- जनगणना के लिए 11 चार्ज अधिकारी नियुक्त, 700 से 800 की आबादी पर एक प्रगणक तैनात
- आई कार्ड धारक प्रगणकों को ही दें जानकारी, जनगणना के दौरान नहीं आएगा कोई ओटीपी
सिरसा, 06 अप्रैल।
नगराधीश अजय कुमार ने बताया कि देशभर में जनगणना कार्य की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है और सिरसा जिला में भी इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिले में हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग सेंसस का कार्य एक मई से 30 मई तक किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक स्व-जनगणना की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी, जिसके तहत नागरिक स्वयं पोर्टल पर अपनी जानकारी अपलोड कर सकेंगे। नगराधीश सोमवार को स्थानीय लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
नगराधीश ने बताया कि जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जनगणना का कार्य सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए 11 चार्ज अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इन अधिकारियों की निगरानी में पूरे जिले में जनगणना प्रक्रिया संचालित होगी। उन्होंने बताया कि नगर परिषद सिरसा व डबवाली, नगर पालिका कालांवाली, रानियां और ऐलनाबाद सहित प्रत्येक तहसील को एक चार्ज के रूप में निर्धारित किया गया है, जहां गणना कार्य किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जनगणना को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए लगभग 700 से 800 की आबादी पर एक प्रगणक (एन्यूमरेटर) नियुक्त किया गया है, जबकि प्रत्येक छह प्रगणकों पर एक सुपरवाइजर तैनात किया गया है। इससे कार्य की निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि 6 से 8 अप्रैल तक प्रगणकों को प्रशिक्षण देने का कार्य शुरू हो गया है, जो 22 अप्रैल तक अंतिम शेड्यूल के रुप में रहेगा ताकि वे जनगणना के कार्य को सही और प्रभावी ढंग से पूरा कर सकें।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक प्रगणक को एक पहचान पत्र (आई-कार्ड) जारी किया जाएगा और बिना आई-कार्ड के कोई भी व्यक्ति जनगणना के लिए घर-घर नहीं जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे केवल आई-कार्ड धारक प्रगणक को ही अपनी जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि किसी प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके।
उन्होंने बताया कि जनगणना प्रक्रिया के दौरान किसी भी नागरिक के मोबाइल पर कोई ओटीपी नहीं आएगा। यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की जानकारी मांगता है तो उससे सावधान रहें। किसी भी प्रकार के संदेह या जानकारी के लिए नागरिक नगराधीश कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
नगराधीश ने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने सभी से सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने से ही योजनाओं का लाभ आमजन तक सही तरीके से पहुंच सकेगा।
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Lahoo Ki Lau
06 अप्रैल 2026
16 अप्रैल से स्व-जनगणना की सुविधा, एक मई से शुरू होगा हाउस लिस्टिंग कार्य: नगराधीश अजय सिंह
फलों के बाग और ड्रिप सिंचाई के लिए मिलेगा 50 प्रतिशत तक अनुदान
- टिश्यू कल्चर से तैयार खजूर के पौधों पर भी 70 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान
सिरसा, 06 अप्रैल।
उद्यान विभाग द्वारा प्रदेश में बागवानी को प्रोत्साहन देने के लिए किसानों को विभिन्न योजनाओं के तहत अनुदान सुविधाएं प्रदान कर रहा है, जिससे किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित करते हुए उनकी आय में वृद्धि की जा सके।
् फल के बाग लगाने के लिए किसानों को प्रति एकड़ 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। विभिन्न श्रेणियों के अनुसार यह अनुदान 24,500 रुपये से लेकर 50,000 रुपये प्रति एकड़ तक निर्धारित किया गया है। इसमें आम, लीची, अमरूद, अनार, आंवला, नाशपाती, बेर आदि फलों की खेती शामिल है। अधिकतम सीमा 5 एकड़ तक रखी गई है और अनुदान दो किस्तों में दिया जाएगा।
