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युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

12 जुलाई 2026

पट्टे पर तालाब- जलाशय लेने वाले मत्स्य पालकों को दूसरे से पांचवें साल तक भी मिलेगी लीज राशि पर सब्सिडी

- अनुसूचित जाति वर्ग के लाभार्थियों को 40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मिलेगा लाभ


सिरसा, 12 जुलाई।
मत्स्य पालन विभाग द्वारा पंचायती तालाब और सरकारी जलाशयों को पट्टे पर लेने वाले पट्टेदारों को वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जाती है। विभाग की तरफ से अनुसूचित जाति वर्ग से सम्बंधित पट्टेदारों को पहले साल की लीज राशि पर तो सहायता दी ही जाती है, इसके अलावा दूसरे से पांचवें वर्ष की लीज़ राशि पर सब्सिडी का प्रावधान किया गया है, ताकि मत्स्य पालक अपने व्यवसाय को जारी रखते हुए अपने कार्यक्षेत्र में और बेहतर आमदनी प्राप्त कर सके।

यह है अनिवार्य शर्त
योजना का लाभ लेने के लिए प्रार्थी के पास परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है। इसके अलावा लाभार्थी हरियाणा राज्य का स्थाई निवासी व अनुसूचित जाति वर्ग से सम्बन्धित होना चाहिए। लाभार्थी को पट्टा राशी पर अनुदान द्वितीय वर्ष से 5 वर्ष तक ही प्रदान किया जाएगा। प्रति लाभार्थी के हिसाब से अधिकतम चार हेक्टेयर तक ही अनुदान योजना का लाभ दिया जाएगा। आवेदक की आयु 18 साल से कम नहीं होनी चाहिए। प्रार्थी किसी भी सरकारी या अर्ध सरकारी संस्था में कार्यरत भी नहीं होना चाहिए। लाभार्थी को इस योजना के तहत 40 हजार रुपए प्रति हैक्टेयर अथवा पट्टे की वास्तविक राशि का 40 प्रतिशत, जो भी कम हो अनुदान के रूप में प्रदान किया जाएगा। यह अनुदान केवल पंचायती तालाबों व सरकारी जलाशयों पर ही प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा अधिसूचित जलक्षेत्र नदी नालों व नहरों की बोली उपरांत भी सफल बोलीदाता-पट्टेदार को अधिकतम पाँच लाख रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा। 

यह चाहिए आवश्यक दस्तावेज़
योजना का लाभ लेने के लिए मत्स्य पालक एवं विभाग के बीच हुए अनुबंध पत्र की प्रति प्रस्तुत करनी होगी। इसके अलावा मत्स्य पालन के लिए मत्स्य पालक एवं पंचायत के बीच हुए अनुबंध पत्र भी लगाना होगा। वहीं जन्मतिथि व पहचान का प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। लाभार्थी के पास किसी भी सरकारी संस्थान से मत्स्य प्रशिक्षण से संबंधित प्रमाण पत्र भी होना चाहिए। इसके अलावा भूमि का रिकार्ड जैसे पंचायत का प्रस्ताव दस्तावेज और पंचायत की पट्टा रसीद, राजकीय व राष्ट्रीय मत्स्य बीज फार्म से मत्स्य बीज की खरीद की रसीद या वाउचर भी उपलब्ध कराना होगा। इसके साथ ही साइट या तालाब से संबंधित फ़ोटो भी प्रस्तुत करनी होगी।
जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र ने कहा कि इस योजना के तहत पट्टेदारों को लीज राशि पर सब्सिडी मिलने से उनकी कार्यक्षमता में विस्तार होगा और अतिरिक्त वित्तीय मदद मिलने से मत्स्य पालन के क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। यह योजना मत्स्य पालकों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में सहायक साबित हो सकती है।

12 July 2026





 

सजावटी मछली पालन के लिए आठ लाख रुपये की परियोजना लागत पर मिलेगी 4.80 लाख रुपये तक सब्सिडी

