Adsense

Lahoo Ki Lau

युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

26 फ़रवरी 2026

देवी रूपक योजना: परिवार नियोजन अपनाएं, मासिक प्रोत्साहन भी पाएं

 देवी रूपक योजना के तहत पात्र दंपत्तियों को मिलती है 500 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि

सिरसा

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनसंख्या स्थिरीकरण, लिंगानुपात में सुधार तथा एक या दो बच्चों के बाद परिवार नियोजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित देवी रूपक योजना के अंतर्गत पात्र दंपत्तियों को मासिक प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में लिंगानुपात को संतुलित करना तथा जन्म के बीच उचित अंतराल सुनिश्चित करना है।
योजना के तहत यदि कोई दंपत्ति परिवार नियोजन की स्थायी विधि (टर्मिनल मैथड) अपनाता है, तो उन्हें अपनाने की तिथि से अधिकतम 20 वर्षों तक प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि दी जाती है। योजना के अनुसार यदि दंपत्ति प्रथम संतान के रूप में कन्या के जन्म के बाद स्थाई परिवार नियोजन अपनाता है, तो उन्हें 500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। यदि प्रथम संतान पुत्र है और उसके बाद परिवार नियोजन अपनाया जाता है, तो 200 रुपये प्रतिमाह की राशि प्रदान की जाएगी। वहीं, यदि पहली संतान पुत्री हो और दूसरी संतान भी पुत्री हो तथा उसके बाद स्थायी विधि अपनाई जाए, तो भी 200 रुपये प्रतिमाह की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं। दंपत्ति में से कोई भी आयकरदाता नहीं होना चाहिए। लाभार्थी दंपत्ति को अपने निवास क्षेत्र की ग्राम पंचायत या नगर निकाय में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। साथ ही पुरुष की आयु 45 वर्ष तक तथा महिला की आयु 40 वर्ष तक होने पर योजना का लाभ लिया जा सकता है, चाहे विवाह की तिथि कुछ भी रही हो।
योजना के अंतर्गत यह भी प्रावधान किया गया है कि परिवार नियोजन की स्थायी विधि उस स्थिति में अपनाई जानी चाहिए जब सबसे छोटा बच्चा पांच वर्ष की आयु से कम हो। यदि प्रथम संतान पुत्र है और दंपत्ति ने उस समय स्थायी विधि (टर्मिनल मेथड) नहीं अपनाई, तो एकमात्र पुत्री के पांच वर्ष की आयु पूर्ण होने से पहले स्थायी विधि अपनाना आवश्यक होगा।
यदि पहली प्रसूति में जुड़वां संतान होती है, तो पात्रता की शर्तें उसी अनुसार लागू होंगी। यदि दोनों संतानें कन्या हों, तो प्रोत्साहन राशि एक कन्या के समान ही देय होगी। अन्य स्थितियों में एक पुत्र के जन्म पर लागू प्रावधान प्रभावी रहेंगे।
यदि दंपत्ति द्वारा स्थायी विधि अपनाने के बाद एकमात्र संतान की मृत्यु हो जाती है, तो राज्य व्यय पर पुन: नसबंदी खोलने (रीकैनलाइजेशन) की सुविधा दी जाएगी, हालांकि मासिक प्रोत्साहन भुगतान पुन: नसबंदी की तिथि से बंद कर दिया जाएगा। इसी प्रकार यदि एकमात्र संतान 18 वर्ष की आयु से पहले 100 प्रतिशत शारीरिक या मानसिक रूप से दिव्यांग हो जाती है, तो भी पुन: नसबंदी खोलने का अधिकार मिलेगा, परंतु मासिक प्रोत्साहन जारी नहीं रहेगा।
उप सिविल सर्जन एवं नोडल अधिकारी डा. भारत भूषण ने बताया कि सरकार द्वारा संचालित यह योजना छोटे परिवार के संदेश को मजबूत करने, बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने और सामाजिक संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