पौधों की बेहतर वृद्धि के लिए टपका (ड्रिप) सिंचाई प्रणाली पर 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है, जिसमें किसानों को प्रति एकड़ 70,000 रुपये तक की सहायता मिलेगी। वहीं, टिश्यू कल्चर से तैयार खजूर के पौधों पर 70 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है।
जिला उद्यान अधिकारी दीन मोहम्मद ने बताया कि उद्यान विभाग की इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेती के साथ-साथ किसानों को बागवानी के लिए प्रेरित करना है, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके। विभाग द्वारा किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर आधुनिक खेती अपनाएं और अपनी आय को बढ़ाएं।
05 अप्रैल 2026
04 अप्रैल 2026
सक्षम युवा योजना: शिक्षित युवाओं को हर माह 6000 रुपये तक का आर्थिक सहारा
सिरसा, 04 अप्रैल।
03 अप्रैल 2026
मत्स्य पालकों को अब मिलेगी क्रेडिट और बीमा सुविधा, आर्थिक जोखिम की चिंता से मिलेगा छुटकारा
सिरसा, 03 अप्रैल।
मत्स्य विभाग द्वारा झींगा एवं मछली पालन करने वाले किसानों के लिए नेशनल फिशरीज डेवलपमेंट बोर्ड पोर्टल पर अब क्रेडिट सुविधा और बीमा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना और मछली पालन से जुड़े जोखिमों से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
एनएफडीबी पोर्टल पर पंजीकरण कराने के बाद किसान किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत आसानी से ऋण प्राप्त कर सकते हैं। इस सुविधा के माध्यम से किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण मिलेगा, जिससे वे मछली बीज, फीड, उपकरण और अन्य आवश्यक संसाधनों की पूर्ति कर सकेंगे।
इसके अलावा, पोर्टल के माध्यम से झींगा और मछली पालन के लिए बीमा सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इस बीमा से किसानों को रोग, प्राकृतिक आपदा और अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में होने वाले नुकसान की भरपाई में मदद मिलेगी।
जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र ने जिला के मत्स्य किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द एनएफडीबी पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाएं और इन सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाएं। अधिक जानकारी के लिए किसान अपने नजदीकी मत्स्य विभाग कार्यालय, सिरसा से संपर्क कर सकते हैं।
म्हारी योजना कॉलम के लिए
02 अप्रैल 2026
पंजीकृत दिव्यांग श्रमिकों को तिपहिया साइकिल व श्रवण मशीन खरीदने के लिए दी जाती है आर्थिक सहायता
सिरसा, 02 अप्रैल।
हरियाणा श्रम विभाग द्वारा पंजीकृत श्रमिकों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य श्रमिकों को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। विशेष रूप से दिव्यांग श्रमिकों के लिए विभाग ने कई महत्वपूर्ण सहायता योजनाएं शुरू की हैं।इन योजनाओं के तहत पंजीकृत श्रमिकों को तिपहिया साइकिल खरीदने के लिए 7,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे उनकी आवाजाही आसान हो सके और वे अपने दैनिक कार्यों को आसानी से कर सकें। इसके अलावा, श्रवण बाधित श्रमिकों के लिए श्रम विभाग द्वारा 10,000 रुपये तक की सहायता श्रवण मशीन (हियरिंग एड) खरीदने के लिए दिए जाते हैं।
वहीं, जिन श्रमिकों को कृत्रिम अंग (प्रोस्थेटिक) की आवश्यकता होती है, उनके लिए भी विशेष योजना चलाई जा रही है। इस योजना के अंतर्गत पंचकूला स्थित साकेत अस्पताल द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, ताकि जरूरतमंद श्रमिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके। श्रम विभाग की ये योजनाएं न केवल दिव्यांग श्रमिकों के जीवन को आसान बना रही हैं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरित कर रही हैं।
म्हारी योजना कॉलम के लिए
01 अप्रैल 2026
अग्निपथ योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू है, उम्मीदवार दो श्रेणी के लिए कर सकते है आवेदन
-सिरसा, फतेहाबाद, जींद, हिसार और हांसी जिला के युवा कर सकते हैं आवेदन
बागवानी किसानों के लिए बड़ी राहत: मशीनरी पर 40 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रहा उद्यान विभाग
सिरसा, 01 अप्रैल।
