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Lahoo Ki Lau

युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

12 अप्रैल 2026

हरियाणा उद्यान विभाग द्वारा मधुमक्खी पालन पर 75 से 85 प्रतिशत तक दिया जा रहा है अनुदान, किसानों के लिए सुनहरा अवसर

सिरसा, 12 अप्रैल।

प्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि के साथ-साथ सहायक व्यवसायों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उद्यान विभाग द्वारा मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। विभाग की इस योजना के तहत किसानों को मधुमक्खी पालन से जुड़े विभिन्न उपकरणों और इकाइयों पर 75 से 85 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।
योजना के अंतर्गत मधुमक्खी बक्सों पर प्रति बक्सा 2,250 रुपये की लागत निर्धारित की गई है, जिस पर किसानों को लगभग 1,707.59 रुपये प्रति बक्सा अनुदान मिलेगा। इस योजना में अधिकतम 50 बक्सों तक अनुदान का लाभ लिया जा सकता है।
इसके अलावा, 8 फ्रेम वाली मधुमक्खी कॉलोनी के लिए प्रति कॉलोनी 2,000 रुपये की लागत तय की गई है। इस पर किसानों को करीब 1,700 रुपये प्रति कॉलोनी अनुदान दिया जाएगा। इस श्रेणी में भी अधिकतम 50 कॉलोनियों तक सहायता प्रदान की जाएगी।
मधुमक्खी पालन उपकरणों पर भी सरकार द्वारा विशेष सहायता दी जा रही है। उपकरणों की लागत 18 रुपये से लेकर 21,280 रुपये तक निर्धारित है, जिसमें किसानों को 11.44 रुपये से लेकर 14,250 रुपये प्रति यूनिट तक अनुदान मिलेगा।
जिला उद्यान अधिकारी दीन मोहम्मद ने बताया कि मधुमक्खी पालन न केवल अतिरिक्त आय का स्रोत है, बल्कि यह फसलों के परागण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे उत्पादन में वृद्धि होती है। इस योजना का लाभ लेकर किसान कम लागत में अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं और अच्छी कमाई कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि सरकार की यह योजना खासकर छोटे और सीमांत किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकती है। इच्छुक किसान अपने नजदीकी उद्यान विभाग कार्यालय में संपर्क कर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

12 April. 2026





 

11 अप्रैल 2026

बागवानी किसानों को एकीकृत पैक हाउस और फसल समूह केंद्र पर छह करोड़ तक मिलता है अनुदान

सिरसा,उद्यान विभाग हरियाणा द्वारा “खेती पर मदद व विपणन प्रोत्साहन योजना” के तहत बागवानी किसानों को भारी अनुदान देने का प्रावधान किया गया है। इस योजना का उद्देश्य बागवानी क्षेत्र को मजबूत बनाना और किसानों की आय बढ़ाना है।


इस योजना के अंतर्गत “एकीकृत पैक हाउस एवं फसल समूह केंद्र” स्थापित करने के लिए किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। परियोजना की कुल लागत एक करोड रुपये से लेकर 6 करोड रुपये तक निर्धारित की गई है, जिसमें किसानों को इसी सीमा तक अनुदान राशि भी दी जाएगी।

योजना में किसानों के समूह (सदस्यों) के आधार पर अनुदान की अधिकतम सीमा तय की गई है। यदि किसी परियोजना में 25 सदस्य शामिल होते हैं तो उन्हें अधिकतम एक करोड रुपये तक का अनुदान मिलेगा। वहीं 50 सदस्यों के लिए यह सीमा दो करोड रुपये, 75 सदस्यों के लिए तीन करोड रुपये और 100 सदस्यों के लिए चार करोड रुपये तक होगी।

इसके अलावा, 125 सदस्यों वाले समूह को पांच करोड रुपये और 150 सदस्यों के समूह को अधिकतम छह करोड रुपये तक की सहायता दी जाएगी। इस तरह अधिक सदस्यों के जुड़ने पर अनुदान की राशि भी बढ़ती जाएगी।

जिला उद्यान अधिकारी दीन मोहम्मद ने बताया कि इस योजना से किसानों को अपनी फसल की बेहतर पैकेजिंग, भंडारण और मार्केटिंग में मदद मिलेगी। इससे न केवल फसल की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि किसानों को अपने उत्पाद का बेहतर मूल्य भी मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि सरकार की यह पहल बागवानी क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

11 April. 2026





 

