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निजी प्ले स्कूलों का पंजीकरण अनिवार्य, स्कूल संचालक सरल पोर्टल पर करें आवेदन : डॉ. दर्शना सिंह
- महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक ने एनसीपीसीआर दिशा-निर्देशों एवं निर्धारित मानकों की पालना सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
सिरसा, 22 जुलाई।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) द्वारा निजी प्ले स्कूलों का पंजीकरण करवाना अनिवार्य किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक डॉ. दर्शना सिंह ने जिले के सभी निजी प्ले स्कूल संचालकों से अपील की है कि वे हरियाणा सरकार के सरल पोर्टल के माध्यम से अपने संस्थान का शीघ्र पंजीकरण करवाएं तथा एनसीपीसीआर द्वारा जारी निजी प्ले स्कूलों के नियामक दिशा-निर्देशों एवं निर्धारित चेक लिस्ट के सभी मानकों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास, सुरक्षा एवं गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रत्येक निजी प्ले स्कूल में निर्धारित आधारभूत सुविधाओं एवं सुरक्षा मानकों का होना अनिवार्य है। विभाग की टीम द्वारा स्कूलों के निरीक्षण के दौरान एनसीपीसीआर दिशा-निर्देशों एवं सरल पोर्टल पर निर्धारित चेक लिस्ट के अनुसार सभी बिंदुओं का सत्यापन किया जाएगा।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) द्वारा निजी प्ले स्कूलों का पंजीकरण करवाना अनिवार्य किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक डॉ. दर्शना सिंह ने जिले के सभी निजी प्ले स्कूल संचालकों से अपील की है कि वे हरियाणा सरकार के सरल पोर्टल के माध्यम से अपने संस्थान का शीघ्र पंजीकरण करवाएं तथा एनसीपीसीआर द्वारा जारी निजी प्ले स्कूलों के नियामक दिशा-निर्देशों एवं निर्धारित चेक लिस्ट के सभी मानकों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास, सुरक्षा एवं गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रत्येक निजी प्ले स्कूल में निर्धारित आधारभूत सुविधाओं एवं सुरक्षा मानकों का होना अनिवार्य है। विभाग की टीम द्वारा स्कूलों के निरीक्षण के दौरान एनसीपीसीआर दिशा-निर्देशों एवं सरल पोर्टल पर निर्धारित चेक लिस्ट के अनुसार सभी बिंदुओं का सत्यापन किया जाएगा।
यह सुविधाएं करें सुनिश्चित
डॉ. दर्शना सिंह ने बताया कि विभागीय निरीक्षण टीम द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान कुछ निजी प्ले स्कूलों में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं एवं दस्तावेजों से संबंधित कमियां पाई गई हैं। ऐसे सभी संचालक इन आपत्तियों का शीघ्र निराकरण करते हुए अपने संस्थान में कम से कम तीन (03) कक्षाएं, विश्राम कक्ष, पुस्तकालय, कार्यालय कक्ष, बच्चों के लिए इनडोर एवं आउटडोर खेल क्षेत्र, बालक एवं बालिकाओं के लिए अलग-अलग स्वच्छ शौचालय तथा अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त प्रत्येक प्ले स्कूल में प्रशिक्षित शिक्षण एवं गैर-शिक्षण स्टाफ, स्टाफ का पुलिस सत्यापन, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था एवं फायर सेफ्टी प्रमाण-पत्र, सीसीटीवी कैमरे, प्राथमिक उपचार, भवन सुरक्षा प्रमाण-पत्र, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता प्रमाण-पत्र, नियमित स्वास्थ्य जांच, पॉक्सो एवं बाल संरक्षण संबंधी प्रावधानों का पालन, बाल हितैषी वातावरण, आवश्यक शिक्षण एवं खेल सामग्री एवं हरियाणा सरकार द्वारा निर्धारित अन्य सभी मानकों की अनुपालना अनिवार्य है।
नियमानुसार होगी कड़ी कार्रवाई
उन्होंने बताया कि जिन निजी प्ले स्कूलों ने अभी तक सरल पोर्टल पर पंजीकरण के लिए आवेदन नहीं किया है, वे बिना किसी विलंब के अपना ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करें तथा यदि आवेदन में कोई कमी या आपत्ति लगाई गई है तो उसका समय रहते निराकरण करें, ताकि पंजीकरण प्रक्रिया पूर्ण की जा सके। डॉ. दर्शना सिंह ने स्पष्ट किया कि बिना पंजीकरण संचालित किए जा रहे निजी प्ले स्कूलों अथवा निर्धारित मानकों का पालन न करने वाले संस्थानों के विरुद्ध सक्षम उच्च अधिकारियों की स्वीकृति उपरांत नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने सभी निजी प्ले स्कूल संचालकों से आग्रह किया कि छोटे बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समग्र विकास की जिम्मेदारी प्रत्येक संचालक की नैतिक एवं कानूनी जिम्मेदारी है। इसलिए सभी संचालक बच्चों के सर्वाेत्तम हित को प्राथमिकता देते हुए एनसीपीसीआर दिशा-निर्देशों एवं हरियाणा सरकार द्वारा निर्धारित सभी मानकों की पालना सुनिश्चित करें तथा शीघ्र अपना पंजीकरण करवाएं।
