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Lahoo Ki Lau
05 अगस्त 2026
दाल मिल पर 25 लाख व तेल शोधन इकाइयों की स्थापना पर मिलेगा 09 लाख तक अनुदान
- राष्ट्रीय खाद्य तिलहन मिशन के तहत किसानों , एफपीओ, सहकारी समितियों व उद्यमियों को मिलेगा लाभ,
-26 अगस्त तक कर सकते हैं आवेदनसिरसा, 04 अगस्त।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा राष्ट्रीय खाद्य तिलहन मिशन (नेशनल मिशन ऑन ऑयल सीड्स) तथा दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन (मिशन फॉर आत्मनिर्भरता इन पल्सेज) के तहत जिले में दलहन एवं तिलहन फसलों के उत्पादन, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दाल मिल तथा तेल निष्कर्षण (ऑयल एक्सट्रैक्शन) इकाइयों की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
योजना के तहत पात्र किसान, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), सहकारी समितियां, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), उद्यमी एवं अन्य पात्र लाभार्थी निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। योजना के तहत दाल मिल इकाइयों की स्थापना के लिए परियोजना लागत का 33 प्रतिशत अनुदान, प्रति इकाई अधिकतम 25 लाख रुपये तक वर्ष 2026-27 के दौरान उपलब्ध कराया जाएगा। इसी प्रकार तिलहन के संग्रहण, तेल निष्कर्षण तथा पुनः प्राप्ति क्षमता बढ़ाने के लिए सरकारी एवं निजी उद्योगों, किसान उत्पादक संगठनों तथा सहकारी समितियों को अवसंरचना विकसित करने और मौजूदा सुविधाओं के आधुनिकीकरण के लिए भी सहायता प्रदान की जाएगी। 10 टन क्षमता वाली तेल निष्कर्षण इकाइयों एवं तिलहन प्रसंस्करण मशीनरी की स्थापना पर परियोजना लागत का 33 प्रतिशत अनुदान, अधिकतम 9.90 लाख रुपये तक दिया जाएगा।
रोजगार के मिलेंगे और अवसर
कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. सुखदेव सिंह कम्बोज ने बताया कि इन प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना से स्थानीय स्तर पर दलहन एवं तिलहन फसलों का मूल्य संवर्धन होगा, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा। साथ ही फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान में कमी आएगी, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और देश को दलहन तथा खाद्य तेलों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने जिले के सभी पात्र किसानों, एफपीओ, सहकारी समितियों एवं उद्यमियों से अपील की कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। इच्छुक आवेदक योजना से संबंधित पात्रता, अनुदान की दर तथा आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी के लिए 26 अगस्त 2026 तक अपने निकटतम खंड कृषि अधिकारी, उपमंडल कृषि अधिकारी अथवा कृषि उपनिदेशक कार्यालय, सिरसा से संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों की भागीदारी से जिले में कृषि आधारित प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा तथा किसानों की आय बढ़ाने के लक्ष्य को गति मिलेगी।
04 अगस्त 2026
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01 अगस्त 2026
31 जुलाई 2026
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कस्टोडियल डेथ मामला : हाईकोर्ट से पुलिस कर्मियों को झटका, याचिका खारिज, 304, 342 व 506 आईपीसी के तहत चलेगा मुकदमा
सिंघपुरा चौकी में हुई युवक की मौत का मामला: हाईकोर्ट ने समनिंग ऑर्डर और सेशन कोर्ट के फैसलों को ठहराया सही
मामला 12 जून 2016 का है। शिकायतकर्ता जगदीश के अनुसार उनका बेटा संदीप अपने दो साथियों के साथ सिरसा जा रहा था। आरोप है कि गांव दादू के पास पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोककर संदीप को साथियों सहित सिंघपुरा पुलिस चौकी ले जाकर अवैध रूप से हिरासत में रखा। शिकायत में मारपीट करने और तबीयत बिगडऩे के बावजूद समय पर इलाज नहीं कराने का आरोप लगाया गया है। बाद में कालांवाली के अस्पताल में संदीप को मृत घोषित कर दिया गया।
घटना के बाद धारा 176 सीआरपीसी के तहत हुई न्यायिक जांच में मौत को प्राकृतिक बताया गया था। हालांकि मृतक के पिता की निजी शिकायत पहले खारिज होने के बाद सत्र न्यायालय, सिरसा ने 2023 में उसे पुनर्विचार के लिए वापस भेज दिया। इसके बाद जेएमआईसी डबवाली ने आरोपी पुलिस कर्मियों को सम्मन जारी किए, जिन्हें चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी।
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि हिरासत में मौत जैसे मामलों में मजिस्ट्रियल जांच अंतिम नहीं मानी जा सकती। प्रथम दृष्टया उपलब्ध साक्ष्य, विशेषकर प्रत्यक्षदर्शी गवाह विकास (ष्टङ्ख-5) के बयान, मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार प्रदान करते हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि मौत प्राकृतिक थी या पुलिस की कथित लापरवाही अथवा मारपीट के कारण हुई, इसका अंतिम निर्णय ट्रायल कोर्ट साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर करेगा। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट को मामले की सुनवाई स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
28 जुलाई 2026
दाल मिल पर 25 लाख व तेल शोधन इकाइयों की स्थापना पर मिलेगा 09 लाख तक अनुदान
राष्ट्रीय खाद्य तिलहन मिशन के तहत किसानों , एफपीओ, सहकारी समितियों व उद्यमियों को मिलेगा लाभ,
-26 अगस्त तक कर सकते हैं आवेदनसिरसा, 27 जुलाई।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा राष्ट्रीय खाद्य तिलहन मिशन (नेशनल मिशन ऑन ऑयल सीड्स) तथा दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन (मिशन फॉर आत्मनिर्भरता इन पल्सेज) के तहत जिले में दलहन एवं तिलहन फसलों के उत्पादन, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दाल मिल तथा तेल निष्कर्षण (ऑयल एक्सट्रैक्शन) इकाइयों की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
योजना के तहत पात्र किसान, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), सहकारी समितियां, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), उद्यमी एवं अन्य पात्र लाभार्थी निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। योजना के तहत दाल मिल इकाइयों की स्थापना के लिए परियोजना लागत का 33 प्रतिशत अनुदान, प्रति इकाई अधिकतम 25 लाख रुपये तक वर्ष 2026-27 के दौरान उपलब्ध कराया जाएगा। इसी प्रकार तिलहन के संग्रहण, तेल निष्कर्षण तथा पुनः प्राप्ति क्षमता बढ़ाने के लिए सरकारी एवं निजी उद्योगों, किसान उत्पादक संगठनों तथा सहकारी समितियों को अवसंरचना विकसित करने और मौजूदा सुविधाओं के आधुनिकीकरण के लिए भी सहायता प्रदान की जाएगी। 10 टन क्षमता वाली तेल निष्कर्षण इकाइयों एवं तिलहन प्रसंस्करण मशीनरी की स्थापना पर परियोजना लागत का 33 प्रतिशत अनुदान, अधिकतम 9.90 लाख रुपये तक दिया जाएगा।
रोजगार के मिलेंगे और अवसर
कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. सुखदेव सिंह कम्बोज ने बताया कि इन प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना से स्थानीय स्तर पर दलहन एवं तिलहन फसलों का मूल्य संवर्धन होगा, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा। साथ ही फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान में कमी आएगी, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और देश को दलहन तथा खाद्य तेलों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने जिले के सभी पात्र किसानों, एफपीओ, सहकारी समितियों एवं उद्यमियों से अपील की कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। इच्छुक आवेदक योजना से संबंधित पात्रता, अनुदान की दर तथा आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी के लिए 26 अगस्त 2026 तक अपने निकटतम खंड कृषि अधिकारी, उपमंडल कृषि अधिकारी अथवा कृषि उपनिदेशक कार्यालय, सिरसा से संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों की भागीदारी से जिले में कृषि आधारित प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा तथा किसानों की आय बढ़ाने के लक्ष्य को गति मिलेगी।
म्हारी योजना कॉलम के लिए




















