09 अप्रैल 2026

वैकल्पिक खेती के तौर पर मशरूम को अपनाएं किसान, 85 प्रतिशत तक सरकार दे रही अनुदान

सिरसा, 09 अप्रैल।

किसानों की आय बढ़ाने और वैकल्पिक खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उद्यान विभाग, हरियाणा द्वारा मशरूम उत्पादन से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत अनुदान सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अलग-अलग स्तर पर मशरूम उत्पादन, प्रसंस्करण और संरचना निर्माण के लिए किसानों को आर्थिक सहायता दी जा रही है।
ट्रे आधारित मशरूम उत्पादन पर अनुदान, बटन मशरूम के अलावा अन्य किस्मों पर सहायता
मशरूम ट्रे पर 300 रुपये प्रति ट्रे की इकाई लागत निर्धारित की गई है। इस पर सामान्य क्षेत्रों में 75 प्रतिशत से 85 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इसके तहत किसानों को 225 रुपये प्रति ट्रे की सहायता मिलेगी, जिसकी अधिकतम सीमा 100 ट्रे (सामान्य वर्ग) तथा 255 रुपये प्रति ट्रे (अनुसूचित वर्ग) तक निर्धारित है। बटन मशरूम के अलावा अन्य मशरूम ट्रे पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इसमें 300 रुपये प्रति ट्रे की लागत पर 150 रुपये प्रति ट्रे की सहायता मिलेगी, जिसकी अधिकतम सीमा 100 ट्रे तक रखी गई है।
कम लागत वाली शेड संरचना पर अनुदान, मशरूम उत्पादन इकाई पर सहायता
सीजनल मशरूम की खेती के लिए कम लागत वाली फूस की झोपड़ी (साईज (30’म15’) 3 लाइन रैक प्रत्येक लाइन में 2 मंजिल) के निर्माण हेतु 30,000 रुपये प्रति यूनिट लागत निर्धारित है। इस पर सामान्य वर्ग को 75 प्रतिशत (22,500 रुपये) और अनुसूचित वर्ग को 85 प्रतिशत (25,500 रुपये) तक अनुदान दिया जाएगा। मशरूम उत्पादन इकाई स्थापित करने के लिए 30 लाख रुपये की लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इसके तहत किसानों को 12 लाख रुपये प्रति इकाई की सहायता मिलेगी, जो बैंक ऋण से जुड़ी होगी।
मशरूम कवक निर्माण इकाई पर अनुदान, छोटे स्तर पर उत्पादन के लिए विशेष योजना
मशरूम कंपोस्ट निर्माण इकाई (20 लाख रुपये लागत) पर 40 प्रतिशत अनुदान के रूप में 8 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। वहीं, मशरूम खाद निर्माण इकाई (30 लाख रुपये लागत) पर 40 प्रतिशत अनुदान के तहत 12 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध होगी।
छोटे किसानों के लिए 2 लाख रुपये प्रति इकाई लागत (200 वर्ग फुट संरचना) पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इस योजना के तहत 1 लाख रुपये प्रति इकाई की सहायता मिलेगी तथा एक लाभार्थी को अधिकतम 5 इकाइयों तक लाभ दिया जा सकेगा।
जिला उद्यान अधिकारी दीन मोहम्मद ने बताया कि उद्यान विभाग की ये योजनाएं उन किसानों के लिए विशेष रूप से लाभकारी हैं, जो कम जमीन और कम लागत में अधिक मुनाफा कमाना चाहते हैं। मशरूम उत्पादन को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करने के लिए सरकार लगातार प्रोत्साहन दे रही है। किसान इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं और आधुनिक कृषि की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।

9 April. 2026





 

08 अप्रैल 2026

सब्जी, मसालों व फूलों की करें खेती, 85 प्रतिशत तक पाएं सब्सिडी

सिरसा, 08 अप्रैल।

हरियाणा सरकार का उद्यान विभाग किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ बागवानी और विविध फसलों की ओर प्रोत्साहित करने के लिए कई लाभकारी योजनाएं चला रहा है। इन योजनाओं के तहत किसानों को सब्जियों, मसालों, फूलों और सुगंधित पौधों की खेती के लिए भारी अनुदान दिया जा रहा है, जिससे उनकी आय बढ़ाने में मदद मिल सके।
सब्जियों की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को 50 से 85 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जा रहा है। इस योजना के तहत सामान्य वर्ग के किसानों को 15,000 रुपये प्रति एकड़ तक की सहायता दी जाती है, जबकि अनुसूचित वर्ग के किसानों को 25,500 रुपये प्रति एकड़ तक अनुदान का लाभ मिल रहा है। इससे छोटे और सीमांत किसानों को विशेष रूप से आर्थिक सहयोग मिल रहा है।
मसालों की खेती में भी किसानों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। सामान्य मसालों जैसे धनिया और मेथी पर 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है। वहीं, विशेष मसालों जैसे लहसुन, हल्दी और अदरक की खेती पर भी 50 प्रतिशत अनुदान की सुविधा उपलब्ध है, जिससे किसान कम लागत में अधिक लाभ कमा सकते हैं।
इसके अलावा फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार विशेष सहायता दे रही है। कट फ्लावर, कंदीय फूल जैसे लिलियम और ग्लैडियोलस तथा खुले फूलों की खेती पर किसानों को 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इससे किसान पारंपरिक फसलों के साथ-साथ फूलों की खेती से भी अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं। सुगंधित पौधों की खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। तुलसी, मेंथा और लेमन ग्रास जैसे पौधों पर भी किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे उनकी आय के नए स्रोत विकसित हो रहे हैं।
जिला उद्यान अधिकारी दीन मोहम्मद ने बताया कि उद्यान विभाग हरियाणा की ये योजनाएं किसानों को आधुनिक और लाभकारी खेती की ओर प्रेरित कर रही हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है और कृषि क्षेत्र में विविधता भी बढ़ रही है।

8 April 2026





 

07 अप्रैल 2026

मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना : तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब नांदेड़ की नि:शुल्क यात्रा के लिए वरिष्ठ नागरिक 15 अप्रैल तक कराएं सरल पोर्टल पर पंजीकरण


-मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पांच मई को कुरुक्षेत्र से विशेष रेलगाड़ी को झंडी दिखाकर करेंगे रवाना
सिरसा, 7 अप्रैल।
 हरियाणा सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत श्री हजूर साहिब नांदेड़, महाराष्ट्र के लिए 5 मई को कुरुक्षेत्र से विशेष ट्रेन रवाना होगी। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी इस ट्रेन को झंडी दिखाकर प्रदेश के विभिन्न जिलों से जाने वाली संगत को रवाना करेंगे। योजना अनुसार वरिष्ठ नागरिक, जिनकी आयु 60 वर्ष से अधिक है और उनकी पारिवारिक आय एक लाख 80 हजार रुपए से कम है, वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। योजना का लाभ उठाने के लिए सरल हरियाणा पोर्टल पर 15 अप्रैल तक पंजीकरण किया जा सकता है। पात्र व्यक्ति नजदीकी सीएससी सेंटर या अपने स्मार्ट फोन से सरल हरियाणा पोर्टल पर घर बैठे इस नि:शुल्क यात्रा के लिए पंजीकरण कर सकते हैं ।
योजना का लाभ उठाने के लिए यह होगी पात्रता
मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत आवेदन करने के लिए कुछ आवश्यक दस्तावेज अनिवार्य किए गए हैं, जिनमें वैध फोटो पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड या अन्य सरकारी आईडी), परिवार पहचान पत्र (पीपीपी), शारीरिक रूप से यात्रा के लिए फिट होने की स्वयं घोषणा तथा पिछले तीन वर्षों में योजना का लाभ न लेने की घोषणा शामिल है। आवेदक का हरियाणा का निवासी होना और परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है। वरिष्ठ नागरिक को एक सहायक को पूर्ण भुगतान पर साथ ले जाने की अनुमति है। वहीं 18 से 60 वर्ष आयु वर्ग या 1.80 लाख से अधिक आय वाले लोग इस योजना का लाभ पूर्ण भुगतान पर उठा सकते हैं। योजना के नियमों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति हर तीन वर्षों में केवल एक बार ही इस सुविधा का लाभ ले सकता है। पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर संचालित इस योजना में आवेदन के लिए परिवार पहचान पत्र अनिवार्य है। योजना के तहत यात्रियों के रहने, खाने और स्थानीय परिवहन की पूरी व्यवस्था सरकार द्वारा अपने स्तर पर की जाएगी।
पंजीकरण के बाद डीआईपीआरओ कार्यालय में देनी होगी सूचना
आवेदन करने के उपरांत आवेदक को वाणिज्य भवन की चौथी मंजिल पर स्थित जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी कार्यालय सिरसा में अवश्य देनी होगी ताकि पात्र व्यक्तियों की सूचना समय पर आगे भेजी जा सके। पंजीकृत आवेदकों से अनुरोध है कि वे 16 अप्रैल से पहले यह सूचना डीआईपीआरओ कार्यालय में अवश्य दें।

