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18 जनवरी 2011

खाद के भरे ट्रकों का मामला उलझा : पुलिस ने नहीं किया सूचित

डबवाली (लहू की लौ) गांव जोगेवाला में गत रात किसानों द्वारा कालाबाजारी के आरोप में घेरे गए यूरिया खाद के भरे ट्रक को पुलिस के सुपुर्द करने के बावजूद भी कोई कार्रवाई न किए जाने से क्षुब्ध पैक्स सदस्य ने मामले की जांच करवाए जाने की मांग करते हुए इस मामले को उपमण्डलाधीश डबवाली के समक्ष उठाया है।
11 जनवरी 2011 को करीब 10 बजे दो ट्रक गांव जोगेवाला स्थित को-ऑपरेटिव सोसाईटी में आकर रूके थे। दोनों ट्रकों में यूरिया खाद के 600 बैग भरे हुए थे। खाद के ट्रकों की सूचना पाकर सोसाईटी के सेल्जमैन बिकर सिंह भी मौके पर पहुंचे थे। इसकी भनक पाकर सोसाईटी के सदस्य जग्गा सिंह किसानों के साथ मौका पर पहुंच गए थे। इस दौरान एक ट्रक मौका से फरार हो गया था। जबकि एक ट्रक को किसानों ने काबू करके थाना शहर पुलिस के इंस्पेक्टर बलवंत जस्सू को सौंप दिया था। लेकिन 12 जनवरी की सुबह पुलिस ने इस ट्रक को यह कहते हुए छोड़ दिया था कि ट्रक गलती से गांव जोगेवाला में पहुंच गया था। जबकि ये डबवाली की फर्म हंसराज हमेश कुमार का था।
उपमण्डलाधीश डबवाली को सोमवार को जगजीत सिंह उर्फ जग्गा सिंह पुत्र विचित्र सिंह निवासी गांव जोगेवाला ने एक शिकायत पत्र देकर कहा है कि यूरिया खाद की कालाबाजारी की जांच की जाए। पत्र में शिकायतकर्ता ने लिखा है कि गांव में 11-1-2011 की रात्रि को करीब 7 बजे दो ट्राले यूरिया खाद के 600 थैले उनकी समिति के गोदाम में आए। सभी लोग इक्ट्ठे हो गए। समिति कर्मचारी को खाद उतरवाने के लिए फोन पर बुलाया गया। जब समिति कर्मचारी ने ट्रक ड्राईवरों से आकर खाद की बिल्टी देखने-दिखाने के लिए कहा, तो खाद की बिल्टी प्राईवेट फर्म सुरेन्द्र कुमार अमरनाथ व भोला राम अमरनाथ बिल्टी नं. 2620, 2621 था।
शिकायतकर्ता ने शिकायत में यह भी लिखा है कि उसी समय बिल्टी नं. व नाम उसने नोट कर लिया और ट्रक रोकने के लिए कहा। एक ड्राईवर ट्रक लेकर भाग गया। एक को किसानों ने रोककर थाना शहर डबवाली के इंचार्ज के हवाले कर दिया। शिकायतकर्ता के अनुसार जिस फर्म के नाम यह बिल्टी थी, उसके पास खाद बेचने का लाईसेंस/ऑथोरिटी नहीं है। पैक्स सदस्य ने आरोप लगाया कि ये यूरिया खाद के छह सौ थैले पंजाब में ब्लैक में बेचने के लिए ले जाए जा रहे थे। शिकायतकर्ता के अनुसार थाना शहर के इंचार्ज ने दूसरे दिन सुबह बिना किसी जांच के दोनों ट्रक छोड़ दिए। जब उन्हें इसकी जानकारी मिली तो वे शहर डबवाली थाना में गए, खाद ट्रक के बारे में पूछताछ की, तो पता चला कि उक्त दोनों ट्रकों का रातों-रात गलत बिल्टी बनाकर मामला रफा-दफा कर दिया गया है। उपरोक्त घटना के संबंध में कृषि विभाग ने भी कोई कार्रवाई नहीं की।
उपमण्डलाधीश डॉ. मुनीश नागपाल ने बताया कि उन्हें जगजीत सिंह उर्फ जग्गा सिंह की उपरोक्त शिकायत मिली है। उन्होंने जांच के लिए इस शिकायत को उपमण्डल कृषि अधिकारी डबवाली के पास भेज दिया है।
उपमण्डल कृषि अधिकारी डॉ. बिजेन्द्र पाल ने बताया कि उपमण्डलाधीश से उन्हें जांच के लिए आदेश मिल गए हैं। लेकिन उन्होंने कृषि विभाग का इसमें किसी प्रकार का दोष होने से इंकार करते हुए कहा कि उनके पास इससे पूर्व इस संबंध में कोई शिकायत ही नहीं आई, जबकि पुलिस 12 जनवरी को 11 बजे उनके कार्यालय में बिल्टी लेकर आई थी और पुलिस ने बिल्टी पर लिखी फर्म हंसराज हमेश कुमार के लाईसंसी और रजिस्टर्ड होने संबंधी पूछा था। जिस पर उन्होंने इस फर्म के लाईसंसी होने की बात कही थी और पुलिस तुरंत वहां से चली गई थी। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि जब पुलिस ने माल को पकड़ा था, तो इसकी सूचना उसी समय उन्हें दी जानी चाहिए थी। लेकिन पुलिस ने इस संबंध में उन्हें सूचित नहीं किया। वे उपमण्डलाधीश के आदेश पर मामले की जांच करेंगे। अगर इसमें कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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