श्रीगंगानगर। आपराधिक प्रवृत्ति के एक युवक ने चौक में सरेआम एक महिला को पीट-पीटकर घायल कर दिया। उसके पहने हुए सोने के गहने और पर्स में साढ़े तीन हजार रूपये निकाल लिये। यह महिला रोती-चिल्लाती रही, लेकिन कोई उसे बचाने नहीं आया। मारपीट करने वाला युवक वहां मौजूद लोगों को धमकाता रहा कि अगर कोई बीच में आया तो वह उसका भी यही हश्र करेगा।
जिला अस्पताल में उपचाराधीन महिला सुमन (31) पत्नी भंवरलाल नायक निवासी गली नं. 2 भांभू कॉलोनी ने देर रात को कोतवाली पुलिस को दिये बयान में बताया कि मोनू उर्फ कपिल तलवार नामक यह युवक पहले उसके साथ बलवीरसिंह के मकान में किराये पर रहता था। मोनू ने जब किराया नहीं दिया तो उसे मकान मालिक ने बाहर निकाल दिया। इसी कारण मोनू उससे रंजिश रखने लगा। रविवार सायं 6.30 बजे वह बुखार होने के कारण दवा लेने के लिए मैडिकल स्टोर पर जा रही थी। मालूराम भांभू पोलोटेक्निक कॉलेज के पास अचानक मोनू तलवार पीछे से आया और उसे बालों से पकड़कर नीचे पटक दिया। उसे लकड़ी की फट्टी से पटने लगा। काफी लोग जमा हो गए, लेकिन मोनू ने उन्हें धमका दिया कि अगर बीच में आया तो उनकी हालत भी ऐसी ही कर देगा। मारपीट कर मोनू ने उसके पहने हुए सोने के टॉप्स और अंगूठी निकाल ली। पर्स भी छीनकर ले गया, जिसमें साढ़े तीन हजार रूपये थे। बाद में उसे लोगों ने अस्पताल में भर्ती करवाया। पुलिस ने बताया कि यह मामला धारा 341, 323, 382 में दर्ज किया गया है। मोनू तलवार पर कई आपराधिक मामले चल रहे हैं।
विदेश भेजने के नाम पर अढ़ाई लाख की ठगी
श्रीगंगानगर। मलेशिया में वर्क वीजा दिलाने का झांसा देकर फरीदकोट के दो व्यक्तियों पर लगभग अढ़ाई लाख रूपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज करवाया गया है। जिले की घड़साना पुलिस ने बताया कि चक 23 एएस के गुरमीतसिंह पुत्र जरनैलसिंह जटसिख द्वारा दायर किए गए इस्तगासा के आधार पर धारा 420, 467, 471 व 120-बी के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। इस्तगासा में गुरमीतसिंह ने बताया कि उसके ससुर ने ही दो एजेंटों-रिंकूसिंह पुत्र गुरमेलसिंह जटसिख और कालासिंह निवासी गांव पक्का (फरीदकोट) से लगभग डेढ़ वर्ष पहले परिचय करवाया। इन लोगों ने उसे मलेशिया भेजने और वर्क वीजा से अच्छा काम दिलाने का वायदा किया। इन पर विश्वास करके उसने 15 जुलाई 08 को अपने गांव में इन दोनों को सवा लाख रूपये दे दिये। इसके 15 दिन बाद उसे वीजा दिया गया, जिससे वह एक अगस्त 08 को मलेशिया चला गया। वहां जाने पर जब उसके मलेशियाई अधिकारियों ने कागजात चैक किये तो उसे पता चला कि एक माह का टूरिस्ट वीजा देकर उसे मलेशिया भेजा गया है। वह मलेशिया की एक फैक्ट्री में काम करने लगा। वीजा समाप्त होने पर उसे अनेक परेशानियां झेलनी पड़ी। बाद में वह थाईलैंड होते हुए 9 मार्च 09 को कोलकाता पहुंचा और वहां से एक महीने बाद वह अपने घर आया। इस चक्कर में उसके कुल मिलाकर दो लाख 40 हजार रूपये खर्च हो गए। रिंकू और कालासिंह ने यह रकम देने से इंकार कर दिया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
एक घंटे में दो मोटरसाइकिल चोरी
श्रीगंगानगर। लाख यत्न के बाद भी सिटी पुलिस शहर में दुपहिया वाहनों की चोरियों को रोक पाने में बुरी तरह नाकाम साबित हो रही है। पुलिस अधीक्षक उमेशचंद्र दत्ता द्वारा नगर पुलिस अधिकारियों को एक बैठक में सख्त हिदायतें दी गईं, लेकिन फिर भी दुपहिया वाहन चोरी हो रहे हैं। आज दोपहर एक घंटे के भीतर अलग-अलग स्थानों से दो मोटरसाइकिल चोरी हो गए। पुलिस के अनुसार जवाहरनगर में गगनपथ पर लालगढिय़ा हॉस्पीटल के सामने से आज दोपहर नीले-काले रंग का पैशन मोटरसाइकिल (आरजे 13-6796) चोरी हो गया। लगभग अढ़ाई बजे इस मोटरसाइकिल चोरी होने की सूचना मिली। इस मोटरसाइकिल को पकडऩे के लिए पुलिस की नाकाबंदी चल ही रही थी कि सवा तीन बजे रेलवे स्टेशन परिसर से होण्डा शाईन मोटरसाइकिल (आरजे 19 एसए 1913) चोरी हो गया। सुरजीतसिंह कॉलोनी के गुरूनानक चौक में एक मैडिकल स्टोर के संचालक गोपाल ने अपने कर्मचारी को कोई सामान देकर इस मोटरसाइकिल पर रेलवे स्टेशन भेजा था। यह कर्मचारी स्टेशन के अंदर जाकर सामान देकर दस मिनट में बाहर आया तो मोटरसाइकिल गायब हो चुका था। नाकाबंदी के बावजूद इन मोटरसाइकिलों का कुछ पता नहीं चला। देर शाम तक नाकाबंदी जारी थी। उल्लेखनीय है कि एक सप्ताह पहले मंगलवार-बुधवार को शहर में तीन मोटरसाइकिल चोरी हो गए। इनमें से बाद में एक लावारिस पड़ा मिल गया था। दो मोटरसाइकिलों का अभी भी कुछ पता नहीं चला। इसके विपरीत गत 9 फरवरी को ही लालगढिय़ा हॉस्पीटल के पास से ही एक मोटरसाइकिल चोरी हो गया था। एक पखवाड़े के भीतर पांच मोटरसाइकिल चोरी हुए हैं, जिनमें एक बरामद हुआ है। बाकी चार चोरी हुए मोटरसाइकिलों में से सिर्फ एक ही मुकदमा दर्ज पुलिस ने किया।
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