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स्वयं सहायता समूह से जुडकऱ शारदा की बदली जिंदगी, अब खुद बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल
- सिलाई से पशुपालन तक बढ़ाया रोजगार, आज 20 से 25 हजार रुपये प्रतिमाह की आय
सिरसा, 22 सितंबर।सिरसा जिले के गांव जमाल की रहने वाली शारदा ने स्वयं सहायता समूह से जुडकऱ न केवल अपने जीवन में बदलाव लाया, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी आत्मनिर्भरता की प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। वर्ष 2019 में शारदा ‘बालाजी महिला स्वयं सहायता समूह’ से जुड़ी। समूह से जुडऩे से पहले उनके पास अपनी आय का कोई साधन नहीं था। आज वह अपने पैरों पर खड़ी हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
शारदा ने बताया कि जब वह स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं, तब उनके पास अपना रोजगार शुरू करने के लिए पर्याप्त साधन नहीं थे। समूह के माध्यम से उन्हें शुरुआती सहयोग के तौर पर 10,000 रुपये का ऋण मिला। इस आर्थिक सहयोग ने उनके भीतर आत्मविश्वास पैदा किया और उन्होंने अपना रोजगार शुरू करने का निर्णय लिया।
समूह से जुडऩे के बाद शारदा ने सिलाई का काम शुरू किया। वर्ष 2021 में उन्होंने लगभग 50,000 रुपये की पूंजी लगाकर मनिहारी की दुकान भी शुरू की। इसके साथ ही उन्होंने धीरे-धीरे अपने रोजगार का विस्तार किया। समूह से उन्हें 1,00,000 रुपये का ऋण प्राप्त हुआ, जिसका उपयोग उन्होंने मनिहारी की दुकान और सिलाई कार्य को आगे बढ़ाने के लिए किया। इसके अलावा बैंक ऋण लेकर उन्होंने भैंस खरीदकर पशुपालन का कार्य भी शुरू किया।
शारदा ने सिलाई के कार्य में भी विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उन्होंने भेड-बकरी पालन का प्रशिक्षण लिया तथा ब्यूटी पार्लर का कार्य भी सीखा, जिससे उन्हें अपनी आय के अतिरिक्त साधन विकसित करने में मदद मिली। उनके द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों से आज वह लगभग 20,000 से 25,000 रुपये प्रतिमाह की आय अर्जित कर रही हैं।
शारदा की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत आर्थिक मजबूती तक सीमित नहीं है। वह अपने स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन तथा सीआरपी टीम से भी जुड़ी हुई हैं और समूह की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार तथा आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित करती हैं। उनका कहना है कि समूह के माध्यम से उन्हें आर्थिक सहयोग के साथ-साथ आगे बढऩे का आत्मविश्वास और नई दिशा मिली।
शारदा की कहानी यह दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग मिलने पर ग्रामीण महिलाएं अपने हुनर को रोजगार में बदलकर परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकती हैं। स्वयं सहायता समूह से जुडकऱ शारदा ने घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर आत्मनिर्भरता, नेतृत्व और सम्मान की नई पहचान बनाई है। उनकी सफलता ग्रामीण क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढऩे की प्रेरणा बन रही है।
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फर्जी कस्टमर केयर बनकर स्क्रीन शेयर कराई, खाते से उड़ाए 1.04 लाख
साइबर अपराध शाखा डबवाली ने दो मामलों में विवेक सिंह व गुरलाल सिंह को किया गिरफ्तार, 30 हजार रुपये बचाने में मिली सफलता
