर्तों की जानकारी भी इस पोर्टल के माध्यम से ले सकते हैं। योजना के तहत कैरियर प्रोफाइल, बेहतर समुदायों और राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने वाले नवाचार/स्टार्ट-अप, कक्षा शिक्षण और मूल्यांकन की प्रभावशीलता और वितरण में सुधार के लिए उठाए गए कदम, छात्रों को रटने की पद्धति से मुक्त और मौलिक विचारक बनाने के लिए किए गए प्रयास, शिक्षण और अधिगम में कोई भी नवाचार जो नियमित कक्षा व्याख्यानों से परे हो, पूर्व निदेशक/प्रिंसिपल/प्रमुख/डीन/वार्डन/प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रमुख/कार्यक्रम समन्वयक के रूप में या किसी अन्य प्रशासनिक कर्तव्य के निष्पादन/पूर्ण करने के दौरान दिया गया योगदान, सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों/खेलकूद/एनएसएस/एनसीसी गतिविधियों में योगदान, क्षेत्रीय/ग्रामीण विकास/विस्तार सेवाओं आदि में योगदान राज्य- राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त मान्यता पुरस्कार/इनाम। (कॉलेज स्तर के पुरस्कारों पर विचार नहीं किया जाएगा।) जैसे पॉइंट्स के आधार पर विचार किया जाएगा। निर्णायक मंडल चयन-सह-स्क्रीनिंग समितियों की सिफारिशों पर विचार करेगी और चयनित उम्मीदवारों के साथ ऑनलाइन माध्यम से व्यक्तिगत बातचीत के बाद प्रत्येक पुरस्कार श्रेणी के तहत विजेताओं को अंतिम रूप देगी।
म्हारी योजना कॉलम के लिए
बेसहारा पशु फिर बना काल : आवारा जानवर को बचाने के चक्कर में भाखड़ा नहर में गिरे दो ममेरे-फुफेरे भार्र्ईंं, 23 वर्षीय मनीष की डूबने से मौत
> संगरिया से मजदूरी कर लौट रहे थे युवक, अबूबशहर के पास पुलिया की ग्रिल से टकराकर हुआ हादसा
> 5 माह के दुधमुंहे बच्चे के सिर से उठा पिता का साया, रविवार को गोताखोरों ने निकाला मनीष का शव
डबवाली (लहू की लौ) सडक़ों पर घूम रहे बेसहारा और आवारा पशु किस कदर आम बेकसूर नागरिकों के लिए काल बनते जा रहे हैं, इसका एक और बेहद दर्दनाक और रूह कंपा देने वाला मामला शनिवार रात को सामने आया। गांव अबूबशहर के पास आवारा पशु को बचाने के प्रयास में मोटरसाइकिल सवार दो युवक अनियंत्रित होकर सीधे भाखड़ा नहर में जा गिरे। इस भीषण हादसे में एक 23 वर्षीय युवक की नहर के गहरे पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसका फुफेरा भाई झाडिय़ों में फंसने के कारण बाल-बाल बच गया। मृतक अपने पीछे महज 5 महीने का दुधमुंहा बच्चा और रोता-बिलखता परिवार छोड़ गया है।
पशु को बचाते समय पुलिया की ग्रिल से टकराई बाइक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजस्थान के संगरिया क्षेत्र में इन दिनों पाइप लाइन जोडऩे का काम चल रहा है। डबवाली के गांव राजपुरा माजरा निवासी मनीष (23) पुत्र पप्पू अपने बुआ के लडक़े विनोद के साथ वहीं मजदूरी करता था। शनिवार रात को दोनों भाई काम खत्म करने के बाद मोटरसाइकिल पर सवार होकर वापस अपने गांव राजपुरा माजरा लौट रहे थे। जैसे ही वे अबूबशहर के पास भाखड़ा नहर के पुल पर पहुंचे, तो अचानक एक बेसहारा पशु उनकी बाइक के सामने आ गया। पशु से बचाने के चक्कर में जैसे ही उन्होंने एकदम से ब्रेक लगाई, मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर सीधे नहर के पुल पर लगी लोहे की ग्रिल से जा टकराई और दोनों भाई उछलकर नहर में जा गिरे।
झाडिय़ों में अटका विनोद, मनीष गहरे पानी में डूबा
हादसे के दौरान विनोद तो नहर मेें उगी केलियों में फंस गया, जिससे उसकी जान बच गई। लेकिन मनीष सीधे नहर के तेज बहाव और गहरे पानी में जा गिरा और पलक झपकते ही डूब गया। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और भारी संख्या में ग्रामीण व पुलिस मौके पर पहुंचे।
लोहगढ़ के गोताखोरों ने निकाला शव
मनीष की तलाश के लिए तुरंत रविवार सुबह लोहगढ़ से गोताखोरों की विशेष टीम को बुलाया गया। गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद रविवार सुबह मनीष के शव को नहर से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। जवान बेटे का शव देख पिता पप्पू, चाचा दर्शन लाल व मुख्तियार सिंह सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था।
चौटाला पुलिस ने की इत्तेफाकिया मौत की कार्रवाई
इस दर्दनाक हादसे और मौत की सूचना पाकर चौटाला पुलिस चौकी टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने रविवार को शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। पुलिस जांच अधिकारी के अनुसार, मृतक मनीष के पिता पप्पू और अन्य परिजनों के बयानों के आधार पर इस मामले में नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाने के बाद इत्तेफाकिया (हादसा) मौत की कार्रवाई अमल में लाई गई है और शव वारिसों को सौंप दिया गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने आवारा पशुओं की समस्या से निजात न दिलाने पर प्रशासन के प्रति गहरा रोष जताया है।
डबवाली, Dabwali, अबूबशहर, राजपुरा माजरा, भाखड़ा नहर, सड़क हादसा, दुर्घटना, आवारा पशु, बेसहारा पशु, हरियाणा समाचार, सिरसा समाचार, चौटाला पुलिस, गोताखोर, डूबने से मौत, Bhakra Canal, Road Accident, Stray Animals, Breaking News, Local News, Lahu Ki Lau



















