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राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) द्वारा निजी प्ले स्कूलों का पंजीकरण करवाना अनिवार्य किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक डॉ. दर्शना सिंह ने जिले के सभी निजी प्ले स्कूल संचालकों से अपील की है कि वे हरियाणा सरकार के सरल पोर्टल के माध्यम से अपने संस्थान का शीघ्र पंजीकरण करवाएं तथा एनसीपीसीआर द्वारा जारी निजी प्ले स्कूलों के नियामक दिशानिर्देशों एवं निर्धारित चेक लिस्ट के सभी मानकों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास, सुरक्षा एवं गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रत्येक निजी प्ले स्कूल में निर्धारित आधारभूत सुविधाओं एवं सुरक्षा मानकों का होना अनिवार्य है। विभाग की टीम द्वारा स्कूलों के निरीक्षण के दौरान एनसीपीसीआर दिशा-निर्देशों एवं सरल पोर्टल पर निर्धारित चेक लिस्ट के अनुसार सभी बिंदुओं का सत्यापन किया जाएगा।
यह सुविधाएं करें सुनिश्चित
डॉ. दर्शना सिंह ने बताया कि विभागीय निरीक्षण टीम द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान कुछ निजी प्ले स्कूलों में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं एवं दस्तावेजों से संबंधित कमियां पाई गई हैं। ऐसे सभी संचालक इन आपत्तियों का शीघ्र निराकरण करते हुए अपने संस्थान में कम से कम तीन (03) कक्षाएं, विश्राम कक्ष, पुस्तकालय, कार्यालय कक्ष, बच्चों के लिए इनडोर एवं आउटडोर खेल क्षेत्र, बालक एवं बालिकाओं के लिए अलग-अलग स्वच्छ शौचालय तथा अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त प्रत्येक प्ले स्कूल में प्रशिक्षित शिक्षण एवं गैर-शिक्षण स्टाफ, स्टाफ का पुलिस सत्यापन, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था एवं फायर सेफ्टी प्रमाण-पत्र, सीसीटीवी कैमरे, प्राथमिक उपचार, भवन सुरक्षा प्रमाण-पत्र, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता प्रमाण-पत्र, नियमित स्वास्थ्य जांच, पॉक्सो एवं बाल संरक्षण संबंधी प्रावधानों का पालन, बाल हितैषी वातावरण, आवश्यक शिक्षण एवं खेल सामग्री एवं हरियाणा सरकार द्वारा निर्धारित अन्य सभी मानकों की अनुपालना अनिवार्य है।
डॉ. दर्शना सिंह ने बताया कि विभागीय निरीक्षण टीम द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान कुछ निजी प्ले स्कूलों में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं एवं दस्तावेजों से संबंधित कमियां पाई गई हैं। ऐसे सभी संचालक इन आपत्तियों का शीघ्र निराकरण करते हुए अपने संस्थान में कम से कम तीन (03) कक्षाएं, विश्राम कक्ष, पुस्तकालय, कार्यालय कक्ष, बच्चों के लिए इनडोर एवं आउटडोर खेल क्षेत्र, बालक एवं बालिकाओं के लिए अलग-अलग स्वच्छ शौचालय तथा अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त प्रत्येक प्ले स्कूल में प्रशिक्षित शिक्षण एवं गैर-शिक्षण स्टाफ, स्टाफ का पुलिस सत्यापन, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था एवं फायर सेफ्टी प्रमाण-पत्र, सीसीटीवी कैमरे, प्राथमिक उपचार, भवन सुरक्षा प्रमाण-पत्र, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता प्रमाण-पत्र, नियमित स्वास्थ्य जांच, पॉक्सो एवं बाल संरक्षण संबंधी प्रावधानों का पालन, बाल हितैषी वातावरण, आवश्यक शिक्षण एवं खेल सामग्री एवं हरियाणा सरकार द्वारा निर्धारित अन्य सभी मानकों की अनुपालना अनिवार्य है।
नियमानुसार होगी कड़ी कार्रवाई
उन्होंने बताया कि जिन निजी प्ले स्कूलों ने अभी तक सरल पोर्टल पर पंजीकरण के लिए आवेदन नहीं किया है, वे बिना किसी विलंब के अपना ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करें तथा यदि आवेदन में कोई कमी या आपत्ति लगाई गई है तो उसका समय रहते निराकरण करें, ताकि पंजीकरण प्रक्रिया पूर्ण की जा सके। डॉ. दर्शना सिंह ने स्पष्ट किया कि बिना पंजीकरण संचालित किए जा रहे निजी प्ले स्कूलों अथवा निर्धारित मानकों का पालन न करने वाले संस्थानों के विरुद्ध सक्षम उच्च अधिकारियों की स्वीकृति उपरांत नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने सभी निजी प्ले स्कूल संचालकों से आग्रह किया कि छोटे बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समग्र विकास की जिम्मेदारी प्रत्येक संचालक की नैतिक एवं कानूनी जिम्मेदारी है। इसलिए सभी संचालक बच्चों के सर्वाेत्तम हित को प्राथमिकता देते हुए एनसीपीसीआर दिशा-निर्देशों एवं हरियाणा सरकार द्वारा निर्धारित सभी मानकों की पालना सुनिश्चित करें तथा शीघ्र अपना पंजीकरण करवाएं।