खौफनाक : चौटाला में घरेलू कलह के बाद दंपति ने निगला जहर; पति की मौत, पत्नी वेंटिलेटर पर

 12 वर्षीय बेटे ने 5 किले दूर भागकर पड़ोसियों को दी सूचना; मां-बाप मर गए सुनकर दहल उठा गांव

 जहर खाने से पहले पिता ने बच्चों को भी पीटा; 5 मासूमों के सिर से उठा पिता का साया











डबवाली (लहू की लौ) गांव चौटाला के संगरिया रोड़ पर स्थित जवाहर कॉलोनी एक ढाणी में बुधवार शाम को पारिवारिक विवाद ने खूनी मोड़ ले लिया। 35 वर्षीय सुभाष ने अपनी पत्नी सुनीता उर्फ ममता के साथ विवाद के बाद जहर खा लिया। इस घटना में सुभाष की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सुनीता को गंभीर हालत में हनुमानगढ़ रेफर किया गया है।


मासूम बेटे की पुकार पड़ोसी अंकल, मेरे मां-बाप को बचा लो

घटना के समय घर पर पांच बच्चे मौजूद थे। जैसे ही सुभाष और सुनीता ने जहर खाया और उनकी हालत बिगडऩे लगी, उनका 12 वर्षीय बड़ा बेटा घबराकर करीब 5-6 किले (खेत) दूर स्थित पड़ोसी रोहताश के घर की ओर भागा। उसने चिल्लाते हुए पड़ोसियों को बताया कि मां को मार दिया और पापा मर गए। पड़ोसी तुरंत मौके पर पहुंचे और डायल 112 व खेत मालिक को सूचना दी।



खेत मालिक ने दिखाई तत्परता

सूचना मिलते ही खेत मालिक चुन्नी राम का बेटा मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि सुभाष की धडक़न रुक चुकी थी, लेकिन सुनीता की सांसें चल रही थीं। बिना समय गंवाए उन्होंने अपनी गाड़ी में सुनीता को राजस्थान के संगरिया अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे गंभीर हालत के चलते हनुमानगढ़ रेफर कर दिया गया।



साला सामान लेने गया था, पीछे से हो गया हादसा

मृतक सुभाष का साला संजय (निवासी अबूबशहर) उस समय घर पर ही था। वह अपने बड़े भांजे को लेकर मोटरसाइकिल पर चीनी और चायपत्ती लेने गांव गया था। रास्ते में पेट्रोल खत्म होने के कारण उसे देरी हो गई। इसी बीच उसकी मां का फोन आया कि ढाणी में झगड़ा हो रहा है। जब वह पहुंचा तो सुभाष मृत पड़ा था और बहन बेसुध थी। इसी बीच वह भी अपनी सुध खो बैठा



नशे या गुस्से में बच्चों को भी पीटा

जानकारी के अनुसार, जहर निगलने से पहले सुभाष ने अपने दो छोटे बच्चों की बेरहमी से पिटाई भी की, जिससे उन्हें चोटें आई हैं। पुलिस ने दोनों बच्चों को संरक्षण में लेकर अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिलवाया है। मृतक के 4 बेटे और 1 बेटी है, जिनमें सबसे बड़ा बेटा मात्र 12 साल का है।



पुलिस और सीन ऑफ क्राइम की जांच

घटना की सूचना मिलते ही थाना सदर प्रभारी शैलेंद्र कुमार, चौटाला चौकी प्रभारी सतपाल और 112 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने सुभाष के शव को डबवाली के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। गुरुवार को सीन ऑफ क्राइम की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए।



हमें सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। पति की मौत हो चुकी है, जबकि महिला का इलाज जारी है। घायल बच्चों का उपचार करवाया गया है। परिजनों के बयानों के आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

- शैलेंद्र कुमार, प्रभारी, थाना सदर, डबवाली



#Tags

#चौटाला #डबवाली #घरेलू_कलह #जहर_कांड #हनुमानगढ़ #संगरिया #पुलिस_जांच #हरियाणा_समाचार 

26 Feb. 2026





 

