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Lahoo Ki Lau
23 फ़रवरी 2026
22 फ़रवरी 2026
औजार सहायता योजना, निर्माण कामगारों के लिए बड़ी राहत
सिरसा हरियाणा सरकार द्वारा श्रम विभाग के माध्यम से पंजीकृत निर्माण कामगारों के हित में अनेकों कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। इसी कडी में विभाग द्वारा औजार सहायता योजना के माध्यम से निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों को नए, अच्छे और सुविधाजनक औजार (टूल किट) खरीदने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। सरकार का उद्देश्य है कि मजदूरों को बेहतर उपकरण मिलें, जिससे वे अपना काम अधिक सुरक्षित, तेज और प्रभावी तरीके से कर सकें। योजना के अंतर्गत पात्र निर्माण कामगार को औजार (टूल किट) खरीदने पर अधिकतम 8000 रुपये तक की सहायता राशि दी जाती है। यह राशि श्रमिकों को उनके कार्य के अनुसार जरूरी औजार खरीदने में मदद करती है। बेहतर औजार मिलने से काम की गुणवत्ता बढ़ेगी और श्रमिकों की आय में भी वृद्धि की संभावना रहेगी।
लाभार्थी को क्लेम फॉर्म-16 में आवेदन करना अनिवार्य है। बिना निर्धारित फॉर्म के आवेदन मान्य नहीं होगा। इसके साथ ही औजारों की कीमत, स्रोत (जहां से खरीदे गए) तथा खरीद की तिथि सहित औजारों की सूची प्रस्तुत करना आवश्यक है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सहायता राशि वास्तविक खरीद पर ही दी जा रही है। यह सुविधा तीन वर्ष में केवल एक बार उपलब्ध होगी।
श्रम विभाग की यह पहल निर्माण कामगारों के जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। बेहतर औजार मिलने से श्रमिकों का कार्य आसान होगा, उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी और वे अधिक आत्मविश्वास के साथ अपने रोजगार को आगे बढ़ा सकेंगे। पात्र कामगारों से अपील है कि वे समय पर आवेदन कर इस योजना का लाभ उठाएं।
21 फ़रवरी 2026
श्रम विभाग हरियाणा की “सिलाई मशीन योजना”, महिला कर्मकारों के लिए बड़ी सहायता
सिरसा
हरियाणा सरकार द्वारा श्रम विभाग में पंजीकृत महिला कर्मकारों के लिए एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजना चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है। इस योजना के तहत महिला कर्मकारों को सिलाई मशीन खरीदने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि वे घर बैठे आय का साधन शुरू कर सकें और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकें।
20 फ़रवरी 2026
महिला श्रमिक सम्मान योजना: पंजीकृत श्रमिक महिलाओं को दी जाती है 5100 रुपये की आर्थिक सहायता
सिरसा, 20 फरवरी।
हरियाणा में महिला श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए श्रम विभाग द्वारा मुख्यमंत्री महिला श्रमिक सम्मान योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत पंजीकृत महिला कामगारों को प्रतिवर्ष 5100 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं को आवश्यक घरेलू और व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुएं खरीदने के लिए वित्तीय सहयोग देना है, ताकि वे सम्मानजनक जीवन यापन कर सकें और उनकी बुनियादी जरूरतें पूरी हो सकें।योजना के अनुसार यह 5100 रुपये की वार्षिक राशि साड़ी या सूट, चप्पल, रेनकोट, छाता, रसोई में उपयोग होने वाले बर्तन, गद्दा/मैट्रेस तथा नैपकिन जैसी आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए दी जाएगी। इन वस्तुओं का सीधा संबंध महिला श्रमिकों के दैनिक जीवन, स्वास्थ्य और सुविधा से है, इसलिए यह सहायता उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। यह आर्थिक सहयोग महिला कामगारों के घरेलू बजट को संतुलित करने में भी मददगार साबित होगा।
योजना का लाभ लेने के लिए शर्तें
पात्र महिला श्रमिकों को क्लेम विशेष प्रपत्र-॥ में आवेदन करना अनिवार्य होगा। साथ ही खरीदी गई वस्तुओं के लिए तिथि सहित प्रमाण या वचन प्रस्तुत करना आवश्यक रहेगा। योजना की राशि का भुगतान सदस्यता के नवीनीकरण के समय किया जाएगा, इसलिए श्रमिकों को अपनी सदस्यता सक्रिय और नवीनीकृत रखना अनिवार्य होगा।
इस योजना का लाभ केवल श्रम विभाग में पंजीकृत और सक्रिय सदस्यता वाली महिला श्रमिकों को ही मिलेगा। सरकार की यह पहल महिला श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी, बल्कि उनके स्वास्थ्य और जीवन स्तर में भी सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
म्हारी योजना कॉलम के लिए
19 फ़रवरी 2026
कार्यस्थल पर दुर्घटना से पीड़ित श्रमिकों को मिलती है वित्तीय सहायता
अपंग होने की स्थिति में तीन लाख रुपए तक एकमुश्त सहायता, तीन हजार रुपए मासिक पेंशन का है प्रावधान