उन्होंने बताया कि जिन निजी प्ले स्कूलों ने अभी तक सरल पोर्टल पर पंजीकरण के लिए आवेदन नहीं किया है, वे बिना किसी विलंब के अपना ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करें तथा यदि आवेदन में कोई कमी या आपत्ति लगाई गई है तो उसका समय रहते निराकरण करें, ताकि पंजीकरण प्रक्रिया पूर्ण की जा सके। डॉ. दर्शना सिंह ने स्पष्ट किया कि बिना पंजीकरण संचालित किए जा रहे निजी प्ले स्कूलों अथवा निर्धारित मानकों का पालन न करने वाले संस्थानों के विरुद्ध सक्षम उच्च अधिकारियों की स्वीकृति उपरांत नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने सभी निजी प्ले स्कूल संचालकों से आग्रह किया कि छोटे बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समग्र विकास की जिम्मेदारी प्रत्येक संचालक की नैतिक एवं कानूनी जिम्मेदारी है। इसलिए सभी संचालक बच्चों के सर्वाेत्तम हित को प्राथमिकता देते हुए एनसीपीसीआर दिशा-निर्देशों एवं हरियाणा सरकार द्वारा निर्धारित सभी मानकों की पालना सुनिश्चित करें तथा शीघ्र अपना पंजीकरण करवाएं।
21 जुलाई 2026
10 से 45 वर्ष की किशोरी और महिलाओं को मिलेंगे निःशुल्क सेनिटरी नैपकिन, 31 जुलाई तक करें आवेदन
-महिला एवं बाल विकास विभाग की ‘महिला एवं किशोरी सम्मान योजना’ के तहत मासिक धर्म स्वच्छता को बढ़ावा देने की पहल, नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र से करें संपर्क
सिरसा, 20 जुलाई।
महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य, सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ‘महिला एवं किशोरी सम्मान योजना’ के तहत एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। इस योजना का उद्देश्य मासिक धर्म स्वच्छता को बढ़ावा देना, महिलाओं और किशोरियों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक मासिक धर्म प्रबंधन की सुविधा उपलब्ध कराना तथा समाज में मासिक धर्म से जुड़े मिथकों और झिझक को समाप्त करना है।
योजना के तहत बीपीएल परिवारों की 10 से 45 वर्ष आयु वर्ग की सभी पात्र किशोरियों एवं महिलाओं को निःशुल्क सेनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाएंगे। विभाग ने सभी पात्र लाभार्थियों से अपील की है कि वे 31 जुलाई तक निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल http://117.251.82.30/ mksy/ पर सेनिटरी नैपकिन की मांग अनिवार्य रूप से दर्ज करें। इसके साथ ही अपने निकटतम आंगनवाड़ी केंद्र पर जाकर भी मांग प्रस्तुत करें, ताकि विभाग द्वारा समय पर सेनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जा सकें।
मासिक धर्म को लेकर आज भी कई हिस्सों में संकोच, गलत धारणाएं और सामाजिक मिथक मौजूद हैं। यही कारण है कि अनेक किशोरियां और महिलाएं पर्याप्त जानकारी और स्वच्छता संबंधी संसाधनों के अभाव में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने इस योजना को न केवल निःशुल्क सेनिटरी नैपकिन वितरण तक सीमित नहीं रखा है। बल्कि योजना के माध्यम से महिलाओं और किशोरियों को मासिक धर्म के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता, संक्रमण से बचाव, स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों और सम्मानजनक जीवन शैली के प्रति जागरूक किया जाएगा।
समय सीमा के भीतर करें आवेदन
महिला एवं बाल विकास विभाग सिरसा की डिप्टी डायरेक्टर डॉ दर्शना सिंह ने बताया कि पात्र लाभार्थियों को 31 जुलाई तक अपनी मांग ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। या स्थानीय आंगनवाड़ी केंद्र पर संपर्क करके भी आवेदन प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। समय पर मांग दर्ज करने वाले लाभार्थियों को विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निःशुल्क सेनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाएंगे। सभी माताओं से विशेष अपील है कि वे अपने परिवार की किशोरियों और महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक करें। साथ ही उन्हें सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित करें।
महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य, सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ‘महिला एवं किशोरी सम्मान योजना’ के तहत एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। इस योजना का उद्देश्य मासिक धर्म स्वच्छता को बढ़ावा देना, महिलाओं और किशोरियों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक मासिक धर्म प्रबंधन की सुविधा उपलब्ध कराना तथा समाज में मासिक धर्म से जुड़े मिथकों और झिझक को समाप्त करना है।
योजना के तहत बीपीएल परिवारों की 10 से 45 वर्ष आयु वर्ग की सभी पात्र किशोरियों एवं महिलाओं को निःशुल्क सेनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाएंगे। विभाग ने सभी पात्र लाभार्थियों से अपील की है कि वे 31 जुलाई तक निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल http://117.251.82.30/
मासिक धर्म को लेकर आज भी कई हिस्सों में संकोच, गलत धारणाएं और सामाजिक मिथक मौजूद हैं। यही कारण है कि अनेक किशोरियां और महिलाएं पर्याप्त जानकारी और स्वच्छता संबंधी संसाधनों के अभाव में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने इस योजना को न केवल निःशुल्क सेनिटरी नैपकिन वितरण तक सीमित नहीं रखा है। बल्कि योजना के माध्यम से महिलाओं और किशोरियों को मासिक धर्म के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता, संक्रमण से बचाव, स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों और सम्मानजनक जीवन शैली के प्रति जागरूक किया जाएगा।
समय सीमा के भीतर करें आवेदन
महिला एवं बाल विकास विभाग सिरसा की डिप्टी डायरेक्टर डॉ दर्शना सिंह ने बताया कि पात्र लाभार्थियों को 31 जुलाई तक अपनी मांग ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। या स्थानीय आंगनवाड़ी केंद्र पर संपर्क करके भी आवेदन प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। समय पर मांग दर्ज करने वाले लाभार्थियों को विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निःशुल्क सेनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाएंगे। सभी माताओं से विशेष अपील है कि वे अपने परिवार की किशोरियों और महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक करें। साथ ही उन्हें सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण सेनिटरी नैपकिन की उपलब्धता महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को राहत देने के साथ-साथ उनके आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को भी मजबूती प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि ‘महिला एवं किशोरी सम्मान योजना’ केवल एक योजना नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य, गरिमा और सशक्तिकरण की दिशा में एक व्यापक पहल है जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक स्थिति के कारण कोई भी किशोरी या महिला मासिक धर्म स्वच्छता के आवश्यक साधनों से वंचित न रहे और प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक सरकार की यह सुविधा समय पर पहुंचे।
20 जुलाई 2026
19 जुलाई 2026
18 जुलाई 2026
17 जुलाई 2026
पराली न जलाने वाले किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर मिलेंगे कृषि यंत्र
- तीन अगस्त तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन
सिरसा, 17 जुलाई।प्रदेश सरकार द्वारा फसल अवशेष (पराली) प्रबंधन को बढ़ावा देने और किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोडऩे के लिए कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जा रहा है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, सिरसा द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए सीआरएम स्कीम के तहत किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों की खरीद पर 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। विभाग ने पात्र किसानों से तीन अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है। इस योजना का उद्देश्य खेतों में पराली जलाने की घटनाओं को रोकना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना तथा किसानों को ऐसी आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराना है, जिससे फसल अवशेषों का खेत में ही बेहतर प्रबंधन किया जा सके। आधुनिक कृषि यंत्रों के प्रयोग से किसानों की लागत कम होगी, मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी और अगली फसल की बुवाई भी समय पर संभव होगी।
इन कृषि यंत्रों पर मिलेगा अनुदान
