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Lahoo Ki Lau

युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

06 अप्रैल 2026

16 अप्रैल से स्व-जनगणना की सुविधा, एक मई से शुरू होगा हाउस लिस्टिंग कार्य: नगराधीश अजय सिंह


- जनगणना के लिए 11 चार्ज अधिकारी नियुक्त, 700 से 800 की आबादी पर एक प्रगणक तैनात
- आई कार्ड धारक प्रगणकों को ही दें जानकारी, जनगणना के दौरान नहीं आएगा कोई ओटीपी
सिरसा, 06 अप्रैल।
नगराधीश अजय कुमार ने बताया कि देशभर में जनगणना कार्य की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है और सिरसा जिला में भी इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिले में हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग सेंसस का कार्य एक मई से 30 मई तक किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक स्व-जनगणना की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी, जिसके तहत नागरिक स्वयं पोर्टल पर अपनी जानकारी अपलोड कर सकेंगे। नगराधीश सोमवार को स्थानीय लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
नगराधीश ने बताया कि जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जनगणना का कार्य सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए 11 चार्ज अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इन अधिकारियों की निगरानी में पूरे जिले में जनगणना प्रक्रिया संचालित होगी। उन्होंने बताया कि नगर परिषद सिरसा व डबवाली, नगर पालिका कालांवाली, रानियां और ऐलनाबाद सहित प्रत्येक तहसील को एक चार्ज के रूप में निर्धारित किया गया है, जहां गणना कार्य किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जनगणना को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए लगभग 700 से 800 की आबादी पर एक प्रगणक (एन्यूमरेटर) नियुक्त किया गया है, जबकि प्रत्येक छह प्रगणकों पर एक सुपरवाइजर तैनात किया गया है। इससे कार्य की निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि 6 से 8 अप्रैल तक प्रगणकों को प्रशिक्षण देने का कार्य शुरू हो गया है, जो 22 अप्रैल तक अंतिम शेड्यूल के रुप में रहेगा ताकि वे जनगणना के कार्य को सही और प्रभावी ढंग से पूरा कर सकें।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक प्रगणक को एक पहचान पत्र (आई-कार्ड) जारी किया जाएगा और बिना आई-कार्ड के कोई भी व्यक्ति जनगणना के लिए घर-घर नहीं जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे केवल आई-कार्ड धारक प्रगणक को ही अपनी जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि किसी प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके।
उन्होंने बताया कि जनगणना प्रक्रिया के दौरान किसी भी नागरिक के मोबाइल पर कोई ओटीपी नहीं आएगा। यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की जानकारी मांगता है तो उससे सावधान रहें। किसी भी प्रकार के संदेह या जानकारी के लिए नागरिक नगराधीश कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
नगराधीश ने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने सभी से सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने से ही योजनाओं का लाभ आमजन तक सही तरीके से पहुंच सकेगा।

फलों के बाग और ड्रिप सिंचाई के लिए मिलेगा 50 प्रतिशत तक अनुदान


- उद्यान विभाग द्वारा फसल विविधीकरण को बढावा देने के लिए चलाई जा रही अनुदान योजनाएं
- टिश्यू कल्चर से तैयार खजूर के पौधों पर भी 70 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान
सिरसा, 06 अप्रैल।

उद्यान विभाग द्वारा प्रदेश में बागवानी को प्रोत्साहन देने के लिए किसानों को विभिन्न योजनाओं के तहत अनुदान सुविधाएं प्रदान कर रहा है, जिससे किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित करते हुए उनकी आय में वृद्धि की जा सके।
् फल के बाग लगाने के लिए किसानों को प्रति एकड़ 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। विभिन्न श्रेणियों के अनुसार यह अनुदान 24,500 रुपये से लेकर 50,000 रुपये प्रति एकड़ तक निर्धारित किया गया है। इसमें आम, लीची, अमरूद, अनार, आंवला, नाशपाती, बेर आदि फलों की खेती शामिल है। अधिकतम सीमा 5 एकड़ तक रखी गई है और अनुदान दो किस्तों में दिया जाएगा।
पौधों की बेहतर वृद्धि के लिए टपका (ड्रिप) सिंचाई प्रणाली पर 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है, जिसमें किसानों को प्रति एकड़ 70,000 रुपये तक की सहायता मिलेगी। वहीं, टिश्यू कल्चर से तैयार खजूर के पौधों पर 70 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है।
जिला उद्यान अधिकारी दीन मोहम्मद ने बताया कि उद्यान विभाग की इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेती के साथ-साथ किसानों को बागवानी के लिए प्रेरित करना है, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके। विभाग द्वारा किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर आधुनिक खेती अपनाएं और अपनी आय को बढ़ाएं।