सिरसा, 11 जुलाई। 

स्वरोजगार को बढ़ावा देने और मत्स्य क्षेत्र में नए विकल्प विकसित करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 'मध्यम पैमाने की ताजा पानी की सजावटी मछली पालन' इकाइयों की स्थापना के लिए सब्सिडी दी जाती है। इस योजना के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को शेड, प्रजनन इकाइयों और पालन एवं संवर्धन टैंकों जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। योजना के तहत प्रति इकाई परियोजना लागत आठ लाख रुपये निर्धारित की गई है जिस पर सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को लागत का 40 प्रतिशत अर्थात अधिकतम 3 लाख 20 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी। वहीं अनुसूचित जाति और महिला लाभार्थियों के लिए यह सहायता लागत का 60 प्रतिशत यानि अधिकतम 4 लाख 80 हजार रुपये तक होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और पारंपरिक खेती के साथ सजावटी मछली पालन को भी आय के अतिरिक्त स्रोत के रूप में अपना सकेंगे।

पर्याप्त जल आपूर्ति व 150 वर्ग मीटर खाली भूमि हो
योजना का लाभ केवल हरियाणा के स्थायी निवासियों को मिलेगा। आवेदक के पास वैध परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है। इसके अलावा पर्याप्त जल आपूर्ति के साथ कम से कम 150 वर्ग मीटर खाली भूमि उपलब्ध होनी चाहिए। भूमि स्वयं की हो या कम से कम सात वर्ष की अवधि के लिए पंजीकृत पट्टे पर ली गई हो, तभी आवेदन स्वीकार किया जाएगा। आवेदन के साथ लाभार्थी और विभाग के बीच समझौता पत्र, जन्म एवं पहचान प्रमाण, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), मत्स्य पालन प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, भूमि अभिलेख या पंजीकृत पट्टा विलेख, बिल एवं वाउचर, इकाई के साथ लाभार्थी का फोटो, बैंक खाते का विवरण, पैन कार्ड तथा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के दिशा-निर्देशों के अनुरूप विस्तृत परियोजना रिपोर्ट जमा करानी होगी।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
इस वित्तीय सहायता से इच्छुक लोग कम निवेश में अपना व्यवसाय शुरू कर सकेंगे और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इससे मत्स्य उत्पादन के साथ-साथ सजावटी मछली उद्योग को भी मजबूती मिलेगी। सजावटी मछली पालन पारंपरिक खेती के मुकाबले अतिरिक्त आय का अच्छा माध्यम बन सकता है। कम भूमि में भी इस व्यवसाय को शुरू किया जा सकता है और उचित प्रबंधन के साथ अच्छा लाभ प्राप्त किया जा सकता है। सरकार की यह पहल युवाओं को स्वरोजगार की ओर प्रेरित करने के साथ-साथ महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने में भी सहायक साबित हो सकती है।

जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य सजावटी मछली उत्पादन को बढ़ावा देना, युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना तथा मत्स्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को प्रोत्साहित करना है। इच्छुक पात्र लाभार्थी जिले के मत्स्य पालन विभाग के कार्यालय से संपर्क कर योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।

09 जुलाई 2026

सैनिक एवं अर्धसैनिक बलों के परिवारों के युवा स्टेनोग्राफी हिन्दी कोर्स के लिए 15 जुलाई तक करें ऑनलाइन आवेदन

-सैनिक परिवार भवन हिसार में सत्र 2026-27 के लिए 24 सीटों पर होंगे दाखिले, रिक्त सीटों पर सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को भी मिलेगा अवसर

सिरसा, 09 जुलाई। 
प्रदेश के भूतपूर्व सैनिकों, सेवारत सैनिकों, युद्ध विधवाओं, भूतपूर्व अर्द्धसैनिक बलों तथा सेवारत अर्द्धसैनिक बलों के आश्रितों के लिए रोजगारपरक शिक्षा प्राप्त करने का बेहतर अवसर है। सैनिक परिवार भवन, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), तोशाम रोड, हिसार में सत्र 2026-27 के लिए स्टैनोग्राफी हिन्दी (एनसीवीटी) का एक वर्षीय प्रशिक्षण कोर्स संचालित किया जा रहा है। यह कोर्स श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय स्तर का डिप्लोमा है।

