कम उम्र के युवाओं में नशे की लत
डॉ. राजेश कुमार ने नशा पीडि़तों पर किए गए अध्ययन के आधार पर बताया कि इस लत का शिकार ज्यादातर युवा हैं, जिन्होंने इसे शौकिया तौर पर शुरू किया, लेकिन यह उनकी आदत बन गई। उन्होंने कहा, कई युवा मानसिक तनाव, अकेलेपन, घरेलू कलह, या शारीरिक थकावट को दूर करने के लिए नशे का सहारा लेते हैं। धीरे-धीरे यह लत बन जाती है और उनकी जिंदगी को बर्बाद करने लगती है।
नशे की लत के सामाजिक प्रभाव
नशा करने वाले युवाओं में चोरी, झगड़े, और अन्य अपराधों की प्रवृत्ति भी बढ़ती देखी गई है। नशे की वजह से कई युवाओं का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य खराब हो रहा है, जिससे उनका सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है। डॉ. राजेश ने कहा कि नशा एक बीमारी है और इसका इलाज संभव है।
पुनर्वास के लिए प्रयास जारी
डबवाली के सरकारी अस्पताल में नशा पीडि़तों को डॉक्टरों की देखरेख में उचित दवाइयां और काउंसलिंग दी जा रही है। मंगलवार को मट्टदादू गांव में नशा मुक्ति कैंप का आयोजन किया गया, जहां 40 से अधिक नशा पीडि़तों ने नशा छोडऩे की दवाइयां लीं। इन लोगों को सामाजिक धारा में वापस लाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
नशा छोडऩे के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति जरूरी डॉ. राजेश ने कहा कि नशा छोडऩे के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति और सही डॉक्टरी सलाह महत्वपूर्ण हैं। सही समय पर दी गई दवाइयां और मानसिक उपचार नशा पीडि़तों को इस दलदल से बाहर निकालने में मददगार हो सकती हैं।
सामाजिक जागरूकता और पुलिस का सहयोग
सरपंच प्रतिनिधि रणदीप सिंह मट्टदादू ने मट्टदादू गांव में नशा मुक्ति कैंप के दौरान कहा कि नशे की समस्या पर काबू पाने के लिए सामाजिक जागरूकता और सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नशे के खिलाफ लड़ाई में हर व्यक्ति को शामिल होना चाहिए। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से पूरा सहयोग करने की बात कही। रणदीप सिंह ने कहा, नशे के कारण कई घर बर्बाद हो चुके हैं। अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो यह हर घर में दस्तक देगा। हमें अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए नशा मुक्त समाज बनाना होगा।
अभियान की सफलता के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी डबवाली और आसपास के इलाकों में नशा मुक्ति कैंप और जागरूकता अभियानों के जरिए इस समस्या से लडऩे के लिए प्रयास जारी हैं। प्रशासन, डॉक्टर, और समाजसेवकों का मानना है कि सामूहिक प्रयास से नशे की इस समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है।
ये रहे मौजूद
डॉ. राजेश कुमार मनोरोग विशेषज्ञ, सीता राम काऊंसलर, लैब टैक्नीशियन अजीत कुमार, विनोद कुमार। पुलिस की ओर से एएसआई सुग्रीव, एसपीओ जसविन्द्र, मंजू, एचसी शारदा मौजूद थे।
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