साइबर अपराध शाखा डबवाली ने दो मामलों में विवेक सिंह व गुरलाल सिंह को किया गिरफ्तार, 30 हजार रुपये बचाने में मिली सफलता
डबवाली (लहू की लौ)। ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफार्म का फर्जी कस्टमर केयर नंबर उपलब्ध करवाकर स्क्रीन शेयर करवाने और बैंक खाते से रकम उड़ाने वाले साइबर ठगों पर डबवाली पुलिस ने शिकंजा कसा है। साइबर अपराध शाखा डबवाली की टीम ने तकनीकी जांच और महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर 1.04 लाख रुपये की साइबर ठगी तथा 1.33 लाख रुपये की धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामलों का पर्दाफाश करते हुए फरार चल रहे विवेक सिंह और गुरलाल सिंह को गिरफ्तार किया है।
साइबर अपराध शाखा प्रभारी एवं पुलिस प्रवक्ता उपनिरीक्षक आनंद कुमार ने बताया कि 4 जुलाई 2026 को थाना शहर डबवाली में दर्ज मामले में शिकायतकर्ता हरदीप सिंह ने बताया था कि उसने 1 जुलाई को ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफार्म से चप्पल मंगवाई थी। ऑर्डर की जानकारी लेने के लिए उसने गूगल पर कस्टमर केयर नंबर सर्च किया और उस पर कॉल की। ठगों ने ऑर्डर कैंसल करने की बात कही, लेकिन शिकायतकर्ता ने इससे मना कर दिया।
इसके बाद उसके पास एक अज्ञात नंबर से वाट्सऐप कॉल आई। ठगों ने उसे बातों में उलझाकर मोबाइल की स्क्रीन शेयर करवा ली और उसके बैंक खाते से 1,04,666 रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई।
मामले की जांच साइबर अपराध शाखा में तैनात पीएसआई अजय सिंह की टीम ने की। तकनीकी पहलुओं की गहन जांच के बाद टीम ने संदिग्ध ठिकानों पर लगातार दबिश देकर आरोपी विवेक सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
खाते से निकाले 1.33 लाख, 30 हजार रुपये बचाए
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि दूसरे मामले में 27 अगस्त 2026 को थाना शहर डबवाली में शिकायत दर्ज हुई थी। मंडी डबवाली निवासी मनोज कुमार के बैंक खाते से अज्ञात व्यक्ति ने उसकी जानकारी के बिना 1.33 लाख रुपये निकाल लिए। इसका पता शिकायतकर्ता को तब चला, जब उसने किसी अन्य व्यक्ति को रुपये भेजने के लिए अपना बैंक खाता इस्तेमाल किया।
शिकायत मिलते ही साइबर अपराध शाखा की टीम ने संबंधित बैंक खाते को फ्रीज करवाया और आरोपी की तलाश शुरू कर दी। पीएसआई मंगल सिंह की टीम ने बैंक खाते से मिली जानकारी के आधार पर खाताधारक गुरलाल सिंह को जिला संगरूर, पंजाब से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और शिकायतकर्ता द्वारा समय पर सूचना देने के कारण ठगी की रकम में से 30 हजार रुपये आरोपी के खाते में सुरक्षित रखने में सफलता मिली। आरोपी को भी अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
गूगल से कस्टमर केयर नंबर तलाशना पड़ सकता है भारी
डबवाली पुलिस ने आमजन को चेतावनी दी है कि साइबर ठग ऑनलाइन शॉपिंग, बैंकिंग, मोबाइल रिचार्ज, बिजली बिल, होटल बुकिंग समेत विभिन्न सेवाओं के नाम पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर उपलब्ध करवाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। इसलिए गूगल सर्च या सोशल मीडिया से मिले अनजान नंबरों पर भरोसा न करें। कस्टमर केयर नंबर हमेशा संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ही प्राप्त करें।
पुलिस ने मोबाइल की स्क्रीन किसी अनजान व्यक्ति के साथ शेयर न करने तथा किसी के कहने पर रिमोट एक्सेस या स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड कर अनुमति न देने की अपील की है। साथ ही ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम/डेबिट कार्ड की जानकारी, पासवर्ड या बैंक संबंधी विवरण किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
पुलिस ने कहा कि साइबर ठगी होने पर घबराने के बजाय तुरंत 1930 पर शिकायत करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाएं। समय पर सूचना मिलने से ठगी की रकम को फ्रीज करने और आरोपियों तक पहुंचने में पुलिस को मदद मिलती है।
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