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04 जून 2026

पद्म पुरस्कारों के लिए 31 जुलाई तक करें ऑनलाइन नामांकन


सिरसा, 04 जून।
प्रदेश सरकार द्वारा पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री सहित प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों की सिफारिशों के लिए नामांकन आमंत्रित किए हैं। सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शुमार इन पुरस्कारों की घोषणा 26 जनवरी, 2027 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाएगी।

जारी निर्देशों अनुसार पद्म पुरस्कारों के लिए सिफारिशें  politicalw.hry@gmail.com या  hrathee.cso@hry.gov.in पर 10 जून, 2026 तक भेजी जानी चाहिए। वहीं केन्द्र सरकार द्वारा केवल ऑनलाइन पोर्टल  https://awards.gov.in के माध्यम से भेजे गए नामांकन या सिफारिशें ही स्वीकार की जाएंगी। इसलिए सिफारिशें  उपयुक्त फॉर्मेट में ही भेजी जानी चाहिए। इन पुरस्कारों के लिए ऑनलाइन नामांकन/सिफारिशें शुरू हो चुकी हैं और नामांकन की अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2026 है। निर्धारित समय-सीमा के बाद प्राप्त किसी भी नामांकन या सिफारिश पर विचार नहीं किया जाएगा।
पद्म पुरस्कारों, अर्थात् पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री, को देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार माना जाता है। वर्ष 1954 में शुरू हुए इन पुरस्कारों की घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। इन पुरस्कारों का उद्देश्य विशिष्ट कार्य को सम्मानित करना है। ये सम्मान कला, साहित्य एवं शिक्षा, खेल, चिकित्सा, सामाजिक कार्य, विज्ञान एवं इंजीनियरिंग, लोक कार्य, सिविल सेवा, व्यापार एवं उद्योग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण और विशिष्ट उपलब्धियों अथवा सेवाओं के लिए दिए जाते हैं। ये पुरस्कार जाति, व्यवसाय, पद या लिंग के आधार पर बिना किसी भेदभाव के, सभी व्यक्तियों के लिए हैं। इन पुरस्कारों के लिए परंपरागत रूप से सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों से तथा अन्य विभिन्न स्रोतों से नामांकन आमंत्रित किए जाते हैं, ताकि व्यापक स्तर पर योग्य व्यक्तियों पर विचार किया जा सके।

पद्म पुरस्कारों के लिए सभी नामांकन/सिफारिशें केवल ऑनलाइन माध्यम से राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल  https://awards.gov.in के जरिए ही स्वीकार की जाएंगी। नामांकन या सिफारिशों में इस पोर्टल पर उपलब्ध निर्धारित प्रारूप में सभी आवश्यक विवरण स्पष्ट रूप से भरते हुए उस व्यक्ति की अपने क्षेत्र में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों या सेवाओं का पूरा विवरण दिया जाना आवश्यक है। किसी व्यक्ति की ऑनलाइन सिफारिश करते समय यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सभी आवश्यक जानकारी सही और पूर्ण रूप से भरी गई हो। ऑनलाइन सिफारिश करने की प्रक्रिया से संबंधित सभी चरण पोर्टल पर उपलब्ध हैं। इन पुरस्कारों से संबंधित अधिनियम और नियमों की प्रति भी वेबसाइट  https://padmaawards.gov.in पर उपलब्ध है।

अगर किसी व्यक्ति को पहले कोई पुरस्कार मिल चुका है, उसे पद्म पुरस्कार प्रदान करने पर विचार किया जा सकता है, बशर्ते कि पूर्व पुरस्कार प्राप्त होने के बाद कम से कम पाँच वर्ष का समय बीत चुका हो। हालांकि अत्यंत विशेष मामलों में इस अवधि में ढील भी दी जा सकती है। चिकित्सकों और वैज्ञानिकों को छोडक़र, सरकारी कर्मचारी और सार्वजनिक उपक्रमों में काम करने वाले कर्मचारी पद्म पुरस्कार के लिए पात्र नहीं हैं।

4 June 2026





 

03 जून 2026

पूर्व सैनिकों की बेटियों की शादी पर सरकार दे रही एक लाख रुपये की सहायता राशि

सिरसा, 03 जून।

सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण बोर्ड द्वारा पूर्व सैनिकों के परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक सहयोग के उद्देश्य से विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।  हवलदार रैंक तक भूतपूर्व सैनिक अथवा उनकी विधवा आश्रित पुत्री की शादी अनुदान योजना के तहत बेटियों के विवाह पर एक लाख रुपये प्रदान किए जाते हैं।

