उपचार हेतु न्यूनतम चार दिन भर्ती रहने पर मिलती है सहायता राशि
सिरसा, 28 फरवरी।
हरियाणा श्रम विभाग द्वारा पंजीकृत कामगारों के लिए चिकित्सा सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण प्रावधान किया गया है। योजना के अंतर्गत कुशल, अर्धकुशल और अकुशल श्रमिकों को प्रचलित न्यूनतम मजदूरी के आधार पर सहायता प्रदान की जाएगी। यदि कोई पंजीकृत श्रमिक दुर्घटना या गंभीर बीमारी से पीड़ित हो जाता है, तो उसे उपचार के दौरान आर्थिक राहत देने का प्रावधान किया गया है, ताकि इलाज के समय उसकी आय रुकने से परिवार पर आर्थिक बोझ न पड़े।
इस योजना के अनुसार, श्रमिक को सरकारी अस्पताल अथवा सरकार द्वारा अनुमोदित निजी अस्पताल में भर्ती होकर उपचार कराना आवश्यक है। उपचार हेतु अस्पताल में कम से कम चार दिनों और अधिकतम 30 दिनों तक भर्ती रहना अनिवार्य है। इसी अवधि के आधार पर उसकी न्यूनतम मजदूरी की भरपाई की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रमिक को इलाज के दौरान आय के अभाव में कठिनाई न झेलनी पड़े।
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। सबसे पहले, श्रमिक को क्लेम फॉर्म-20 में आवेदन करना अनिवार्य है। इसके साथ ही, अस्पताल में भर्ती होने का प्रमाण-पत्र क्लेम फॉर्म के साथ संलग्न करना होगा। इस प्रकार यह योजना श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा कवच को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे दुर्घटना या बीमारी की स्थिति में श्रमिकों को आर्थिक सहारा मिलेगा और वे बिना चिंता के अपना उपचार करवा सकेंगे।
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