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14 जुलाई 2026

अब 24 जुलाई तक बीएलओ को जमा करवा सकते हैं गणना प्रपत्र


-प्रारम्भिक मतदाता सूची 31 जुलाई को होगी प्रकाशित, इसके बाद 30 अगस्त तक कर सकेंगे दावे और आपत्तियां
सिरसा, 14 जुलाई।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 में गणना प्रपत्र बीएलओ को जमा करवाने तथा डिजिटाइज करने की अवधि को 14 जुलाई से बढ़ाकर 24 जुलाई तक कर दी गई है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता प्रारम्भिक मतदाता सूची में शामिल होने अथवा अपने विवरण का सत्यापन कराने से वंचित न रहे।
विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि पुनरीक्षण कार्यक्रम के अनुसार अब बूथ लेवल अधिकारी 24 जुलाई तक गणना प्रपत्र के वितरण, संग्रहण, सत्यापन एवं डिजिटाइजेशन का कार्य जारी रखेंगे और अपने-अपने मतदान क्षेत्रों के शेष पात्र मतदाताओं से संपर्क कर गणना प्रपत्र प्राप्त करेंगे । इसके अतिरिक्त, प्रारम्भिक मतदाता सूची 31 जुलाई को प्रकाशित की जाएगी तथा दावें एवं आपत्तियों की अवधि तिथि 31 जुलाई से 30 अगस्त रहेगी। वहीं मतदाता सूचियों का अन्तिम प्रकाशन तीन अक्टूबर को किया जाएगा। उन्होंने शेष सभी मतदाताओं से अपील की कि जिन्होने अभी तक अपना गणना प्रपत्र वापिस बीएलओ को जमा नहीं कराया है, वे विस्तारित तिथि का लाभ उठाते हुए शीघ्र अपना गणना प्रपत्र भरकर संबंधित बूथ लेवल अधिकारी को उपलब्ध कराएं अथवा निर्धारित तिथि तक ऑनलाइन माध्यम से भी जमा करें। 
उन्होंने बताया कि यदि इस विस्तारित अवधि में भी मतदाता द्वारा गणना प्रपत्र जमा नहीं करवाया गया तो 31 जुलाई को प्रकाशित होने वाली प्रारम्भिक मतदाता सूची में शामिल नही होगा । प्रवक्ता ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करना तथा मतदाता सूची को अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाना है। इसलिए सभी मतदाता इस अभियान में सक्रिय सहयोग करें और अपने परिवार के प्रत्येक पात्र सदस्य का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित कराएं। पुनरीक्षण कार्यक्रम एवं अन्य जानकारी के लिए संबंधित जिला निर्वाचन कार्यालय, बूथ लेवल अधिकारी अथवा 1950 पर संपर्क किया जा सकता है।

दिव्यांग विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए मिलेगा 50 लाख तक का शिक्षा ऋण

-हरियाणा पिछड़ा वर्ग तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग कल्याण निगम की योजना से जरूरतमंद विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ

सिरसा, 14 जुलाई।
दिव्यांग विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने के लिए सरकार ने उच्च शिक्षा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए शिक्षा ऋण योजना लागू की है। हरियाणा पिछड़ा वर्ग तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग कल्याण निगम के माध्यम से पात्र दिव्यांग विद्यार्थियों को भारत और विदेश के शिक्षण संस्थानों में व्यावसायिक और तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के लिए 50 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी दिव्यांग विद्यार्थी प्रवेश लेने के बाद अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़े। वर्तमान समय में उच्च शिक्षा की मांग लगातार बढ़ रही है। सरकार की यह योजना ऐसे विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें बेहतर शिक्षा, रोजगार और सम्मानजनक जीवन की ओर आगे बढ़ाने का प्रयास है। योजना का लाभ भारत के साथ-साथ विदेशों में अध्ययन करने वाले पात्र विद्यार्थियों को भी मिलेगा।

आवेदन के लिए यह है पात्रता
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का हरियाणा का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। उसकी दिव्यांगता कम से कम 40 प्रतिशत होनी चाहिए। सामान्य श्रेणी के आवेदकों की आयु 18 से 55 वर्ष के बीच निर्धारित की गई है, जबकि मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों के लिए न्यूनतम आयु 14 वर्ष रखी गई है। आवेदक के पास भारत या विदेश के किसी मान्यता प्राप्त व्यावसायिक अथवा तकनीकी पाठ्यक्रम में प्रवेश होना चाहिए। इसके अतिरिक्त परिवार पहचान पत्र अनिवार्य है। यदि शिक्षा ऋण की राशि 15 लाख रुपये या उससे अधिक है, तो भारत सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के तहत जारी यूडीआईडी पंजीकरण भी अनिवार्य रहेगा। यह भी स्पष्ट किया जाता है कि आवेदक की ऋण राशि के अनुसार उसके पास डेढ़ गुणा परिसंपत्ति भी होना आवश्यक है। योजना के तहत भारत और विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए अधिकतम 50 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को ट्यूशन फीस, शैक्षणिक खर्च और अध्ययन से जुड़े अन्य आवश्यक व्ययों की व्यवस्था करने में मदद मिलेगी।

आवेदन के लिए चाहिए ये आवश्यक दस्तावेज
आवेदन करते समय आवेदक को पहचान, नागरिकता एवं आयु का प्रमाण, आधार कार्ड, हरियाणा का अधिवास प्रमाण-पत्र, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, पासपोर्ट फोटो, परिवार पहचान पत्र, प्रवेश पत्र, कोर्स की अवधि का विवरण, संबंधित संस्थान की फीस संरचना तथा पिछली शैक्षणिक योग्यता के प्रमाण-पत्र जमा करने होंगे। निगम द्वारा समय-समय पर इस शिक्षा ऋण योजना के तहत आवेदन मांगे जाते हैं। योग्य आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे समय- समय पर विभाग की वेबसाइट https://hbews.org.in/ का विजिट करते हुए योजना संबंधित और अधिक जानकारी प्राप्त करते हुए निर्धारित आवेदन तिथि में अप्लाई करें।

पिछड़ा वर्ग तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग कल्याण निगम के जिला प्रबंधक धर्मेंद्र खोथ ने कहा कि यह योजना दिव्यांग को शिक्षा, कौशल और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद ये विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे और समाज की मुख्यधारा में अधिक प्रभावी भूमिका निभा पाएंगे। निगम की पात्र दिव्यांग विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करते हुए आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करें और इस योजना का लाभ उठाएं।

14 July 2026