6 April. 2026





 

04 अप्रैल 2026

सक्षम युवा योजना: शिक्षित युवाओं को हर माह 6000 रुपये तक का आर्थिक सहारा

सिरसा, 04 अप्रैल। 

रोजगार विभाग, हरियाणा द्वारा शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए “सक्षम युवा” योजना चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य युवाओं को आर्थिक सहायता के साथ-साथ कार्य अनुभव प्रदान करना है। इस योजना के तहत 10+2, स्नातक और स्नातकोत्तर योग्यताधारी बेरोजगार युवाओं को प्रतिमाह भत्ता एवं मानदेय दिया जाता है।

योजना के अनुसार 10+2 पास युवाओं को 1200 रुपये, स्नातक को 2000 रुपये तथा स्नातकोत्तर युवाओं को 3500 रुपये प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता दिया जाता है। इसके अतिरिक्त कार्य के आधार पर अभ्यर्थियों को अधिकतम 6000 रुपये प्रतिमाह तक का मानदेय भी प्रदान किया जाता है, जिससे वे सरकारी या अर्धसरकारी कार्यालयों में कार्य करते हुए अनुभव प्राप्त कर सकें।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना है। 

योजना के लिए पात्रता एवं शर्तें
इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का हरियाणा का निवासी होना अनिवार्य है और उसका नाम रोजगार कार्यालय में पंजीकृत होना चाहिए। अभ्यर्थी की शैक्षणिक योग्यता हरियाणा, यूटी चंडीगढ़ या दिल्ली के मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय से होनी चाहिए।

आयु सीमा 10+2 के लिए 18 से 35 वर्ष तथा स्नातक/स्नातकोत्तर के लिए 21 से 35 वर्ष निर्धारित की गई है। इसके साथ ही अभ्यर्थी किसी भी सरकारी या निजी नौकरी में कार्यरत नहीं होना चाहिए और उसकी पारिवारिक वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।

इसके अलावा, परिवार में किसी सदस्य के डिफॉल्टर होने, बिजली बिल बकाया होने या अन्य सरकारी देनदारियों की स्थिति में योजना का लाभ प्रभावित हो सकता है। 

ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
जिला रोजगार अधिकारी डा कविता ग्रेवाल ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी इस योजना के लिए आधिकारिक पोर्टल https://hreyahs.gov.in पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। आवेदन के बाद उन्हें रोजगार कार्यालय में सत्यापन कराना होगा।

4 April, 2026





 

03 अप्रैल 2026

मत्स्य पालकों को अब मिलेगी क्रेडिट और बीमा सुविधा, आर्थिक जोखिम की चिंता से मिलेगा छुटकारा


- नेशनल फिशरीज डेवलपमेंट बोर्ड पोर्टल पर क्रेडिट व बीमा सेवाएं का लाभ उठाएं मत्स्य किसान
सिरसा, 03 अप्रैल।
मत्स्य विभाग द्वारा झींगा एवं मछली पालन करने वाले किसानों के लिए नेशनल फिशरीज डेवलपमेंट बोर्ड पोर्टल पर अब क्रेडिट सुविधा और बीमा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना और मछली पालन से जुड़े जोखिमों से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
एनएफडीबी पोर्टल पर पंजीकरण कराने के बाद किसान किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत आसानी से ऋण प्राप्त कर सकते हैं। इस सुविधा के माध्यम से किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण मिलेगा, जिससे वे मछली बीज, फीड, उपकरण और अन्य आवश्यक संसाधनों की पूर्ति कर सकेंगे।
इसके अलावा, पोर्टल के माध्यम से झींगा और मछली पालन के लिए बीमा सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इस बीमा से किसानों को रोग, प्राकृतिक आपदा और अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में होने वाले नुकसान की भरपाई में मदद मिलेगी।
जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र ने जिला के मत्स्य किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द एनएफडीबी पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाएं और इन सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाएं। अधिक जानकारी के लिए किसान अपने नजदीकी मत्स्य विभाग कार्यालय, सिरसा से संपर्क कर सकते हैं।

म्हारी योजना कॉलम के लिए

3 April. 2026





 