22 फ़रवरी 2026

औजार सहायता योजना, निर्माण कामगारों के लिए बड़ी राहत

सिरसा   हरियाणा सरकार द्वारा श्रम विभाग के माध्यम से पंजीकृत निर्माण कामगारों के हित में अनेकों कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। इसी कडी में विभाग द्वारा औजार सहायता योजना के माध्यम से निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों को नए, अच्छे और सुविधाजनक औजार (टूल किट) खरीदने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। सरकार का उद्देश्य है कि मजदूरों को बेहतर उपकरण मिलें, जिससे वे अपना काम अधिक सुरक्षित, तेज और प्रभावी तरीके से कर सकें। योजना के अंतर्गत पात्र निर्माण कामगार को औजार (टूल किट) खरीदने पर अधिकतम 8000 रुपये तक की सहायता राशि दी जाती है। यह राशि श्रमिकों को उनके कार्य के अनुसार जरूरी औजार खरीदने में मदद करती है। बेहतर औजार मिलने से काम की गुणवत्ता बढ़ेगी और श्रमिकों की आय में भी वृद्धि की संभावना रहेगी।

योजना का लाभ उठाने के लिए शर्तें
लाभार्थी को क्लेम फॉर्म-16 में आवेदन करना अनिवार्य है। बिना निर्धारित फॉर्म के आवेदन मान्य नहीं होगा। इसके साथ ही औजारों की कीमत, स्रोत (जहां से खरीदे गए) तथा खरीद की तिथि सहित औजारों की सूची प्रस्तुत करना आवश्यक है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सहायता राशि वास्तविक खरीद पर ही दी जा रही है। यह सुविधा तीन वर्ष में केवल एक बार उपलब्ध होगी।
श्रम विभाग की यह पहल निर्माण कामगारों के जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। बेहतर औजार मिलने से श्रमिकों का कार्य आसान होगा, उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी और वे अधिक आत्मविश्वास के साथ अपने रोजगार को आगे बढ़ा सकेंगे। पात्र कामगारों से अपील है कि वे समय पर आवेदन कर इस योजना का लाभ उठाएं।

22 Feb. 2026





 

21 फ़रवरी 2026

श्रम विभाग हरियाणा की “सिलाई मशीन योजना”, महिला कर्मकारों के लिए बड़ी सहायता

सिरसा

हरियाणा सरकार द्वारा श्रम विभाग में पंजीकृत महिला कर्मकारों के लिए एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजना चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है। इस योजना के तहत महिला कर्मकारों को सिलाई मशीन खरीदने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि वे घर बैठे आय का साधन शुरू कर सकें और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकें।

इस योजना के अंतर्गत महिला श्रमिक को अपने जीवनकाल में एक बार सिलाई मशीन की खरीद पर हुए खर्च के लिए अधिकतम 3500 रुपये तक की राशि प्रदान की जाती है। यह राशि सीधे सहायता के रूप में दी जाती है, जिससे लाभार्थी महिला सिलाई मशीन खरीदकर अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर सके। सरकार का उद्देश्य है कि महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बनें और रोजगार के लिए दूसरों पर निर्भर न रहें।
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ आवश्यक शर्तें निर्धारित की गई हैं। सबसे पहले, लाभार्थी को निर्धारित क्लेम फॉर्म—विशेष प्रपत्र- II में आवेदन करना अनिवार्य है। बिना निर्धारित फॉर्म के आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, सिलाई मशीन की खरीद के लिए तिथि सहित वचन या प्रमाण प्रस्तुत करना आवश्यक होगा, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि मशीन वास्तव में खरीदी गई है। पंजीकृत महिला श्रमिक केवल एक ही बार इस योजना का लाभ उठा सकती है।
श्रम विभाग की यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। इससे न केवल महिलाओं को रोजगार का साधन मिलेगा, बल्कि वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की आर्थिक उन्नति में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगी। सरकार की यह योजना विशेष रूप से उन महिला कर्मकारों के लिए लाभकारी है, जो सीमित संसाधनों के कारण स्वयं का कार्य शुरू नहीं कर पातीं।