7 April. 2026





 

06 अप्रैल 2026

16 अप्रैल से स्व-जनगणना की सुविधा, एक मई से शुरू होगा हाउस लिस्टिंग कार्य: नगराधीश अजय सिंह


- जनगणना के लिए 11 चार्ज अधिकारी नियुक्त, 700 से 800 की आबादी पर एक प्रगणक तैनात
- आई कार्ड धारक प्रगणकों को ही दें जानकारी, जनगणना के दौरान नहीं आएगा कोई ओटीपी
सिरसा, 06 अप्रैल।
नगराधीश अजय कुमार ने बताया कि देशभर में जनगणना कार्य की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है और सिरसा जिला में भी इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिले में हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग सेंसस का कार्य एक मई से 30 मई तक किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक स्व-जनगणना की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी, जिसके तहत नागरिक स्वयं पोर्टल पर अपनी जानकारी अपलोड कर सकेंगे। नगराधीश सोमवार को स्थानीय लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
नगराधीश ने बताया कि जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जनगणना का कार्य सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए 11 चार्ज अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इन अधिकारियों की निगरानी में पूरे जिले में जनगणना प्रक्रिया संचालित होगी। उन्होंने बताया कि नगर परिषद सिरसा व डबवाली, नगर पालिका कालांवाली, रानियां और ऐलनाबाद सहित प्रत्येक तहसील को एक चार्ज के रूप में निर्धारित किया गया है, जहां गणना कार्य किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जनगणना को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए लगभग 700 से 800 की आबादी पर एक प्रगणक (एन्यूमरेटर) नियुक्त किया गया है, जबकि प्रत्येक छह प्रगणकों पर एक सुपरवाइजर तैनात किया गया है। इससे कार्य की निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि 6 से 8 अप्रैल तक प्रगणकों को प्रशिक्षण देने का कार्य शुरू हो गया है, जो 22 अप्रैल तक अंतिम शेड्यूल के रुप में रहेगा ताकि वे जनगणना के कार्य को सही और प्रभावी ढंग से पूरा कर सकें।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक प्रगणक को एक पहचान पत्र (आई-कार्ड) जारी किया जाएगा और बिना आई-कार्ड के कोई भी व्यक्ति जनगणना के लिए घर-घर नहीं जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे केवल आई-कार्ड धारक प्रगणक को ही अपनी जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि किसी प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके।
उन्होंने बताया कि जनगणना प्रक्रिया के दौरान किसी भी नागरिक के मोबाइल पर कोई ओटीपी नहीं आएगा। यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की जानकारी मांगता है तो उससे सावधान रहें। किसी भी प्रकार के संदेह या जानकारी के लिए नागरिक नगराधीश कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
नगराधीश ने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने सभी से सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने से ही योजनाओं का लाभ आमजन तक सही तरीके से पहुंच सकेगा।

फलों के बाग और ड्रिप सिंचाई के लिए मिलेगा 50 प्रतिशत तक अनुदान


- उद्यान विभाग द्वारा फसल विविधीकरण को बढावा देने के लिए चलाई जा रही अनुदान योजनाएं
- टिश्यू कल्चर से तैयार खजूर के पौधों पर भी 70 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान
सिरसा, 06 अप्रैल।

उद्यान विभाग द्वारा प्रदेश में बागवानी को प्रोत्साहन देने के लिए किसानों को विभिन्न योजनाओं के तहत अनुदान सुविधाएं प्रदान कर रहा है, जिससे किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित करते हुए उनकी आय में वृद्धि की जा सके।
् फल के बाग लगाने के लिए किसानों को प्रति एकड़ 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। विभिन्न श्रेणियों के अनुसार यह अनुदान 24,500 रुपये से लेकर 50,000 रुपये प्रति एकड़ तक निर्धारित किया गया है। इसमें आम, लीची, अमरूद, अनार, आंवला, नाशपाती, बेर आदि फलों की खेती शामिल है। अधिकतम सीमा 5 एकड़ तक रखी गई है और अनुदान दो किस्तों में दिया जाएगा।
पौधों की बेहतर वृद्धि के लिए टपका (ड्रिप) सिंचाई प्रणाली पर 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है, जिसमें किसानों को प्रति एकड़ 70,000 रुपये तक की सहायता मिलेगी। वहीं, टिश्यू कल्चर से तैयार खजूर के पौधों पर 70 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है।
जिला उद्यान अधिकारी दीन मोहम्मद ने बताया कि उद्यान विभाग की इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेती के साथ-साथ किसानों को बागवानी के लिए प्रेरित करना है, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके। विभाग द्वारा किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर आधुनिक खेती अपनाएं और अपनी आय को बढ़ाएं।

