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27 जून 2020

गिफ्ट कार्ड स्वाइप करने वाले ने खोल दी 1500 करोड़ रुपये के घोटाले की पोल

हर रोज खेला जाता था 80 लाख के गिफ्ट कार्ड का खेल
डबवाली(लहू की लौ)पेजप्प एप के जरिए 1500 करोड़ रुपये का फ्रॉड करने वाले लोगों का चेहरा बेनकाब करने वाला युवक कालांवाली के वार्ड नं. 7 निवासी मोहित गोयल है। 16 मई 2020 को मोहित ने एसआइटी हिसार के इंचार्ज को एक शिकायत दी थी। जिसमें कहा था कि वह बेरोजगार है। पहले कंप्यूटर सेंटर चलाता था। लोगों के बिजली बिल, नौकरियों के फार्म बगैरा भरता था। उसका दोस्त रोहित बांसल निवासी कालांवाली, डबवाली के अरविंद्र मोंगा उर्फ शिंपा को जानता था। उसने उसे मोंगा से मिलवाया था। एक दिन अरविंद मोंगा उसकी दुकान पर आया, उससे कहा कि वह कई पैट्रोल पंपों, फर्मों का एकाऊंट देखता है। उसे इंटरनेट से संबंधित कार्य करने की ऑफर दी। मोंगा ने कहा कि उसे फर्मों के क्यूआर कोड, गिफ्ट कार्ड व आइडी दूंगा। जो गिफ्ट कार्डों के पैसे पेजप्प एप की आइडी से फर्मों के क्यू आर कोड में स्वाइप करने हैं। इसके बदले उसे रोजाना मेहनताना दिया जाएगा।
मोहित गोयल ने एसआइटी को बताया कि इस कार्य के बदले उसे रोजाना 500 रुपये मिलते थे। सितंबर 2019 में उसने खबर पढ़ी कि पेजप्प एप के खिलाफ केस दर्ज हो गया है तो उसे पता चला कि जो आइडी उसे दी गई थी, वो फर्जी थी। उसके साथ अरविंद मोंगा ने धोखा किया है। गोयल ने ही मोंगा के नेटवर्क की जानकारी एसआइटी को दी थी। उसने जो रिकॉर्ड पेश किया था, उसके आधार पर एसआइटी ने कालांवाली निवासी योगेश जैन की शिकायत पर दर्ज किए गए केस में धारा 467/468/471/120बी आइपीसी की धारा जोड़ी थी। एसआइटी ने जांच में पाया कि मोंगा ने उपरोक्त एप की हजरों आइडी का प्रयोग किया है, जोकि फर्जी हैं।

यूं चलता था खेल
एसआइटी की जांच में सामने आया कि मोहित ने जो दस्तावेज उपलब्ध करवाए थे, उससे खुलासा हुआ कि हजारों आइडी का प्रयोग करके केवल फेक ट्रांजक्शन दिखाकर अलग-अलग आइडी पर सेल को ट्रांसफर किया गया है। इन आइडी व बैंक एकाऊंट की जांच की गई तो एसआइटी ने पाया कि एक ही दिन में एक ही आइडी का एक ही पेट्रोल पंप पर कई बार एक ही रकम की ट्रांजेक्शन की गई है। मोहित की शिकायत तथा दस्तावेज की जांच के आधार पर ही एसआइटी ने मोंगा को 18 मई 2020 को गिरफ्तार किया था।

हर रोज बेचते थे 80 लाख के गिफ्ट कार्ड
एसआइटी ने अदालत को दी जानकारी में कहा है कि हिसार की अर्बन एस्टेट-2 निवासी लोकेश अग्रवाल उर्फ लक्की, मितेश के साथ उनका जीजा अशोक सिंगला हर रोज 70-80 लाख रुपये के गिफ्ट कार्ड अरविंद मोंगा को भेजते थे। जिनको फर्जी आइडी के माध्यम से पेट्रोल पंप व अन्य फर्मों के क्यूआर कोड में मोहित व अन्य द्वारा स्वाइप कर दिया जाता था। पुलिस ने मोंगा के मोबाइल फोन सैमसंग नोट-8 तथा लैपटॉप की जांच की तो पाया कि एक दिन में उसने हजारों आइडी का इस्तेमाल किया, बाद में डेटा को डिलीट कर दिया। एसआइटी के अनुसार आइडी व कार्ड जो स्वाइप किए गए हैं, वे फर्जी तरीके से बिना पेट्रोल व अन्य सामान खरीदे केवल काले धन को फर्जी फर्म के माध्यम से सही बनाने का तरीका है। इससे सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाया गया है।

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