21 Feb. 2026





 

20 फ़रवरी 2026

महिला श्रमिक सम्मान योजना: पंजीकृत श्रमिक महिलाओं को दी जाती है 5100 रुपये की आर्थिक सहायता

सिरसा, 20 फरवरी।

हरियाणा में महिला श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए श्रम विभाग द्वारा मुख्यमंत्री महिला श्रमिक सम्मान योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत पंजीकृत महिला कामगारों को प्रतिवर्ष 5100 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं को आवश्यक घरेलू और व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुएं खरीदने के लिए वित्तीय सहयोग देना है, ताकि वे सम्मानजनक जीवन यापन कर सकें और उनकी बुनियादी जरूरतें पूरी हो सकें।
योजना के अनुसार यह 5100 रुपये की वार्षिक राशि साड़ी या सूट, चप्पल, रेनकोट, छाता, रसोई में उपयोग होने वाले बर्तन, गद्दा/मैट्रेस तथा नैपकिन जैसी आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए दी जाएगी। इन वस्तुओं का सीधा संबंध महिला श्रमिकों के दैनिक जीवन, स्वास्थ्य और सुविधा से है, इसलिए यह सहायता उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। यह आर्थिक सहयोग महिला कामगारों के घरेलू बजट को संतुलित करने में भी मददगार साबित होगा।
योजना का लाभ लेने के लिए शर्तें
पात्र महिला श्रमिकों को क्लेम विशेष प्रपत्र-॥ में आवेदन करना अनिवार्य होगा। साथ ही खरीदी गई वस्तुओं के लिए तिथि सहित प्रमाण या वचन प्रस्तुत करना आवश्यक रहेगा। योजना की राशि का भुगतान सदस्यता के नवीनीकरण के समय किया जाएगा, इसलिए श्रमिकों को अपनी सदस्यता सक्रिय और नवीनीकृत रखना अनिवार्य होगा।
इस योजना का लाभ केवल श्रम विभाग में पंजीकृत और सक्रिय सदस्यता वाली महिला श्रमिकों को ही मिलेगा। सरकार की यह पहल महिला श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी, बल्कि उनके स्वास्थ्य और जीवन स्तर में भी सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
म्हारी योजना कॉलम के लिए

20 Feb. 2026





 

19 फ़रवरी 2026

कार्यस्थल पर दुर्घटना से पीड़ित श्रमिकों को मिलती है वित्तीय सहायता

अपंग होने की स्थिति में तीन लाख रुपए तक एकमुश्त सहायता, तीन हजार रुपए मासिक पेंशन का है प्रावधान

सिरसा, 19 फरवरी।
हरियाणा सरकार द्वारा श्रमिकों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। जहां पंजीकृत निर्माण कामगार को विभिन्न योजनाओं के  माध्यम से आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाता है, वहीं पंजीकृत कामगार की कार्यस्थल पर किसी दुर्घटना में स्थाई रूप से अपंग होने पर अपंग प्रतिशतता के आधार पर एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाती है। यह सहायता एक लाख रुपए से लेकर तीन लाख रुपए तक प्रदान की जाती है। इसके अलावा कार्यस्थल पर दुर्घटना में अपंगता होने पर तीन हजार रुपए मासिक पेंशन का भी प्रावधान किया गया है। पंजीकृत श्रमिक को 50 प्रतिशत अपंग होने की स्थिति में एक लाख रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी, वहीं 51 से 75 प्रतिशत तक अपंग होने की स्थिति में दो लाख रुपए की सहायता प्रदान किए जाने का प्रावधान है। पंजीकृत श्रमिक के 76 प्रतिशत या उससे अधिक अपंग प्रतिशतता होने पर तीन लाख रुपए श्रम विभाग के माध्यम से सरकार द्वारा प्रदान किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त पंजीकृत कामगार की संक्रामक बीमारी या कार्यस्थल पर दुर्घटना से अपंग होने की स्थिति में तीन हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जाती है।
योजना के लिए ये दस्तावेज जरूरी :
पंजीकृत श्रमिक को योजना के तहत पेंशन प्राप्त करने के लिए आवेदन प्रारूप संख्या-15 प्रस्तुत करना होगा। इसी तरह अपंगता सहायता के लिए आवेदन प्रारूप संख्या-22 प्रस्तुत किया जाना जरूरी है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग हरियाणा द्वारा स्थाई अपंगता होने संबंधी जारी किए गए प्रमाण पत्र की सत्यापित प्रति उपलब्ध करवाना अनिवार्य है। इसके बाद संबंधित अधिकारी की जांच उपरांत अनुशंसा रिपोर्ट के आधार पर वित्तीय सहायता प्रदान की जाती  है।

