अपंग होने की स्थिति में तीन लाख रुपए तक एकमुश्त सहायता, तीन हजार रुपए मासिक पेंशन का है प्रावधान
सिरसा, 19 फरवरी।हरियाणा सरकार द्वारा श्रमिकों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। जहां पंजीकृत निर्माण कामगार को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाता है, वहीं पंजीकृत कामगार की कार्यस्थल पर किसी दुर्घटना में स्थाई रूप से अपंग होने पर अपंग प्रतिशतता के आधार पर एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाती है। यह सहायता एक लाख रुपए से लेकर तीन लाख रुपए तक प्रदान की जाती है। इसके अलावा कार्यस्थल पर दुर्घटना में अपंगता होने पर तीन हजार रुपए मासिक पेंशन का भी प्रावधान किया गया है। पंजीकृत श्रमिक को 50 प्रतिशत अपंग होने की स्थिति में एक लाख रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी, वहीं 51 से 75 प्रतिशत तक अपंग होने की स्थिति में दो लाख रुपए की सहायता प्रदान किए जाने का प्रावधान है। पंजीकृत श्रमिक के 76 प्रतिशत या उससे अधिक अपंग प्रतिशतता होने पर तीन लाख रुपए श्रम विभाग के माध्यम से सरकार द्वारा प्रदान किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त पंजीकृत कामगार की संक्रामक बीमारी या कार्यस्थल पर दुर्घटना से अपंग होने की स्थिति में तीन हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जाती है।
योजना के लिए ये दस्तावेज जरूरी :
पंजीकृत श्रमिक को योजना के तहत पेंशन प्राप्त करने के लिए आवेदन प्रारूप संख्या-15 प्रस्तुत करना होगा। इसी तरह अपंगता सहायता के लिए आवेदन प्रारूप संख्या-22 प्रस्तुत किया जाना जरूरी है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग हरियाणा द्वारा स्थाई अपंगता होने संबंधी जारी किए गए प्रमाण पत्र की सत्यापित प्रति उपलब्ध करवाना अनिवार्य है। इसके बाद संबंधित अधिकारी की जांच उपरांत अनुशंसा रिपोर्ट के आधार पर वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
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