हरियाणा उद्यान विभाग द्वारा ‘बागवानी यंत्रीकरण’ योजना के तहत किसानों को आधुनिक कृषि उपकरणों पर भारी सब्सिडी प्रदान की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य बागवानी खेती को अधिक लाभकारी, आसान और तकनीकी रूप से उन्नत बनाना है।योजना के तहत किसानों को प्रति यूनिट लागत पर सामान्य किसानों के लिए 40 प्रतिशत तक तथा अनुसूचित जाति (एससी), लघु एवं सीमांत और महिला किसानों के लिए 50 प्रतिशत तक अधिकतम सहायता दी जाती है। सहायता राशि तय सीमा या वास्तविक लागत दोनों में जो कम हो, उसके आधार पर दी जाती है।
विभिन्न मशीनों पर मिल रहा अनुदान, उन्नत मशीनों पर लाखों की सहायता
योजना में ट्रैक्टर, पावर टिलर, स्प्रेयर, हार्वेस्टर सहित दर्जनों आधुनिक उपकरण शामिल किए गए हैं। 2 व्हील ड्राइव ट्रैक्टर (4 लाख रुपये लागत) पर 1.60 से 2 लाख रुपये तक, जबकि 4 व्हील ड्राइव ट्रैक्टर (4.90 लाख रुपये लागत) पर 1.96 से 2.45 लाख रुपये तक सब्सिडी मिल रही है।
पावर टिलर (1.30 से 1.70 लाख रुपये) पर 0.50 से 0.85 लाख रुपये तक सहायता, वहीं रोटरी टिलर, पोस्ट होल डिगर और प्लास्टिक मल्च बिछाने की मशीन पर भी 40-50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।
विशेष रूप से बागवानी फसलों के लिए स्वचालित आलू हार्वेस्टर (25 लाख रुपये) पर 10 से 12.50 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा रूट क्रॉप हार्वेस्टर, आलू खोदने की मशीन, प्लांट टॉपर और सब्जी बोने व धोने की मशीन भी योजना में शामिल हैं।
किसानों को विभिन्न प्रकार के स्प्रेयर जैसे पावर वीडर, विद्युत पावर वीडर, पावर्ड मिस्ट ब्लोअर कम डस्टर, इंजन संचालित पोर्टेबल स्प्रेयर, ट्रैक्टर संचालित एयर-असिस्टेड स्पेशलाइज्ड स्प्रेयर, नैपसैक स्प्रेयर आदि पर भी सब्सिडी दी जा रही है। इनके अलावा पोस्ट होल डिगर, ब्रश कटर और खाद्य प्रसंस्करण मशीनों को भी योजना में शामिल किया गया है।
वृक्ष रखरखाव के लिए स्वचालित प्लेटफॉर्म (20 लाख रुपये लागत) पर 8 से 10 लाख रुपये तक की सहायता तथा राइड ऑन सेल्फ-प्रोपेल्ड टूल बार पर भी 1.20 से 1.50 लाख रुपये तक अनुदान दिया जा रहा है।
जिला उद्यान अधिकारी दीन मोहम्मद ने बताया कि इस योजना से खेती में आधुनिक तकनीकों का उपयोग बढ़ेगा, जिससे उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता में सुधार होगा। साथ ही किसानों की लागत कम होकर आय में बढ़ोतरी होगी। किसान इस योजना का लाभ उठाने के लिए अपने नजदीकी उद्यान विभाग कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। योजना का लाभ ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर भी दिया जा सकता है, इसलिए पात्र किसानों को जल्द आवेदन करने की सलाह दी गई है।
31 मार्च 2026
30 मार्च 2026
29 मार्च 2026
मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना: किसानों को फसल नुकसान पर मिलेगा आर्थिक सुरक्षा कवच
सिरसा, 29 मार्च।
28 मार्च 2026
27 मार्च 2026
श्रमिक की अकाल मृत्यु पर परिवार को मिलेगी वित्तीय सहायता
सिरसा, 27 मार्च।
हरियाणा श्रम विभाग द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के परिवारों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण योजना चलाई जा रही है। इस योजना का उद्देश्य श्रमिक की अकाल मृत्यु के बाद उसके परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करना है, ताकि वे कठिन परिस्थितियों में भी अपनी आवश्यकताओं को पूरा कर सकें। इसके अंतर्गत शिक्षा, विवाह, अशक्तता तथा स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए नियमानुसार वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है।इस योजना के तहत पंजीकृत निर्माण कर्मकार की अकाल मृत्यु (60 वर्ष की आयु पूरी करने से पूर्व) होने पर उसके आश्रितों को सहायता दी जाती है। यह सहायता केवल उन्हीं परिवारों को मिलेगा, जिनका श्रमिक श्रम विभाग में विधिवत पंजीकृत रहा हो। यह पहल श्रमिक परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