डबवाली (लहू की लौ)। ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफार्म का फर्जी कस्टमर केयर नंबर उपलब्ध करवाकर स्क्रीन शेयर करवाने और बैंक खाते से रकम उड़ाने वाले साइबर ठगों पर डबवाली पुलिस ने शिकंजा कसा है। साइबर अपराध शाखा डबवाली की टीम ने तकनीकी जांच और महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर 1.04 लाख रुपये की साइबर ठगी तथा 1.33 लाख रुपये की धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामलों का पर्दाफाश करते हुए फरार चल रहे विवेक सिंह और गुरलाल सिंह को गिरफ्तार किया है।
साइबर अपराध शाखा प्रभारी एवं पुलिस प्रवक्ता उपनिरीक्षक आनंद कुमार ने बताया कि 4 जुलाई 2026 को थाना शहर डबवाली में दर्ज मामले में शिकायतकर्ता हरदीप सिंह ने बताया था कि उसने 1 जुलाई को ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफार्म से चप्पल मंगवाई थी। ऑर्डर की जानकारी लेने के लिए उसने गूगल पर कस्टमर केयर नंबर सर्च किया और उस पर कॉल की। ठगों ने ऑर्डर कैंसल करने की बात कही, लेकिन शिकायतकर्ता ने इससे मना कर दिया।
इसके बाद उसके पास एक अज्ञात नंबर से वाट्सऐप कॉल आई। ठगों ने उसे बातों में उलझाकर मोबाइल की स्क्रीन शेयर करवा ली और उसके बैंक खाते से 1,04,666 रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई।
मामले की जांच साइबर अपराध शाखा में तैनात पीएसआई अजय सिंह की टीम ने की। तकनीकी पहलुओं की गहन जांच के बाद टीम ने संदिग्ध ठिकानों पर लगातार दबिश देकर आरोपी विवेक सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
खाते से निकाले 1.33 लाख, 30 हजार रुपये बचाए
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि दूसरे मामले में 27 अगस्त 2026 को थाना शहर डबवाली में शिकायत दर्ज हुई थी। मंडी डबवाली निवासी मनोज कुमार के बैंक खाते से अज्ञात व्यक्ति ने उसकी जानकारी के बिना 1.33 लाख रुपये निकाल लिए। इसका पता शिकायतकर्ता को तब चला, जब उसने किसी अन्य व्यक्ति को रुपये भेजने के लिए अपना बैंक खाता इस्तेमाल किया।
शिकायत मिलते ही साइबर अपराध शाखा की टीम ने संबंधित बैंक खाते को फ्रीज करवाया और आरोपी की तलाश शुरू कर दी। पीएसआई मंगल सिंह की टीम ने बैंक खाते से मिली जानकारी के आधार पर खाताधारक गुरलाल सिंह को जिला संगरूर, पंजाब से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और शिकायतकर्ता द्वारा समय पर सूचना देने के कारण ठगी की रकम में से 30 हजार रुपये आरोपी के खाते में सुरक्षित रखने में सफलता मिली। आरोपी को भी अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
गूगल से कस्टमर केयर नंबर तलाशना पड़ सकता है भारी
डबवाली पुलिस ने आमजन को चेतावनी दी है कि साइबर ठग ऑनलाइन शॉपिंग, बैंकिंग, मोबाइल रिचार्ज, बिजली बिल, होटल बुकिंग समेत विभिन्न सेवाओं के नाम पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर उपलब्ध करवाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। इसलिए गूगल सर्च या सोशल मीडिया से मिले अनजान नंबरों पर भरोसा न करें। कस्टमर केयर नंबर हमेशा संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ही प्राप्त करें।
पुलिस ने मोबाइल की स्क्रीन किसी अनजान व्यक्ति के साथ शेयर न करने तथा किसी के कहने पर रिमोट एक्सेस या स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड कर अनुमति न देने की अपील की है। साथ ही ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम/डेबिट कार्ड की जानकारी, पासवर्ड या बैंक संबंधी विवरण किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
पुलिस ने कहा कि साइबर ठगी होने पर घबराने के बजाय तुरंत 1930 पर शिकायत करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाएं। समय पर सूचना मिलने से ठगी की रकम को फ्रीज करने और आरोपियों तक पहुंचने में पुलिस को मदद मिलती है।



















