6 April. 2026





 

04 अप्रैल 2026

सक्षम युवा योजना: शिक्षित युवाओं को हर माह 6000 रुपये तक का आर्थिक सहारा

सिरसा, 04 अप्रैल। 

रोजगार विभाग, हरियाणा द्वारा शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए “सक्षम युवा” योजना चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य युवाओं को आर्थिक सहायता के साथ-साथ कार्य अनुभव प्रदान करना है। इस योजना के तहत 10+2, स्नातक और स्नातकोत्तर योग्यताधारी बेरोजगार युवाओं को प्रतिमाह भत्ता एवं मानदेय दिया जाता है।

योजना के अनुसार 10+2 पास युवाओं को 1200 रुपये, स्नातक को 2000 रुपये तथा स्नातकोत्तर युवाओं को 3500 रुपये प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता दिया जाता है। इसके अतिरिक्त कार्य के आधार पर अभ्यर्थियों को अधिकतम 6000 रुपये प्रतिमाह तक का मानदेय भी प्रदान किया जाता है, जिससे वे सरकारी या अर्धसरकारी कार्यालयों में कार्य करते हुए अनुभव प्राप्त कर सकें।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना है। 

योजना के लिए पात्रता एवं शर्तें
इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का हरियाणा का निवासी होना अनिवार्य है और उसका नाम रोजगार कार्यालय में पंजीकृत होना चाहिए। अभ्यर्थी की शैक्षणिक योग्यता हरियाणा, यूटी चंडीगढ़ या दिल्ली के मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय से होनी चाहिए।

आयु सीमा 10+2 के लिए 18 से 35 वर्ष तथा स्नातक/स्नातकोत्तर के लिए 21 से 35 वर्ष निर्धारित की गई है। इसके साथ ही अभ्यर्थी किसी भी सरकारी या निजी नौकरी में कार्यरत नहीं होना चाहिए और उसकी पारिवारिक वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।

इसके अलावा, परिवार में किसी सदस्य के डिफॉल्टर होने, बिजली बिल बकाया होने या अन्य सरकारी देनदारियों की स्थिति में योजना का लाभ प्रभावित हो सकता है। 

ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
जिला रोजगार अधिकारी डा कविता ग्रेवाल ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी इस योजना के लिए आधिकारिक पोर्टल https://hreyahs.gov.in पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। आवेदन के बाद उन्हें रोजगार कार्यालय में सत्यापन कराना होगा।

4 April, 2026





 

03 अप्रैल 2026

मत्स्य पालकों को अब मिलेगी क्रेडिट और बीमा सुविधा, आर्थिक जोखिम की चिंता से मिलेगा छुटकारा


- नेशनल फिशरीज डेवलपमेंट बोर्ड पोर्टल पर क्रेडिट व बीमा सेवाएं का लाभ उठाएं मत्स्य किसान
सिरसा, 03 अप्रैल।
मत्स्य विभाग द्वारा झींगा एवं मछली पालन करने वाले किसानों के लिए नेशनल फिशरीज डेवलपमेंट बोर्ड पोर्टल पर अब क्रेडिट सुविधा और बीमा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना और मछली पालन से जुड़े जोखिमों से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
एनएफडीबी पोर्टल पर पंजीकरण कराने के बाद किसान किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत आसानी से ऋण प्राप्त कर सकते हैं। इस सुविधा के माध्यम से किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण मिलेगा, जिससे वे मछली बीज, फीड, उपकरण और अन्य आवश्यक संसाधनों की पूर्ति कर सकेंगे।
इसके अलावा, पोर्टल के माध्यम से झींगा और मछली पालन के लिए बीमा सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इस बीमा से किसानों को रोग, प्राकृतिक आपदा और अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में होने वाले नुकसान की भरपाई में मदद मिलेगी।
जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र ने जिला के मत्स्य किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द एनएफडीबी पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाएं और इन सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाएं। अधिक जानकारी के लिए किसान अपने नजदीकी मत्स्य विभाग कार्यालय, सिरसा से संपर्क कर सकते हैं।

म्हारी योजना कॉलम के लिए

3 April. 2026