योजना के अनुसार आश्रित पुत्री, जिसकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक हो, इस अनुदान का लाभ प्राप्त कर सकती है। यह सहायता अधिकतम दो पुत्रियों तक प्रदान की जाती है। विभाग के अनुसार इस योजना का उद्देश्य पूर्व सैनिकों के परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विवाह जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर सहयोग देना है।

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को पूर्व सैनिक या उनकी विधवा के पहचान पत्र की प्रति, परिवार पहचान पत्र, मूल डिस्चार्ज बुक, हरियाणा निवास प्रमाण-पत्र, आधार से लिंक बैंक पासबुक की प्रति, फोटो पहचान पत्र, पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ), मृत्यु की स्थिति में पूर्व सैनिक का मृत्यु प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, आयु प्रमाण-पत्र तथा विवाह कार्ड सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे।

सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण बोर्ड से वेलफेयर आर्गेनाइजर महेंद्र सिंह ने अपील की है कि पात्र परिवार इस योजना का लाभ उठाने के लिए निर्धारित दस्तावेजों सहित आवेदन करें और सरकार द्वारा प्रदान की जा रही इस सुविधा का अधिकतम लाभ प्राप्त करें।
म्हारी योजना कॉलम के लिए

3 June 2026





 

01 जून 2026

बकाया कर मामलों के समाधान के लिए व्यापारियों को मिलेगी बड़ी राहत, एकमुश्त निपटान योजना शुरू

-28 सितंबर तक लागू रहेगी योजना, सात कराधान अधिनियमों के अंतर्गत निर्धारित बकाया देय राशियों के निपटान का होगा प्रावधान


सिरसा, 01 जून।
हरियाणा सरकार द्वारा व्यापारियों के लिए एकमुश्त निपटान योजना-2026 लागू की गई है जिसका उद्देश्य विभिन्न कर अधिनियमों के अंतर्गत लंबित बकाया कर मामलों का निपटान करना तथा अदालतों में लंबित विवादों को कम करना है। यह योजना एक जून से 28 सितंबर तक लागू रहेगी। योजना के तहत सात कराधान अधिनियमों के अंतर्गत निर्धारित बकाया देय राशियों के निपटान का प्रावधान किया गया है। जिन करदाताओं पर किसी संबंधित अधिनियम के तहत किसी एक वर्ष में एक लाख रुपये तक का कर बकाया है, उन्हें आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे मामलों में संबंधित वर्ष का पूरा कर, ब्याज और जुर्माना स्वत: माफ कर दिया जाएगा।

उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त अंजू सिंह ने बताया कि कोई भी पात्र करदाता किसी भी अधिनियम के अंतर्गत किसी भी वर्ष के बकाया कर के निपटान के लिए आवेदन कर सकता है। विशेष रूप से हरियाणा सामान्य बिक्री कर अधिनियम, 1973 के अंतर्गत पुराने बकाया मामलों में एक लाख रुपये से अधिक कर बकाया वाले मामलों को 70 प्रतिशत तक कर छूट प्रदान की जाएगी, जबकि ब्याज एवं जुर्माना राशि पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त अंजू सिंह ने व्यापारियों से अपील की कि वे इस योजना का अधिकतम लाभ उठाकर अपने पुराने कर विवादों और बकाया मामलों का निपटान करें।

वैधानिक प्रपत्रों के मामलों के समाधान के लिए विशेष प्रावधान
उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त ने बताया कि विभिन्न वैधानिक प्रपत्रों जैसे फॉर्म-सी, फॉर्म-एफ, फॉर्म-एच, फॉर्म-ई1, फॉर्म-ई2, टैक्स इनवॉइस, वैट-सी4, वैट-डी1 तथा वैट-डी2 आदि जमा न होने के कारण बड़ी संख्या में कर बकाया लंबित हैं। ऐसे मामलों के समाधान के लिए योजना में विशेष प्रावधान किए गए हैं। यदि करदाता निर्धारित अवधि में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर देता है तो उसकी कर देयता में नियमानुसार राहत प्रदान की जाएगी। हालांकि यह लाभ फर्जी दस्तावेजों अथवा जिन मामलों में आपराधिक कार्रवाई शुरू हो चुकी है, उन पर लागू नहीं होगा।
 