यह प्रशिक्षण विशेष रूप से सैनिक एवं अर्धसैनिक परिवारों के युवाओं को ध्यान में रखकर शुरू किया गया है ताकि वे कौशल विकास के माध्यम से सरकारी एवं निजी क्षेत्रों में रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें। संस्थान का उद्देश्य ऐसे युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाना है, जिससे वे अपने भविष्य को नई दिशा दे सकें। इस कोर्स में प्रवेश के लिए पहले हरियाणा के भूतपूर्व सैनिकों, सेवारत सैनिकों, युद्ध विधवाओं, भूतपूर्व अर्द्धसैनिक बलों तथा सेवारत अर्द्धसैनिक बलों के आश्रितों को प्राथमिकता दी जाएगी। यदि निर्धारित सीटें रिक्त रहती हैं, तो सामान्य श्रेणी के गैर सैनिक परिवारों के पात्र अभ्यर्थियों को भी ऑनलाइन आवेदन करने और प्रवेश प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे अधिक से अधिक युवाओं को राष्ट्रीय स्तर के कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

यह है न्यूनतम योग्यता
स्टेनोग्राफी हिन्दी (सहशिक्षा) के इस एक वर्षीय कोर्स में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी का न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता दसवीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है, जबकि न्यूनतम आयु 14 वर्ष निर्धारित की गई है। सत्र 2026-27 के लिए इस ट्रेड में कुल 24 सीटें उपलब्ध हैं। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को व्यावहारिक विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे विभिन्न सरकारी विभागों, न्यायालयों, बोर्डों, निगमों, सार्वजनिक उपक्रमों तथा निजी संस्थानों में स्टेनोग्राफर, कार्यालय सहायक और अन्य प्रशासनिक पदों के लिए स्वयं को तैयार कर सकें।

ऑनलाइन करें आवेदन
प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जा रही है। इच्छुक अभ्यर्थी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://admissions.itiharyana.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई, 2026 निर्धारित की गई है। इसके साथ ही पंजीकृत अभ्यर्थियों को 15 जुलाई तक अपनी पसंद के ट्रेड एवं संस्थान का चयन कर विकल्प भरने का अवसर भी दिया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि समय सीमा समाप्त होने के बाद आवेदन या विकल्प भरने का अवसर उपलब्ध नहीं होगा, इसलिए पात्र अभ्यर्थी अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।
अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि आवेदन भरने से पहले विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध प्रॉस्पेक्टस (विवरण पुस्तिका) का सावधानीपूर्वक अध्ययन करें, ताकि पात्रता, आरक्षण, आवश्यक दस्तावेज, प्रवेश प्रक्रिया तथा काउंसलिंग से संबंधित सभी नियमों की सही जानकारी प्राप्त हो सके। आवेदन के समय सभी आवश्यक दस्तावेज निर्धारित प्रारूप में अपलोड करना भी अनिवार्य होगा। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक अभ्यर्थी विभागीय वेबसाइट से प्रॉस्पेक्टस डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त संस्थान द्वारा जारी मोबाइल नंबर पर 9255217070 व 9466534466 पर संपर्क कर प्रवेश प्रक्रिया, पात्रता एवं अन्य आवश्यक जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है। संस्थान ने सभी पात्र अभ्यर्थियों से समय रहते आवेदन करने की अपील की है।

म्हारी योजना कॉलम के लिए।

9 July 2026





 

08 जुलाई 2026

अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों हेतु छात्रावास निर्माण, विस्तार एवं मरम्मत के लिए आवेदन आमंत्रित

-प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के अंतर्गत सरकारी, अर्धसरकारी शिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को मिलेगा वित्तीय सहयोग

