Adsense

Lahoo Ki Lau

युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

26 जून 2026

मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना: सब्जियों और फलों को दें सुरक्षा कवच, 40 हजार रुपये प्रति एकड़ तक मिलता है मुआवजा

- प्रति एकड़ किसानों को मात्र 2.5 प्रतिशत राशि के आधार पर अधिकतम एक हजार रुपये का करना होगा भुगतान

सिरसा, 26 जून।
हरियाणा सरकार द्वारा बागवानी किसानों के हितार्थ कई योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है, जिसके माध्यम से अनुदान प्रदान किया जाता है। वहीं बागवानी किसानों को जोखिम से बचाने के लिए बीमा योजना भी शुरू की गई है, जिसमें किसान नाममात्र शुल्क के साथ साथ अपनी फसलों को सुरक्षित कर सकते हैं. बागवानी फसलों में प्रतिकूल मौसम व प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सरकार द्वारा मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना की शुरुआत की गई है। योजना के तहत किसानों को प्रति एकड़ प्रीमियम के तौर पर 2-5 प्रतिशत राशि के अनुसार सब्जियों व मसालों के लिए 750 रुपये प्रति एकड़ व फलों के लिए 1000 रुपये प्रति एकड़ अदा करना होता है। वहीं बीमे के आधार पर सब्जियों एवं मसालों के लिए प्रति एकड़ 15000 रुपये न्यूनतम व 30000 रुपये अधिकतम मुआवजा राशि निर्धारित की गई है। इसी तरह फलों के लिए न्यूनतम मुआवजा राशि 20000 रुपये व अधिकतम 40000 रुपये प्रति एकड़ राशि निर्धारित है। बागवानी विभाग द्वारा फसल व मौसम के अनुसार ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आवेदन भी मांगे जाते हैं।
योजना के तहत इन सब्जियों और फलों का होगा बीमा
मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के तहत प्रतिकूल मौसम व प्राकृतिक आपदाएं जैसे ओलावृष्टि, तापमान, पाला, जलकारक (बाढ़, बादल फटना, नहर या ड्रेन का टूटना, जलभराव) आंधी तूफान व आग लगने जैसी घटनाओं की स्थिति में मुआवजा प्रदान किया जाएगा। इस योजना में 46 फसलें शामिल की गई है।
अरबी, भिन्डी, करेला, लौकी, बैंगन, पत्ता गोभी, शिमला मिर्च, गाजर, गोभी, मिर्च, खीरा, ककड़ी, प्याज, मटर, आलू, कद्दू, मूली, तोरई, टिंडा, टमाटर ,तरबूज, आँवला,बेर,चीकू,खजूर,ड्रैगन फल,अंजीर,अंगूर,अमरूद,जामुन, किन्नू,लैमन,नींबू,लीची,मालटा,संतरा,आम,आड़ू,नाशपाती, आलु बुखारा, अनार,स्ट्राबेरी,हल्दी,लहसुन आदि सब्जियां व फल इस योजना के तहत कवर किए जाएंगे।

नुकसान प्रतिशत के आधार पर यह रहेगी मुआवजा राशि
नुकसान प्रतिशत--मुआवजा दर --सब्जियां व मसाले--फल (रुपये प्रति एकड़)
0 से 25 --शुन्य --शुन्य --शुन्य
26 से 51 --50 प्रतिशत --15000 --20000
51 से 75 --75 प्रतिशत --22500 --30000
75 से अधिक --100 प्रतिशत --30000 --40000

जिला बागवानी अधिकारी दीन मोहम्मद ने बताया कि योजना के तहत फसल अनुसार समय- समय पर पोर्टल खोला जाता है, जिसके माध्यम से किसान स्वयं या अटल सेवा केंद्र के माध्यम से अपनी फसल का बीमा कर सकते हैं। समिति द्वारा किए गए सर्वेक्षण के अनुसार नुकसान के आंकलन रिपोर्ट के आधार पर मुआवजा राशि सीधे पंजीकृत किसान के खाते में भेजी जाती है। बीमा कराने वाले किसानों से अनुरोध है कि बाग में नुकसान की स्थिति में विभाग को समय पर जरूर अवगत कराएं।

म्हारी योजना कॉलम के लिए

कोई टिप्पणी नहीं: