सिरसा, 26 मार्च।
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Lahoo Ki Lau
26 मार्च 2026
मकान खरीद/निर्माण हेतु श्रम विभाग द्वारा निर्माण श्रमिकों को दिया जाता है 2 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में 15 अप्रैल तक पहुंचेंगी मुफ्त किताबें, 45.05 करोड़ की राशि मंजूर
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा की निगरानी में वितरण कार्य तेज; कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को मिलेगा लाभ
चंडीगढ़ (लहू की लौ) हरियाणा के सरकारी विद्यालयों में पहली से आठवीं कक्षा तक पढऩे वाले विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मुफ्त पाठ्यपुस्तकें मद के अंतर्गत 45.05 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि को मंजूरी दे दी है। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद् के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आगामी 15 अप्रैल तक सभी पात्र विद्यार्थियों के हाथों में किताबें पहुंच जाएं।
परिषद के प्रवक्ता ने बताया कि शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा की अध्यक्षता में हुई उच्चाधिकार प्राप्त क्रय समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों के बाद, चयनित फर्मों को मुद्रण और आपूर्ति का कार्य 8 जनवरी 2026 को ही आवंटित कर दिया गया था। विभाग का लक्ष्य है कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के साथ ही छात्रों के पास अध्ययन सामग्री उपलब्ध हो।
शिक्षा मंत्री के सीधे मार्गदर्शन में अम्बाला, हिसार, कुरुक्षेत्र, पानीपत, पलवल, भिवानी और चरखी दादरी जिलों में जिला स्तर पर पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति पूरी की जा चुकी है। प्रवक्ता के अनुसार, शेष जिलों में भी निर्धारित समय-सीमा (15 अप्रैल) के भीतर विद्यालयों तक किताबें पहुंचा दी जाएंगी।
किताबों के वितरण में किसी भी प्रकार की देरी न हो, इसके लिए शिक्षा मंत्री का कार्यालय विभाग के साथ निरंतर समन्वय बनाए हुए है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य समग्र शिक्षा अभियान के तहत सरकारी स्कूलों के बच्चों को बिना किसी आर्थिक बाधा के समय पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
25 मार्च 2026
कम भाव मिलने की चिंता छोड़ें किसान, ‘भावांतर’ करेगी घाटे की भरपाई
- बाजार में फसल का कम भाव मिलने पर सरकार देगी संरक्षित मूल्य
सिरसा, 25 मार्च।
बागवानी किसानों की आय को सुरक्षित करने और उन्हें उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से उद्यान विभाग द्वारा भावांतर भरपाई योजना लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा विभिन्न फसलों के लिए संरक्षित मूल्य निर्धारित किया गया है, ताकि बाजार में कम भाव मिलने की स्थिति में बागवानी किसानों को आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े। भावांतर भरपाई योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को अपनी फसलों का समय अनुरूप https://hortharyana.gov.in/ पर ऑनलाइन पंजीकरण करवाना आवश्यक है।
योजना के तहत कुल 21 फसलों को शामिल किया गया है, जिनमें प्रमुख रूप से आलू, फूलगोभी, गाजर, मटर, टमाटर, प्याज, शिमला मिर्च, बैंगन, भिंडी, मिर्च, घीया, करेला, बंदगोभी, मूली जैसी सब्जियां शामिल हैं। इसके अलावा फलों में किन्नू, अमरूद, आम, बेर और लीची जैसी फसलें भी योजना के दायरे में लाई गई हैं। मसाला फसलों में लहसुन और हल्दी को भी शामिल किया गया है।
सरकार द्वारा इन फसलों के लिए प्रति क्विंटल संरक्षित मूल्य तय किया गया है। उदाहरण के तौर पर आलू का 600 रुपये, फूलगोभी का 750 रुपये, मटर का 1100 रुपये तथा किन्नू का 1100 रुपये प्रति क्विंटल संरक्षित मूल्य निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार अमरूद, आम और अन्य फलों के लिए भी अलग-अलग दरें तय की गई हैं।
यदि बाजार में किसानों को उनकी फसल का मूल्य निर्धारित संरक्षित मूल्य से कम मिलता है, तो सरकार द्वारा अंतर की राशि सीधे किसानों को प्रदान की जाती है। इससे किसानों को उनकी मेहनत का उचित लाभ मिल पाता है और वे आर्थिक रूप से सशक्त बनते हैं।
ऐसे मिलेगा योजना का लाभ
इस स्कीम का लाभ भूमि मालिक, पट्टेदार या किराये पर काश्तकार को भी मिलेगा। लाभ लेने के लिए जे-फार्म पर बिक्री अनिवार्य होगी। जे-फार्म पर बिक्री उपरांत बिक्री विवरण ई-पोर्टल (bby.hortharyana.gov.in) पर अपलोड होगा, जिसके लिए प्रत्येक संबंधित मार्केट कमेटी के कार्यालय में सुविधा उपलब्ध होगी। बिक्री की अवधि के दौरान यदि फसल उत्पादन का थोक मूल्य संरक्षित मूल्य से कम मिलता है, तो किसान फसल भाव के अंतर की भरपाई के लिए पात्र होगा। जे-फार्म पर बिक्री तथा निर्धारित उत्पादन प्रति एकड़ (जो भी कम होगा) को स्कीम की दिशा निर्देशों के अनुसार प्रोत्साहन देय होगा। भाव के अंतर से गुणा करने पर प्रोत्साहन देय होगा। प्रोत्साहन राशि किसान के आधार लिंक्ड बैंक खाते में दी जाएगी। औसत दैनिक थोक मूल्य मंडी बोर्ड द्वारा चिन्हित मंडियों के दैनिक भाव के आधार पर स्कीम के मानक और दिशा निर्देशों के अनुसार निर्धारित किया जाएगा।
जिला उद्यान अधिकारी दीन मोहम्मद ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाना और उन्हें न्यूनतम आय की सुरक्षा देना है। उन्होंने किसानों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक इस योजना का लाभ उठाएं और अपनी फसलों का पंजीकरण समय पर करवाएं, ताकि उन्हें योजना का पूरा फायदा मिल सके।
पंचायतों और नगर निकायों के विकास के रोडमैप में भागीदार बनें आम नागरिक
- सातवें राज्य वित्त आयोग ने मांगे सुझाव, गूगल फॉर्म के जरिए सब्मिट करें अपने आइडिया
सिरसा, 25 मार्च।
हरियाणा सरकार द्वारा सातवें राज्य वित्त आयोग का गठन किया गया है। आयोग के माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विकास के लिए आम नागरिकों से सुझाव व विचार मांगे गए हैं। ताकि भविष्य का रोडमैप तैयार करते समय इन बहुमूल्य सुझावों को लागू करते हुए विकास योजनाएं तैयार की जा सके। जिले के नागरिक गूगल फॉर्म लिंक के जरिए अपने बहुमूल्य सुझाव दे सकते हैं।उपायुक्त शांतनु शर्मा ने बताया कि इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य हमारी पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों की विकास परियोजनाओं को आमजन के द्वारा दिए गए बहुमूल्य सुझावों के साथ और अधिक सार्थक व मजबूत बनाना है। इसके लिए सरकार ने एक सहभागी और पारदर्शी दृष्टिकोण अपनाया है।
उन्होंने बताया कि अब जिले का कोई भी आम नागरिक, निर्वाचित प्रतिनिधि जैसे सरपंच, पंच, पार्षद, विषय विशेषज्ञ या समाजसेवी अपने अनुभव के आधार पर आयोग को सीधे अपनी राय भेज सकता है। इसके लिए आयोग ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए विशेष गूगल फॉर्म तैयार किए हैं, ताकि सुझाव भेजने की प्रक्रिया सरल और सुलभ हो सके।
उपायुक्त ने कहा कि आपके छोटे-छोटे सुझाव भविष्य में बड़े प्रशासनिक और वित्तीय सुधारों का आधार बनेंगे, जिससे जन-जन का कल्याण सुनिश्चित होगा। इस पूरी प्रक्रिया में समन्वय और किसी भी प्रकार की तकनीकी जानकारी के लिए आयोग के प्रतिनिधि युवराज सभ्रवाल से मोबाइल नंबर 94638-04009 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने जिले के सभी प्रबुद्ध नागरिकों से इस महत्वपूर्ण कार्य में बढ़-चढक़र अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया है।