सिरसा, 08 जुलाई।
अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित एवं बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है।
सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जातियां एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय (सेवा) विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत पात्र शैक्षणिक संस्थाओं से नए छात्रावासों के निर्माण, मौजूदा छात्रावासों के विस्तार तथा मरम्मत एवं नवीनीकरण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। विभाग ने सभी पात्र संस्थाओं से निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप शीघ्र आवेदन करने की अपील की है। विभाग का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तभी प्रभावी रूप से संभव है, जब विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए सुरक्षित, अनुशासित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध हो। विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले अनुसूचित जाति वर्ग के अनेक विद्यार्थियों को उच्च शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने के लिए छात्रावास सुविधाओं की आवश्यकता होती है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए योजना के माध्यम से छात्रावासों की संख्या बढ़ाने और पहले से संचालित छात्रावासों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

यह है पात्रता
योजना के अंतर्गत पात्र सरकारी एवं अर्धसरकारी शिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों तथा अन्य पात्र संस्थाओं को अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए नए छात्रावासों के निर्माण, मौजूदा भवनों के विस्तार, मरम्मत, नवीनीकरण तथा आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए  बजट उपलब्धता अनुसार वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इससे विद्यार्थियों को बेहतर आवासीय वातावरण, स्वच्छ परिसर, अध्ययन कक्ष, पेयजल, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। जिला कल्याण अधिकारी राकेश कुमार ने जिले की सभी पात्र संस्थाओं से आह्वान किया कि यदि उनके परिसर में अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास उपलब्ध नहीं है अथवा वर्तमान छात्रावास क्षमता से कम पड़ रहा है या उसकी मरम्मत एवं नवीनीकरण की आवश्यकता है, तो वे योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक दस्तावेजों सहित अपना प्रस्ताव समयबद्ध रूप से प्रस्तुत करें। प्राप्त प्रस्तावों पर जांच के बाद नियमानुसार आगे स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।

यह बरतें सावधानी
विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रस्ताव तैयार करते समय सभी आवश्यक दस्तावेज, तकनीकी विवरण तथा योजना के दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। अपूर्ण अथवा निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने वाले प्रस्तावों पर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रावासों का निर्माण और सुदृढ़ीकरण केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य अनुसूचित जाति विद्यार्थियों के लिए ऐसा शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है, जहां वे बिना किसी आवासीय कठिनाई के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। बेहतर छात्रावास सुविधाएं विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, परीक्षा परिणाम और उच्च शिक्षा में भागीदारी बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होंगी। इससे सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिलेंगे। योजना से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा अन्य आवश्यक जानकारी आधिकारिक वेबसाइट https://pmajay.dosje.gov.in पर उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त इच्छुक संस्थाएं किसी भी कार्य दिवस में जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर योजना से जुड़ी जानकारी तथा आवेदन प्रक्रिया के संबंध में मार्गदर्शन प्राप्त कर सकती हैं।
फ़ाइल फ़ोटो : जिला कल्याण अधिकारी राकेश कुमार

8 July 2026





 

03 जुलाई 2026

अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र अभ्यर्थियों को मिलेगा नि:शुल्क कौशल प्रशिक्षण, नौ जुलाई तक करें आवेदन

