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Lahoo Ki Lau
25 मार्च 2026
लसाड़ा नाला टूटने से डूमवाली में 125 एकड़ गेहूं की फसल जलमग्न, किसानों में हाहाकार
25 फीट चौड़ा पाड़ पड़ने से पकी हुई फसल बर्बाद; ग्रामीणों ने खुद ट्रैक्टर-ट्रालियों से भरा कटाव
डबवाली/डूमवाली (लहू की लौ): बेमौसमी बरसात और फैक्ट्रियों के गंदे पानी के दबाव के कारण ऐतिहासिक लसाड़ा नाला एक बार फिर कहर बनकर टूटा है। पंजाब के अंतिम छोर और हरियाणा की सीमा से सटे गांव डूमवाली में सोमवार देर रात नाला टूटने से करीब 25 फीट चौड़ा पाड़ (कटाव) लग गया, जिससे सवा सौ एकड़ में खड़ी गेहूं की पकी हुई फसल बर्बाद हो गई।
ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा: गांव डूमवाली के सरपंच दीपा के नेतृत्व में 100 से अधिक ग्रामीणों ने दिन-रात मेहनत कर ट्रैक्टर-ट्रालियों की मदद से मिट्टी डालकर इस पाड़ को भरा। इस प्राकृतिक आपदा के कारण किसान भानू प्रताप सिंह, महिपाल सिंह, मनजीत सिंह और जगसीर सिंह की तैयार फसल पानी में डूब गई। सूचना मिलने पर बठिंडा प्रशासन की ओर से पटवारी और विभागीय अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया।
जोगेवाला में टला बड़ा खतरा: हरियाणा के गांव जोगेवाला के ग्रामीण पिछले सात दिनों से नाले पर पहरा दे रहे थे। ग्रामीण सुरजीत सिंह के अनुसार, यदि नाला हरियाणा की तरफ टूटता तो साल 2022 की तरह भारी तबाही मच सकती थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डबवाली के एसडीएम अर्पित संगल और थाना शहर प्रभारी देवीलाल ने भी मौके का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
लसाड़ा नाले का इतिहास: 1963 में निर्मित 255 किमी लंबा यह नाला लुधियाना से शुरू होकर राजस्थान सीमा तक जाता है। इसका 200 किमी हिस्सा पंजाब और 55 किमी हरियाणा में आता है। हालांकि 1992 में हरियाणा सरकार ने अपने क्षेत्र में इसे बंद कर जमीन किसानों को लौटा दी थी, लेकिन हर साल ओवरफ्लो होने के कारण यह नाला विवादों और सुर्खियों में रहता है।
24 मार्च 2026
पेयजल व सीवरेज संबंधी समस्या के समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबरों पर करें संपर्क
सिरसा, 24 मार्च।
जिला में आम नागरिकों को पेयजल और सीवरेज से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान करवाने के उद्देश्य से जल एवं स्वच्छता सहयोग संगठन द्वारा हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। संगठन के जिला सलाहकार राकेश सोगलान ने बताया कि लोग अपनी शिकायतें अब आसानी से घर बैठे दर्ज करवा सकते हैं।उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की जल या सीवरेज से जुड़ी समस्या के लिए नागरिक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-180-5678 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, सीवरेज व्यवस्था से संबंधित शिकायतों के लिए 01666-230455 और पेयजल आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं के लिए 01666-234304 नंबर निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मोबाइल नंबर भी उपलब्ध करवाए गए हैं। पेयजल व सीवरेज से संबंधित शिकायतों के लिए 9518092425 और 9306107528 नंबरों पर भी सीधे संपर्क किया जा सकता है। इन नंबरों पर शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा जल्द से जल्द समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे पेयजल व सीवरेज से संबंधित समस्या होने पर इन हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें, ताकि समस्याओं का समय पर निवारण सुनिश्चित किया जा सके।
23 मार्च 2026
सुकन्या समृद्धि योजना से बेटियों का भविष्य हो रहा सुरक्षित और उज्जवल
22 मार्च 2026
21 मार्च 2026
सरकारी कर्मचारी लगवाएं रूफटॉप सौलर, ब्याज मुक्त मिलेगी वित्तीय सहायता
- सरकार ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए शुरू की सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना, 5 किलोवाट तक मिलेगा लाभ
20 मार्च 2026
सोलर ऊर्जा को बढ़ावा: सरकार दे रही सब्सिडी, अतिरिक्त बिजली बेचकर होगी आय
सिरसा, 20 मार्च।
केंद्र सरकार द्वारा पीएम सूर्य घर - मुफ्त बिजली योजना शुरू की गई है। अंत्योदय परिवार जिनकी सालाना आय 1.80 लाख से कम है व जिनकी सालाना बिजली खपत 2400 युनिट तक है, वे दो किलोवाट तक का सोलर पैनल लगवाने पर भारत सरकार की ओर से 60 हजार रुपये व हरियाणा सरकार की ओर से 50 हजार रुपये अनुदान यानी कि कुल 1.10 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त कर सकते हैं। जिन परिवारों की सालाना आय तीन लाख रुपये तक है व जिनकी सालाना बिजली खपत 2400 युनिट तक है वो परिवार दो किलोवाट तक का सोलर पैनल लगवाने पर भारत सरकार की ओर से 60 हजार रुपये व हरियाणा सरकार की ओर से 20 हजार रुपये का अनुदान यानी कि कुल 80 हजार रुपये का अनुदान प्राप्त कर सकते हैं। इसके बाद तीन किलोवाट तक का सोलर पैनल लगवाने पर भारत सरकार की ओर से 78 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा।
केंद्र सरकार का अनुदान सभी आय वर्गों के लोगों को दिया जाएगा यानि केंद्र का अनुदान लेने के लिए आय से संबंधित कोई शर्त नहीं है। इस योजना का लाभ लेने से बिजली बिल जीरो हो जाएगा और जो अतिरिक्त बिजली बचेगी, उस बिजली को भी सरकार खरीदेगी, जिससे उनकी अतिरिक्त आय होगा। केंद्र सरकार की यह बेहतरीन योजना है जिसके द्वारा समाज की हर वर्ग की ऊर्जा संबंधित जरूरतों को पूरा किया जा सकता है। अगर खपत से ज्यादा बिजली का उत्पादन सोलर पैनल द्वारा किया जाता है तो वह बिजली के खाते में जाएगा जिसका भुगतान सरकार द्वारा उक्त मकान मालिक को किया जाएगा। इस योजना से सौर ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे पर्यावरण प्रदूषण कम होगा और स्वच्छ ऊर्जा के स्रोतों को अपनाने में मदद मिलेगी।
19 मार्च 2026
18 मार्च 2026
हैप्पी कार्ड से करें 1000 किलोमीटर तक नि:शुल्क यात्रा
एक लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों के सदस्यों को मिलेगा लाभ
सिरसा, 18 मार्च।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों को राहत प्रदान करना तथा उनकी दैनिक आवाजाही को आसान बनाना है। हैप्पी कार्ड के माध्यम से पात्र परिवारों को डिजिटल और पारदर्शी तरीके से यात्रा का लाभ मिल रहा है, जिससे व्यवस्था में सुगमता आई है।
हरियाणा रोडवेज के महाप्रबंधक अनीत कुमार ने पात्र परिवारों से अपील की कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और हैप्पी कार्ड बनवाकर नि:शुल्क यात्रा सुविधा का लाभ प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि हरियाणा रोडवेज जनसेवा के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी यात्रियों की सुविधा के लिए नवीन पहलें जारी रखी जाएंगी।
म्हारी योजना कॉलम के लिए
17 मार्च 2026
16 मार्च 2026
पंजीकृत श्रमिक की मृत्यु पर दाह संस्कार के लिए श्रम विभाग द्वारा दी जाती है 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता
सिरसा, 16 मार्च।
प्रदेश में श्रमिकों और उनके परिवारों के सामाजिक सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से हरियाणा श्रम विभाग द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसी के तहत पंजीकृत श्रमिक की मृत्यु होने पर उसके दाह संस्कार के लिए सरकार द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना के तहत मृतक श्रमिक के नामांकित व्यक्ति या कानूनी उत्तराधिकारी को 15,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि परिवार को कठिन समय में आर्थिक सहयोग मिल सके।कई बार श्रमिक परिवार आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं और आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में श्रमिक के अंतिम संस्कार के लिए भी उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा यह योजना शुरू की गई है, जिससे श्रमिक परिवारों को तत्काल राहत मिल सके। श्रमिक की मृत्यु होने के बाद उसका नामांकित व्यक्ति या कानूनी उत्तराधिकारी विभाग में आवेदन कर सकता है। आवेदन के साथ कुछ आवश्यक दस्तावेज जमा कराने होते हैं, जिनके आधार पर सहायता राशि जारी की जाती है।
आवेदक के नामांकित या कानूनी उत्तराधिकारी को विभाग द्वारा निर्धारित क्लेम फॉर्म-17 में आवेदन करना भी अनिवार्य है। सभी दस्तावेजों की जांच के बाद पात्र परिवार को 15 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है।
म्हारी योजना कॉलम के लिए
मत्स्य पालन में क्षति का डर दूर करेगी पीएम-एमकेएसएस योजना
जलकृषि को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार की पहल, पीएम-एमकेएसएसवाई के तहत होगा जलकृषि बीमा











