शहरी व ग्रामीण विकास के लिए यहां दे सकते हैं अपनी राय
यदि आप शहरी क्षेत्र के विकास, स्वच्छता या बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए सुझाव देना चाहते हैं, तो आप इस लिंक https://forms.gle/
लसाड़ा नाला टूटने से डूमवाली में 125 एकड़ गेहूं की फसल जलमग्न, किसानों में हाहाकार
25 फीट चौड़ा पाड़ पड़ने से पकी हुई फसल बर्बाद; ग्रामीणों ने खुद ट्रैक्टर-ट्रालियों से भरा कटाव
डबवाली/डूमवाली (लहू की लौ): बेमौसमी बरसात और फैक्ट्रियों के गंदे पानी के दबाव के कारण ऐतिहासिक लसाड़ा नाला एक बार फिर कहर बनकर टूटा है। पंजाब के अंतिम छोर और हरियाणा की सीमा से सटे गांव डूमवाली में सोमवार देर रात नाला टूटने से करीब 25 फीट चौड़ा पाड़ (कटाव) लग गया, जिससे सवा सौ एकड़ में खड़ी गेहूं की पकी हुई फसल बर्बाद हो गई।
ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा: गांव डूमवाली के सरपंच दीपा के नेतृत्व में 100 से अधिक ग्रामीणों ने दिन-रात मेहनत कर ट्रैक्टर-ट्रालियों की मदद से मिट्टी डालकर इस पाड़ को भरा। इस प्राकृतिक आपदा के कारण किसान भानू प्रताप सिंह, महिपाल सिंह, मनजीत सिंह और जगसीर सिंह की तैयार फसल पानी में डूब गई। सूचना मिलने पर बठिंडा प्रशासन की ओर से पटवारी और विभागीय अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया।
जोगेवाला में टला बड़ा खतरा: हरियाणा के गांव जोगेवाला के ग्रामीण पिछले सात दिनों से नाले पर पहरा दे रहे थे। ग्रामीण सुरजीत सिंह के अनुसार, यदि नाला हरियाणा की तरफ टूटता तो साल 2022 की तरह भारी तबाही मच सकती थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डबवाली के एसडीएम अर्पित संगल और थाना शहर प्रभारी देवीलाल ने भी मौके का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
लसाड़ा नाले का इतिहास: 1963 में निर्मित 255 किमी लंबा यह नाला लुधियाना से शुरू होकर राजस्थान सीमा तक जाता है। इसका 200 किमी हिस्सा पंजाब और 55 किमी हरियाणा में आता है। हालांकि 1992 में हरियाणा सरकार ने अपने क्षेत्र में इसे बंद कर जमीन किसानों को लौटा दी थी, लेकिन हर साल ओवरफ्लो होने के कारण यह नाला विवादों और सुर्खियों में रहता है।
24 मार्च 2026
पेयजल व सीवरेज संबंधी समस्या के समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबरों पर करें संपर्क
सिरसा, 24 मार्च।
जिला में आम नागरिकों को पेयजल और सीवरेज से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान करवाने के उद्देश्य से जल एवं स्वच्छता सहयोग संगठन द्वारा हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। संगठन के जिला सलाहकार राकेश सोगलान ने बताया कि लोग अपनी शिकायतें अब आसानी से घर बैठे दर्ज करवा सकते हैं।उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की जल या सीवरेज से जुड़ी समस्या के लिए नागरिक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-180-5678 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, सीवरेज व्यवस्था से संबंधित शिकायतों के लिए 01666-230455 और पेयजल आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं के लिए 01666-234304 नंबर निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मोबाइल नंबर भी उपलब्ध करवाए गए हैं। पेयजल व सीवरेज से संबंधित शिकायतों के लिए 9518092425 और 9306107528 नंबरों पर भी सीधे संपर्क किया जा सकता है। इन नंबरों पर शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा जल्द से जल्द समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे पेयजल व सीवरेज से संबंधित समस्या होने पर इन हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें, ताकि समस्याओं का समय पर निवारण सुनिश्चित किया जा सके।
