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Lahoo Ki Lau

युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

19 फ़रवरी 2026

कार्यस्थल पर दुर्घटना से पीड़ित श्रमिकों को मिलती है वित्तीय सहायता

अपंग होने की स्थिति में तीन लाख रुपए तक एकमुश्त सहायता, तीन हजार रुपए मासिक पेंशन का है प्रावधान

सिरसा, 19 फरवरी।
हरियाणा सरकार द्वारा श्रमिकों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। जहां पंजीकृत निर्माण कामगार को विभिन्न योजनाओं के  माध्यम से आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाता है, वहीं पंजीकृत कामगार की कार्यस्थल पर किसी दुर्घटना में स्थाई रूप से अपंग होने पर अपंग प्रतिशतता के आधार पर एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाती है। यह सहायता एक लाख रुपए से लेकर तीन लाख रुपए तक प्रदान की जाती है। इसके अलावा कार्यस्थल पर दुर्घटना में अपंगता होने पर तीन हजार रुपए मासिक पेंशन का भी प्रावधान किया गया है। पंजीकृत श्रमिक को 50 प्रतिशत अपंग होने की स्थिति में एक लाख रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी, वहीं 51 से 75 प्रतिशत तक अपंग होने की स्थिति में दो लाख रुपए की सहायता प्रदान किए जाने का प्रावधान है। पंजीकृत श्रमिक के 76 प्रतिशत या उससे अधिक अपंग प्रतिशतता होने पर तीन लाख रुपए श्रम विभाग के माध्यम से सरकार द्वारा प्रदान किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त पंजीकृत कामगार की संक्रामक बीमारी या कार्यस्थल पर दुर्घटना से अपंग होने की स्थिति में तीन हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जाती है।
योजना के लिए ये दस्तावेज जरूरी :
पंजीकृत श्रमिक को योजना के तहत पेंशन प्राप्त करने के लिए आवेदन प्रारूप संख्या-15 प्रस्तुत करना होगा। इसी तरह अपंगता सहायता के लिए आवेदन प्रारूप संख्या-22 प्रस्तुत किया जाना जरूरी है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग हरियाणा द्वारा स्थाई अपंगता होने संबंधी जारी किए गए प्रमाण पत्र की सत्यापित प्रति उपलब्ध करवाना अनिवार्य है। इसके बाद संबंधित अधिकारी की जांच उपरांत अनुशंसा रिपोर्ट के आधार पर वित्तीय सहायता प्रदान की जाती  है।

19 Feb. 2026





 

18 फ़रवरी 2026

होनहार बच्चों को सरकार दे रही 51000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि

पंजीकृत श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्रम विभाग की वित्तीय सहायता योजना

सिरसा, 18 फरवरी।
पंजीकृत श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हरियाणा श्रम विभाग द्वारा वित्तीय सहायता योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत पहली कक्षा से लेकर स्नातक स्तर तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का उद्देश्य श्रमिक वर्ग के बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और उनकी पढ़ाई में आर्थिक बाधाओं को दूर करना है। 
योजना के अनुसार कक्षा एक से स्नातक तक के विद्यार्थियों को 8,000 रुपये से 20,000 रुपये तक की वार्षिक सहायता दी जाएगी। वहीं दसवीं कक्षा में शैक्षणिक उत्कृष्टता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 21,000 रुपये से 51,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। यह राशि विद्यार्थियों के प्राप्त अंकों के प्रतिशत के आधार पर सावधि जमा (एफडी) के रूप में जमा कराई जाएगी, जिससे उन्हें भविष्य में लाभ मिल सके।
*नियमित विद्यार्थियों को ही मिलेगा लाभ*
योजना का लाभ केवल उन विद्यार्थियों को मिलेगा जो हरियाणा के किसी मान्यता प्राप्त स्कूल, कॉलेज या संस्थान में नियमित रूप से अध्ययनरत हैं। आवेदन करते समय विद्यार्थियों को पहचान पत्र की सत्यापित प्रति तथा अध्ययन जारी होने का प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य होगा। निजी संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के आवेदन संबंधित अधिकारियों अर्थात उप-श्रम आयुक्त, सहायक श्रम आयुक्त, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, डीईईओ, बीईईओ में से किसी एक अधिकारी से सत्यापित करवाना आवश्यक है।
*संस्थान की भूमिका अहम*
यह वित्तीय सहायता सीधे सरकारी संस्थान, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय या तकनीकी संस्थान को दी जाएगी। अन्य खर्चों की प्रतिपूर्ति रसीद प्रस्तुत करने के बाद की जाएगी। साथ ही आवेदक को यह घोषणा करनी होगी कि वह हरियाणा सरकार की किसी अन्य समान योजना का लाभ नहीं ले रहा है।
जो विद्यार्थी स्वयं रोजगार या नौकरी में हैं, वे इस योजना के पात्र नहीं होंगे। कोर्स के दोबारा करने पर लाभ बंद कर दिया जाएगा यदि विद्यार्थी अगले वर्ष के कोर्स में पहुंचने में असफल रहता है। यह योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोलेगी और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