02 अप्रैल 2026

पंजीकृत दिव्यांग श्रमिकों को तिपहिया साइकिल व श्रवण मशीन खरीदने के लिए दी जाती है आर्थिक सहायता

सिरसा, 02 अप्रैल।

हरियाणा श्रम विभाग द्वारा पंजीकृत श्रमिकों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य श्रमिकों को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। विशेष रूप से दिव्यांग श्रमिकों के लिए विभाग ने कई महत्वपूर्ण सहायता योजनाएं शुरू की हैं।
इन योजनाओं के तहत पंजीकृत श्रमिकों को तिपहिया साइकिल खरीदने के लिए 7,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे उनकी आवाजाही आसान हो सके और वे अपने दैनिक कार्यों को आसानी से कर सकें। इसके अलावा, श्रवण बाधित श्रमिकों के लिए श्रम विभाग द्वारा 10,000 रुपये तक की सहायता श्रवण मशीन (हियरिंग एड) खरीदने के लिए दिए जाते हैं।
वहीं, जिन श्रमिकों को कृत्रिम अंग (प्रोस्थेटिक) की आवश्यकता होती है, उनके लिए भी विशेष योजना चलाई जा रही है। इस योजना के अंतर्गत पंचकूला स्थित साकेत अस्पताल द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, ताकि जरूरतमंद श्रमिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके। श्रम विभाग की ये योजनाएं न केवल दिव्यांग श्रमिकों के जीवन को आसान बना रही हैं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरित कर रही हैं।

म्हारी योजना कॉलम के लिए

2 April. 2026





 

01 अप्रैल 2026

अग्निपथ योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू है, उम्मीदवार दो श्रेणी के लिए कर सकते है आवेदन

-सिरसा, फतेहाबाद, जींद, हिसार और हांसी जिला के युवा कर सकते हैं आवेदन

सिरसा, 01 अप्रैल।
अग्रिपथ योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को बढ़ाते हुए 10 अप्रैल 2026 कर दिया गया है। पहले आवेदन प्रक्रिया 13 फरवरी से 2 अप्रैल 2026 तक थी। अब इसे बढ़ाकर 10 अप्रैल 2026 तक किया गया है।
यह जानकारी देते हुए भर्ती निर्देशक सेना भर्ती कार्यालय हिसार ने बताया कि ऑनलाइन परीक्षा के लिए अभ्यार्थी द्वारा प्रति आवेदक परीक्षा शुल्क 250 रुपए का भुगतान करना होगा। इच्छुक उम्मीदवार उनके योग्यता के अनुसार दो अग्निवीर श्रेणी के लिए आवेदन करने का विकल्प इस वर्ष भी दिया गया है। अग्निवीर श्रेणी में प्राथमिकता का विकल्प है जिसको उम्मीदवार ने आवेदन करते समय चुनाव करना है। 
उन्होंने बताया कि भर्ती वर्ष 2027 के लिए अग्निवीरों की भर्ती दो चरणों में की जाएगी। प्रथम चरण में ऑनलाइन कंप्यूटर आधारित लिखित परीक्षा (ऑनलाइन CEE) व द्वितीय चरण में भर्ती रैली होगी। भर्ती के लिए इच्छुक उम्मीदवार को अपना नाम वेबसाइट जॉइनइंडियनआर्मीडॉटएनआईसीडॉटइन पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। ऑनलाईन आवेदन की प्रक्रिया 10 अप्रैल 2026 (11.59 बजे के बाद) बंद कर दी जाएगी। भर्ती निर्देशक ने बताया कि सिरसा, फतेहबाद, जींद, हिसार और हांसी जिला के जिन युवाओं का जन्म 01 जुलाई 2005 से 01 जुलाई 2009 के बीच हुआ है और उन्होंने दसवीं या बारहवीं की कक्षा उत्तीर्ण की है और उम्मीदवार जो कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा में उपस्थित हुए हैं और परिणामों की घोषणा की प्रतीक्षा कर रहे हैं, वे आवेदन करने के पात्र हैं, बशर्ते वे अन्य सभी शर्तों को पूरा करते हों। यह भर्ती अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर क्लर्क व स्टोर कीपर तकनीकी, अग्निवीर तकनीकी, अग्निवीर ट्रेडमैन 10th पास व अग्निवीर टैडमैन 8th पास के पद के लिए है। जिन उम्मीदवारों ने न्यूनतम शैक्षणिक व आयु सीमा की योग्यता पूरी कर रखी है वे इस योजना के तहत अपने आवेदन ऑनलाईन कर सकते है।

बागवानी किसानों के लिए बड़ी राहत: मशीनरी पर 40 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रहा उद्यान विभाग

सिरसा, 01 अप्रैल।

हरियाणा उद्यान विभाग द्वारा ‘बागवानी यंत्रीकरण’ योजना के तहत किसानों को आधुनिक कृषि उपकरणों पर भारी सब्सिडी प्रदान की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य बागवानी खेती को अधिक लाभकारी, आसान और तकनीकी रूप से उन्नत बनाना है।
योजना के तहत किसानों को प्रति यूनिट लागत पर सामान्य किसानों के लिए 40 प्रतिशत तक तथा अनुसूचित जाति (एससी), लघु एवं सीमांत और महिला किसानों के लिए 50 प्रतिशत तक अधिकतम सहायता दी जाती है। सहायता राशि तय सीमा या वास्तविक लागत दोनों में जो कम हो, उसके आधार पर दी जाती है।
विभिन्न मशीनों पर मिल रहा अनुदान, उन्नत मशीनों पर लाखों की सहायता
योजना में ट्रैक्टर, पावर टिलर, स्प्रेयर, हार्वेस्टर सहित दर्जनों आधुनिक उपकरण शामिल किए गए हैं। 2 व्हील ड्राइव ट्रैक्टर (4 लाख रुपये लागत) पर 1.60 से 2 लाख रुपये तक, जबकि 4 व्हील ड्राइव ट्रैक्टर (4.90 लाख रुपये लागत) पर 1.96 से 2.45 लाख रुपये तक सब्सिडी मिल रही है।
पावर टिलर (1.30 से 1.70 लाख रुपये) पर 0.50 से 0.85 लाख रुपये तक सहायता, वहीं रोटरी टिलर, पोस्ट होल डिगर और प्लास्टिक मल्च बिछाने की मशीन पर भी 40-50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।
विशेष रूप से बागवानी फसलों के लिए स्वचालित आलू हार्वेस्टर (25 लाख रुपये) पर 10 से 12.50 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा रूट क्रॉप हार्वेस्टर, आलू खोदने की मशीन, प्लांट टॉपर और सब्जी बोने व धोने की मशीन भी योजना में शामिल हैं।
किसानों को विभिन्न प्रकार के स्प्रेयर जैसे पावर वीडर, विद्युत पावर वीडर, पावर्ड मिस्ट ब्लोअर कम डस्टर, इंजन संचालित पोर्टेबल स्प्रेयर, ट्रैक्टर संचालित एयर-असिस्टेड स्पेशलाइज्ड स्प्रेयर, नैपसैक स्प्रेयर आदि पर भी सब्सिडी दी जा रही है। इनके अलावा पोस्ट होल डिगर, ब्रश कटर और खाद्य प्रसंस्करण मशीनों को भी योजना में शामिल किया गया है।
वृक्ष रखरखाव के लिए स्वचालित प्लेटफॉर्म (20 लाख रुपये लागत) पर 8 से 10 लाख रुपये तक की सहायता तथा राइड ऑन सेल्फ-प्रोपेल्ड टूल बार पर भी 1.20 से 1.50 लाख रुपये तक अनुदान दिया जा रहा है।
जिला उद्यान अधिकारी दीन मोहम्मद ने बताया कि इस योजना से खेती में आधुनिक तकनीकों का उपयोग बढ़ेगा, जिससे उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता में सुधार होगा। साथ ही किसानों की लागत कम होकर आय में बढ़ोतरी होगी। किसान इस योजना का लाभ उठाने के लिए अपने नजदीकी उद्यान विभाग कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। योजना का लाभ ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर भी दिया जा सकता है, इसलिए पात्र किसानों को जल्द आवेदन करने की सलाह दी गई है।

1 April. 2026





 

29 मार्च 2026

मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना: किसानों को फसल नुकसान पर मिलेगा आर्थिक सुरक्षा कवच