हालांकि, कुछ विशेष परिस्थितियों में आर्थिक सहायता स्वत: समाप्त हो जाती है। यदि मृतक श्रमिक की पत्नी या पति पुनर्विवाह कर लेते हैं, तो इस योजना के तहत मिलने वाली सहायता बंद कर दी जाएगी। इसके अलावा, यदि मृतक के पति या पत्नी किसी अन्य योजना जैसे बीओसीडब्ल्यू बोर्ड के लाभार्थी सदस्य बन जाते हैं और वहां से लाभ प्राप्त करने के पात्र हो जाते हैं, तो भी यह सहायता समाप्त हो जाती है। साथ ही, यदि पंजीकरण रिकॉर्ड के अनुसार श्रमिक की आयु 60 वर्ष पूर्ण हो चुकी होती है, तो इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
हरियाणा सरकार की यह योजना श्रमिक वर्ग के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य कर रही है। इससे न केवल श्रमिकों के परिवारों को आर्थिक मदद मिलती है, बल्कि उन्हें भविष्य के प्रति एक भरोसा भी मिलता है।
26 मार्च 2026
मकान खरीद/निर्माण हेतु श्रम विभाग द्वारा निर्माण श्रमिकों को दिया जाता है 2 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण
सिरसा, 26 मार्च।
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में 15 अप्रैल तक पहुंचेंगी मुफ्त किताबें, 45.05 करोड़ की राशि मंजूर
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा की निगरानी में वितरण कार्य तेज; कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को मिलेगा लाभ
चंडीगढ़ (लहू की लौ) हरियाणा के सरकारी विद्यालयों में पहली से आठवीं कक्षा तक पढऩे वाले विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मुफ्त पाठ्यपुस्तकें मद के अंतर्गत 45.05 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि को मंजूरी दे दी है। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद् के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आगामी 15 अप्रैल तक सभी पात्र विद्यार्थियों के हाथों में किताबें पहुंच जाएं।
परिषद के प्रवक्ता ने बताया कि शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा की अध्यक्षता में हुई उच्चाधिकार प्राप्त क्रय समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों के बाद, चयनित फर्मों को मुद्रण और आपूर्ति का कार्य 8 जनवरी 2026 को ही आवंटित कर दिया गया था। विभाग का लक्ष्य है कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के साथ ही छात्रों के पास अध्ययन सामग्री उपलब्ध हो।
शिक्षा मंत्री के सीधे मार्गदर्शन में अम्बाला, हिसार, कुरुक्षेत्र, पानीपत, पलवल, भिवानी और चरखी दादरी जिलों में जिला स्तर पर पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति पूरी की जा चुकी है। प्रवक्ता के अनुसार, शेष जिलों में भी निर्धारित समय-सीमा (15 अप्रैल) के भीतर विद्यालयों तक किताबें पहुंचा दी जाएंगी।
किताबों के वितरण में किसी भी प्रकार की देरी न हो, इसके लिए शिक्षा मंत्री का कार्यालय विभाग के साथ निरंतर समन्वय बनाए हुए है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य समग्र शिक्षा अभियान के तहत सरकारी स्कूलों के बच्चों को बिना किसी आर्थिक बाधा के समय पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
25 मार्च 2026
कम भाव मिलने की चिंता छोड़ें किसान, ‘भावांतर’ करेगी घाटे की भरपाई
- बाजार में फसल का कम भाव मिलने पर सरकार देगी संरक्षित मूल्य
सिरसा, 25 मार्च।
बागवानी किसानों की आय को सुरक्षित करने और उन्हें उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से उद्यान विभाग द्वारा भावांतर भरपाई योजना लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा विभिन्न फसलों के लिए संरक्षित मूल्य निर्धारित किया गया है, ताकि बाजार में कम भाव मिलने की स्थिति में बागवानी किसानों को आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े। भावांतर भरपाई योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को अपनी फसलों का समय अनुरूप https://hortharyana.gov.in/ पर ऑनलाइन पंजीकरण करवाना आवश्यक है।
योजना के तहत कुल 21 फसलों को शामिल किया गया है, जिनमें प्रमुख रूप से आलू, फूलगोभी, गाजर, मटर, टमाटर, प्याज, शिमला मिर्च, बैंगन, भिंडी, मिर्च, घीया, करेला, बंदगोभी, मूली जैसी सब्जियां शामिल हैं। इसके अलावा फलों में किन्नू, अमरूद, आम, बेर और लीची जैसी फसलें भी योजना के दायरे में लाई गई हैं। मसाला फसलों में लहसुन और हल्दी को भी शामिल किया गया है।
