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26 फ़रवरी 2026

देवी रूपक योजना: परिवार नियोजन अपनाएं, मासिक प्रोत्साहन भी पाएं

 देवी रूपक योजना के तहत पात्र दंपत्तियों को मिलती है 500 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि

सिरसा

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनसंख्या स्थिरीकरण, लिंगानुपात में सुधार तथा एक या दो बच्चों के बाद परिवार नियोजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित देवी रूपक योजना के अंतर्गत पात्र दंपत्तियों को मासिक प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में लिंगानुपात को संतुलित करना तथा जन्म के बीच उचित अंतराल सुनिश्चित करना है।
योजना के तहत यदि कोई दंपत्ति परिवार नियोजन की स्थायी विधि (टर्मिनल मैथड) अपनाता है, तो उन्हें अपनाने की तिथि से अधिकतम 20 वर्षों तक प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि दी जाती है। योजना के अनुसार यदि दंपत्ति प्रथम संतान के रूप में कन्या के जन्म के बाद स्थाई परिवार नियोजन अपनाता है, तो उन्हें 500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। यदि प्रथम संतान पुत्र है और उसके बाद परिवार नियोजन अपनाया जाता है, तो 200 रुपये प्रतिमाह की राशि प्रदान की जाएगी। वहीं, यदि पहली संतान पुत्री हो और दूसरी संतान भी पुत्री हो तथा उसके बाद स्थायी विधि अपनाई जाए, तो भी 200 रुपये प्रतिमाह की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं। दंपत्ति में से कोई भी आयकरदाता नहीं होना चाहिए। लाभार्थी दंपत्ति को अपने निवास क्षेत्र की ग्राम पंचायत या नगर निकाय में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। साथ ही पुरुष की आयु 45 वर्ष तक तथा महिला की आयु 40 वर्ष तक होने पर योजना का लाभ लिया जा सकता है, चाहे विवाह की तिथि कुछ भी रही हो।
योजना के अंतर्गत यह भी प्रावधान किया गया है कि परिवार नियोजन की स्थायी विधि उस स्थिति में अपनाई जानी चाहिए जब सबसे छोटा बच्चा पांच वर्ष की आयु से कम हो। यदि प्रथम संतान पुत्र है और दंपत्ति ने उस समय स्थायी विधि (टर्मिनल मेथड) नहीं अपनाई, तो एकमात्र पुत्री के पांच वर्ष की आयु पूर्ण होने से पहले स्थायी विधि अपनाना आवश्यक होगा।
यदि पहली प्रसूति में जुड़वां संतान होती है, तो पात्रता की शर्तें उसी अनुसार लागू होंगी। यदि दोनों संतानें कन्या हों, तो प्रोत्साहन राशि एक कन्या के समान ही देय होगी। अन्य स्थितियों में एक पुत्र के जन्म पर लागू प्रावधान प्रभावी रहेंगे।
यदि दंपत्ति द्वारा स्थायी विधि अपनाने के बाद एकमात्र संतान की मृत्यु हो जाती है, तो राज्य व्यय पर पुन: नसबंदी खोलने (रीकैनलाइजेशन) की सुविधा दी जाएगी, हालांकि मासिक प्रोत्साहन भुगतान पुन: नसबंदी की तिथि से बंद कर दिया जाएगा। इसी प्रकार यदि एकमात्र संतान 18 वर्ष की आयु से पहले 100 प्रतिशत शारीरिक या मानसिक रूप से दिव्यांग हो जाती है, तो भी पुन: नसबंदी खोलने का अधिकार मिलेगा, परंतु मासिक प्रोत्साहन जारी नहीं रहेगा।
उप सिविल सर्जन एवं नोडल अधिकारी डा. भारत भूषण ने बताया कि सरकार द्वारा संचालित यह योजना छोटे परिवार के संदेश को मजबूत करने, बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने और सामाजिक संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

खौफनाक : चौटाला में घरेलू कलह के बाद दंपति ने निगला जहर; पति की मौत, पत्नी वेंटिलेटर पर

 12 वर्षीय बेटे ने 5 किले दूर भागकर पड़ोसियों को दी सूचना; मां-बाप मर गए सुनकर दहल उठा गांव

 जहर खाने से पहले पिता ने बच्चों को भी पीटा; 5 मासूमों के सिर से उठा पिता का साया











डबवाली (लहू की लौ) गांव चौटाला के संगरिया रोड़ पर स्थित जवाहर कॉलोनी एक ढाणी में बुधवार शाम को पारिवारिक विवाद ने खूनी मोड़ ले लिया। 35 वर्षीय सुभाष ने अपनी पत्नी सुनीता उर्फ ममता के साथ विवाद के बाद जहर खा लिया। इस घटना में सुभाष की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सुनीता को गंभीर हालत में हनुमानगढ़ रेफर किया गया है।


मासूम बेटे की पुकार पड़ोसी अंकल, मेरे मां-बाप को बचा लो

घटना के समय घर पर पांच बच्चे मौजूद थे। जैसे ही सुभाष और सुनीता ने जहर खाया और उनकी हालत बिगडऩे लगी, उनका 12 वर्षीय बड़ा बेटा घबराकर करीब 5-6 किले (खेत) दूर स्थित पड़ोसी रोहताश के घर की ओर भागा। उसने चिल्लाते हुए पड़ोसियों को बताया कि मां को मार दिया और पापा मर गए। पड़ोसी तुरंत मौके पर पहुंचे और डायल 112 व खेत मालिक को सूचना दी।



खेत मालिक ने दिखाई तत्परता

सूचना मिलते ही खेत मालिक चुन्नी राम का बेटा मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि सुभाष की धडक़न रुक चुकी थी, लेकिन सुनीता की सांसें चल रही थीं। बिना समय गंवाए उन्होंने अपनी गाड़ी में सुनीता को राजस्थान के संगरिया अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे गंभीर हालत के चलते हनुमानगढ़ रेफर कर दिया गया।



साला सामान लेने गया था, पीछे से हो गया हादसा

मृतक सुभाष का साला संजय (निवासी अबूबशहर) उस समय घर पर ही था। वह अपने बड़े भांजे को लेकर मोटरसाइकिल पर चीनी और चायपत्ती लेने गांव गया था। रास्ते में पेट्रोल खत्म होने के कारण उसे देरी हो गई। इसी बीच उसकी मां का फोन आया कि ढाणी में झगड़ा हो रहा है। जब वह पहुंचा तो सुभाष मृत पड़ा था और बहन बेसुध थी। इसी बीच वह भी अपनी सुध खो बैठा



नशे या गुस्से में बच्चों को भी पीटा

जानकारी के अनुसार, जहर निगलने से पहले सुभाष ने अपने दो छोटे बच्चों की बेरहमी से पिटाई भी की, जिससे उन्हें चोटें आई हैं। पुलिस ने दोनों बच्चों को संरक्षण में लेकर अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिलवाया है। मृतक के 4 बेटे और 1 बेटी है, जिनमें सबसे बड़ा बेटा मात्र 12 साल का है।



पुलिस और सीन ऑफ क्राइम की जांच

घटना की सूचना मिलते ही थाना सदर प्रभारी शैलेंद्र कुमार, चौटाला चौकी प्रभारी सतपाल और 112 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने सुभाष के शव को डबवाली के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। गुरुवार को सीन ऑफ क्राइम की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए।



हमें सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। पति की मौत हो चुकी है, जबकि महिला का इलाज जारी है। घायल बच्चों का उपचार करवाया गया है। परिजनों के बयानों के आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

- शैलेंद्र कुमार, प्रभारी, थाना सदर, डबवाली



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26 Feb. 2026