19 Feb. 2026





 

18 फ़रवरी 2026

होनहार बच्चों को सरकार दे रही 51000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि

पंजीकृत श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्रम विभाग की वित्तीय सहायता योजना

सिरसा, 18 फरवरी।
पंजीकृत श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हरियाणा श्रम विभाग द्वारा वित्तीय सहायता योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत पहली कक्षा से लेकर स्नातक स्तर तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का उद्देश्य श्रमिक वर्ग के बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और उनकी पढ़ाई में आर्थिक बाधाओं को दूर करना है। 
योजना के अनुसार कक्षा एक से स्नातक तक के विद्यार्थियों को 8,000 रुपये से 20,000 रुपये तक की वार्षिक सहायता दी जाएगी। वहीं दसवीं कक्षा में शैक्षणिक उत्कृष्टता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 21,000 रुपये से 51,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। यह राशि विद्यार्थियों के प्राप्त अंकों के प्रतिशत के आधार पर सावधि जमा (एफडी) के रूप में जमा कराई जाएगी, जिससे उन्हें भविष्य में लाभ मिल सके।
*नियमित विद्यार्थियों को ही मिलेगा लाभ*
योजना का लाभ केवल उन विद्यार्थियों को मिलेगा जो हरियाणा के किसी मान्यता प्राप्त स्कूल, कॉलेज या संस्थान में नियमित रूप से अध्ययनरत हैं। आवेदन करते समय विद्यार्थियों को पहचान पत्र की सत्यापित प्रति तथा अध्ययन जारी होने का प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य होगा। निजी संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के आवेदन संबंधित अधिकारियों अर्थात उप-श्रम आयुक्त, सहायक श्रम आयुक्त, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, डीईईओ, बीईईओ में से किसी एक अधिकारी से सत्यापित करवाना आवश्यक है।
*संस्थान की भूमिका अहम*
यह वित्तीय सहायता सीधे सरकारी संस्थान, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय या तकनीकी संस्थान को दी जाएगी। अन्य खर्चों की प्रतिपूर्ति रसीद प्रस्तुत करने के बाद की जाएगी। साथ ही आवेदक को यह घोषणा करनी होगी कि वह हरियाणा सरकार की किसी अन्य समान योजना का लाभ नहीं ले रहा है।
जो विद्यार्थी स्वयं रोजगार या नौकरी में हैं, वे इस योजना के पात्र नहीं होंगे। कोर्स के दोबारा करने पर लाभ बंद कर दिया जाएगा यदि विद्यार्थी अगले वर्ष के कोर्स में पहुंचने में असफल रहता है। यह योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोलेगी और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

18 Feb. 2026





 

17 फ़रवरी 2026

सरकार की सराहनीय पहल, पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों की शादी पर आर्थिक सहायता