सिरसा, 29 मार्च।

हरियाणा के उद्यान विभाग द्वारा किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए “मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना” संचालित की जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बागवानी फसलों की खेती करने वाले किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है, ताकि विपरीत परिस्थितियों में भी उनकी आय प्रभावित न हो।
इस योजना के तहत कुल 46 प्रकार की फसलों को शामिल किया गया है, जिनमें सब्जियां, फल और मसाले प्रमुख हैं। योजना के अनुसार सब्जियों व मसालों के लिए 30 हजार रुपये प्रति एकड़ तथा फलों के लिए 40 हजार रुपये प्रति एकड़ तक बीमा कवर प्रदान किया जाता है। इसमें किसान को मात्र 2.5 प्रतिशत प्रीमियम देना होता है, जो कि सब्जियों व मसालों के लिए 750 रुपये प्रति एकड़ और फलों के लिए 1000 रुपये प्रति एकड़ निर्धारित किया गया है।
योजना में मुआवजा राशि फसल के नुकसान के प्रतिशत के आधार पर तय की गई है। यदि नुकसान 0 से 25 प्रतिशत तक होता है तो कोई मुआवजा नहीं मिलता, जबकि 26 से 51 प्रतिशत नुकसान होने पर 50 प्रतिशत मुआवजा दिया जाता है। इसी प्रकार 51 से 75 प्रतिशत नुकसान पर 75 प्रतिशत और 75 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने पर 100 प्रतिशत मुआवजा किसानों को दिया जाता है। सब्जियों व मसालों के लिए अधिकतम 30 हजार रुपये और फलों के लिए 40 हजार रुपये तक मुआवजा निर्धारित है।
इस योजना के अंतर्गत मुआवजा राशि सीधे पंजीकृत किसानों के बैंक खाते में स्थानांतरित की जाती है, जो कि सर्वेक्षण के आधार पर तय होती है। योजना में टमाटर, प्याज, आलू, फूलगोभी, मटर, गाजर सहित 23 प्रकार की सब्जियां, आम, अमरूद, संतरा, अंगूर, अनार सहित 21 प्रकार के फल और हल्दी व लहसुन जैसे मसाले शामिल हैं।
इसके अलावा योजना में प्राकृतिक आपदाओं जैसे ओलावृष्टि, तापमान में अत्यधिक परिवर्तन, पाला, बाढ़, जलभराव, नहर या ड्रेन टूटना, आंधी-तूफान और आग जैसी घटनाओं को भी शामिल किया गया है, जिससे किसानों को व्यापक सुरक्षा मिलती है।
किसानों के लिए इस योजना में पंजीकरण की सुविधा “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है, जिससे वे आसानी से घर बैठे आवेदन कर सकते हैं। यह योजना किसानों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच साबित हो रही है और उन्हें बागवानी खेती के प्रति प्रोत्साहित कर रही है।

29 March 2026





 

27 मार्च 2026

श्रमिक की अकाल मृत्यु पर परिवार को मिलेगी वित्तीय सहायता

सिरसा, 27 मार्च।

हरियाणा श्रम विभाग द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के परिवारों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण योजना चलाई जा रही है। इस योजना का उद्देश्य श्रमिक की अकाल मृत्यु के बाद उसके परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करना है, ताकि वे कठिन परिस्थितियों में भी अपनी आवश्यकताओं को पूरा कर सकें। इसके अंतर्गत शिक्षा, विवाह, अशक्तता तथा स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए नियमानुसार वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
इस योजना के तहत पंजीकृत निर्माण कर्मकार की अकाल मृत्यु (60 वर्ष की आयु पूरी करने से पूर्व) होने पर उसके आश्रितों को सहायता दी जाती है। यह सहायता केवल उन्हीं परिवारों को मिलेगा, जिनका श्रमिक श्रम विभाग में विधिवत पंजीकृत रहा हो। यह पहल श्रमिक परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
हालांकि, कुछ विशेष परिस्थितियों में आर्थिक सहायता स्वत: समाप्त हो जाती है। यदि मृतक श्रमिक की पत्नी या पति पुनर्विवाह कर लेते हैं, तो इस योजना के तहत मिलने वाली सहायता बंद कर दी जाएगी। इसके अलावा, यदि मृतक के पति या पत्नी किसी अन्य योजना जैसे बीओसीडब्ल्यू बोर्ड के लाभार्थी सदस्य बन जाते हैं और वहां से लाभ प्राप्त करने के पात्र हो जाते हैं, तो भी यह सहायता समाप्त हो जाती है। साथ ही, यदि पंजीकरण रिकॉर्ड के अनुसार श्रमिक की आयु 60 वर्ष पूर्ण हो चुकी होती है, तो इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
हरियाणा सरकार की यह योजना श्रमिक वर्ग के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य कर रही है। इससे न केवल श्रमिकों के परिवारों को आर्थिक मदद मिलती है, बल्कि उन्हें भविष्य के प्रति एक भरोसा भी मिलता है।

27 March 2026