23 मार्च 2026
सुकन्या समृद्धि योजना से बेटियों का भविष्य हो रहा सुरक्षित और उज्जवल
22 मार्च 2026
21 मार्च 2026
सरकारी कर्मचारी लगवाएं रूफटॉप सौलर, ब्याज मुक्त मिलेगी वित्तीय सहायता
- सरकार ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए शुरू की सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना, 5 किलोवाट तक मिलेगा लाभ
20 मार्च 2026
सोलर ऊर्जा को बढ़ावा: सरकार दे रही सब्सिडी, अतिरिक्त बिजली बेचकर होगी आय
सिरसा, 20 मार्च।
केंद्र सरकार द्वारा पीएम सूर्य घर - मुफ्त बिजली योजना शुरू की गई है। अंत्योदय परिवार जिनकी सालाना आय 1.80 लाख से कम है व जिनकी सालाना बिजली खपत 2400 युनिट तक है, वे दो किलोवाट तक का सोलर पैनल लगवाने पर भारत सरकार की ओर से 60 हजार रुपये व हरियाणा सरकार की ओर से 50 हजार रुपये अनुदान यानी कि कुल 1.10 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त कर सकते हैं। जिन परिवारों की सालाना आय तीन लाख रुपये तक है व जिनकी सालाना बिजली खपत 2400 युनिट तक है वो परिवार दो किलोवाट तक का सोलर पैनल लगवाने पर भारत सरकार की ओर से 60 हजार रुपये व हरियाणा सरकार की ओर से 20 हजार रुपये का अनुदान यानी कि कुल 80 हजार रुपये का अनुदान प्राप्त कर सकते हैं। इसके बाद तीन किलोवाट तक का सोलर पैनल लगवाने पर भारत सरकार की ओर से 78 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा।
केंद्र सरकार का अनुदान सभी आय वर्गों के लोगों को दिया जाएगा यानि केंद्र का अनुदान लेने के लिए आय से संबंधित कोई शर्त नहीं है। इस योजना का लाभ लेने से बिजली बिल जीरो हो जाएगा और जो अतिरिक्त बिजली बचेगी, उस बिजली को भी सरकार खरीदेगी, जिससे उनकी अतिरिक्त आय होगा। केंद्र सरकार की यह बेहतरीन योजना है जिसके द्वारा समाज की हर वर्ग की ऊर्जा संबंधित जरूरतों को पूरा किया जा सकता है। अगर खपत से ज्यादा बिजली का उत्पादन सोलर पैनल द्वारा किया जाता है तो वह बिजली के खाते में जाएगा जिसका भुगतान सरकार द्वारा उक्त मकान मालिक को किया जाएगा। इस योजना से सौर ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे पर्यावरण प्रदूषण कम होगा और स्वच्छ ऊर्जा के स्रोतों को अपनाने में मदद मिलेगी।
19 मार्च 2026
18 मार्च 2026
हैप्पी कार्ड से करें 1000 किलोमीटर तक नि:शुल्क यात्रा
एक लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों के सदस्यों को मिलेगा लाभ
सिरसा, 18 मार्च।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों को राहत प्रदान करना तथा उनकी दैनिक आवाजाही को आसान बनाना है। हैप्पी कार्ड के माध्यम से पात्र परिवारों को डिजिटल और पारदर्शी तरीके से यात्रा का लाभ मिल रहा है, जिससे व्यवस्था में सुगमता आई है।
हरियाणा रोडवेज के महाप्रबंधक अनीत कुमार ने पात्र परिवारों से अपील की कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और हैप्पी कार्ड बनवाकर नि:शुल्क यात्रा सुविधा का लाभ प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि हरियाणा रोडवेज जनसेवा के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी यात्रियों की सुविधा के लिए नवीन पहलें जारी रखी जाएंगी।
म्हारी योजना कॉलम के लिए







































