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27 मई 2026

धान की सीधी बिजाई पर किसानों को मिलेगा 4500 रुपये प्रति एकड़ अनुदान

सिरसा, 27 मई।

खरीफ सीजन 2026 के लिए हरियाणा सरकार द्वारा जिला सिरसा के किसानों को धान की सीधी बिजाई (डीएसआर) अपनाने पर 4500 रुपये प्रति एकड़ की अनुदान राशि प्रदान की जाएगी।
कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. सुखदेव सिंह ने बताया कि इस वर्ष जिला सिरसा को एक लाख 62 हजार एकड़ में धान की सीधी बिजाई का लक्ष्य दिया गया है, जिसे उपमंडल स्तर पर आवंटित कर दिया गया है। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक संख्या में धान की सीधी बिजाई अपनाने की अपील करते हुए कहा कि इससे गिरते भू-जल स्तर को रोकने में काफी मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि पारंपरिक तरीके से धान की खेती में पानी की खपत कई गुना अधिक होती है, जबकि सीधी बिजाई से 20 प्रतिशत पानी की बचत होती है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए किसानों को इस तकनीक को प्राथमिकता देनी चाहिए।
उन्होंने किसानों से अपील की कि योजना का लाभ लेने के लिए वे 15 जून 2026 तक मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल  http://fasal.haryana.gov.in/ र अपना पंजीकरण अवश्य करवाएं। ग्राम स्तरीय कमेटी द्वारा भौतिक सत्यापन के बाद पात्र किसानों के बैंक खातों में अनुदान राशि सीधे भेजी जाएगी।
उप कृषि निदेशक ने बताया कि धान की सीधी बिजाई से तैयार फसल पारंपरिक विधि से बोई गई फसल की तुलना में 7 से 10 दिन पहले पककर तैयार हो जाती है। इससे किसानों को पराली प्रबंधन के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है। इसके अलावा फसल की जड़ें गहरी होने के कारण लौह तत्व की कमी की समस्या नहीं आती तथा रोपाई पर होने वाले अतिरिक्त खर्च की भी बचत होती है। उन्होंने कहा कि इस विधि से फसल में बीमारियों, विशेष रूप से बकानी रोग का प्रकोप भी कम होता है। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक पंजीकरण करवाकर सरकार की इस योजना का लाभ उठाने का आह्वान किया।
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मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना के तहत किसानों को मिलेगा 8 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन
सिरसा, 27 मई।
हरियाणा सरकार द्वारा खरीफ-2026 के दौरान धान के रकबे को कम करने तथा गिरते भू-जल स्तर को बचाने के उद्देश्य से मेरा पानी-मेरी विरासत योजना लागू की गई है। योजना के तहत धान की फसल के स्थान पर वैकल्पिक फसलें अपनाने वाले किसानों को 8 हजार रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जो किसान धान की जगह मक्का, कपास, खरीफ दलहन, तिलहन, चारा फसलें, सब्जियां, कृषि वानिकी अपनाएंगे या खेत खाली रखेंगे, उन्हें भी योजना का लाभ मिलेगा। इसके अलावा दालें, तिलहन और कपास की खेती करने वाले किसानों को 2 हजार रुपये प्रति एकड़ अतिरिक्त बोनस राशि भी दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि इच्छुक किसान मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल http://fasal.haryana.gov.in/     पर अपना पंजीकरण करवाएं। यह पोर्टल अंतिम तिथि तक खुला रहेगा। उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने खरीफ-2025 में फसल विविधीकरण के तहत मेरा पानी-मेरी विरासत योजना का लाभ लिया था और वे खरीफ-2026 में भी फसल विविधीकरण अपनाते हैं, वे इस योजना के तहत पुन: लाभ प्राप्त करने के पात्र होंगे।
उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार वैकल्पिक फसलों की बुआई करने तथा मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के तहत पंजीकरण करवाने के बाद ही किसानों को सत्यापन उपरांत 8 हजार रुपये प्रति एकड़ अनुदान राशि प्रदान की जाएगी।
उन्होंने बताया कि योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए किसान अपने संबंधित उप मंडल कृषि अधिकारी अथवा खंड कृषि अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक संख्या में योजना के तहत पंजीकरण करवाकर लाभ उठाने की अपील की।

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