सिरसा, 19 फरवरी।हरियाणा सरकार द्वारा श्रमिकों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। जहां पंजीकृत निर्माण कामगार को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाता है, वहीं पंजीकृत कामगार की कार्यस्थल पर किसी दुर्घटना में स्थाई रूप से अपंग होने पर अपंग प्रतिशतता के आधार पर एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाती है। यह सहायता एक लाख रुपए से लेकर तीन लाख रुपए तक प्रदान की जाती है। इसके अलावा कार्यस्थल पर दुर्घटना में अपंगता होने पर तीन हजार रुपए मासिक पेंशन का भी प्रावधान किया गया है। पंजीकृत श्रमिक को 50 प्रतिशत अपंग होने की स्थिति में एक लाख रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी, वहीं 51 से 75 प्रतिशत तक अपंग होने की स्थिति में दो लाख रुपए की सहायता प्रदान किए जाने का प्रावधान है। पंजीकृत श्रमिक के 76 प्रतिशत या उससे अधिक अपंग प्रतिशतता होने पर तीन लाख रुपए श्रम विभाग के माध्यम से सरकार द्वारा प्रदान किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त पंजीकृत कामगार की संक्रामक बीमारी या कार्यस्थल पर दुर्घटना से अपंग होने की स्थिति में तीन हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जाती है।
योजना के लिए ये दस्तावेज जरूरी :
पंजीकृत श्रमिक को योजना के तहत पेंशन प्राप्त करने के लिए आवेदन प्रारूप संख्या-15 प्रस्तुत करना होगा। इसी तरह अपंगता सहायता के लिए आवेदन प्रारूप संख्या-22 प्रस्तुत किया जाना जरूरी है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग हरियाणा द्वारा स्थाई अपंगता होने संबंधी जारी किए गए प्रमाण पत्र की सत्यापित प्रति उपलब्ध करवाना अनिवार्य है। इसके बाद संबंधित अधिकारी की जांच उपरांत अनुशंसा रिपोर्ट के आधार पर वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
18 फ़रवरी 2026
होनहार बच्चों को सरकार दे रही 51000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि
पंजीकृत श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्रम विभाग की वित्तीय सहायता योजना
17 फ़रवरी 2026
सरकार की सराहनीय पहल, पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों की शादी पर आर्थिक सहायता
हरियाणा सरकार द्वारा हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड में पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसी कड़ी में श्रमिकों के बच्चों की शादी के अवसर पर आर्थिक सहायता प्रदान करने की महत्वपूर्ण योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत पंजीकृत कामगारों के दो लडक़ों की शादी तक 21,000 रुपये तथा तीन बेटियों की शादी तक 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।
सरकार का उद्देश्य श्रमिक वर्ग को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है, ताकि वे अपने बच्चों के विवाह जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर आर्थिक बोझ से मुक्त रह सकें। विशेष रूप से बेटियों की शादी के लिए 50,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान करना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। इससे श्रमिक परिवारों को सम्मानपूर्वक विवाह संपन्न कराने में सहयोग मिलता है।
योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक शर्तें
इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का श्रमिक के रूप में पंजीकरण होना अनिवार्य है। आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप में भरकर संबंधित विभाग में प्रस्तुत करना होता है। साथ ही, बच्चे के विवाह से संबंधित प्रमाण पत्र एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करना आवश्यक है। निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद पात्र लाभार्थियों को सहायता राशि सीधे प्रदान की जाती है। सरकार की यह पहल न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि श्रमिक परिवारों के आत्मसम्मान को भी सुदृढ़ करती है।
योजना के तहत आवेदन एवं विवाह सर्टिफिकेट राजपत्रित अधिकारी से प्रमाणित होना अनिवार्य है। इसके साथ ही दूल्हा एवं दुल्हन की आयु के प्रमाण पत्र की स्वयं प्रमाणित प्रतियां आवेदन फार्म के साथ संलग्न करनी होंगी। निर्धारित आयु सीमा के अनुसार दुल्हन की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा दूल्हे की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होना आवश्यक है। आवेदक को संबंधित सहायक निदेशक के कार्यालय में विवाह का प्रमाण पत्र एक वर्ष की अवधि के भीतर प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। पात्र परिवार निर्धारित शर्तों का पालन करते हुए समय पर आवेदन करें, ताकि योजना का लाभ सुचारू रूप से प्राप्त किया जा सके।
16 फ़रवरी 2026
बोर्ड परीक्षाओं में विद्यार्थी तनाव न लें: शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने आगामी बोर्ड परीक्षाओं को लेकर कहा कि बोर्ड परीक्षाएं केवल पुस्तकों से अर्जित ज्ञान का आकलन नहीं हैं, बल्कि यह विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, परिश्रम, अनुशासन और साहस की भी सच्ची परीक्षा होती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने पूरे वर्ष अपने अध्यापकों के मार्गदर्शन में निरंतर मेहनत और समर्पण के साथ अध्ययन किया है और अब समय है अपनी तैयारी तथा क्षमता पर पूर्ण विश्वास रखने का।



















































