हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने आगामी बोर्ड परीक्षाओं को लेकर कहा कि बोर्ड परीक्षाएं केवल पुस्तकों से अर्जित ज्ञान का आकलन नहीं हैं, बल्कि यह विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, परिश्रम, अनुशासन और साहस की भी सच्ची परीक्षा होती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने पूरे वर्ष अपने अध्यापकों के मार्गदर्शन में निरंतर मेहनत और समर्पण के साथ अध्ययन किया है और अब समय है अपनी तैयारी तथा क्षमता पर पूर्ण विश्वास रखने का।
उन्होंने विद्यार्थियों से परीक्षा के दौरान शांत, संयमित और धैर्यवान रहने का आग्रह किया। मंत्री ने कहा कि किसी भी प्रकार की घबराहट या तनाव को मन पर हावी न होने दें। सकारात्मक सोच बनाए रखें और आत्मविश्वास के साथ प्रत्येक प्रश्नपत्र का सामना करें। यदि कोई प्रश्न कठिन लगे तो घबराने के बजाय पहले सरल प्रश्नों को हल करें और फिर शेष प्रश्नों पर ध्यान केंद्रित करें।
शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों को पर्याप्त विश्राम लेने, संतुलित एवं पौष्टिक आहार ग्रहण करने तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और शांत मन ही सफलता की कुंजी हैं। परीक्षा के दिनों में समय का सदुपयोग करें और पूरी ईमानदारी तथा निष्ठा के साथ प्रयास करें।
उन्होंने कहा कि असफलता के भय को मन में स्थान न दें, क्योंकि सच्ची सफलता निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास से ही प्राप्त होती है। प्रत्येक परीक्षा जीवन की एक सीढ़ी है, जो आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करती है।
अंत में शिक्षा मंत्री ने कहा कि हरियाणा के विद्यार्थी प्रदेश की शान और देश का उज्ज्वल भविष्य हैं। उन्हें पूर्ण विश्वास है कि सभी विद्यार्थी उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त कर प्रदेश और अपने अभिभावकों का नाम रोशन करेंगे।



















