सिरसा, 03 जुलाई।

हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र महिला एवं पुरुष अभ्यर्थियों को विभिन्न व्यवसायिक ट्रेडों में नि:शुल्क कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण आवासीय (नॉन-रेजिडेंशियल) आधार पर आयोजित किया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थी 9 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं।
प्रशिक्षण योजना का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को रोजगारोन्मुखी कौशल प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार एवं रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण की अवधि अधिकतम 38 से 75 दिनों तक होगी तथा इसे हरियाणा कौशल विकास मिशन की आवश्यकता के अनुसार संचालित किया जाएगा।
प्रशिक्षण के तहत ब्राइडल फैशन एंड पोर्टफोलियो मेकअप आर्टिस्ट केवल महिलाओं के लिए है तथा शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास होनी चाहिए। इसी प्रकार असिस्टेंट फॉल्स सीलिंग एंड ड्राईवॉल इंस्टॉलर कोर्स केवल पुरुषों के लिए है, जो आठवीं पास हो। अन्य कोर्स जैसे असिस्टेंट ब्यूटी थेरेपिस्ट, असिस्टेंट हेयर ड्रेसर एंड स्टाइलिस्ट तथा सेल्फ एम्प्लॉयड टेलर महिला व पुरुष दोनों के लिए है और शैक्षणिक योग्यता आठवीं पास है।
प्रशिक्षण के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की आयु 18 से 42 वर्ष के बीच होनी चाहिए तथा परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में दर्शाई गई वार्षिक पारिवारिक आय 3 लाख रुपये तक होनी चाहिए। आवेदन के साथ आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, सत्यापित परिवार पहचान पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, दो पासपोर्ट आकार के फोटो सहित आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे।
इच्छुक अभ्यर्थी बैंक कॉलोनी, हिसार रोड सिरसा स्थित हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम कार्यालय में कार्यालय समय के दौरान 9 जुलाई तक संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं।

3 July 2026





 

01 जुलाई 2026

1 July 2026





 

महिला समृद्धि योजना : महिलाओं को स्वरोजगार के लिए मिलेगा डेढ़ लाख रुपए तक का ऋण

- हरियाणा पिछड़ा वर्ग तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग कल्याण निगम, महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने के लिए प्रयासरत

सिरसा, 30 जून। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने की दिशा में हरियाणा सरकार निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में हरियाणा पिछड़ा वर्ग तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग कल्याण निगम द्वारा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें रोजगार के नए अवसर प्रदान करना तथा उनकी आर्थिक स्थिति को और मजबूत बनाना है। निगम द्वारा महिला समृद्धि योजना संचालित की जा रही है, जो विशेष रूप से पिछड़े वर्ग की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने तथा उन्हें अपना स्वयं का व्यवसाय, लघु उद्योग आधारित कार्य अथवा अन्य स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करती है। योजना के तहत पिछड़े वर्ग से संबंधित पात्र महिला लाभार्थियों को प्रति लाभार्थी 50 हजार से डेढ़ लाख रुपए तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
यह है अनिवार्य शर्त
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक की आयु 18 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक हरियाणा की स्थायी निवासी तथा पिछड़े वर्ग से संबंधित हो। इसके अतिरिक्त आवेदक के परिवार की वार्षिक आय ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में तीन लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) होना भी अनिवार्य है।

महिला समृद्धि योजना के माध्यम से प्राप्त ऋण का उपयोग महिलाएं सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर, डेयरी, पशुपालन, बुटीक, रेडीमेड गारमेंट्स, किराना स्टोर, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, कंप्यूटर एवं डिजिटल सेवाएं, लघु एवं सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने के लिए कर सकती हैं। यह योजना महिलाओं को स्वयं रोजगार सृजित करने के लिए प्रेरित करती है।

यह चाहिए दस्तावेज
योजना के लिए आवेदन करते समय आवेदक को पहचान एवं नागरिकता का प्रमाण, आयु प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, डोमिसाइल प्रमाण-पत्र, पिछड़ा वर्ग का जाति प्रमाण-पत्र, पासपोर्ट आकार का नवीनतम फोटो तथा परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) प्रस्तुत करना होगा। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन पत्र जिला कार्यालय में जमा किया जा सकता है।

हरियाणा पिछड़ा वर्ग तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग कल्याण निगम से जिला प्रबंधक धर्मेंद्र खोथ ने पात्र महिलाओं से अधिक से अधिक संख्या में इस योजना का लाभ उठाने का आह्वान किया है। जिससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से न केवल उनका जीवन स्तर बेहतर होगा, बल्कि परिवार की आय में भी वृद्धि होगी और समाज में महिलाओं की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
उन्होंने बताया कि सरकार की यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पात्र महिलाएं योजना का लाभ लेकर स्वरोजगार स्थापित करें व आत्मनिर्भर बनें तथा प्रदेश के आर्थिक विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी एवं आवेदन के लिए इच्छुक महिला आवेदक जिला कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।