लाख रुपये तक के कर बकाया पर 100 प्रतिशत कर छूट
अन्य अधिनियमों के अंतर्गत बकाया कर राशि पर भी चरणबद्ध छूट का प्रावधान किया गया है। एक लाख रुपये तक के कर बकाया पर 100 प्रतिशत कर छूट, एक लाख से 10 लाख रुपये तक के मामलों में 60 प्रतिशत, 10 लाख से एक करोड़ रुपये तक के मामलों में 50 प्रतिशत, एक करोड़ से 10 करोड़ तक 40 प्रतिशत, दस करोड़ से तीन करोड़ तक 35 प्रतिशत, तीस करोड़ से साठ करोड़ तक तीस प्रतिशत है। तथा साठ करोड़ से अधिक पर कर छूट का प्रावधान नहीं है, सभी श्रेणियों में ब्याज और जुर्माना राशि पर 100 प्रतिशत छूट का लाभ मिलेगा।

तीन किस्तों में कर सकते हैं भुगतान
जिन मामलों में करदाता ने बकाया राशि निर्धारण आदेश के विरुद्ध अपील या मुकदमा दायर किया हुआ है, वे भी लंबित अपील या मुकदमे वापस लेने की शर्त पर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। योजना के अंतर्गत भुगतान की सुविधा भी आसान बनाई गई है। पांच लाख रुपये तक की निपटान राशि का भुगतान एकमुश्त किया जाएगा। पांच लाख रुपये से 25 लाख रुपये तक की राशि के लिए दो समान किस्तों तथा 25 लाख रुपये से अधिक की राशि के लिए तीन किस्तों में भुगतान का प्रावधान रखा गया है।

1 June 2026





 

27 मई 2026

धान की सीधी बिजाई पर किसानों को मिलेगा 4500 रुपये प्रति एकड़ अनुदान

सिरसा, 27 मई।

खरीफ सीजन 2026 के लिए हरियाणा सरकार द्वारा जिला सिरसा के किसानों को धान की सीधी बिजाई (डीएसआर) अपनाने पर 4500 रुपये प्रति एकड़ की अनुदान राशि प्रदान की जाएगी।
कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. सुखदेव सिंह ने बताया कि इस वर्ष जिला सिरसा को एक लाख 62 हजार एकड़ में धान की सीधी बिजाई का लक्ष्य दिया गया है, जिसे उपमंडल स्तर पर आवंटित कर दिया गया है। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक संख्या में धान की सीधी बिजाई अपनाने की अपील करते हुए कहा कि इससे गिरते भू-जल स्तर को रोकने में काफी मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि पारंपरिक तरीके से धान की खेती में पानी की खपत कई गुना अधिक होती है, जबकि सीधी बिजाई से 20 प्रतिशत पानी की बचत होती है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए किसानों को इस तकनीक को प्राथमिकता देनी चाहिए।
उन्होंने किसानों से अपील की कि योजना का लाभ लेने के लिए वे 15 जून 2026 तक मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल  http://fasal.haryana.gov.in/ र अपना पंजीकरण अवश्य करवाएं। ग्राम स्तरीय कमेटी द्वारा भौतिक सत्यापन के बाद पात्र किसानों के बैंक खातों में अनुदान राशि सीधे भेजी जाएगी।
उप कृषि निदेशक ने बताया कि धान की सीधी बिजाई से तैयार फसल पारंपरिक विधि से बोई गई फसल की तुलना में 7 से 10 दिन पहले पककर तैयार हो जाती है। इससे किसानों को पराली प्रबंधन के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है। इसके अलावा फसल की जड़ें गहरी होने के कारण लौह तत्व की कमी की समस्या नहीं आती तथा रोपाई पर होने वाले अतिरिक्त खर्च की भी बचत होती है। उन्होंने कहा कि इस विधि से फसल में बीमारियों, विशेष रूप से बकानी रोग का प्रकोप भी कम होता है। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक पंजीकरण करवाकर सरकार की इस योजना का लाभ उठाने का आह्वान किया।
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मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना के तहत किसानों को मिलेगा 8 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन
सिरसा, 27 मई।
हरियाणा सरकार द्वारा खरीफ-2026 के दौरान धान के रकबे को कम करने तथा गिरते भू-जल स्तर को बचाने के उद्देश्य से मेरा पानी-मेरी विरासत योजना लागू की गई है। योजना के तहत धान की फसल के स्थान पर वैकल्पिक फसलें अपनाने वाले किसानों को 8 हजार रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जो किसान धान की जगह मक्का, कपास, खरीफ दलहन, तिलहन, चारा फसलें, सब्जियां, कृषि वानिकी अपनाएंगे या खेत खाली रखेंगे, उन्हें भी योजना का लाभ मिलेगा। इसके अलावा दालें, तिलहन और कपास की खेती करने वाले किसानों को 2 हजार रुपये प्रति एकड़ अतिरिक्त बोनस राशि भी दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि इच्छुक किसान मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल http://fasal.haryana.gov.in/     पर अपना पंजीकरण करवाएं। यह पोर्टल अंतिम तिथि तक खुला रहेगा। उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने खरीफ-2025 में फसल विविधीकरण के तहत मेरा पानी-मेरी विरासत योजना का लाभ लिया था और वे खरीफ-2026 में भी फसल विविधीकरण अपनाते हैं, वे इस योजना के तहत पुन: लाभ प्राप्त करने के पात्र होंगे।
उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार वैकल्पिक फसलों की बुआई करने तथा मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के तहत पंजीकरण करवाने के बाद ही किसानों को सत्यापन उपरांत 8 हजार रुपये प्रति एकड़ अनुदान राशि प्रदान की जाएगी।
उन्होंने बताया कि योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए किसान अपने संबंधित उप मंडल कृषि अधिकारी अथवा खंड कृषि अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक संख्या में योजना के तहत पंजीकरण करवाकर लाभ उठाने की अपील की।

