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युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

11 मई 2026

आवासीय कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं से आवेदन आमंत्रित

सिरसा, 11 मई।

केंद्रीय पेट्रोरसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सिपेट) मुरथल, सोनीपत द्वारा वर्ष 2026-27 के दौरान अनुसूचित जाति वर्ग के बेरोजगार युवक युवतियों के लिए आवासीय कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत चयनित अभ्यर्थियों को नि:शुल्क छात्रावास, किताबें, नोटबुक, स्टेशनरी, ड्रेस तथा जूते जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
हरियाणा राज्य के अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित पात्र उम्मीदवारों से लघु अवधि पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। प्रशिक्षण की अवधि तीन माह निर्धारित की गई है, जिसमें कुल 480 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण एनएसक्यूएफ लेवल-3 के अंतर्गत संचालित होगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत सहायक मशीन ऑपरेटर इंजेक्शन मोल्डिंग (एएमओ-एमआई) के लिए 200 सीटें निर्धारित की गई हैं। इसके अलावा सहायक मशीन ऑपरेटर प्लास्टिक प्रोसेसिंग (एएमओ-पीपी), सहायक मशीन ऑपरेटर प्लास्टिक एक्सटूजन (एएमओ-पीई) तथा सहायक मशीन ऑपरेटर ब्लो मोल्डिंग (एएमओ-बीएम) के लिए 80-80 सीटें रखी गई हैं। इन पाठ्यक्रमों के लिए उम्मीदवार का कम से कम 10वीं पास होना तथा न्यूनतम आयु 18 वर्ष होना अनिवार्य है।
जिला कल्याण अािकारी राकेश कुमार ने बताया गया कि आवेदन के साथ अभ्यर्थियों को मार्कशीट, अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड तथा रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो जमा करवानी होगी। इच्छुक उम्मीदवार आवश्यक दस्तावेजों की फोटोप्रति के साथ सिपेट मुरथल, सोनीपत में आवेदन कर सकते हैं। जो उम्मीदवार पहले सिपेट के किसी केंद्र से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं, वे आवेदन के पात्र नहीं होंगे। प्रवेश प्रक्रिया संस्थान के नियमानुसार पूरी की जाएगी। अभ्यर्थी अपना आवेदन ईमेल आईडी  murthal@cipet.gov.in पर भी भेज सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए 7678329863, 7555888612 तथा 9996538494 पर संपर्क किया जा सकता है।

11 May. 2026





 

मुख्यमंत्री राहत कोष से चिकित्सा सहायता के लिए सरल पोर्टल पर करें आवेदन

सरल पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों का 15 दिनों के भीतर करना होता है निपटान

सिरसा, 10 मई।
हरियाणा मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत राज्य सरकार आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को गंभीर बीमारियों एवं आपदा जैसी परिस्थितियों में वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। इस योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को इलाज और संकट के समय आर्थिक सहारा देना है।

इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि धन के अभाव में किसी नागरिक का उपचार न रुके। योजना की शर्त यह है कि आवेदक आयुष्मान भारत का लाभार्थी नहीं होना चाहिए। इसके अलावा अगर कोई बीमारी आयुष्मान भारत में कवर नहीं होती तो इस योजना में शामिल किया जा सकता है। इसमें अधिकतम एक लाख रुपये तक की मेडिकल सहायता दी जाती है।

मुख्य रूप से इन बीमारियों के लिए मिलती है सहायता
मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत उन गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है, जिनका खर्च आम परिवारों के लिए उठाना कठिन होता है। इस योजना के अंतर्गत हृदय रोग, किडनी रोग, कैंसर, टाइरोसिनेमिया टाइप-1, ओस्टियोजेनेसिस इमपरफेक्टा, विकास हार्मोन की कमी, टर्नर सिंड्रोम, नूनन सिंड्रोम, सिस्टिक फाइब्रोसिस, प्राइमरी इम्यून डेफिशिएंसी, यूरिया चक्र विकार, पोरफाइरिया, माइटोकॉन्ड्रियल चयापचय रोग और गौचर रोग जैसी बीमारियों के उपचार के लिए सहायता प्रदान की जाती है।
इसके अलावा हर्लर सिंड्रोम, हंटर सिंड्रोम, पॉम्पे रोग, फैब्री रोग, एमपीएस 4-ए, एमपीएस 6, ड्यूचेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी, वोलमैन रोग, हाइपोफोस्फेटसिया और न्यूरोनल सेरॉइड लिपोफ्यूसिनोसिस जैसी गंभीर बीमारियां भी मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत वित्तीय सहायता के लिए पात्र हैं।

आवेदन करने की प्रक्रिया बहुत ही सरल
इस योजना के लिए प्रार्थियों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं है। वे पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पूर्ण कर सकते हैं। सबसे पहले प्रार्थी सरल पोर्टल पर लॉगिन करें।आवेदन के लिए परिवार पहचान पत्र अनिवार्य है। इसके साथ अस्पताल के बिल, ओपीडी पर्ची और अन्य संबंधित मेडिकल दस्तावेज अपलोड करें।आवेदन के बाद जिला स्तरीय समिति (जिसमें सांसद, विधायक, उपायुक्त और सीएमओ शामिल होते हैं) दस्तावेजों की जांच करती है।आवेदन के 15 दिनों के भीतर प्रक्रिया पूरी करने का प्रावधान है।स्वीकृत राशि सीधे अस्पताल के खाते में या लाभार्थी के बैंक खाते में डिजिटल माध्यम से हस्तांतरित की जाती है।