योजना के तहत किसानों को सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम, सुपर सीडर, सरफेस सीडर, हैप्पी सीडर, पैडी स्ट्रा चॉपर, श्रेडर, मल्चर, श्रब मास्टर, रोटरी स्लेशर, हाइड्रोलिक रिवर्सिबल एमबी प्लॉव, जीरो टिल सीड-कम-फर्टिलाइजर ड्रिल, बेलर, स्ट्रा रेक, स्वचालित क्रॉप रीपर, ट्रैक्टर चालित क्रॉप रीपर, ट्रैक्टर चालित लोडर तथा टेडर मशीन सहित कई आधुनिक कृषि यंत्रों की खरीद पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी। इन मशीनों के उपयोग से धान की कटाई के बाद खेत में बची पराली का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन किया जा सकता है। इससे खेत में जैविक पदार्थ की मात्रा बढ़ती है, मिट्टी की गुणवत्ता सुधरती है और वायु प्रदूषण पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव होता है।
रेड एंट्री पर पीपीपी के किसी भी सदस्य को नहीं मिलेगा लाभ
कृषि विभाग के अनुसार जिन किसानों के नाम पिछले दो सीजन में पराली जलाने के कारण किसान के फार्म रिकॉर्ड में रेड एंट्री दर्ज है, वे इस योजना के पात्र नहीं होंगे। इतना ही नहीं, उनकी परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) से जुड़े किसी भी सदस्य को भी इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। सामान्य वर्ग के किसानों के लिए यह भी आवश्यक है कि पिछले तीन वर्षों में उसी पीपीपी आईडी के किसी सदस्य ने इन कृषि यंत्रों पर अनुदान प्राप्त न किया हो। वहीं अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों के मामले में जिस कृषि यंत्र पर आवेदन किया जा रहा है, उस विशेष यंत्र पर पहले अनुदान प्राप्त नहीं किया गया होना चाहिए।
मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य
योजना का लाभ लेने के लिए किसान का मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर खरीफ एवं रबी 2025-26 के लिए पंजीकरण होना अनिवार्य है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना पंजीकरण वाले किसानों के आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, प्रत्येक पात्र किसान केवल एक कृषि यंत्र पर ही अनुदान के लिए आवेदन कर सकेगा। पात्र किसान तीन अगस्त तक कृषि विभाग की वेबसाइट www.agriharyana.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सहायक कृषि अभियंता विजय कुमार ने बताया कि योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए किसान सहायक कृषि अभियंता, सिरसा कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक संपर्क कर सकते हैं। विभाग की किसानों से अपील की है कि वे इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाकर आधुनिक कृषि यंत्र अपनाएं और पराली मुक्त, प्रदूषण मुक्त तथा टिकाऊ खेती की दिशा में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
एमएसएमई मंत्रालय देगा निशुल्क आवासीय कौशल प्रशिक्षण, 20 जुलाई तक करें आवेदन
सिरसा, 16 जुलाई।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय एससी/एसटी हब तथा एम/ओ एमएसएमई की ओर से वर्ष 2026 के लिए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं के लिए नि:शुल्क रोजगारोन्मुख आवासीय कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को तकनीकी कौशल प्रदान कर उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।जिला कल्याण अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत जूनियर टेक्नीशियन-कम्प्यूटर हार्डवेयर एवं नेटवर्किंग पाठ्यक्रम संचालित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण दो माह की अवधि का होगा, जिसमें कुल 390 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए 30 सीटें निर्धारित की गई हैं।
उन्होंने बताया कि इस पाठ्यक्रम के लिए अभ्यर्थी का कम से कम 10वीं पास होना आवश्यक है तथा न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है। प्रशिक्षण में प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों को आवेदन के साथ मैट्रिक प्रमाण पत्र, अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड तथा रंगीन पासपोर्ट आकार का फोटो जमा करना होगा।
जिला कल्याण अधिकारी ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में पंजीकरण की अंतिम तिथि 20 जुलाई निर्धारित की गई है। इच्छुक अभ्यर्थी अधिक जानकारी एवं ऑनलाइन पंजीकरण के लिए www.msmetcrohtak.org वेबसाइट पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए 9780011220, 7073809811 और 8699476940 नंबरों पर भी संपर्क किया जा सकता है।
फाइल फोटो : राकेश कुमार
16 जुलाई 2026
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