सरकार द्वारा इन फसलों के लिए प्रति क्विंटल संरक्षित मूल्य तय किया गया है। उदाहरण के तौर पर आलू का 600 रुपये, फूलगोभी का 750 रुपये, मटर का 1100 रुपये तथा किन्नू का 1100 रुपये प्रति क्विंटल संरक्षित मूल्य निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार अमरूद, आम और अन्य फलों के लिए भी अलग-अलग दरें तय की गई हैं।
यदि बाजार में किसानों को उनकी फसल का मूल्य निर्धारित संरक्षित मूल्य से कम मिलता है, तो सरकार द्वारा अंतर की राशि सीधे किसानों को प्रदान की जाती है। इससे किसानों को उनकी मेहनत का उचित लाभ मिल पाता है और वे आर्थिक रूप से सशक्त बनते हैं।
ऐसे मिलेगा योजना का लाभ
इस स्कीम का लाभ भूमि मालिक, पट्टेदार या किराये पर काश्तकार को भी मिलेगा। लाभ लेने के लिए जे-फार्म पर बिक्री अनिवार्य होगी। जे-फार्म पर बिक्री उपरांत बिक्री विवरण ई-पोर्टल (bby.hortharyana.gov.in) पर अपलोड होगा, जिसके लिए प्रत्येक संबंधित मार्केट कमेटी के कार्यालय में सुविधा उपलब्ध होगी। बिक्री की अवधि के दौरान यदि फसल उत्पादन का थोक मूल्य संरक्षित मूल्य से कम मिलता है, तो किसान फसल भाव के अंतर की भरपाई के लिए पात्र होगा। जे-फार्म पर बिक्री तथा निर्धारित उत्पादन प्रति एकड़ (जो भी कम होगा) को स्कीम की दिशा निर्देशों के अनुसार प्रोत्साहन देय होगा। भाव के अंतर से गुणा करने पर प्रोत्साहन देय होगा। प्रोत्साहन राशि किसान के आधार लिंक्ड बैंक खाते में दी जाएगी। औसत दैनिक थोक मूल्य मंडी बोर्ड द्वारा चिन्हित मंडियों के दैनिक भाव के आधार पर स्कीम के मानक और दिशा निर्देशों के अनुसार निर्धारित किया जाएगा।
जिला उद्यान अधिकारी दीन मोहम्मद ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाना और उन्हें न्यूनतम आय की सुरक्षा देना है। उन्होंने किसानों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक इस योजना का लाभ उठाएं और अपनी फसलों का पंजीकरण समय पर करवाएं, ताकि उन्हें योजना का पूरा फायदा मिल सके।
पंचायतों और नगर निकायों के विकास के रोडमैप में भागीदार बनें आम नागरिक
- सातवें राज्य वित्त आयोग ने मांगे सुझाव, गूगल फॉर्म के जरिए सब्मिट करें अपने आइडिया
सिरसा, 25 मार्च।
हरियाणा सरकार द्वारा सातवें राज्य वित्त आयोग का गठन किया गया है। आयोग के माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विकास के लिए आम नागरिकों से सुझाव व विचार मांगे गए हैं। ताकि भविष्य का रोडमैप तैयार करते समय इन बहुमूल्य सुझावों को लागू करते हुए विकास योजनाएं तैयार की जा सके। जिले के नागरिक गूगल फॉर्म लिंक के जरिए अपने बहुमूल्य सुझाव दे सकते हैं।उपायुक्त शांतनु शर्मा ने बताया कि इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य हमारी पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों की विकास परियोजनाओं को आमजन के द्वारा दिए गए बहुमूल्य सुझावों के साथ और अधिक सार्थक व मजबूत बनाना है। इसके लिए सरकार ने एक सहभागी और पारदर्शी दृष्टिकोण अपनाया है।
उन्होंने बताया कि अब जिले का कोई भी आम नागरिक, निर्वाचित प्रतिनिधि जैसे सरपंच, पंच, पार्षद, विषय विशेषज्ञ या समाजसेवी अपने अनुभव के आधार पर आयोग को सीधे अपनी राय भेज सकता है। इसके लिए आयोग ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए विशेष गूगल फॉर्म तैयार किए हैं, ताकि सुझाव भेजने की प्रक्रिया सरल और सुलभ हो सके।
उपायुक्त ने कहा कि आपके छोटे-छोटे सुझाव भविष्य में बड़े प्रशासनिक और वित्तीय सुधारों का आधार बनेंगे, जिससे जन-जन का कल्याण सुनिश्चित होगा। इस पूरी प्रक्रिया में समन्वय और किसी भी प्रकार की तकनीकी जानकारी के लिए आयोग के प्रतिनिधि युवराज सभ्रवाल से मोबाइल नंबर 94638-04009 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने जिले के सभी प्रबुद्ध नागरिकों से इस महत्वपूर्ण कार्य में बढ़-चढक़र अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया है।
शहरी व ग्रामीण विकास के लिए यहां दे सकते हैं अपनी राय
यदि आप शहरी क्षेत्र के विकास, स्वच्छता या बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए सुझाव देना चाहते हैं, तो आप इस लिंक https://forms.gle/



















