सिरसा, 17 फरवरी।
हरियाणा सरकार द्वारा हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड में पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसी कड़ी में श्रमिकों के बच्चों की शादी के अवसर पर आर्थिक सहायता प्रदान करने की महत्वपूर्ण योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत पंजीकृत कामगारों के दो लडक़ों की शादी तक 21,000 रुपये तथा तीन बेटियों की शादी तक 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।
सरकार का उद्देश्य श्रमिक वर्ग को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है, ताकि वे अपने बच्चों के विवाह जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर आर्थिक बोझ से मुक्त रह सकें। विशेष रूप से बेटियों की शादी के लिए 50,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान करना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। इससे श्रमिक परिवारों को सम्मानपूर्वक विवाह संपन्न कराने में सहयोग मिलता है।
योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक शर्तें
इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का श्रमिक के रूप में पंजीकरण होना अनिवार्य है। आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप में भरकर संबंधित विभाग में प्रस्तुत करना होता है। साथ ही, बच्चे के विवाह से संबंधित प्रमाण पत्र एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करना आवश्यक है। निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद पात्र लाभार्थियों को सहायता राशि सीधे प्रदान की जाती है। सरकार की यह पहल न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि श्रमिक परिवारों के आत्मसम्मान को भी सुदृढ़ करती है।
योजना के तहत आवेदन एवं विवाह सर्टिफिकेट राजपत्रित अधिकारी से प्रमाणित होना अनिवार्य है। इसके साथ ही दूल्हा एवं दुल्हन की आयु के प्रमाण पत्र की स्वयं प्रमाणित प्रतियां आवेदन फार्म के साथ संलग्न करनी होंगी। निर्धारित आयु सीमा के अनुसार दुल्हन की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा दूल्हे की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होना आवश्यक है। आवेदक को संबंधित सहायक निदेशक के कार्यालय में विवाह का प्रमाण पत्र एक वर्ष की अवधि के भीतर प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। पात्र परिवार निर्धारित शर्तों का पालन करते हुए समय पर आवेदन करें, ताकि योजना का लाभ सुचारू रूप से प्राप्त किया जा सके।

17 Feb. 2026





 

16 फ़रवरी 2026

16 Feb. 2026





 

बोर्ड परीक्षाओं में विद्यार्थी तनाव न लें: शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा

 हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने आगामी बोर्ड परीक्षाओं को लेकर कहा कि बोर्ड परीक्षाएं केवल पुस्तकों से अर्जित ज्ञान का आकलन नहीं हैं, बल्कि यह विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, परिश्रम, अनुशासन और साहस की भी सच्ची परीक्षा होती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने पूरे वर्ष अपने अध्यापकों के मार्गदर्शन में निरंतर मेहनत और समर्पण के साथ अध्ययन किया है और अब समय है अपनी तैयारी तथा क्षमता पर पूर्ण विश्वास रखने का।

उन्होंने विद्यार्थियों से परीक्षा के दौरान शांत, संयमित और धैर्यवान रहने का आग्रह किया। मंत्री ने कहा कि किसी भी प्रकार की घबराहट या तनाव को मन पर हावी न होने दें। सकारात्मक सोच बनाए रखें और आत्मविश्वास के साथ प्रत्येक प्रश्नपत्र का सामना करें। यदि कोई प्रश्न कठिन लगे तो घबराने के बजाय पहले सरल प्रश्नों को हल करें और फिर शेष प्रश्नों पर ध्यान केंद्रित करें।
शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों को पर्याप्त विश्राम लेने, संतुलित एवं पौष्टिक आहार ग्रहण करने तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और शांत मन ही सफलता की कुंजी हैं। परीक्षा के दिनों में समय का सदुपयोग करें और पूरी ईमानदारी तथा निष्ठा के साथ प्रयास करें।
उन्होंने कहा कि असफलता के भय को मन में स्थान न दें, क्योंकि सच्ची सफलता निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास से ही प्राप्त होती है। प्रत्येक परीक्षा जीवन की एक सीढ़ी है, जो आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करती है।
अंत में शिक्षा मंत्री ने कहा कि हरियाणा के विद्यार्थी प्रदेश की शान और देश का उज्ज्वल भविष्य हैं। उन्हें पूर्ण विश्वास है कि सभी विद्यार्थी उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त कर प्रदेश और अपने अभिभावकों का नाम रोशन करेंगे।