सिरसा, 13 मार्च।
हरियाणा श्रम विभाग द्वारा पंजीकृत कामगारों के सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत यदि किसी पंजीकृत कामगार की कार्यस्थल पर दुर्घटना के कारण मृत्यु हो जाती है, तो श्रम विभाग द्वारा उसके नामांकित व्यक्ति या कानूनी उत्तराधिकारी को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।श्रम विभाग के अनुसार इस योजना के लिए केवल वहीं कामगारों पात्र होंगे जिनका विभाग में नियमित पंजीकरण होना आवश्यक है। दुर्घटना की स्थिति में सहायता राशि प्राप्त करने के लिए संबंधित मामले में एफआईआर की प्रति तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट जमा करवाना अनिवार्य है। इसके साथ ही मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र भी आवश्यक दस्तावेजों में शामिल है।विभागीय प्रक्रिया के तहत संबंधित अधिकारी द्वारा मामले की जांच की जाती है। जांच पूरी होने के बाद अधिकारी की अनुशंसा रिपोर्ट के आधार पर नामांकित व्यक्ति या कानूनी उत्तराधिकारी को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसके लिए प्रार्थी को क्लेम फॉर्म-18 के माध्यम से आवेदन करना अनिवार्य होता है। सरकार की इस योजना का उद्देश्य संकट की घड़ी में श्रमिक परिवार को आर्थिक मदद प्रदान करना है।
- फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए योजना शुरू, ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर 15 अप्रैल तक करें पंजीकरणसिरसा, 12 मार्च।किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित करने और मिट्टी की सेहत सुधारने के उद्देश्य से कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने एक महत्वपूर्ण योजना शुरू की है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) के तहत धान की रोपाई से पहले खेत में हरी खाद (ढैंचा) या दलहनी फसलों की बिजाई करने वाले किसानों को प्रदेश सरकार की ओर से 1000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। पंजीकरण प्रक्रिया मार्च के पहले सप्ताह से शुरू हो चुकी है और किसान 15 अप्रैल तक अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। योजना के तहत ढैंचा के अलावा समर मूंग, उड़द, लोबिया, मोठ, अरहर, सोयाबीन और ग्वार जैसी दलहन फसलें भी शामिल की गई हैं। किसान इन फसलों के बीज खुले बाजार से खरीदकर बिजाई कर सकते हैं। प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए किसानों को पोर्टल पर अपनी फसल की फोटो भी अपलोड करनी होगी।पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद 16 अप्रैल से 15 मई के बीच कृषि विभाग के अधिकारी खेतों में जाकर फसल का भौतिक सत्यापन करेंगे। सत्यापन के बाद पात्र किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से सीधे प्रोत्साहन राशि भेज दी जाएगी।कृषि के उपनिदेशक डॉ. सुखदेव सिंह ने बताया कि हरी खाद और दलहन फसलों की बिजाई से मिट्टी में जैविक कार्बन की मात्रा बढ़ती है और भूमि की उर्वरता में सुधार होता है। इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है और फसल की पैदावार भी बेहतर होती है। कृषि विभाग ने किसानों से इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया है।