18 Feb. 2026





 

17 फ़रवरी 2026

सरकार की सराहनीय पहल, पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों की शादी पर आर्थिक सहायता


सिरसा, 17 फरवरी।
हरियाणा सरकार द्वारा हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड में पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसी कड़ी में श्रमिकों के बच्चों की शादी के अवसर पर आर्थिक सहायता प्रदान करने की महत्वपूर्ण योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत पंजीकृत कामगारों के दो लडक़ों की शादी तक 21,000 रुपये तथा तीन बेटियों की शादी तक 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।
सरकार का उद्देश्य श्रमिक वर्ग को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है, ताकि वे अपने बच्चों के विवाह जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर आर्थिक बोझ से मुक्त रह सकें। विशेष रूप से बेटियों की शादी के लिए 50,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान करना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। इससे श्रमिक परिवारों को सम्मानपूर्वक विवाह संपन्न कराने में सहयोग मिलता है।
योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक शर्तें
इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का श्रमिक के रूप में पंजीकरण होना अनिवार्य है। आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप में भरकर संबंधित विभाग में प्रस्तुत करना होता है। साथ ही, बच्चे के विवाह से संबंधित प्रमाण पत्र एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करना आवश्यक है। निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद पात्र लाभार्थियों को सहायता राशि सीधे प्रदान की जाती है। सरकार की यह पहल न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि श्रमिक परिवारों के आत्मसम्मान को भी सुदृढ़ करती है।
योजना के तहत आवेदन एवं विवाह सर्टिफिकेट राजपत्रित अधिकारी से प्रमाणित होना अनिवार्य है। इसके साथ ही दूल्हा एवं दुल्हन की आयु के प्रमाण पत्र की स्वयं प्रमाणित प्रतियां आवेदन फार्म के साथ संलग्न करनी होंगी। निर्धारित आयु सीमा के अनुसार दुल्हन की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा दूल्हे की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होना आवश्यक है। आवेदक को संबंधित सहायक निदेशक के कार्यालय में विवाह का प्रमाण पत्र एक वर्ष की अवधि के भीतर प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। पात्र परिवार निर्धारित शर्तों का पालन करते हुए समय पर आवेदन करें, ताकि योजना का लाभ सुचारू रूप से प्राप्त किया जा सके।

17 Feb. 2026





 

16 फ़रवरी 2026

16 Feb. 2026





 

बोर्ड परीक्षाओं में विद्यार्थी तनाव न लें: शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा

 हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने आगामी बोर्ड परीक्षाओं को लेकर कहा कि बोर्ड परीक्षाएं केवल पुस्तकों से अर्जित ज्ञान का आकलन नहीं हैं, बल्कि यह विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, परिश्रम, अनुशासन और साहस की भी सच्ची परीक्षा होती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने पूरे वर्ष अपने अध्यापकों के मार्गदर्शन में निरंतर मेहनत और समर्पण के साथ अध्ययन किया है और अब समय है अपनी तैयारी तथा क्षमता पर पूर्ण विश्वास रखने का।

उन्होंने विद्यार्थियों से परीक्षा के दौरान शांत, संयमित और धैर्यवान रहने का आग्रह किया। मंत्री ने कहा कि किसी भी प्रकार की घबराहट या तनाव को मन पर हावी न होने दें। सकारात्मक सोच बनाए रखें और आत्मविश्वास के साथ प्रत्येक प्रश्नपत्र का सामना करें। यदि कोई प्रश्न कठिन लगे तो घबराने के बजाय पहले सरल प्रश्नों को हल करें और फिर शेष प्रश्नों पर ध्यान केंद्रित करें।
शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों को पर्याप्त विश्राम लेने, संतुलित एवं पौष्टिक आहार ग्रहण करने तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और शांत मन ही सफलता की कुंजी हैं। परीक्षा के दिनों में समय का सदुपयोग करें और पूरी ईमानदारी तथा निष्ठा के साथ प्रयास करें।
उन्होंने कहा कि असफलता के भय को मन में स्थान न दें, क्योंकि सच्ची सफलता निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास से ही प्राप्त होती है। प्रत्येक परीक्षा जीवन की एक सीढ़ी है, जो आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करती है।
अंत में शिक्षा मंत्री ने कहा कि हरियाणा के विद्यार्थी प्रदेश की शान और देश का उज्ज्वल भविष्य हैं। उन्हें पूर्ण विश्वास है कि सभी विद्यार्थी उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त कर प्रदेश और अपने अभिभावकों का नाम रोशन करेंगे।