- हरियाणा पिछड़ा वर्ग तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग कल्याण निगम, महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने के लिए प्रयासरत
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक की आयु 18 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक हरियाणा की स्थायी निवासी तथा पिछड़े वर्ग से संबंधित हो। इसके अतिरिक्त आवेदक के परिवार की वार्षिक आय ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में तीन लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) होना भी अनिवार्य है।
महिला समृद्धि योजना के माध्यम से प्राप्त ऋण का उपयोग महिलाएं सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर, डेयरी, पशुपालन, बुटीक, रेडीमेड गारमेंट्स, किराना स्टोर, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, कंप्यूटर एवं डिजिटल सेवाएं, लघु एवं सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने के लिए कर सकती हैं। यह योजना महिलाओं को स्वयं रोजगार सृजित करने के लिए प्रेरित करती है।
यह चाहिए दस्तावेज
योजना के लिए आवेदन करते समय आवेदक को पहचान एवं नागरिकता का प्रमाण, आयु प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, डोमिसाइल प्रमाण-पत्र, पिछड़ा वर्ग का जाति प्रमाण-पत्र, पासपोर्ट आकार का नवीनतम फोटो तथा परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) प्रस्तुत करना होगा। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन पत्र जिला कार्यालय में जमा किया जा सकता है।
हरियाणा पिछड़ा वर्ग तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग कल्याण निगम से जिला प्रबंधक धर्मेंद्र खोथ ने पात्र महिलाओं से अधिक से अधिक संख्या में इस योजना का लाभ उठाने का आह्वान किया है। जिससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से न केवल उनका जीवन स्तर बेहतर होगा, बल्कि परिवार की आय में भी वृद्धि होगी और समाज में महिलाओं की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
उन्होंने बताया कि सरकार की यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पात्र महिलाएं योजना का लाभ लेकर स्वरोजगार स्थापित करें व आत्मनिर्भर बनें तथा प्रदेश के आर्थिक विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी एवं आवेदन के लिए इच्छुक महिला आवेदक जिला कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।















