नई फिनफिश हैचरी स्थापना पर मिलेगा 60 प्रतिशत तक अनुदान

सिरसा, 27 मई।

सरकार द्वारा मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत ताजे पानी में नई फिनफिश हैचरी स्थापित करने पर अनुदान प्रदान किया जा रहा है। यह एक केंद्रीय प्रायोजित योजना है, जिसके माध्यम से मत्स्य किसानों को आधुनिक तकनीक आधारित हैचरी स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
योजना के तहत नई फिनफिश हैचरी की स्थापना के लिए प्रति यूनिट 25 लाख रुपये की इकाई लागत निर्धारित की गई है। सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को इकाई लागत पर 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा, जबकि अनुसूचित जाति एवं महिला लाभार्थियों को 60 प्रतिशत तक अनुदान का लाभ मिलेगा।
योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी के पास परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है। मीठे पानी की फिनफिश हैचरी की न्यूनतम क्षमता 15 मिलियन फ्राई प्रति वर्ष या 6 करोड़ स्पॉन प्रति वर्ष निर्धारित की गई है, जिसके लिए कम से कम 0.50 हेक्टेयर भूमि आवश्यक होगी। हैचरी का संचालन प्रशिक्षित एवं कुशल तकनीकी कर्मचारियों द्वारा किया जाना जरूरी होगा।
योजना के अनुसार हैचरी में ब्रूडर तालाब, नर्सरी तालाब, पालन टैंक, छोटी प्रयोगशाला, बिजली एवं पानी की सुविधा सहित अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाएं होना अनिवार्य है। साथ ही लाभार्थी को केंद्रीय सहायता प्राप्त हैचरी से उत्पादित बीज किसानों को उचित एवं वहनीय मूल्य पर उपलब्ध करवाना होगा।
जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र ने बताया कि लंबी अवधि के पट्टे पर ली गई भूमि पर स्थापित परियोजनाओं को भी योजना के तहत वित्तीय सहायता के लिए पात्र माना जाएगा, बशर्ते पट्टा अवधि कम से कम 10 वर्ष की हो। परियोजना में हैचरी मान्यता की लागत को शामिल करना भी आवश्यक होगा।
योजना के लिए आवेदन करते समय लाभार्थियों को जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, भूमि रिकॉर्ड, मत्स्य प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, बैंक खाता एवं पैन कार्ड विवरण, फोटो, बिल-रसीद तथा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) सहित आवश्यक दस्तावेज जमा करवाने होंगे। विभाग के अनुसार लाभार्थियों को पीएमएमएसवाई के दिशा-निर्देशों के अनुरूप स्व-निहित प्रस्ताव प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। उन्होंने मत्स्य पालन के इच्छुक किसानों एवं युवाओं से इस योजना का लाभ उठाकर स्वरोजगार अपनाने और आधुनिक मत्स्य पालन को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

27 May.2026