- बाजार में फसल का कम भाव मिलने पर सरकार देगी संरक्षित मूल्य
सिरसा, 25 मार्च।
बागवानी किसानों की आय को सुरक्षित करने और उन्हें उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से उद्यान विभाग द्वारा भावांतर भरपाई योजना लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा विभिन्न फसलों के लिए संरक्षित मूल्य निर्धारित किया गया है, ताकि बाजार में कम भाव मिलने की स्थिति में बागवानी किसानों को आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े। भावांतर भरपाई योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को अपनी फसलों का समय अनुरूप https://hortharyana.gov.in/ पर ऑनलाइन पंजीकरण करवाना आवश्यक है।
योजना के तहत कुल 21 फसलों को शामिल किया गया है, जिनमें प्रमुख रूप से आलू, फूलगोभी, गाजर, मटर, टमाटर, प्याज, शिमला मिर्च, बैंगन, भिंडी, मिर्च, घीया, करेला, बंदगोभी, मूली जैसी सब्जियां शामिल हैं। इसके अलावा फलों में किन्नू, अमरूद, आम, बेर और लीची जैसी फसलें भी योजना के दायरे में लाई गई हैं। मसाला फसलों में लहसुन और हल्दी को भी शामिल किया गया है।
सरकार द्वारा इन फसलों के लिए प्रति क्विंटल संरक्षित मूल्य तय किया गया है। उदाहरण के तौर पर आलू का 600 रुपये, फूलगोभी का 750 रुपये, मटर का 1100 रुपये तथा किन्नू का 1100 रुपये प्रति क्विंटल संरक्षित मूल्य निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार अमरूद, आम और अन्य फलों के लिए भी अलग-अलग दरें तय की गई हैं।
यदि बाजार में किसानों को उनकी फसल का मूल्य निर्धारित संरक्षित मूल्य से कम मिलता है, तो सरकार द्वारा अंतर की राशि सीधे किसानों को प्रदान की जाती है। इससे किसानों को उनकी मेहनत का उचित लाभ मिल पाता है और वे आर्थिक रूप से सशक्त बनते हैं।
ऐसे मिलेगा योजना का लाभ
इस स्कीम का लाभ भूमि मालिक, पट्टेदार या किराये पर काश्तकार को भी मिलेगा। लाभ लेने के लिए जे-फार्म पर बिक्री अनिवार्य होगी। जे-फार्म पर बिक्री उपरांत बिक्री विवरण ई-पोर्टल (bby.hortharyana.gov.in) पर अपलोड होगा, जिसके लिए प्रत्येक संबंधित मार्केट कमेटी के कार्यालय में सुविधा उपलब्ध होगी। बिक्री की अवधि के दौरान यदि फसल उत्पादन का थोक मूल्य संरक्षित मूल्य से कम मिलता है, तो किसान फसल भाव के अंतर की भरपाई के लिए पात्र होगा। जे-फार्म पर बिक्री तथा निर्धारित उत्पादन प्रति एकड़ (जो भी कम होगा) को स्कीम की दिशा निर्देशों के अनुसार प्रोत्साहन देय होगा। भाव के अंतर से गुणा करने पर प्रोत्साहन देय होगा। प्रोत्साहन राशि किसान के आधार लिंक्ड बैंक खाते में दी जाएगी। औसत दैनिक थोक मूल्य मंडी बोर्ड द्वारा चिन्हित मंडियों के दैनिक भाव के आधार पर स्कीम के मानक और दिशा निर्देशों के अनुसार निर्धारित किया जाएगा।
जिला उद्यान अधिकारी दीन मोहम्मद ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाना और उन्हें न्यूनतम आय की सुरक्षा देना है। उन्होंने किसानों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक इस योजना का लाभ उठाएं और अपनी फसलों का पंजीकरण समय पर करवाएं, ताकि उन्हें योजना का पूरा फायदा मिल सके।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें