युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

18 अप्रैल 2010

एफसीआई का प्रबन्धक घूस लेता काबू

डबवाली (लहू की लौ) किलियांवाली की एक राईस मिल्ज के पार्टनर की शिकायत पर सीबीआई चण्डीगढ़ की डबवाली पहुंची टीम ने 50 हजार रूपये की रिश्वत लेने के आरोप में भारतीय खाद्य निगम के प्रबंधक (क्वालिटी कंट्रोल)को रंगे हाथों काबू कर लिया।
शिकायतकर्ता सुशील कुमार सिंगला पुत्र मनोहर लाल पार्टनर गुरू नानक राईस मिल्ज किलियांवाली ने बताया कि उसने चावलों की 175 गाड़ी मार्कफैड और 32 गाड़ी एफसीआई को मिलिंग करवानी थी। इसके तहत 36 मार्कफेड को और 32 गाडिय़ा एफसीआई को मिलिंग करवा चुका था। लेकिन तीन गाडिय़ां एफसीआई के गोदाम में डम्प पड़ी हैं। जिनका नम्बर 696, 1140, 1173 है। लेकिन 14 अप्रैल 2010 को गाडिय़ों को पास करने की एवज में भारतीय खाद्य निगम के प्रबंधक (क्वालिटी कंट्रोल)ने उससे एक लाख रूपये की मांग की। लेकिन 50 हजार रूपये में सौदा तय हो गया। उसने इसकी सूचना 15 अप्रैल को सीबीआई चण्डीगढ़ को दी। शिकायतकर्ता के अनुसार एक योजना के तहत 500-500 रूपये के 100 नोट रंग लगा कर सीबीआई के अधिकारियों ने उसे दे दिये। तय समय अनुसार आज शुक्रवार को वह भारतीय खाद्य निगम डबवाली के गोदाम में पहुंचा और प्रबंधक (क्वालिटी कंट्रोल) मूल चन्द बैरवा को 50 हजार रूपये की राशि अपनी डम्प गाडिय़ों को निकालने के लिए दे दी। मौका पर सीबीआई की टीम ने आरोपी को रंगे हाथों काबू कर लिया।
बताया जाता है कि सीबीआई टीम ने इसके बाद प्रबंधक के वार्ड नं. 5 में पब्लिक क्लब क्षेत्र में स्थित मकान पर पहुंच कर तालाशी ली और कुछ जरूरी कागजात बरामद किये। सीबीआई की टीम दो प्राईवेट गाडिय़ों में भर कर लगभग सुबह 10.30 बजे डबवाली पहुंची और 3.30 बजे तक यहां रही।  इस टीम ने आते ही मौका पर उपस्थित निगम स्टाफ के मोबाइल अपने कब्जे में ले लिये।
सीबीआई अधिकारी ने पत्रकारों को अपना नाम तो बताने से इंकार कर दिया। लेकिन बताया कि उन्होंने सुशील कुमार सिंगला गुरूनानक राईस मिल्ज किलियांवाली की शिकायत पर छापामारी की और 50 हजार रूपये की रिश्वत लेते हुए मूल चन्द बैरवा को काबू कर लिया। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि आवश्यक कागजात उन्होंने अपने कब्जे में कर लिये हैं। एफसीआई के स्थानीय सूत्रों ने बताया कि डेढ़ वर्ष पूर्व ही बतौर प्रबंधक (क्वालिटी कंट्रोल) मूल चन्द बैरवा ने डबवाली में अपना कार्यभार संभाला था। वह मूल रूप से जयपुर के निवासी हैं। सूत्रों ने बताया कि सीबीआई टीम अपने साथ गाडिय़ों के आने-जाने के खरीद संबंधी रजिस्टर भी ले गई है। ज्ञातव्य रहे कि भारतीय खाद्य निगम डबवाली को 22 शैलर चावल मिलिंग करते हैं। जिनमें 4 डबवाली और 18 पंजाब के किलियांवाली, गिदड़बाहा, मुक्तसर से संबंंधित शैलर हैं।

कोई टिप्पणी नहीं: