हरियाणा सरकार द्वारा हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड में पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसी कड़ी में श्रमिकों के बच्चों की शादी के अवसर पर आर्थिक सहायता प्रदान करने की महत्वपूर्ण योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत पंजीकृत कामगारों के दो लडक़ों की शादी तक 21,000 रुपये तथा तीन बेटियों की शादी तक 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।
सरकार का उद्देश्य श्रमिक वर्ग को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है, ताकि वे अपने बच्चों के विवाह जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर आर्थिक बोझ से मुक्त रह सकें। विशेष रूप से बेटियों की शादी के लिए 50,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान करना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। इससे श्रमिक परिवारों को सम्मानपूर्वक विवाह संपन्न कराने में सहयोग मिलता है।
योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक शर्तें
इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का श्रमिक के रूप में पंजीकरण होना अनिवार्य है। आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप में भरकर संबंधित विभाग में प्रस्तुत करना होता है। साथ ही, बच्चे के विवाह से संबंधित प्रमाण पत्र एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करना आवश्यक है। निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद पात्र लाभार्थियों को सहायता राशि सीधे प्रदान की जाती है। सरकार की यह पहल न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि श्रमिक परिवारों के आत्मसम्मान को भी सुदृढ़ करती है।
योजना के तहत आवेदन एवं विवाह सर्टिफिकेट राजपत्रित अधिकारी से प्रमाणित होना अनिवार्य है। इसके साथ ही दूल्हा एवं दुल्हन की आयु के प्रमाण पत्र की स्वयं प्रमाणित प्रतियां आवेदन फार्म के साथ संलग्न करनी होंगी। निर्धारित आयु सीमा के अनुसार दुल्हन की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा दूल्हे की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होना आवश्यक है। आवेदक को संबंधित सहायक निदेशक के कार्यालय में विवाह का प्रमाण पत्र एक वर्ष की अवधि के भीतर प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। पात्र परिवार निर्धारित शर्तों का पालन करते हुए समय पर आवेदन करें, ताकि योजना का लाभ सुचारू रूप से प्राप्त किया जा सके।
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